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moral story #responsibility of a father 🙏 Part - 12
responsibility of a father 🙏 - श्याम ने कहा - "पिता जी, अगले सात दिनों तक मैं ही भोजन और सभी काम करूँगा। " माता-पिता मुस्कुराए, और अनेक दिनों बाद घर में असली छा गई। खुशी कहानी समाप्त Moral: मेहनत इंसान को बदल देती है। सुविधा आदत बना देती है, लेकिन जिम्मेदारी इंसान को सच्चा और मजबूत बनाती है। श्याम ने कहा - "पिता जी, अगले सात दिनों तक मैं ही भोजन और सभी काम करूँगा। " माता-पिता मुस्कुराए, और अनेक दिनों बाद घर में असली छा गई। खुशी कहानी समाप्त Moral: मेहनत इंसान को बदल देती है। सुविधा आदत बना देती है, लेकिन जिम्मेदारी इंसान को सच्चा और मजबूत बनाती है। - ShareChat
moral story #responsibility of a father 🙏 Part - 11
responsibility of a father 🙏 - सबको भूख लगी थी। जमीदार ने मुनीम को आदेश दिया - "नौकरों को बुलाओ।" श्याम ने कहा- "नहीं पिता जी, उन्हें मत बुलाइए। मैं अपने वचन के अनुसार सब काम स्वयं करूँगा। " माता बोलीं - "पुत्र, हमें खाना बनाना नहीं आता।" और सुबह  की सारी घटनाएँ बताईं। श्याम मुस्कुराया फिर उसने स्वयं भोजन बनाया और माता-पिता को परोसा। जमीदार स्वाद लेते ही बोले - "लाजवाब! अद्भुत, पुत्र! " माता-पिता ने आशीर्वाद दिया- हमारा बेटा सच में आत्मनिर्भर बन गया।" "आज सबको भूख लगी थी। जमीदार ने मुनीम को आदेश दिया - "नौकरों को बुलाओ।" श्याम ने कहा- "नहीं पिता जी, उन्हें मत बुलाइए। मैं अपने वचन के अनुसार सब काम स्वयं करूँगा। " माता बोलीं - "पुत्र, हमें खाना बनाना नहीं आता।" और सुबह  की सारी घटनाएँ बताईं। श्याम मुस्कुराया फिर उसने स्वयं भोजन बनाया और माता-पिता को परोसा। जमीदार स्वाद लेते ही बोले - "लाजवाब! अद्भुत, पुत्र! " माता-पिता ने आशीर्वाद दिया- हमारा बेटा सच में आत्मनिर्भर बन गया।" "आज - ShareChat
moral story #responsibility of a father 🙏 Part - 10
responsibility of a father 🙏 - जमीदार को खबर मिली  पहुँची। खबर जमीदार तक वे घर लौटने लगे। इधर श्याम भी लौट आया। दरवाजे पर उसने अपने माता-पिता को देखा- वह दौड़ा और उन्हें खुशी से गले लगा लिया। पहली बात उसने यही कही - "मुझे माफ़ कर दीजिए..." जमीदार और उनकी पत्नी भावुक हो गए। जमीदार को खबर मिली  पहुँची। खबर जमीदार तक वे घर लौटने लगे। इधर श्याम भी लौट आया। दरवाजे पर उसने अपने माता-पिता को देखा- वह दौड़ा और उन्हें खुशी से गले लगा लिया। पहली बात उसने यही कही - "मुझे माफ़ कर दीजिए..." जमीदार और उनकी पत्नी भावुक हो गए। - ShareChat
moral story #responsibility of a father 🙏 Part - 9
