N K Prajapati
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Teacher, Writer, Motivator
#🇮🇳 देशभक्ति गीत 🎶 #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #📚कविता-कहानी संग्रह
🇮🇳 देशभक्ति गीत 🎶 - गीत कंटक पथ पर चलने वाले, युवा शक्ति हम भारत के। सिरमौर बनाऐ भारत , तन मन धन अर्पण करके।। जग धनुर वीर अर्जुन के जैसा, लक्ष्य भेदना हमको है।  दानवीर बन कर्ण के जैसा, करना दान सभी को है ।l वासुदेव सा सारथी पाना, सत्य धर्म अपना करके।  कंटक पथ पर चलने वाले.... नहीं लालसा राज पाट की भरत के जैसा त्याग करें। लक्ष्मण जैसा भाई बनकर, वन जाना स्वीकार करें।। मर्यादा का पाठ सिखाना, राम राज्य धारण करके। कंटक पथ पर चलने वाले.... चन्द्र अशोक चौहान जहां, योद्घा बनकर जीते थे। वीर शिवाजी राणा जैसे, मरते दम तक लड़ते थे।। भारत मां की सेवा करना अपना लहु बहाकर के। कंटक पथ चलने वाले.. . रचना সতাপনি  कुटुंब प्रबोधन ध्येय हमारा, समरस भाव जगाना है। एन के पंचपदी सी शिक्षा पाकर, सेवा भाव सिखाना है।। पल-्पल बीते जीवन अपना, सेवक संघ स्वयं बन के। कंटक पथ पर चलने वाले. . गीत कंटक पथ पर चलने वाले, युवा शक्ति हम भारत के। सिरमौर बनाऐ भारत , तन मन धन अर्पण करके।। जग धनुर वीर अर्जुन के जैसा, लक्ष्य भेदना हमको है।  दानवीर बन कर्ण के जैसा, करना दान सभी को है ।l वासुदेव सा सारथी पाना, सत्य धर्म अपना करके।  कंटक पथ पर चलने वाले.... नहीं लालसा राज पाट की भरत के जैसा त्याग करें। लक्ष्मण जैसा भाई बनकर, वन जाना स्वीकार करें।। मर्यादा का पाठ सिखाना, राम राज्य धारण करके। कंटक पथ पर चलने वाले.... चन्द्र अशोक चौहान जहां, योद्घा बनकर जीते थे। वीर शिवाजी राणा जैसे, मरते दम तक लड़ते थे।। भारत मां की सेवा करना अपना लहु बहाकर के। कंटक पथ चलने वाले.. . रचना সতাপনি  कुटुंब प्रबोधन ध्येय हमारा, समरस भाव जगाना है। एन के पंचपदी सी शिक्षा पाकर, सेवा भाव सिखाना है।। पल-्पल बीते जीवन अपना, सेवक संघ स्वयं बन के। कंटक पथ पर चलने वाले. . - ShareChat
#📚कविता-कहानी संग्रह #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #🇮🇳 देशभक्ति गीत 🎶
📚कविता-कहानी संग्रह - गंगा यमुना कृष्णा गोदा हम संतानें भारत मां की कल कल धारा बहती करते हैं गुणगान नीलगिरी और अरावली की सेवा में हम भारत मां की होते हैं कुर्बान चोटी कुछ तो कहती अडिग हिमालय सिंह के जैसे खडा है सीना तान सूर्य चन्द्र आकाश देवता  सेवा में हम भारत मां की नमन सदा करते होते हैं कुर्बान बंग अरब और हिंद के जैसे प्रहरी बन रहते मंगल हो या चंद्रयान हम बोस गांधी आजाद भगत कीर्तिमान गढ़ते हैं जिसकी ये शान শীন -:- सेवा में हम भारत मां की बैठ सभा भोजन से पहले होते हैं कुर्बान मंत्र साधना करते तिलक लगा इस रज से बढ़ता वीरों का अभिमान काशी मथुरा और अयोध्या  है ईश्वर का वास सेवा में हम भारत मां की होते हैं कुर्बान उत्तर दक्षिण पूरब पश्चिम रहते जैसे पास शांति का है दूत जगत में समरसता का भाव हमारा वो है हिंदुस्तान एक रहे परिवार सेवा में हम भारत मां की पर्यावरण