N K Prajapati
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Teacher, Writer, Motivator
#🌺राधा कृष्ण💞 #🎨होली सेलिब्रेशन 🤗 #🎨होली की मस्ती 🤣 #😊होली स्पेशल 🤘 #🤗होली Coming Soon 😊
🌺राधा कृष्ण💞 - जिन मानो बुरईजा होरी है सब लगे खेल रए होरी है श्याम प्रीत भई राधा दीवानी देखो मीरा तनक ना मानी जो लगो प्रेम रसहोरी है सब लगे खेल रए होरी है॰॰०००  जा सरसों फूली बसंत ऋतु रचना बागन में जा कोयल बोली शीर्षक मेघ बरसजा होरी है लगे खेलरए होरी है...ः सब एन के प्रजापति নীলা দীলালাল होरी है गुलाबी मस्त मग्न जे बने नवाबी डरो रंग जा होरी है सब लगे खेल रए होरी है...ः बिटियां बूढ़े बारे लरका हो रईं फागें द्वारे द्वारे चढ़ो रंग जा होरी है सब लगे खेल रए होरी है... जिन मानों बुरईजा होरी है सब लगे खेल रए होरी है... जिन मानो बुरईजा होरी है सब लगे खेल रए होरी है श्याम प्रीत भई राधा दीवानी देखो मीरा तनक ना मानी जो लगो प्रेम रसहोरी है सब लगे खेल रए होरी है॰॰०००  जा सरसों फूली बसंत ऋतु रचना बागन में जा कोयल बोली शीर्षक मेघ बरसजा होरी है लगे खेलरए होरी है...ः सब एन के प्रजापति নীলা দীলালাল होरी है गुलाबी मस्त मग्न जे बने नवाबी डरो रंग जा होरी है सब लगे खेल रए होरी है...ः बिटियां बूढ़े बारे लरका हो रईं फागें द्वारे द्वारे चढ़ो रंग जा होरी है सब लगे खेल रए होरी है... जिन मानों बुरईजा होरी है सब लगे खेल रए होरी है... - ShareChat
#😊होली स्पेशल 🤘 #🌺फूलों वाली होली 🌼 #🎨होली की मस्ती 🤣 #🎨होली सेलिब्रेशन 🤗 #🌺राधा कृष्ण💞
😊होली स्पेशल 🤘 - श्याम रंग में रंगे , श्याम रंग में रंगे যাঙ্াফী ২ক্ীযী ম अरे हां राधा रंगी रे होरी में राम रंग में रंगे , राम रंग में रंगे सीता रंगी रे होरी में शीर्षक अरे हां सीता रंगी रे होरी में श्याम रंग में रंगे भोला रंग में रंगे , भोला रंग में रंगे गौरा रंगी रे होरी में रचन अरेहां गौरा रंगी रे होरी में एन के प्रजापति मथुरा रंग में रंगी, मथुरा रंग में रंगी गोकुल रंगे हैं होरी में अरे हां गोकुल रंगे हैं होरी में दुनिया रंग में रंगी, दुनिया रंग में रंगी हम सब रंगे हैं होरी में अरे हां हम सब रंगे हैं होरी में श्याम रंग में रंगे .. श्याम रंग में रंगे , श्याम रंग में रंगे যাঙ্াফী ২ক্ীযী ম अरे हां राधा रंगी रे होरी में राम रंग में रंगे , राम रंग में रंगे सीता रंगी रे होरी में शीर्षक अरे हां सीता रंगी रे होरी में श्याम रंग में रंगे भोला रंग में रंगे , भोला रंग में रंगे गौरा रंगी रे होरी में रचन अरेहां गौरा रंगी रे होरी में एन के प्रजापति मथुरा रंग में रंगी, मथुरा रंग में रंगी गोकुल रंगे हैं होरी में अरे हां गोकुल रंगे हैं होरी में दुनिया रंग में रंगी, दुनिया रंग में रंगी हम सब रंगे हैं होरी में अरे हां हम सब रंगे हैं होरी में श्याम रंग में रंगे .. - ShareChat
#🎨होली की मस्ती 🤣 #🌺फूलों वाली होली 🌼 #😊होली स्पेशल 🤘 #📝होली कोट्स 😊 #🥰मथुरा-वृंदावन की होली 🤗
