K. VISHVAKARMA
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@kam171979
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K. VISHVAKARMA
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जय श्री राम
*शास्त्र📜 शस्त्र⚔️* *प्रतिदिन पूजन करे* ⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️ धर्म बचेगा तभी राष्ट्र बचेगा 👏👏 लाहौर मे 1938 मे इस गली मे हवेलीया बनवाने वाले हिन्दूओ को क्या पता था कि 9 वर्ष बाद ही 1947 यहां से सब कुछ छोडकर भागना पडेगा..?? लाहौर एक दास्तां है जो हिन्दुओ को यह बताती है कि पैसा कमा लेना सबकुछ नही है,,। श्री राम के पुत्र लव द्वारा बसाया गया शहर लाहौर। महाराज रणजीत सिंह के समय लाहौर में वाराणसी से ज्यादा मंदिर और गुरुद्वारे थे। बंटवारे तक व्यापार में अग्रवालों, जाटो और सिखों का डंका बजता था। मगर इन मूर्खो ने सदैव छद्म धर्मनिरपेक्षता बनाये रखी, लाहौर में म्लेच्छ मु @लमानो को अपने यहाँ काम पर रखते गए। उन्ही म्लेच्छ मुसलमानो ने बहुसंख्यक होकर अग्रवालों और सिखों को घसीट घसीट कर मारा। ऊंची ऊंची शेखावटी हवेलियां और सरदारों के महल जेहादियो ने कब्जा लिए। भारत में लाहौर पेशावर मुल्तान ढाका गुजरांवाला मीरपुरखास में बड़ी-बड़ी हवेलिया और बड़ी-बड़ी कोठियां रखने वाले हिंदुओं और सिखों को भी रातों-रात अपना सब कुछ छोड़ कर भागना पड़ा था। हिन्दुओं को रातों रात कराची लाहोर कश्मीर बलोच कांधार छोड़ना पड़ा। हिन्दू वाल्मिकी मेगवार समाज के जो लाहौर रुक गए वे मिटा दिये गये, उनकी बहू बेटियां उठा ली गई या उनका जबरन म्लेच्छ से निकाह करा दिया गया। यह कोरी कल्पना है उनके बता दीजिएगा कि नब्बे के दशक में कश्मीर घाटी से जब कश्मीरी हिंदू अपना सब कुछ छोड़ कर आए? भारत सरकार पूरा संविधान पूरी सेना पूरी सरकारी मशीनरी होते हुए भी एक भी कश्मीरी हिंदू को घाटी में सुरक्षा नहीं दे पाई। पुलिस थी, सेना भी थी, संविधान था, कोर्ट भी था। हम गाते रह गए - “हस्ती” मिटती नहीं हमारी,,, और...वो मिटा रहे, हर रोज एक नई “बस्ती” हमारी,,, जिनको धर्म प्यारा था,उनके 56 देश बन गए । और जिनको देश प्यारा था,उनके देश के छींन-भिन्न होकर टुकड़े हो गए।। धर्म रहेगा तो हमारी यशोगाथा की कथा कही जाती रहेगी धर्म नहीं रहा तो हमारी विरासत खंडहर बनकर ढह जाएगी... जर जोरू जमीन सब यही धारा रह जाएगा .. उसे कोई और भोगेगा जेसे लाहौर का व्यापार, कराची के कारखाने, बांगलादेश का jute उद्योग सब मोमिन के हाथों चला गया... धर्म_बचेगा_तो_ही_राष्ट्र_बचेगा। धर्म है तो ही देश भी है। धर्म_प्रथम धर्मो रक्षति रक्षितः अर्थात तुम धर्म की रक्षा करो धर्म तुम्हारी रक्षा करेगा।। 🚩🚩👏👏 ------------------- 📜📜 ➖➖➖➖➖➖ 🌈 *सदैव प्रसन्न रहिये!!* जो प्राप्त है-पर्याप्त है #🌹🌹सत्य वचन🙏 #❤️जीवन की सीख #👉 लोगों के लिए सीख👈 #☝आज का ज्ञान
#🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #🌹🌹सत्य वचन🙏 #जय किसान जय जवान @🚩[卐] 𝙍𝙞𝙩𝙪_ 𝙗𝙖𝙟𝙥𝙖𝙞 [卐]
🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान - कागज का डिब्बा भी तौल देते है, मिठाई के रेट में और किसान से फसल के साथ भी एक बोरा लेने के बाद किलो अनाज ज्यादा लिया जाता है वाह रे कृषि प्रधान देश का नियम दुनिया का पेट भरने वाले किसान के साथ ऐसा छल क्यों.. कागज का डिब्बा भी तौल देते है, मिठाई के रेट में और किसान से फसल के साथ भी एक बोरा लेने के बाद किलो अनाज ज्यादा लिया जाता है वाह रे कृषि प्रधान देश का नियम दुनिया का पेट भरने वाले किसान के साथ ऐसा छल क्यों.. - ShareChat
🌞🕉️🌞 *शास्त्र📜 शस्त्र⚔️* *प्रतिदिन पूजन करे* ⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️ 🚩 कर्नाटक कांग्रेस सरकार ने भारत माता की जय बोलने वालों पर 307 (हत्या का प्रयास) में केस दर्ज किया , कांग्रेस सरकार में भारत माता की जय बोलना, हत्या करने के बराबर जुर्म माना जाता है। *जज की फटकार सुनिए* डूब मरना चाहिये उन्हें जो आज तक भी कॉंग्रेस के समर्थक हैं 😡*कांग्रेस पार्टी एक देशद्रोही और गद्दार पार्टी है इस पार्टी का इस देश से समाप्त होना बहुत जरूरी है जितना जल्दी हो सके हर हिंदू इकट्ठा होकर इस पार्टी को समाप्त कर दे।_ हमने बार-बार कहा था कांग्रेस पार्टी कोई राजनीति पार्टी नहीं एक आंतकवादी संगठन है। आज उसने खुद साबित कर दिया कि वह राजनीति पार्टी नहीं है, आंतकवादी संगठन है। 🚩🚩👏👏 ---------------- 🌈 *सदैव प्रसन्न रहिये!!* जो प्राप्त है-पर्याप्त है #🙏PM मोदी के फैन 🇮🇳 #मोदी फैन क्लब 👌
🌞🕉️🌞 *शास्त्र📜 शस्त्र⚔️* *प्रतिदिन पूजन करे* ⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️ चरण स्पर्श: 👏👏 चरण स्पर्श: केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि एक पूर्ण विज्ञान! ➖➖➖➖➖➖➖➖ हम बचपन से बड़ों के पैर छूते आ रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह केवल आशीर्वाद लेने का माध्यम नहीं है? हमारे पूर्वजों ने इसे एक 'विज्ञान' के रूप में हमारी दिनचर्या से जोड़ा था, जो हमारे शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास से सीधा जुड़ा है। आइए समझते हैं प्रणाम करने के वैज्ञानिक और चमत्कारिक लाभ: 🧘‍♂️ शारीरिक कसरत के 3 अद्भुत तरीके: १. झुककर पैर छूना: जब हम आगे झुकते हैं, तो कमर और रीढ़ की हड्डी को आराम मिलता है। सिर नीचे जाने से मस्तिष्क और आंखों में रक्त का प्रवाह (Blood flow) तेजी से बढ़ता है, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है। २. घुटने के बल बैठकर: इस अवस्था में शरीर के सभी जोड़ों को मोड़ा जाता है, जिससे जोड़ों का स्ट्रेस (तनाव) दूर होता है और लचीलापन बढ़ता है। ३. साष्टांग प्रणाम: इस विधि में शरीर के सारे जोड़ थोड़ी देर के लिए तन (Stretch) जाते हैं, जिससे संपूर्ण शरीर की थकान और स्ट्रेस पल भर में दूर हो जाता है। 