हो स्वच्छ हमारा होते हैं कुर्बान स्वस्थ्य रहे संसार जन जन का हो एक नारा तक्षशिला और नालंदा ने सिखा भारत बने महान सेवा में हम भारत मां की ज्ञान बतलाया होते हैं कुर्बान नन्हे नन्हे बालक जिनने गीत मातरम् गाया धर्म कर्म का पाठ पढ़ाते रण  हम संतानें भारत मां की रचना कुरुक्षेत्र मैदान करते हैं गुणगान सेवा में हम भारत मां की सेवा में हम भारत मां की एन के प्रजापति होते हैं कुर्बान होते हैं कुर्बान गंगा यमुना कृष्णा गोदा हम संतानें भारत मां की कल कल धारा बहती करते हैं गुणगान नीलगिरी और अरावली की सेवा में हम भारत मां की होते हैं कुर्बान चोटी कुछ तो कहती अडिग हिमालय सिंह के जैसे खडा है सीना तान सूर्य चन्द्र आकाश देवता  सेवा में हम भारत मां की नमन सदा करते होते हैं कुर्बान बंग अरब और हिंद के जैसे प्रहरी बन रहते मंगल हो या चंद्रयान हम बोस गांधी आजाद भगत कीर्तिमान गढ़ते हैं जिसकी ये शान শীন -:- सेवा में हम भारत मां की बैठ सभा भोजन से पहले होते हैं कुर्बान मंत्र साधना करते तिलक लगा इस रज से बढ़ता वीरों का अभिमान काशी मथुरा और अयोध्या  है ईश्वर का वास सेवा में हम भारत मां की होते हैं कुर्बान उत्तर दक्षिण पूरब पश्चिम रहते जैसे पास शांति का है दूत जगत में समरसता का भाव हमारा वो है हिंदुस्तान एक रहे परिवार सेवा में हम भारत मां की पर्यावरण हो स्वच्छ हमारा होते हैं कुर्बान स्वस्थ्य रहे संसार जन जन का हो एक नारा तक्षशिला और नालंदा ने सिखा भारत बने महान सेवा में हम भारत मां की ज्ञान बतलाया होते हैं कुर्बान नन्हे नन्हे बालक जिनने गीत मातरम् गाया धर्म कर्म का पाठ पढ़ाते रण  हम संतानें भारत मां की रचना कुरुक्षेत्र मैदान करते हैं गुणगान सेवा में हम भारत मां की सेवा में हम भारत मां की एन के प्रजापति होते हैं कुर्बान होते हैं कुर्बान - ShareChat
#✍मेरे पसंदीदा लेखक #🙏कर्म क्या है❓ #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #📚कविता-कहानी संग्रह
✍मेरे पसंदीदा लेखक - 7கி பஈகி सुख चैन सब छीना है ভুনা ঝিঁনা ম নন ক্ধী मुश्किल इसके जीना है एक नहीं कई रोग लगे में दबे हुए कर्ज बोझ में विदा हुए पीड़ा इसकी कौन सहे कम उम्र रोग.. वैद्य नाड़ी देख बता तन को इतना सहना है शीघ्र इसकी दवा बता नहीं रोगी को छूना है मूल जड़ से हो खत्म कुछ उजड़े कुछ तबाह हुए পীভা इसकी निकले दम आखिर इससे हार गए पाई पाई ये खा गया नहीं लगे ये रोग किसी को कारण इसके लुट गया रखे ईश्वर सभी को खुशी एन के प्रजापति 7கி பஈகி सुख चैन सब छीना है ভুনা ঝিঁনা ম নন ক্ধী मुश्किल इसके जीना है एक नहीं कई रोग लगे में दबे हुए कर्ज बोझ में विदा हुए पीड़ा इसकी कौन सहे कम उम्र रोग.. वैद्य नाड़ी देख बता तन को इतना सहना है शीघ्र इसकी दवा बता नहीं रोगी को छूना है मूल जड़ से हो खत्म कुछ उजड़े कुछ तबाह हुए পীভা इसकी निकले दम आखिर इससे हार गए पाई पाई ये खा गया नहीं लगे ये रोग किसी को कारण इसके लुट गया रखे ईश्वर सभी को खुशी एन के प्रजापति - ShareChat
#✍मेरे पसंदीदा लेखक #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏कर्म क्या है❓ #📗प्रेरक पुस्तकें📘