🎨होली की मस्ती 🤣 - छेड़ें गलिन में हुरयारे जे छेड़ें गलिन में हुरयारे फेंक फेंक रंग दे मारे जे छेड़ें गलिन में हुरयारे पोखर नाले R खूबईं  हाथ पांव जे पकर खचोरें शीर्षक नय नय कपरा दे फारे जे छेड़ें गलिन में हुरयारे हुरयारे :- लंगुरा रंग बिरंगे दिख रए फागन पे जे खूबईं उचक रए धरती अंबर रंग डारे সনা:- जे छेड़ें गलिन में हुरयारे एन के प्रजापति देवर भाभी रंग लगा रए जीजा सारी धूम मचा रए भर पिचकारी दे मारे जे छेड़ें गलिन में हुरयारे ऊंच नीच को भेद मिटा रए खों गले लगा रए मानवता हंसी खुशी से रंग डारे जे छेड़ें गलिन में हुरयारे छेड़ें गलिन में हुरयारे जे छेड़ें गलिन में हुरयारे फेंक फेंक रंग दे मारे जे छेड़ें गलिन में हुरयारे पोखर नाले R खूबईं  हाथ पांव जे पकर खचोरें शीर्षक नय नय कपरा दे फारे जे छेड़ें गलिन में हुरयारे हुरयारे :- लंगुरा रंग बिरंगे दिख रए फागन पे जे खूबईं उचक रए धरती अंबर रंग डारे সনা:- जे छेड़ें गलिन में हुरयारे एन के प्रजापति देवर भाभी रंग लगा रए जीजा सारी धूम मचा रए भर पिचकारी दे मारे जे छेड़ें गलिन में हुरयारे ऊंच नीच को भेद मिटा रए खों गले लगा रए मानवता हंसी खुशी से रंग डारे जे छेड़ें गलिन में हुरयारे - ShareChat
#📚कविता-कहानी संग्रह #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📗प्रेरक पुस्तकें📘
📚कविता-कहानी संग्रह - वर्तमान दृश्य समस्या समाधान कैसे हो प्यासा लहु का जान पडता है सिंहों के बीच हिरन जैसे रहता है विडम्बनाओं में जैसे उलझे हो प्रश्नों की अति सुंदरये माला থান্তু নতয গান # থান্তু কী Hq मित्र का भी अपना समझ सीप में जैसे मोती ढूंढने वाला 8 चुराते नीर क्षीर विवेक हंस प्रवत्ति बैठा बाल सिर के गिनने छलनी में जैसे नीरको भरने दूर खड़े हस्ते आए विपत्ति মাননীয় को खोता मानव एक पग आगे दो पग पीछे মুল্সী आंसूओं से जैसे खेत को सींचे देवता के वेष में छिपा कोई दानव बल्ब की रोशनी में सूरज डूबा स्व का बोध समरस भावना कुटुंब प्रबोधन है यही कामना चेहरे के नूरसे चांद भी रूठा संस्कृति सदाचार धारा कभी इधरतो कभी उधर सभ्यता धार्मिक मिटे दुःख सारा भूला अपने को स्वयं उम्रभर সবৃনি भाई बंधु सखा जैसे मित्र जुगनू उजाले में खजाना ढूंढता  खूबसूरत अद्भुत है ये चित्र रिश्तों में यूं ही घोलता जहर एन के प्रजापति वर्तमान दृश्य समस्या समाधान कैसे हो प्यासा लहु का जान पडता है सिंहों के बीच हिरन जैसे रहता है विडम्बनाओं में जैसे उलझे हो प्रश्नों की अति सुंदरये माला থান্তু নতয গান # থান্তু কী Hq मित्र का भी अपना समझ सीप में जैसे मोती ढूंढने वाला 8 चुराते नीर क्षीर विवेक हंस प्रवत्ति बैठा बाल सिर के गिनने छलनी में जैसे नीरको भरने दूर खड़े हस्ते आए विपत्ति মাননীয় को खोता मानव एक पग आगे दो पग पीछे মুল্সী आंसूओं से जैसे खेत को सींचे देवता के वेष में छिपा कोई दानव बल्ब की रोशनी में सूरज डूबा स्व का बोध समरस भावना कुटुंब प्रबोधन है यही कामना चेहरे के नूरसे चांद भी रूठा संस्कृति सदाचार धारा कभी इधरतो कभी उधर सभ्यता धार्मिक मिटे दुःख सारा भूला अपने को स्वयं उम्रभर সবৃনি भाई बंधु सखा जैसे मित्र जुगनू उजाले में खजाना ढूंढता  खूबसूरत अद्भुत है ये चित्र रिश्तों में यूं ही घोलता जहर एन के प्रजापति - ShareChat
#🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🔱रुद्राभिषेक🙏 #🔱बम बम भोले🙏 #🛕महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं🚩 #🔱हर हर महादेव
🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 - सज गओ दूल्हा आ गओ ढूंढा चलवे खों जो बजो रमतूला ऊं शिवाय नमस्तुभ्यम् मरघट की जा भस्म लगाई भांग धतूरा चिलम मंगाई মীঠ এনল লন নাঠ दस दस फुट के दांत दिखाते f देवराज भी সম্মা महाशिवरात्रि पावन पर्व की मंगलमय बने बराती हैं शरमाते शुभकामनाएं इते उते से डीजे आ रए बम बम भोला गाना बजा रए बम बम भोला बम बम भोला भूतों का टोला সম মন पहुंच हिमाचल सभी बराती ঐত্ত্র তিল্ক সতা ঘনবানী कैसो वर राजा ने ढूंढों ना बिटिया बारे में सोचो सफारी ना फोर्च्यूनर ना नंग अनंग खड़े द्वारे पर सखियां राजा रानी से कहतीं जा से गौरा कुआंरी रहतीं प्रजापति থািন নযান ক্ধী ম্টিসা ন্াহী गौरा भोला माला डारी सज गओ दूल्हा आ गओ ढूंढा चलवे खों जो बजो रमतूला ऊं शिवाय नमस्तुभ्यम् मरघट की जा भस्म लगाई भांग धतूरा चिलम मंगाई মীঠ এনল লন নাঠ दस दस फुट के दांत दिखाते f देवराज भी সম্মা महाशिवरात्रि पावन पर्व की मंगलमय बने बराती हैं शरमाते शुभकामनाएं इते उते से डीजे आ रए बम बम भोला गाना बजा रए बम बम भोला बम बम भोला भूतों का टोला সম মন पहुंच हिमाचल सभी बराती ঐত্ত্র তিল্ক সতা ঘনবানী कैसो वर राजा ने ढूंढों ना बिटिया बारे में सोचो सफारी ना फोर्च्यूनर ना नंग अनंग खड़े द्वारे पर सखियां राजा रानी से कहतीं जा से गौरा कुआंरी रहतीं प्रजापति থািন নযান ক্ধী ম্টিসা ন্াহী गौरा भोला माला डारी - ShareChat
#📗प्रेरक पुस्तकें📘 #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📚कविता-कहानी संग्रह #🙏प्रातः वंदन
📗प्रेरक पुस्तकें📘 - भ्रात प्रेम मत मांगो वचन ऐसे अपने पहुंच चित्रकूट भरत शत्रुघ्न मोतियों जैसे बिखरेंगे सपने बैठ सभा सब लेते आसन अश्रुपूर्ण नगरी गमगीन लोग भरत अनुग्रह राम से कीन्हां सूनी अयोध्या नृप विहीना जन्मों के पाप रही जैसे भोग रानी की लालसा दासी प्रहार लौट चलो ये बात मान लो नहीं भरत को मृत जान लो देते वचन नृप जैसे उपहार पक्ष विपक्ष की बातें होती उलझी पहेली सुलझे कैसे नहीं जीत अब किसकी होती रीत रघुकुल की ये टूटे कैसे कौन रहेगा किस पे भारी रघुकुल सिरोमणी वन को जाते करत मंत्रणा सब नर नारी संग जानकी लखन भी जाते भरत अनुग्रह कैसे ठुकराएं भरत शत्रुघ्न ननिहाल से आये लो निशानी चरण पादुकाएं महल बादल अशांति के छाये चौदह वरस संन्यासी वेश क्यों मात तुम ऐसा कीन्हां नहीं करुंगा नगर प्रवेश भ्रात प्रेम कलंकित कीन्हां फल मैं भी खाऊं कंद मूल  कैसे वन में भैया होंगे को मैं भी त्यागूं राजपाट हम अभागे महल रहेंगे एन के प्रजापति भ्रात प्रेम की बात अनोखी माफी मैं मांगूंगा जाकर रामायण से सबने सीखी भैया को वापस मैं लाऊंगा प्रीति नीति यही रघुकुल रीति मात जानकी कैसी होंगी ध्वजा धर्म की सदा फहरती दशा लखन की कैसी होगी भ्रात प्रेम मत मांगो वचन ऐसे अपने पहुंच चित्रकूट भरत शत्रुघ्न मोतियों जैसे बिखरेंगे सपने बैठ सभा सब लेते आसन अश्रुपूर्ण नगरी गमगीन लोग भरत अनुग्रह राम से कीन्हां सूनी अयोध्या नृप विहीना जन्मों के पाप रही जैसे भोग रानी की लालसा दासी प्रहार लौट चलो ये बात मान लो नहीं भरत को मृत जान लो देते वचन नृप जैसे उपहार पक्ष विपक्ष की बातें होती उलझी पहेली सुलझे कैसे नहीं जीत अब किसकी होती रीत रघुकुल की ये टूटे कैसे कौन रहेगा किस पे भारी रघुकुल सिरोमणी वन को जाते करत