responsibility of a father 🙏 - पहली बार सही जगह ताकत का प्रयोग वहाँ उसने देखा - गेहूँ गाड़ी में भर रहे थे। चार आदमी चिल्लाया - যাম "रुको!" पर वे नहीं रुके। श्याम ने पहली बार अपनी ताकत को सही काम में q लगाया दो-दो करके चारों को पीछे फेंक दिया। वे डर गए और हाथ जोड़कर माफी मांगने लगे। श्याम ने कहा - "सारा माल वापस करो और यहाँ से चले जाओ।" वे सब डर के मारे तुरंत मान गए और सारा अनाज लौटा दिया। पहली बार सही जगह ताकत का प्रयोग वहाँ उसने देखा - गेहूँ गाड़ी में भर रहे थे। चार आदमी चिल्लाया - যাম "रुको!" पर वे नहीं रुके। श्याम ने पहली बार अपनी ताकत को सही काम में q लगाया दो-दो करके चारों को पीछे फेंक दिया। वे डर गए और हाथ जोड़कर माफी मांगने लगे। श्याम ने कहा - "सारा माल वापस करो और यहाँ से चले जाओ।" वे सब डर के मारे तुरंत मान गए और सारा अनाज लौटा दिया। - ShareChat
#moral story #responsibility of a father 🙏 Part - 8
responsibility of a father 🙏 - इतने में मुनीम भागता हुआ आया-  में दुश्मन गाँव वाले गेहूँ काटकर "श्याम बाबू! आपके खेत अपनी गा़ड़ियों में भर रहे हैं!" श्याम समझ गया  अब उसके पिता नहीं हैं, यह जिम्मेदारी उसी की है। तुरंत खेत की ओर दौड़ा। भोजन परोसकर 46 वृद्धा को इतने में मुनीम भागता हुआ आया-  में दुश्मन गाँव वाले गेहूँ काटकर "श्याम बाबू! आपके खेत अपनी गा़ड़ियों में भर रहे हैं!" श्याम समझ गया  अब उसके पिता नहीं हैं, यह जिम्मेदारी उसी की है। तुरंत खेत की ओर दौड़ा। भोजन परोसकर 46 वृद्धा को - ShareChat
# moral of the story # #responsibility of a father 🙏 Part -7
responsibility of a father 🙏 - श्याम घबरा गया  "मैं? मैंने तो रसोई को सही से देखा भी नहीं!" वृद्ध मुस्कुराईं - "कोई भी मनुष्य जन्म से कुछ नहीं जानता। काम करके ही सीखता है। ম বনাতঁণী- নুস ননাঙ্জী |" राहनुमाई में श्याम ने जीवन में पहली बार भोजन उनकी पकाया। उसे महसूस हुआ - " मेहनत करने की खुशी कुछ और ही होती है..." श्याम घबरा गया  "मैं? मैंने तो रसोई को सही से देखा भी नहीं!" वृद्ध मुस्कुराईं - "कोई भी मनुष्य जन्म से कुछ नहीं जानता। काम करके ही सीखता है। ম বনাতঁণী- নুস ননাঙ্জী |" राहनुमाई में श्याम ने जीवन में पहली बार भोजन उनकी पकाया। उसे महसूस हुआ - " मेहनत करने की खुशी कुछ और ही होती है..." - ShareChat
#Moral of the story #responsibility of a father 🙏 Part - 6
Moral of the story - लेकिन श्याम अपनी आदत से मजबूर - वह तो सीधे कमरे में जाकर आराम से लेट गया। कुछ देर बाद - "धड़ाम! " श्याम घबराकर दौड़ा। वृद्धा रसोई में गिर गई थी। उसने तुरंत उन्हें सहारा दिया, बिस्तर पर लिटाया और पानी छींटा। वह होश में आईं और बोलीं - "पुत्र... मेरा शरीर कमजोर है। मैं खाना नहीं बना सकती। तुम्हें ही बनाना होगा। " लेकिन श्याम अपनी आदत से मजबूर - वह तो सीधे कमरे में जाकर आराम से लेट गया। कुछ देर बाद - "धड़ाम! " श्याम घबराकर दौड़ा। वृद्धा रसोई में गिर गई थी। उसने तुरंत उन्हें सहारा दिया, बिस्तर पर लिटाया और पानी छींटा। वह होश में आईं और बोलीं - "पुत्र... मेरा शरीर कमजोर है। मैं खाना नहीं बना सकती। तुम्हें ही बनाना होगा। " - ShareChat
