writer manoj.
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@manoj161150143
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पिंगल साहित्यिक संस्था ✍️
#✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - महाभारत में सबसे बड़ा अपराध हथियार उठाना नहीं.. गलत वक्त पर मौन रहना बताया गया है.... महाभारत में सबसे बड़ा अपराध हथियार उठाना नहीं.. गलत वक्त पर मौन रहना बताया गया है.... - ShareChat
#✍ आदर्श कोट्स #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍ आदर्श कोट्स - समय सब कुछ बदलता है, लेकिन पहले तुम्हें बदलना पड़ता है। समय सब कुछ बदलता है, लेकिन पहले तुम्हें बदलना पड़ता है। - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #❤️जीवन की सीख
✍️ साहित्य एवं शायरी - किसी के पास रहना हो तो थोड़ा दूर रहना चाहिए.. किसी के पास रहना हो तो थोड़ा दूर रहना चाहिए.. - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #❤️जीवन की सीख
✍️ साहित्य एवं शायरी - हर इंसान अपनी दुनिया में बडा है किसी और की दुनिया में छोटा . !!! हर इंसान अपनी दुनिया में बडा है किसी और की दुनिया में छोटा . !!! - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #💔दर्द भरी कहानियां
✍️ साहित्य एवं शायरी - बहुत बुरी तरह तोड़ते हैं लोग.. अच्छी तरह जानने के बाद... बहुत बुरी तरह तोड़ते हैं लोग.. अच्छी तरह जानने के बाद... - ShareChat
#✍ आदर्श कोट्स #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍ आदर्श कोट्स - जब ह्रदय सरल होता हैं तो नहीं होते ....Il सम्बन्ध कभी पुराने  जब ह्रदय सरल होता हैं तो नहीं होते ....Il सम्बन्ध कभी पुराने - ShareChat
#✍ आदर्श कोट्स #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍ आदर्श कोट्स - 438| क्षण बिगड़ जाने से "তীবন पूरा जीवन व्यर्थ नहीं होता, 438| क्षण बिगड़ जाने से "তীবন पूरा जीवन व्यर्थ नहीं होता, - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #❤️जीवन की सीख
✍️ साहित्य एवं शायरी - में रहकर कभी कामयाबी नहीं मिलती, हद जीत में हद पार करनी पड़ती हैं। में रहकर कभी कामयाबी नहीं मिलती, हद जीत में हद पार करनी पड़ती हैं। - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #💓 दिल के अल्फ़ाज़
✍️ साहित्य एवं शायरी - सही व्यक्ति का कंधा , जीवन के हर बोझ को हल्का कर देता है..! ! सही व्यक्ति का कंधा , जीवन के हर बोझ को हल्का कर देता है..! ! - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️
📖 कविता और कोट्स✒️ - मन की बातें मन ही जाने। बुनता रहता ताने-बाने। । सुनता बिल्कुल नहीं हमारी। इसे पडोसन लगती प्यारी।| इसको मैं कैसे समझाऊँ। राम करो कुछ समझ न पाऊँ। । तेरी भक्ति में हूँ डूबा। दिलवा दो मुझको महबूबा। | মনীত मन की बातें मन ही जाने। बुनता रहता ताने-बाने। । सुनता बिल्कुल नहीं हमारी। इसे पडोसन लगती प्यारी।| इसको मैं कैसे समझाऊँ। राम करो कुछ समझ न पाऊँ। । तेरी भक्ति में हूँ डूबा। दिलवा दो मुझको महबूबा। | মনীত - ShareChat