Paresh Kumar
ShareChat
click to see wallet page
@maheshwari1347
maheshwari1347
Paresh Kumar
@maheshwari1347
अपने तो अपने होते हे 😊😊😊
#🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें
🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें - मित्रता हो, परिवार हो, प्रेम हो या कोई भी रिश्ता, हर रिश्ता भरोसे की नींव पर खडा होता है। सच्चाई उसकी ताकत होती है, और अपनापन उसकी पहचान। लेकिन जहाँ चालाकी प्रवेश करती है, वहाँ भरोसा धीरे-्धीरे 81 टूटने मुस्कानें तो रहती हैं, पर दिलों में दूरियाँ बढ जाती हैं। पल भर की होशियारी, उम्र भर का रिश्ता बिखेर देती है। मित्रता हो, परिवार हो, प्रेम हो या कोई भी रिश्ता, हर रिश्ता भरोसे की नींव पर खडा होता है। सच्चाई उसकी ताकत होती है, और अपनापन उसकी पहचान। लेकिन जहाँ चालाकी प्रवेश करती है, वहाँ भरोसा धीरे-्धीरे 81 टूटने मुस्कानें तो रहती हैं, पर दिलों में दूरियाँ बढ जाती हैं। पल भर की होशियारी, उम्र भर का रिश्ता बिखेर देती है। - ShareChat
#🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें
🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें - एक्दिन सबको मरनाहै हकीकत जानने के 6 बावजूद भी लेगी नक दूसरे एक का हराम कर देते हैं॰॰ एक्दिन सबको मरनाहै हकीकत जानने के 6 बावजूद भी लेगी नक दूसरे एक का हराम कर देते हैं॰॰ - ShareChat
#🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें
🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें - ক মুষ্ট - जनता fla 1- २ स्वास्थ्य ३- रोजगार ४- गरीबी ५- मंहगाई ক মুষ্ট: सरकार १- बंदे मातरम् २ पाकिस्तान हिंदू मुस्लिम 3- मुझको गाली दी 4 ై 0 6  বিদঃ ক মুষ্ট 1-EVM ೯e3i २ जाति जनगणाना ३- संसद की सुरक्षा ५- बेरोज़गारी मीडिया के मुद्दे : १- सीमा हैंदर का छठा बच्चा २ मुस्कान को जेल में बटी हुई है স্রান ৪ী যা বরুষকয ३ आम काटकर ক মুষ্ট - जनता fla 1- २ स्वास्थ्य ३- रोजगार ४- गरीबी ५- मंहगाई ক মুষ্ট: सरकार १- बंदे मातरम् २ पाकिस्तान हिंदू मुस्लिम 3- मुझको गाली दी 4 ై 0 6  বিদঃ ক মুষ্ট 1-EVM ೯e3i २ जाति जनगणाना ३- संसद की सुरक्षा ५- बेरोज़गारी मीडिया के मुद्दे : १- सीमा हैंदर का छठा बच्चा २ मुस्कान को जेल में बटी हुई है স্রান ৪ী যা বরুষকয ३ आम काटकर - ShareChat
#🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें
🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें - ShareChat
#🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें
🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें - बक्त के साथ-साथ बहुत कुछ बदल जाता है. যদী থী अहसास भी॰ लोग भी॰ ঔস ব্ুন গী और कभी def, | बक्त के साथ-साथ बहुत कुछ बदल जाता है. যদী থী अहसास भी॰ लोग भी॰ ঔস ব্ুন গী और कभी def, | - ShareChat