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#📚कविता-कहानी संग्रह #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏कर्म क्या है❓ #✍मेरे पसंदीदा लेखक
📚कविता-कहानी संग्रह - ना हवा ना पानी बदला ना पांव खों मिली पनईंयां मानव देखो कैसा बदला मन मुटाव खों जानों मुईयां ना सूरज ने जाति पूंछी दद्दा बाई आंगन की शोभा माया पूंछी खूबईं होत थी इनकी सेवा ना तरुवर ने समय हुआ परिवर्तन इतना अब कहां ये सबकुछ दिखता घर घर रेखा सबने खींची माया पीछे रोता फिरता हर दिन घटती नई कहानी पिता को रखे कौन মান भाई भाई ने साधे मौन নিন থাল্ত্রী ক্ধী নানী ೯ তুনা हुई दुर्दशा ना देखी ऐसी परे पे पूंछत कौन समय पनिया भरने जातीं पनघट कुटुंब लाज का ओढ़े घूंघट ज्वार बाजरा मक्के की रोटी नौन मिर्च संग भूख मिटाती खेत में बैठे भरी दुपहरी सांझ ढले संग कीर्तन होते दो ठऊ चोंपे खूंटा बांधे पसेई भरे के पिंडा माढे भुंसारे से चकिया पीसी एन के प्रजापति हंसी की सालें बीती खुशी ना हवा ना पानी बदला ना पांव खों मिली पनईंयां मानव देखो कैसा बदला मन मुटाव खों जानों मुईयां ना सूरज ने जाति पूंछी दद्दा बाई आंगन की शोभा माया पूंछी खूबईं होत थी इनकी सेवा ना तरुवर ने समय हुआ परिवर्तन इतना अब कहां ये सबकुछ दिखता घर घर रेखा सबने खींची माया पीछे रोता फिरता हर दिन घटती नई कहानी पिता को रखे कौन মান भाई भाई ने साधे मौन নিন থাল্ত্রী ক্ধী নানী ೯ তুনা हुई दुर्दशा ना देखी ऐसी परे पे पूंछत कौन समय पनिया भरने जातीं पनघट कुटुंब लाज का ओढ़े घूंघट ज्वार बाजरा मक्के की रोटी नौन मिर्च संग भूख मिटाती खेत में बैठे भरी दुपहरी सांझ ढले संग कीर्तन होते दो ठऊ चोंपे खूंटा बांधे पसेई भरे के पिंडा माढे भुंसारे से चकिया पीसी एन के प्रजापति हंसी की सालें बीती खुशी - ShareChat
#✍मेरे पसंदीदा लेखक #🙏कर्म क्या है❓ #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #📚कविता-कहानी संग्रह
✍मेरे पसंदीदा लेखक - में चंचलता মন ব্ল্সান ম নম্পনা में लघुता 3IT f೯' में व्याकुलता मनुष्य में मानवता परिवार में एकता प्रकृति में सुंदरता  नदियों में पवित्रता মম্ভুব্র ম বিথালনা वाणी में मधुरता में एकाग्रता काम में मनोहरता रुप दुःख में सहनशीलता स्त्री में सौंदर्यता विचारों में गंभीरता पदार्थ में कठोरता एन के प्रजापति अतिआवश्यक है में चंचलता মন ব্ল্সান ম নম্পনা में लघुता 3IT f೯' में व्याकुलता मनुष्य में मानवता परिवार में एकता प्रकृति में सुंदरता  नदियों में पवित्रता মম্ভুব্র ম বিথালনা वाणी में मधुरता में एकाग्रता काम में मनोहरता रुप दुःख में सहनशीलता स्त्री में सौंदर्यता विचारों में गंभीरता पदार्थ में कठोरता एन के प्रजापति अतिआवश्यक है - ShareChat
#📚कविता-कहानी संग्रह #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #✍मेरे पसंदीदा लेखक
