Lallit K Bansal
ShareChat
click to see wallet page
@lkb5666
lkb5666
Lallit K Bansal
@lkb5666
A'm grateful to be alive A'm grateful tobe healthy
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - - II समय के साथ बदल जाना बहुत आवश्यक है क्योंकि समय बदलना सिखाता है रुकना नहीं " - II समय के साथ बदल जाना बहुत आवश्यक है क्योंकि समय बदलना सिखाता है रुकना नहीं " - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - जिस काम से आपका घर चलता हो उस काम पर कभी शर्म मत करो সনন  से कमाया गया हर टुकड़ा इज़्ज़त से बड़ा होता हैं.. ! जिस काम से आपका घर चलता हो उस काम पर कभी शर्म मत करो সনন  से कमाया गया हर टुकड़ा इज़्ज़त से बड़ा होता हैं.. ! - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - मनुष्य के दिमाग में दो घोड़े दौड़ते हैं एक Negative दूसरा Positive जिसको ज्यादा खुराक दी जाए वही जीतता है मनुष्य के दिमाग में दो घोड़े दौड़ते हैं एक Negative दूसरा Positive जिसको ज्यादा खुराक दी जाए वही जीतता है - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - सायिकोलॉजी का नियम कहता है जो तुम्हें समय दे, उसे समय दो। जो तुम्हारी कद्र करे, उसकी कद्र करो। जो तुम्हें प्यार दे, उसे प्यार दो। जो तुम्हें नज़रअंदाज़ करे, उसे भूल जाओ। सायिकोलॉजी का नियम कहता है जो तुम्हें समय दे, उसे समय दो। जो तुम्हारी कद्र करे, उसकी कद्र करो। जो तुम्हें प्यार दे, उसे प्यार दो। जो तुम्हें नज़रअंदाज़ करे, उसे भूल जाओ। - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - अगर होशियार हो तो ये 6 बातें किसी को मत बताना ! কী - ভজন ন কী নী ক্িমী ব্ূী সন १. कहाँ घूमते ননাঙী| २. कितना कमाते हो अपनी इनकम सिर्फ अपने तक रखें ३. किससे प्यार करते हो अपने रिश्तों को नज़र से बचाकर रखें। ४. कब खुश हो - अपनी  हर किसी से शेयर मत g?ர करो। ५. अपने बड़े सपने पूरा होने तक किसी को मत बताओ। ६. आपका अगला कदम क्या है किसी को भी पता नहीं चाहिए। 4T अगर होशियार हो तो ये 6 बातें किसी को मत बताना ! কী - ভজন ন কী নী ক্িমী ব্ূী সন १. कहाँ घूमते ননাঙী| २. कितना कमाते हो अपनी इनकम सिर्फ अपने तक रखें ३. किससे प्यार करते हो अपने रिश्तों को नज़र से बचाकर रखें। ४. कब खुश हो - अपनी  हर किसी से शेयर मत g?ர करो। ५. अपने बड़े सपने पूरा होने तक किसी को मत बताओ। ६. आपका अगला कदम क्या है किसी को भी पता नहीं चाहिए। 4T - ShareChat
Digestive Health – पाचन शक्ति मजबूत करने के 7 जरूरी स्टेप्स - पेट की लगभग हर समस्या का आयुर्वेदिक समाधान - आज के समय में बहुत कम लोग ऐसे हैं जिन्हें पाचन से जुड़ी कोई परेशानी न हो। किसी को खाना ठीक से नहीं पचता, किसी को पेट भारी लगता है, किसी को बार-बार डकारें आती हैं, तो किसी को सीने में जलन, खट्टा पानी, गैस या पेट साफ न होने की शिकायत रहती है। कई लोगों को हार्ड स्टूल, चिपचिपा मल या पेट साफ होने के बाद भी संतुष्टि महसूस नहीं होती। असल में पाचन केवल पेट का काम नहीं है। हमारा मेटाबोलिज्म यानी