रविवार की सुबह… भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) के दिव्य दर्शन
सनातन परंपरा में भगवान मुरुगन, जिन्हें कार्तिकेय, स्कंद और सुब्रमण्यम भी कहा जाता है, भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र माने जाते हैं।
भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) को शक्ति, साहस और विजय का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से इनके दर्शन करने से जीवन की बाधाएँ दूर होने लगती हैं।
भक्त मानते हैं कि रविवार की सुबह इनका स्मरण करने से पूरे सप्ताह सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार देवताओं को राक्षस तारकासुर से बचाने के लिए भगवान कार्तिकेय का अवतार हुआ था।
कहा जाता है कि बाल्यावस्था में ही उन्होंने देवताओं की सेना का नेतृत्व किया और तारकासुर का वध करके धर्म की रक्षा की।
इसी कारण उन्हें देवताओं का सेनापति और वीरता का प्रतीक माना जाता है।
भगवान मुरुगन का वाहन मोर माना जाता है, जो अहंकार पर विजय और ज्ञान का प्रतीक है।
भक्त मानते हैं कि सच्चे मन से भगवान मुरुगन का स्मरण करने से साहस, बुद्धि और सफलता का आशीर्वाद मिलता है। #🛕मंदिर दर्शन🙏