🌸 अहंकार का नाश और मानसिक शांति: प्रणाम करने का सबसे बड़ा आध्यात्मिक लाभ यह है कि इससे हमारा 'अहंकार' टूटता है। जब हम किसी के चरणों में झुकते हैं, तो हमारे भीतर 'समर्पण' का भाव जागृत होता है। जहाँ समर्पण है, वहाँ अहंकार टिक ही नहीं सकता! ⚠️ आज की कड़वी सच्चाई: आज पाश्चात्य संस्कृति (Western Culture) के प्रभाव में आकर हम अपनी ही महान परंपराओं से दूर हो रहे हैं। आधुनिक दिखने की होड़ में, अगर कोई सबके सामने पैर छूता है, तो उसे 'गंवार' या 'पिछड़ा' मान लिया जाता है। अगर अपने संस्कारों का पालन करना और बड़ों का सम्मान करना पिछड़ापन है... तो धिक्कार है ऐसे खोखले विकास पर! हमें अपनी जड़ों और अपनी सनातन संस्कृति पर गर्व होना चाहिए। अपनी महान परंपराओं को पहचानें और उन्हें गर्व के साथ आगे बढ़ाएं। 🙏 🚩।। जय सनातन धर्म ।।🚩 🚩🚩👏👏 --------------- 🌈 *सदैव प्रसन्न रहिये!!* जो प्राप्त है-पर्याप्त है #🌹🌹सत्य वचन🙏 #❤️जीवन की सीख
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🌞🕉️🌞 *शास्त्र📜 शस्त्र⚔️* *प्रतिदिन पूजन करे* ⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️ भगवान नारायण 🪸🪸🪸🪸🪸 बैकुंठ धाम में एक दिन भगवान नारायण ने मुस्कुराते हुए लक्ष्मी जी से कहा, "देवी, देखो मृत्युलोक में मेरी भक्ति कितनी बढ़ गई है। चारों ओर 'नारायण-नारायण' की गूँज है।" लक्ष्मी जी मंद मुस्कुराईं और बोलीं, "प्रभु, यह भक्ति आपके लिए नहीं, बल्कि मेरे (धन) के लिए है। संसार आपको केवल इसलिए भजता है ताकि मैं उनके घर आ जाऊँ। यदि विश्वास न हो, तो चलिए एक परीक्षा लेते हैं।" भगवान विष्णु ने एक साधारण तेजस्वी ब्राह्मण का रूप धरा और पृथ्वी के एक समृद्ध नगर में पहुँचे। उन्होंने एक बड़े सेठ का द्वार खटखटाया। सेठ ने पूछा, "महाराज, यहाँ कैसे आना हुआ?" ब्राह्मण रूपी नारायण बोले, "मैं तुम्हारे नगर में प्रभु की कथा करना चाहता हूँ।" सेठ ने बड़े सम्मान से उन्हें अपने घर में स्थान दिया और भव्य कथा का आयोजन शुरू हुआ। उधर, लक्ष्मी जी ने एक अत्यंत निर्धन वृद्ध स्त्री का रूप लिया। वे उसी नगर की गलियों में घूमने लगीं। एक घर के सामने रुककर उन्होंने पानी माँगा। जैसे ही उस घर की महिला ने पानी पिलाकर लोटा वापस लिया, वह शुद्ध सोने का हो गया! यह खबर बिजली की तरह पूरे नगर में फैल गई। लोग कहने लगे, "एक ऐसी माता आई हैं, जिनके स्पर्श मात्र से लोहा और पीतल सोना बन जाता है।" बदलती श्रद्धा: अगले दिन नारायण की कथा में सन्नाटा छा गया। जो लोग 'नारायण-नारायण' जप रहे थे, वे सब उस बूढ़ी माई (लक्ष्मी जी) के पीछे भागने लगे। यहाँ तक कि वह