चयापचय एक बहुत ही जटिल प्रक्रिया है। जो भी भोजन हम खाते हैं, उसे पूरी तरह पचने और शरीर के लिए उपयोगी बनने में कई स्टेज से गुजरना पड़ता है। जब यह प्रक्रिया सही तरह से नहीं चलती, तब पाचन से जुड़ी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। ऐसे में अक्सर लोग तुरंत कोई दवा या घरेलू नुस्खा अपना लेते हैं। इससे कुछ समय के लिए राहत जरूर मिलती है, लेकिन समस्या जड़ से खत्म नहीं होती। लॉन्ग टर्म रिजल्ट तभी मिलते हैं, जब पाचन को सिस्टमेटिक तरीके से सुधारा जाए। इसीलिए इस article में हम पाचन सुधारने के लिए एक स्टेप-बाय-स्टेप आयुर्वेदिक प्लान समझेंगे — जिसमें लंघन, आंतों की सफाई, जठराग्नि को मजबूत करना, सही खानपान, नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट सब शामिल है। स्टेप 1: लंघन – पाचन सुधार की पहली कुंजी आयुर्वेद में कहा गया है कि लंघन यानी उपवास सबसे श्रेष्ठ चिकित्सा है। लेकिन लंघन का मतलब यह नहीं कि घड़ी देखकर भूखे रहें। सरल नियम यह है कि जब भूख न हो, पेट भारी लगे, या पिछला खाना ठीक से न पचा हो — तब नया खाना न लें। इससे शरीर को पहले से मौजूद भोजन को पचाने का पूरा समय मिलता है। जिन लोगों को बार-बार डाइजेशन खराब रहता है, वे हफ्ते में एक दिन हल्का उपवास कर सकते हैं। सुबह हल्का भोजन लें और शाम का खाना स्किप करें। अगर भूख लगे तो बीच-बीच में गर्म पानी, पतले फल या हल्का पेय लिया जा सकता है। सबसे आसान और सुखद लंघन यह है कि शाम का भोजन जल्दी कर लें — लगभग 7 बजे या सूर्यास्त तक — और अगले दिन अच्छी भूख लगने तक कुछ न खाएं। इससे अपच, जमा हुआ खाना और पाचन की सुस्ती धीरे-धीरे खत्म होने लगती है। स्टेप 2: आंतों की सफाई – नेचुरल डिटॉक्स पाचन सुधारने के लिए आंतों में जमा पुराने मल को बाहर निकालना बहुत जरूरी है। आयुर्वेद में इसे मृदु विरेचन कहा जाता है। इसके लिए कुछ सरल और सुरक्षित उपाय हैं: गाय का घी अगर आपको सीने में जलन, एसिडिटी, खट्टा पानी या हाथ-पैरों में जलन रहती है, तो रात को सोने से पहले गुनगुने पानी में 1 चम्मच गाय का घी लें। तिल का तेल अगर पेट में ज्यादा गैस, ब्लोटिंग या हार्ड स्टूल की समस्या है, तो 1–2 चम्मच तिल का तेल गुनगुने पानी के साथ रात को लें। तेल या घी की स्निग्धता आंतों के रूखेपन को कम करती है और मल को आसानी से बाहर निकालने में मदद करती है। मुलेठी का चूर्ण मुलेठी आयुर्वेद की श्रेष्ठ औषधि है। आधा से 1 चम्मच मुलेठी चूर्ण गुनगुने पानी के साथ रात में लेने से मल सुखपूर्वक साफ होता है। यह इतना माइल्ड है कि बच्चों में भी दिया जा सकता है। हरड़ का चूर्ण अगर मुलेठी से पर्याप्त असर न हो, तो आधा से 1 चम्मच हरड़ चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लें। ज्यादा जिद्दी कब्ज में इसे थोड़ा अरंडी तेल के साथ भूनकर लिया जा सकता है। स्टेप 3: जठराग्नि को जगाना (दीपन-पाचन) आंतों की सफाई के बाद अगला जरूरी कदम है पाचन अग्नि को मजबूत करना। इसके लिए अदरक का छोटा टुकड़ा ¼ चम्मच अजवायन दालचीनी का छोटा टुकड़ा इन तीनों को 1 कप पानी