📚कविता-कहानी संग्रह - धन्य धन्य मां भारती धन्य धन्य मां भारती हो रहा है राष्ट्र उन्नत नित हो रही है आरती .मातृभूमि रज तिलक कर धन्य धन्य मां भारती बढ चलें मंजिल की ओर उत्तर दक्षिण पूरब पश्चिम चहुं दिस ओर भारत भारत লঃস মাঙনা যান নিলানী नित हो रही है आरती। धन्य.. . २.तकनीकी का युग है देखो मार्ग स्वयं से अपने खोजो विकसित हो ये राष्ट्र हमारा  -:रचनाः- कीर्तिमान नव गढ़े चलो एन के प्रजापति गाकर कोयल हमें बताती नित हो रही है आरती। धन्य..  ३.संगठित हो एक रहें मन से मन के भेद मिटें यही सीखता विश्व यहां से अमिट सभ्यता है यहां की की वाणी गाती महापुरुषों नित हो रही है आरती। धन्य.. I/ धन्य धन्य मां भारती धन्य धन्य मां भारती हो रहा है राष्ट्र उन्नत नित हो रही है आरती .मातृभूमि रज तिलक कर धन्य धन्य मां भारती बढ चलें मंजिल की ओर उत्तर दक्षिण पूरब पश्चिम चहुं दिस ओर भारत भारत লঃস মাঙনা যান নিলানী नित हो रही है आरती। धन्य.. . २.तकनीकी का युग है देखो मार्ग स्वयं से अपने खोजो विकसित हो ये राष्ट्र हमारा  -:रचनाः- कीर्तिमान नव गढ़े चलो एन के प्रजापति गाकर कोयल हमें बताती नित हो रही है आरती। धन्य..  ३.संगठित हो एक रहें मन से मन के भेद मिटें यही सीखता विश्व यहां से अमिट सभ्यता है यहां की की वाणी गाती महापुरुषों नित हो रही है आरती। धन्य.. I/ - ShareChat
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✍मेरे पसंदीदा लेखक - कौन क्या समझे राज गहरा पूनम रात अमावस अंधेरा बगिया दुःख का डेरा सुख की तरुवर डाली छाया पहरा महल अटारी आंगन सूना रोता हरदम मुश्किल जीना मात पिता न भईया बहना क्यों माने ये सबका कहना सच नहीं यहां बिकता క్ైర గ్గే' मानव रूपी दानव रहता सत्यता :- हो कौन? नहीं जानता मस्त मग्न ये धुन में रहता एन के प्रजापति मर्यादा का चीर हरण नहीं जाएगा कोई वन ೯ IథuT qUT 9 ಶ: घर घर होता देखो रण कृष्ण ने गीता  सुनाई कुरुक्षेत्र इंद्रजीत रावण बात समझाई मानस लिख बतलाई বুলমী कलयुग मानव अकल न आई विरूद्ध  f काज न करना मानवता को ले के चलना वेद पुराण सद्ग्रंथ बखाना सकल चराचर ब्रह्म समाना कौन क्या समझे राज गहरा पूनम रात अमावस अंधेरा बगिया दुःख का डेरा सुख की तरुवर डाली छाया पहरा महल अटारी आंगन सूना रोता हरदम मुश्किल जीना मात पिता न भईया बहना क्यों माने ये सबका कहना सच नहीं यहां बिकता క్ైర గ్గే' मानव रूपी दानव रहता सत्यता :- हो कौन? नहीं जानता मस्त मग्न ये धुन में रहता एन के प्रजापति मर्यादा का चीर हरण नहीं जाएगा कोई वन ೯ IథuT qUT 9 ಶ: घर घर होता देखो रण कृष्ण ने गीता  सुनाई कुरुक्षेत्र इंद्रजीत रावण बात समझाई मानस लिख बतलाई বুলমী कलयुग मानव अकल न आई विरूद्ध  f काज न करना मानवता को ले के चलना वेद पुराण सद्ग्रंथ बखाना सकल चराचर ब्रह्म समाना - ShareChat
#🙏कर्म क्या है❓ #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #📚कविता-कहानी संग्रह #🙏गुरु महिमा😇 #✍मेरे पसंदीदा लेखक