मुख्य यजमान सेठ भी बेचैन हो गया। उसे लगा कि अगर यह बुढ़िया उसके घर आ जाए, तो उसका पूरा महल सोने का हो जाएगा। सेठ भागता हुआ लक्ष्मी जी के पास पहुँचा और हाथ जोड़कर बोला, "माता, आप मेरे घर चलिए।" लक्ष्मी जी ने शर्त रखी, "मैं तुम्हारे घर तब तक नहीं आ सकती, जब तक वह कथावाचक ब्राह्मण तुम्हारे घर में है। हम दोनों एक साथ एक ही घर में नहीं रह सकते।" धन के लोभ में अंधा होकर सेठ तुरंत घर पहुँचा और भगवान नारायण से बोला, "महाराज, क्षमा करें, अब आपके ठहरने की व्यवस्था धर्मशाला में कर दी गई है। आप कृपया अभी यहाँ से प्रस्थान करें।" भगवान नारायण चुपचाप मुस्कुराए और अपना कमंडल उठाकर बैकुंठ की ओर चल दिए। जैसे ही नारायण ने घर छोड़ा, लक्ष्मी जी भी वहाँ से जाने लगीं। सेठ घबराकर बोला, "माता, आप कहाँ जा रही हैं? मैंने तो आपकी शर्त मान ली!" लक्ष्मी जी ने गंभीर स्वर में कहा, "मूर्ख! मैं तो नारायण की दासी हूँ। मेरा स्वभाव है कि मैं वहीं रहती हूँ जहाँ मेरे स्वामी का वास होता है। जब तुमने स्वयं अपने हाथों से नारायण को घर से निकाल दिया, तो मैं यहाँ पल भर भी नहीं ठहर सकती।" इतना कहकर लक्ष्मी जी अंतर्ध्यान हो गईं और सेठ का महल पहले जैसा ही साधारण हो गया। अक्सर हम जीवन में सुख-संपत्ति (लक्ष्मी) के पीछे भागते हुए उस परमात्मा (नारायण) को भूल जाते हैं जिसने सब कुछ दिया है। सत्य तो यह है कि यदि हम नारायण को अपने हृदय में बसा लें, तो लक्ष्मी जी बिना मांगे ही हमारे पीछे चली आती हैं। "जहाँ नारायण, वहाँ लक्ष्मी।" प्रेम से बोलिए, जय श्री लक्ष्मी-नारायण! 🚩🚩👏👏 ---------------- 🌈 *सदैव प्रसन्न रहिये!!* जो प्राप्त है-पर्याप्त है #👏भगवान विष्णु😇 #ईश्वर आस्था #ईश्वर आस्था
🌞🕉️🌞 *शास्त्र📜 शस्त्र⚔️* *प्रतिदिन पूजन करे* ⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️ 🌸 सनातन महत्वपूर्ण बातें 🌸 🌸1. घर में सेवा पूजा करने वाले जन भगवान के एक से अधिक स्वरूप की सेवा पूजा कर सकते हैं । 🌸2. घर में दो शिवलिंग की पूजा ना करें तथा पूजा स्थान पर तीन गणेश जी नहीं रखें। 🌸3. शालिग्राम जी की बटिया जितनी छोटी हो उतनी ज्यादा फलदायक है। 🌸4. कुशा पवित्री के अभाव में स्वर्ण की अंगूठी धारण करके भी देव कार्य सम्पन्न किया जा सकता है। 🌸5. मंगल कार्यो में कुमकुम का तिलक प्रशस्त माना जाता हैं। 🌸6. पूजा में टूटे हुए अक्षत के टूकड़े नहीं चढ़ाना चाहिए। 🌸7. पानी, दूध, दही, घी आदि में अंगुली नही डालना चाहिए। इन्हें लोटा, चम्मच आदि से लेना चाहिए क्योंकि नख स्पर्श से वस्तु अपवित्र हो जाती है अतः यह वस्तुएँ देव पूजा के योग्य नहीं रहती हैं। 🌸8. तांबे के बरतन में दूध, दही या पंचामृत आदि नहीं डालना चाहिए क्योंकि वह मदिरा समान हो जाते हैं। 🌸9. आचमन तीन बार करने का विधान हैं। इससे त्रिदेव ब्रह्मा-विष्णु-महेश प्रसन्न होते हैं। 