मंत्रणा सब नर नारी संग जानकी लखन भी जाते भरत अनुग्रह कैसे ठुकराएं भरत शत्रुघ्न ननिहाल से आये लो निशानी चरण पादुकाएं महल बादल अशांति के छाये चौदह वरस संन्यासी वेश क्यों मात तुम ऐसा कीन्हां नहीं करुंगा नगर प्रवेश भ्रात प्रेम कलंकित कीन्हां फल मैं भी खाऊं कंद मूल  कैसे वन में भैया होंगे को मैं भी त्यागूं राजपाट हम अभागे महल रहेंगे एन के प्रजापति भ्रात प्रेम की बात अनोखी माफी मैं मांगूंगा जाकर रामायण से सबने सीखी भैया को वापस मैं लाऊंगा प्रीति नीति यही रघुकुल रीति मात जानकी कैसी होंगी ध्वजा धर्म की सदा फहरती दशा लखन की कैसी होगी - ShareChat
#✍मेरे पसंदीदा लेखक #🌞सुप्रभात सन्देश #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #🙏प्रातः वंदन
✍मेरे पसंदीदा लेखक - नमस्कार जीवन की भागम भाग में ना जाने हम स्वयं को क्यों भूल जाते हैं और अपनों को भी नजरंदाज कर देते हैं परन्तु ये जिंदगी तो संग रहने और चलने की स्वाभाविक क्रिया के जैसे है। 1 को देखते हुए अतः आशय स्वयं प्राथमिकता देते हुए निजी और सार्वजनिक दोनों मूल्यों को एक ऐसे वातावरण का निर्माण करना है जहां किसी भी परिस्थिति से सामना करने की सामर्थ्य भी हो और उसे खुशहाल बनाने की सोच भी हा। सामंजस्य स्थापित करते हुए आंगन को ऐसे माहौल में ढालने की शक्ति हो जिसमें स्वयं की और अपनों की आवश्यकता पूर्ति की कला भी हो। सुन्ना तियं सेदूसकतीं हैलकर खभशीरयरोतकोन सुज्ञोान gf?ri गमगीन माहौल से कहीं आरामदायक परिवेश का निर्माण भी जहां आध्यात्मिक शक्ति का प्रसारण मनोवैज्ञानिकता सोच का उदय और सामाजिक समरसता धारा का प्रवाह निरन्तर " अविरोध होता रहे। आइए बैठिए साझा कीजिए और आनन्दमय माहौल का निर्माण कीजिए जिसमें द्वेष रूपी राक्षस का वध करते हुए अपनत्व रूपी देवताओं के संग बैठकर कल्याणकारी योजनाओं का निर्माण करते हुए सर्व धर्म समभाव व सर्वे भवन्तु सुखिन सर्वे सन्तु निरामया विचारधारा का प्रसार कीजिए। एन के प्रजापति नमस्कार जीवन की भागम भाग में ना जाने हम स्वयं को क्यों भूल जाते हैं और अपनों को भी नजरंदाज कर देते हैं परन्तु ये जिंदगी तो संग रहने और चलने की स्वाभाविक क्रिया के जैसे है। 1 को देखते हुए अतः आशय स्वयं प्राथमिकता देते हुए निजी और सार्वजनिक दोनों मूल्यों को एक ऐसे वातावरण का निर्माण करना है जहां किसी भी परिस्थिति से सामना करने की सामर्थ्य भी हो और उसे खुशहाल बनाने की सोच भी हा। सामंजस्य स्थापित करते हुए आंगन को ऐसे माहौल में ढालने की शक्ति हो जिसमें स्वयं की और अपनों की आवश्यकता पूर्ति की कला भी हो। सुन्ना तियं सेदूसकतीं हैलकर खभशीरयरोतकोन सुज्ञोान gf?ri गमगीन माहौल से कहीं आरामदायक परिवेश का निर्माण भी जहां आध्यात्मिक शक्ति का प्रसारण मनोवैज्ञानिकता सोच का उदय और सामाजिक समरसता धारा का प्रवाह निरन्तर " अविरोध होता रहे। आइए बैठिए साझा कीजिए और आनन्दमय माहौल का निर्माण कीजिए जिसमें द्वेष रूपी राक्षस का वध करते हुए अपनत्व रूपी देवताओं के संग बैठकर कल्याणकारी योजनाओं का निर्माण करते हुए सर्व धर्म समभाव व सर्वे भवन्तु सुखिन सर्वे सन्तु निरामया विचारधारा का प्रसार कीजिए। एन के प्रजापति - ShareChat