#Moral of the story #responsibility of a father 🙏 part - 5
Moral of the story - एक अजीब सी आवाज़़. तभी बाहर से आवाज़ आई- "भिक्षा दो, पुत्र. श्याम दौड़ता हुआ बाहर गया। वहाँ एक वृद्ध औरत थी - हाथ में झोला और एक पुरानी लाठी। বঙ্ক নীলী- "पुत्र, दो दिन से कुछ नहीं खाया... भोजन दे दो।" थोड़ा श्याम ने कहा - "घर में कच्ची चीज़ें हैं, पका भोजन नहीं। #34 भी भूखा हूँ और खाना बनाना नहीं आता। लिए 7 आप चाहें तो अंदर चलकर अपने बना सकती हैं।" वृद्धा मान गई। एक अजीब सी आवाज़़. तभी बाहर से आवाज़ आई- "भिक्षा दो, पुत्र. श्याम दौड़ता हुआ बाहर गया। वहाँ एक वृद्ध औरत थी - हाथ में झोला और एक पुरानी लाठी। বঙ্ক নীলী- "पुत्र, दो दिन से कुछ नहीं खाया... भोजन दे दो।" थोड़ा श्याम ने कहा - "घर में कच्ची चीज़ें हैं, पका भोजन नहीं। #34 भी भूखा हूँ और खाना बनाना नहीं आता। लिए 7 आप चाहें तो अंदर चलकर अपने बना सकती हैं।" वृद्धा मान गई। - ShareChat
#Moral of the story #responsibility of a father 🙏 part - 4
Moral of the story - भूख का एहसास कुछ समय बाद श्याम को भूख लगी। वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा - "अरे! मेरा भोजन कहाँ है?" एक घंटा बीत गया... कोई नहीं आया। दो घंटे बीत गए... और भूख और बढ गई। जीवन में पहली बार श्याम को लगा - "अब अपने लिए कुछ तो करना पड़ेगा... " वह रसोई में गया। 317 ತ್ಣ ` पर अंदर सिर्फ कच्ची सब्जियाँ मीठे फल थे। भी नहीं मिटी। श्याम ने सारे फल खा लिए॰ पर भूख फिर भूख का एहसास कुछ समय बाद श्याम को भूख लगी। वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा - "अरे! मेरा भोजन कहाँ है?" एक घंटा बीत गया... कोई नहीं आया। दो घंटे बीत गए... और भूख और बढ गई। जीवन में पहली बार श्याम को लगा - "अब अपने लिए कुछ तो करना पड़ेगा... " वह रसोई में गया। 317 ತ್ಣ ` पर अंदर सिर्फ कच्ची सब्जियाँ मीठे फल थे। भी नहीं मिटी। श्याम ने सारे फल खा लिए॰ पर भूख फिर - ShareChat
# moral story # responsibility of father # moral #😎मोटिवेशनल गुरु🤘 Part -3
😎मोटिवेशनल गुरु🤘 - अगली सुबह. जमीदार ने गाँव के लोगों और नौकरों के सामने घोषणा की- " मैं अपनी पत्नी के साथ यात्रा पर जा रहा हूँ । और आज से सभी नौकर सात दिन की छुट्टी पर रहेंगे।" सब खुश हो गए। नौकर चले गए और जमीदार पत्नी यात्रा पर निकल गए। गृह में अब केवल श्याम अकेला था। अगली सुबह. जमीदार ने गाँव के लोगों और नौकरों के सामने घोषणा की- " मैं अपनी पत्नी के साथ यात्रा पर जा रहा हूँ । और आज से सभी नौकर सात दिन की छुट्टी पर रहेंगे।" सब खुश हो गए। नौकर चले गए और जमीदार पत्नी यात्रा पर निकल गए। गृह में अब केवल श्याम अकेला था। - ShareChat