🌸10. दाहिने कान का स्पर्श करने पर भी आचमन के तुल्य माना जाता है। 🌸11. कुशा के अग्रभाग से दवताओं पर जल नहीं छिड़के। 🌸12. देवताओं को अंगूठे से नहीं मले। 🌸13. चकले पर से चंदन कभी नहीं लगावें। उसे छोटी कटोरी या बांयी हथेली पर रखकर लगावें। 🌸15. पुष्पों को बाल्टी, लोटा, जल में डालकर फिर निकालकर नहीं चढ़ाना चाहिए। 🌸16. श्री भगवान के चरणों की चार बार, नाभि की दो बार, मुख की एक बार या तीन बार आरती उतारकर समस्त अंगों की सात बार आरती उतारें। 🌸17. श्री भगवान की आरती समयानुसार जो घंटा, नगारा, झांझर, थाली, घड़ावल, शंख इत्यादि बजते हैं उनकी ध्वनि से आसपास के वायुमण्डल के कीटाणु नष्ट हो जाते हैं। नाद ब्रह्मा होता हैं। नाद के समय एक स्वर से जो प्रतिध्वनि होती हैं उसमे असीम शक्ति होती हैं। 🌸18. लोहे के पात्र से श्री भगवान को नैवेद्य अपर्ण नहीं करें। 🌸19. हवन में अग्नि प्रज्वलित होने पर ही आहुति दें। 🌸20. समिधा अंगुठे से अधिक मोटी नहीं होनी चाहिए तथा दस अंगुल लम्बी होनी चाहिए। 🌸21. छाल रहित या कीड़े लगी हुई समिधा यज्ञ-कार्य में वर्जित हैं। 🌸22. पंखे आदि से कभी हवन की अग्नि प्रज्वलित नहीं करें। 🌸23. मेरूहीन माला या मेरू का लंघन करके माला नहीं जपनी चाहिए। 🌸24. माला, रूद्राक्ष, तुलसी एवं चंदन की उत्तम मानी गई हैं। 🌸25. माला को अनामिका (तीसरी अंगुली) पर रखकर मध्यमा (दूसरी अंगुली) से चलाना चाहिए। 🌸26.जप करते समय सिर पर हाथ या वस्त्र नहीं रखें। 🌸27. तिलक कराते समय सिर पर हाथ या वस्त्र रखना चाहिए। 🌸28. माला का पूजन करके ही जप करना चाहिए। 🌸29. ब्राह्मण को या द्विजाती को स्नान करके तिलक अवश्य लगाना चाहिए। 🌸30. जप करते हुए जल में स्थित व्यक्ति, दौड़ते हुए, शमशान से लौटते हुए व्यक्ति को नमस्कार करना वर्जित हैं। 🌸31. बिना नमस्कार किए आशीर्वाद देना वर्जित हैं। 🌸32. एक हाथ से प्रणाम नही करना चाहिए। 🌸33. सोए हुए व्यक्ति का चरण स्पर्श नहीं करना चाहिए। 🌸34. बड़ों को प्रणाम करते समय उनके दाहिने पैर पर दाहिने हाथ से और उनके बांये पैर को बांये हाथ से छूकर प्रणाम करें। 🌸35. जप करते समय जीभ या होंठ को नहीं हिलाना चाहिए। इसे उपांशु जप कहते हैं। इसका फल सौगुणा फलदायक होता हैं। 🌸36. जप करते समय दाहिने हाथ को कपड़े या गौमुखी से ढककर रखना चाहिए। 🌸37. जप के बाद आसन के नीचे की भूमि को स्पर्श कर नेत्रों से लगाना चाहिए। 🌸38. संक्रान्ति, द्वादशी, अमावस्या, पूर्णिमा, रविवार और सन्ध्या के समय तुलसी तोड़ना निषिद्ध हैं। 🌸39. दीपक से दीपक को नही जलाना चाहिए। 🌸40. यज्ञ, श्राद्ध आदि में काले तिल का प्रयोग करना चाहिए, सफेद तिल का नहीं। 🌸41. शनिवार को पीपल पर जल चढ़ाना चाहिए। पीपल की सात परिक्रमा करनी चाहिए। परिक्रमा करना श्रेष्ठ है, किन्तु रविवार को परिक्रमा नहीं करनी चाहिए। 