🙏कर्म क्या है❓ - था दिन यही जो बांकी देखा शिष्य को गुरु से लड़ते देखा महाभारत जहां द्रोण लडे थे एकलव्य जहां जिद पे अडे थे कलियुग और आगे निकला पर सुनाई देती है इक आहट जो शिष्यों बीच गुरु खडा अकेला सोचने पे जो मजबूर करती है नहीं पढ़ना क्या कर लोगे निकलो बाहर नहीं बचोगे समय की कीमत जो पहचान ले दौर कठिन होता गया भविष्य को उज्जवल वो बना ले वर्तमान बिगड़ता गया की है बहुत गहरी সহিনা হান दूरी किताबों से बिन गुरु के डुबकी है अधूरी दोस्ती असंगत से शिष्य शिक्षक से बड़ा अभिभावक सामने खडा झूठी वो कहावत हुई प्रजापति एन के मांस तुम्हारा हड्डी हमारी कुछ और ही स्थिति लाड़ले को डंडी मारी क्यों नहीं कोई शत्रु गुरुवर से पूछो मार भी इसकी आशीष समझो नाव एक पतवार दो बैठे ज्ञान के सागर में लेती हिलोरे धैर्य और संयम पार करा दे गुरु कृपा जो जीवन संवार दे था दिन यही जो बांकी देखा शिष्य को गुरु से लड़ते देखा महाभारत जहां द्रोण लडे थे एकलव्य जहां जिद पे अडे थे कलियुग और आगे निकला पर सुनाई देती है इक आहट जो शिष्यों बीच गुरु खडा अकेला सोचने पे जो मजबूर करती है नहीं पढ़ना क्या कर लोगे निकलो बाहर नहीं बचोगे समय की कीमत जो पहचान ले दौर कठिन होता गया भविष्य को उज्जवल वो बना ले वर्तमान बिगड़ता गया की है बहुत गहरी সহিনা হান दूरी किताबों से बिन गुरु के डुबकी है अधूरी दोस्ती असंगत से शिष्य शिक्षक से बड़ा अभिभावक सामने खडा झूठी वो कहावत हुई प्रजापति एन के मांस तुम्हारा हड्डी हमारी कुछ और ही स्थिति लाड़ले को डंडी मारी क्यों नहीं कोई शत्रु गुरुवर से पूछो मार भी इसकी आशीष समझो नाव एक पतवार दो बैठे ज्ञान के सागर में लेती हिलोरे धैर्य और संयम पार करा दे गुरु कृपा जो जीवन संवार दे - ShareChat
#📚कविता-कहानी संग्रह #🙏कर्म क्या है❓ #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #🎵 राधा-कृष्ण भजन 🙏
📚कविता-कहानी संग्रह - कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे नाम जो राधा से जुड़ा है नाम जो जोड़ने की जंजीर है नाम जो मीरा ने जपा है नाम जो मीठे रस की खीर है नाम जो सूरदास ने गाया নাম তী মন ব্ধী মলীননা ৪৫া ঐ नाम जो बृज रज समाया नाम जो कष्ट इस तन के मिटा दे नाम जो कलयुग को हराए नाम जो पानी भोजन हवा है नाम जो राह सब दिखाए नाम जो हर रोग की दवा है नाम जो आंसू आंखों का नाम जो पाप से बचाए नाम जो शब्द कानों का नाम जो सत्कर्म कराए नाम जो सांस हरजीवकी विष्णु महेश है जो ब्रह्मा नाम जो चाबी जीवन की जो तीनों लोकों में श्रेष्ठ है नाम जो जीवन का आधार है नाम जो भव से पार ले जाए नाम जो नौका खेवनहार है नाम जो परमात्मा से मिलाए कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे नाम जो राधा से जुड़ा है नाम जो जोड़ने की जंजीर है नाम जो मीरा ने जपा है नाम जो मीठे रस की खीर है नाम जो सूरदास ने गाया নাম তী মন ব্ধী মলীননা ৪৫া ঐ नाम जो बृज रज समाया नाम जो कष्ट इस तन के मिटा दे नाम जो कलयुग को हराए नाम जो पानी भोजन हवा है नाम जो राह सब दिखाए नाम जो हर रोग की दवा है नाम जो आंसू आंखों का नाम जो पाप से बचाए नाम जो शब्द कानों का नाम जो सत्कर्म कराए नाम जो सांस हरजीवकी विष्णु महेश है जो ब्रह्मा नाम जो चाबी जीवन की जो तीनों लोकों में श्रेष्ठ है नाम जो जीवन का आधार है नाम जो भव से पार ले जाए नाम जो नौका खेवनहार है नाम जो परमात्मा से मिलाए - ShareChat