में उबालें और आधा कप रहने पर छान लें। इसमें थोड़ा नींबू रस और चुटकी भर काला नमक मिला सकते हैं। इसे खाने से 30–60 मिनट पहले लें। इससे भूख खुलती है और अधपचा खाना भी पचने लगता है। एसिडिटी वालों के लिए आधा–1 चम्मच मुलेठी चूर्ण + 2 चुटकी सोंठ खाने से पहले लेना ज्यादा फायदेमंद रहता है। स्टेप 4: खाने की आदतें सुधारें बहुत तीखा, मसालेदार, तला हुआ भोजन कुछ समय के लिए पूरी तरह बंद करें। खाने को धीरे-धीरे और अच्छे से चबाकर खाएं, ताकि सलाइवा सही तरह से मिले और पाचन आसान हो। स्टेप 5: छोटी तकलीफ में तुरंत दवा न लें अगर गलत खाना खाने से उल्टी या दस्त हो रहे हैं, तो तुरंत दवा लेकर उन्हें रोकना सही नहीं है। यह शरीर का नेचुरल डिफेंस मैकेनिज्म है, जो टॉक्सिन बाहर निकालना चाहता है। दवा देकर इसे दबाने से समस्या अंदर ही रह जाती है। स्टेप 6: सही समय पर नींद लेट सोना और देर से उठना दोषों का संतुलन बिगाड़ता है। जल्दी सोना और सुबह जल्दी उठना वात, पित्त और कफ को संतुलित करता है और पेट साफ होने में भी मदद करता है। स्टेप 7: तनाव कम करें आयुर्वेद कहता है — विषाद रोगवर्धनानाम् श्रेष्ठः यानी चिंता और डर रोग को बढ़ाते हैं। तनाव बढ़ता है तो पाचन बिगड़ता है, और पाचन बिगड़ता है तो तनाव और बढ़ता है। इस चक्र को तोड़ने के लिए योग, प्राणायाम, ध्यान और मॉर्निंग वॉक को रोजमर्रा का हिस्सा बनाएं। Conclusion इन 7 आयुर्वेदिक स्टेप्स को अगर आप नियमित रूप से अपनाते हैं, तो पाचन धीरे-धीरे मजबूत होता है, पेट की पुरानी समस्याएं कम होती हैं और शरीर हल्का, एनर्जेटिक और स्वस्थ महसूस करता है। पाचन सही है, तो आधी बीमारी अपने आप दूर रहती है। #🤗 अच्छी सेहत का राज
🤗 अच्छी सेहत का राज - अच्छ्ापाचन , अच्छीसेहत 7< స 3 अच्छ्ापाचन , अच्छीसेहत 7< స 3 - ShareChat
#🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान - मनुष्य होना भाग्य है, लेकिन भारतीय होना हमारा सौभाग्य है॰॰ मनुष्य होना भाग्य है, लेकिन भारतीय होना हमारा सौभाग्य है॰॰ - ShareChat
#🫡गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं🤝 #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
🫡गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं🤝 - JANUARY 2 6 DAY R E P U B L I C JANUARY 2 6 DAY R E P U B L I C - ShareChat
#🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #🫡गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं🤝
🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान - ज़माने से कि क्या हमारी कहानी है পুন্তা 7 हमारी पहचान तो बस इतनी है कि हम सब हिन्दुस्तानी हैं गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ ज़माने से कि क्या हमारी कहानी है পুন্তা 7 हमारी पहचान तो बस इतनी है कि हम सब हिन्दुस्तानी हैं गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - बनिए, SMART नही, सरल हमें ईश्वर ने बनाया है, किसी COMPANY ने नहीं। बनिए, SMART नही, सरल हमें ईश्वर ने बनाया है, किसी COMPANY ने नहीं। - ShareChat