🌸42. कूमड़ा-मतीरा-नारियल आदि को स्त्रियां नहीं तोड़े या चाकू आदि से नहीं काटें। यह उत्तम नही माना गया हैं। 🌸43. भोजन प्रसाद को लाघंना नहीं चाहिए। 🌸44. देव प्रतिमा देखकर अवश्य प्रणाम करें। 🌸45. किसी को भी कोई वस्तु या दान-दक्षिणा दाहिने हाथ से देना चाहिए। 🌸46. एकादशी, अमावस्या, कृृष्ण चतुर्दशी, पूर्णिमा व्रत तथा श्राद्ध के दिन क्षौर-कर्म (दाढ़ी) नहीं बनाना चाहिए । 🌸47. बिना यज्ञोपवित या शिखा बंधन के जो भी कार्य, कर्म किया जाता है, वह निष्फल हो जाता हैं। 🌸48. यदि शिखा नहीं हो तो स्थान को स्पर्श कर लेना चाहिए। 🌸49. शिवजी की जलहारी उत्तराभिमुख रखें । 🌸50. शंकर जी को बिल्वपत्र, विष्णु जी को तुलसी, गणेश जी को दूर्वा, लक्ष्मी जी को कमल प्रिय हैं। 🌸51. शंकर जी को शिवरात्रि के सिवाय कुंुकुम नहीं चढ़ती। 🌸52. शिवजी को कुंद, विष्णु जी को धतूरा, देवी जी को आक तथा मदार और सूर्य भगवानको तगर के फूल नहीं चढ़ावे। 🌸53 .अक्षत देवताओं को तीन बार तथा पितरों को एक बार धोकर चढ़ावंे। 🌸54. नये बिल्व पत्र नहीं मिले तो चढ़ाये हुए बिल्व पत्र धोकर फिर चढ़ाए जा सकते हैं। 🌸55. विष्णु भगवान को चांवल, गणेश जी को तुलसी, दुर्गा जी और सूर्य नारायण को बिल्व पत्र नहीं चढ़ावें। 🌸56. पत्र-पुष्प-फल का मुख नीचे करके नहीं चढ़ावें, जैसे उत्पन्न होते हों वैसे ही चढ़ावें। 🌸57. किंतु बिल्वपत्र उलटा करके डंडी तोड़कर शंकर पर चढ़ावें। 🌸58. पान की डंडी का अग्रभाग तोड़कर चढ़ावें। 🌸59. सड़ा हुआ पान या पुष्प नहीं चढ़ावे। 🌸60. गणेश को तुलसी भाद्र शुक्ल चतुर्थी को चढ़ती हैं। 🌸61. पांच रात्रि तक कमल का फूल बासी नहीं होता है। 🌸62. दस रात्रि तक तुलसी पत्र बासी नहीं होते हैं। 🌸63. सभी धार्मिक कार्यो में पत्नी को दाहिने भाग में बिठाकर धार्मिक क्रियाएं सम्पन्न करनी चाहिए। 🌸64. पूजन करनेवाला ललाट पर तिलक लगाकर ही पूजा करें। 🌸65. पूर्वाभिमुख बैठकर अपने बांयी ओर घंटा, धूप तथा दाहिनी ओर शंख, जलपात्र एवं पूजन सामग्री रखें। 🌸66. घी का दीपक अपने बांयी ओर तथा देवता को दाहिने ओर रखें एवं चांवल पर दीपक रखकर प्रज्वलित करें। 🚩🚩👏👏 ------------------- ** 🌈 *सदैव प्रसन्न रहिये!!* जो प्राप्त है-पर्याप्त है @🌹श्री 🌹 @🚩[卐] 𝙍𝙞𝙩𝙪_ 𝙗𝙖𝙟𝙥𝙖𝙞 [卐] @ 🇮🇳$HR££🕉️✨ #🌹🌹सत्य वचन🙏 #☀ जय सूर्यदेव #🪔दुर्गा आरती🙏 #🙏जय माँ काली🌼 #👏भगवान विष्णु😇 {[{-1}]} {[{-1}]} {[{-1}]}