#🙏प्रातः वंदन #🌞सुप्रभात सन्देश #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📚कविता-कहानी संग्रह #📗प्रेरक पुस्तकें📘
🙏प्रातः वंदन - आओ मिलकर करें रखवाली कहती पवन हमसे मतवाली घर की रौनक चार दीवारी हरें जगत की विपदा सारी मन की पीड़ा ना हो भारी नेक रहे जा सोच हमारी बांट जगत में खुशियां प्यारी ऐसी रहे जा हम सबकी यारी भारत मां की सेवा न्यारी आई है अब हम सबकी वारी।। एन के प्रजापति आओ मिलकर करें रखवाली कहती पवन हमसे मतवाली घर की रौनक चार दीवारी हरें जगत की विपदा सारी मन की पीड़ा ना हो भारी नेक रहे जा सोच हमारी बांट जगत में खुशियां प्यारी ऐसी रहे जा हम सबकी यारी भारत मां की सेवा न्यारी आई है अब हम सबकी वारी।। एन के प्रजापति - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞 #❤️शुभकामना सन्देश #🌞सुप्रभात सन्देश #🙏प्रातः वंदन
🌞 Good Morning🌞 - ऊषाकाल की यह पावन वेला हमारे दैनिक दिनचर्या को व्यवस्थित रूप से करने और शारीरिक स्वास्थ्य के साथ साथ मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने तथा आध्यात्मिक बनाने व लक्ष्यों की पूर्ति शक्ति के माध्यम से जीवन को सफल हेतु आगे बढ़ने की दिशा हमें अग्रसित करती है और इसके प्राकृतिक संबंधों को मजबूत बनाने में सहायता মাথ মাথ प्रदान करती है। जीव जंतु, पैड़ पौधे , नदियां, पर्वत सभी साथ मिलकर समरसता का जो भाव उत्पन्न करते हैं यह हमारे दायित्वों और कर्तव्यों का बोध कराते जगाकर विश्व कल्याण हेतु प्रेरित हुए हमें  करती है। ऊषाकाल की यह पावन वेला हमारे दैनिक दिनचर्या को व्यवस्थित रूप से करने और शारीरिक स्वास्थ्य के साथ साथ मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने तथा आध्यात्मिक बनाने व लक्ष्यों की पूर्ति शक्ति के माध्यम से जीवन को सफल हेतु आगे बढ़ने की दिशा हमें अग्रसित करती है और इसके प्राकृतिक संबंधों को मजबूत बनाने में सहायता মাথ মাথ प्रदान करती है। जीव जंतु, पैड़ पौधे , नदियां, पर्वत सभी साथ मिलकर समरसता का जो भाव उत्पन्न करते हैं यह हमारे दायित्वों और कर्तव्यों का बोध कराते जगाकर विश्व कल्याण हेतु प्रेरित हुए हमें  करती है। - ShareChat
#🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #I ❤️️ इंडियन आर्मी 🇮🇳 #✍🏻भारतीय संविधान📕 #🇮🇳 देशभक्ति
🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान - ম্াবন মানা ক্ধী-: जय देश की आन बान शान हमारे राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस के ७७वें समारोह की हार्दिक मंगलमय शुभकामनाएं ।यह पर्व देश की राष्ट्रीय एकता अखंडता और बंधुता को सुदृढ़ करने हेतु हम सभी भारतवासियों को एक होकर संपूर्ण विश्व जगत को शांति का संदेश देते हुए निरंतर प्रगति करने के लिए प्रेरित करता है। मातृभूमि जिय हिन्द जय भारत जय वन्दे মানম ম্াবন মানা ক্ধী-: जय देश की आन बान शान हमारे राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस के ७७वें समारोह की हार्दिक मंगलमय शुभकामनाएं ।यह पर्व देश की राष्ट्रीय एकता अखंडता और बंधुता को सुदृढ़ करने हेतु हम सभी भारतवासियों को एक होकर संपूर्ण विश्व जगत को शांति का संदेश देते हुए निरंतर प्रगति करने के लिए प्रेरित करता है। मातृभूमि जिय हिन्द जय भारत जय वन्दे মানম - ShareChat