चित्र को सेव करके रख लीजिए और जब घमंड सर पर चढ़े और दंभ आए तो इस फोटो को देखले इन्हें दंभ था कि इनसे बुद्धिमान और शातिर कोई नहीं है इनको लगता था कि PM की कुर्सी इनके लिए बनी है और इन्हें दी नहीं जा रही है इनको लगता था कि ये सिर्फ नेतृत्व के लिए बने है पीछे खड़े होने के लिए नहीं (इसलिए ये किसी गठबंधन में टिके नहीं) इनको सलाह देने बाला ही सबसे बड़ा दुश्मन लगता था फिर एक दिन ऐसा आता है आप वर्तमान पद भी खो देते है और पद की अहार्यता (तीनों CM तो @🚩[卐] 𝙍𝙞𝙩𝙪_ 𝙗𝙖𝙟𝙥𝙖𝙞 [卐] #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #🙏PM मोदी के फैन 🇮🇳 #मोदी फैन क्लब 👌 छोड़ो विधायक के लायक भी नहीं बचे) ये हार के भी अपना घमंड नहीं भूलते और हार के भी ऐसा काम करते है कि अगले चुनाव या सिलेक्शन का रास्ता ही खत्म कर देते है कभी घमंड आए तो इन तीनों देखिए
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#🌹🌹सत्य वचन🙏 #🙏PM मोदी के फैन 🇮🇳 #मोदी फैन क्लब 👌 इस *अनुवादित पत्र* को अवश्य पढ़ें। बैंगलोर की एक लड़की ने एक खुला पत्र (राहुल गांधी पर सवाल उठाते हुए) अंग्रेजी में लिखा है, मीडिया पर वायरल हो रहा है। वह राहुल गांधी से खुद तय करने को कहती हैं कि क्या उनकी तुलना पीएम नरेंद्र मोदी से की जा सकती है ... पत्र इस प्रकार है..... *“प्रिय श्री राहुल गांधी",* नरेंद्र मोदी को अपने नेता के रूप में लाखों लोग फॉलो करते हैं, वे उन्हें अपना आदर्श मानते हैं। हमारे देश में कितने लोग आपको,(राहुल गांधी को) अपना आदर्श मानते हैं ? देश के जिस व्यक्ति को वंशवादी अनुयायियों को सत्ता नहीं सौंपनी है, वह नरेंद्र मोदी को निर्वाचित करता है और आप उसी वंश का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसे लोगों ने अस्वीकार कर दिया है। गांधी टैग होने के अलावा, जीवन के किसी भी क्षेत्र में आपकी क्या उपलब्धि है ? वास्तव में, जनता को बहुत लंबे समय तक धोखे में रखा गया है, कृपया हमें बताएं - वास्तव में आपने क्या हासिल किया है ? हर साल, नरेंद्र मोदी, अपने जन्मदिन पर, अपनी माँ से मिलते हैं और माँ उन्हें भगवद् गीता की एक प्रति भेंट करती हैं, सही रास्ते पर चलने के संकेत के रूप में। आपकी माता क्या करती हैं ?
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#🌹🌹सत्य वचन🙏 #🙏🏻माँ तुझे सलाम #आई लव यू मां 🥰
🌹🌹सत्य वचन🙏 - माँ की ममता और छमता का कोई मोल नहीं होता.. आज बरगी डेम के क्रूज के डूबने के १५ घंटे बाद आने वाली इस झकझोर कर देने वाली तस्वीर ने माँ की महत्वता को प्रदर्शित कर ही दिया.. आज माँ और बेटे भले ही ना बच सके हो.. पर यह तस्वीर उस घटना के समय को बयां करती हैँ.. कि उस विपरीत परिस्थिति में भी माँ ने अपने बेटे को अकेला नहीं छोड़ा.. ऐसी माँ को मेरा प्रणाम... माँ की ममता और छमता का कोई मोल नहीं होता.. आज बरगी डेम के क्रूज के डूबने के १५ घंटे बाद आने वाली इस झकझोर कर देने वाली तस्वीर ने माँ की महत्वता को प्रदर्शित कर ही दिया.. आज माँ और बेटे भले ही ना बच सके हो.. पर यह तस्वीर उस घटना के समय को बयां करती हैँ.. कि उस विपरीत परिस्थिति में भी माँ ने अपने बेटे को अकेला नहीं छोड़ा.. ऐसी माँ को मेरा प्रणाम... - ShareChat