Mukesh Sharma
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Mukesh Sharma
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मंत्री, हरियाणा प्रदेश, मिशन मोदी सेना
_*🌷रात्रि चिंतन🌷*_ _*कभी पेट में लात सहना, कभी खिलौना/मोबाइल देकर घर के काम कर लेना, तो कभी आँचल से मुंह पोंछना, कभी ठूस-ठूस के खाना खिलाना, कभी देरी से आने पर चिंता करना, तो कभी हारने पर हिम्मत देना। ये सब एक माँ के अलावा और कौन कर सकता है? बच्चों की ख़ुशी के लिये हर माँ ने अपने आपको खर्च कर डाला है।*_ _*माँ जितना छोटा शब्द, अनगिनत मिसालें उसकी। जो माँ करती अपने बच्चों के लिए, उतना करना किसी भी क्षेत्र में किसी के बस की बात नहीं। बदले में बच्चों को भी अपनी माँ को दुनियाभर की खुशियाँ देनी चाहिये। आओ नमन करें उस जननी का जिसके बगैर हमारा अस्तित्व ही नहीं होता। LOVE U Maa* _*॥ जय श्री राधे कृष्ण ॥*_ _*🌺🌷शुभ रात्रि🌷🌺*_ #💖हैप्पी मदर्स डे👩‍👦‍👦🫂 #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार #👫 हमारी ज़िन्दगी #☝अनमोल ज्ञान
💖हैप्पी मदर्स डे👩‍👦‍👦🫂 - ShareChat
#☝अनमोल ज्ञान #🙏सुविचार📿 #👫 हमारी ज़िन्दगी #☝ मेरे विचार #📒 मेरी डायरी राधे सांवरे सुख भी है वरदान तेरा,* *दुख तेरी सौगात है...* *दोनों ही जब तेरे हैै तो डरने की* *कया बात है...* *जय श्री श्याम* 👏
☝अनमोल ज्ञान - प्रेम में सब् कुछ त्यागने वाली स्त्री अंत सें प्रेम को ही त्याग देती है वो प्रेम को इसलिए नहीं त्यागत्ी कि उसका मन भर गया है बल्कि इसलिए त्यागत्ी है कि उसकैे निःस्चार्थ प्रेम को कौड GHG qeLoo (fಸ (] प्रेम में सब् कुछ त्यागने वाली स्त्री अंत सें प्रेम को ही त्याग देती है वो प्रेम को इसलिए नहीं त्यागत्ी कि उसका मन भर गया है बल्कि इसलिए त्यागत्ी है कि उसकैे निःस्चार्थ प्रेम को कौड GHG qeLoo (fಸ (] - ShareChat
#👫 हमारी ज़िन्दगी #☝ मेरे विचार #☝अनमोल ज्ञान #🙏सुविचार📿 #📒 मेरी डायरी राधे " जीवन न मिला मर्ज़ी से मुझे __ मन की मौत मिले ज़माने में,, रज बन कर रज में मिल जाऊ__ मोहे अंत मिले बरसाने में जय श्री कृष्ण
👫 हमारी ज़िन्दगी - सही व्यक्तिका कंधा जीवन के हरबोझको हल्का करदेता है (गोविं Aaronu cinek OnoA = सही व्यक्तिका कंधा जीवन के हरबोझको हल्का करदेता है (गोविं Aaronu cinek OnoA = - ShareChat
_*🌷 चिंतन🌷*_ _*जब हम “लेने” पर जीते हैं, तो हमारा ध्यान रहता है, मुझे क्या मिला? मुझे कितना मिला? मुझे और क्यों नहीं मिला? यह सोच भीतर असंतोष, तुलना और अपेक्षा पैदा करती है। और जहाँ अपेक्षा होती है, वहाँ दुख जल्दी आता है। लेकिन जब हम “देने” की चेतना में जीते हैं, तब जीवन का केंद्र बदल जाता है। फिर हमारा ध्यान होता है मैं किसके काम आ सकता हूँ? मैं किसके जीवन को आसान बना सकता हूँ? देना सिर्फ धन देना नहीं होता।*_ _*कोई अपना समय देता है, कोई ध्यान देता है, कोई सम्मान देता है, कोई प्रेम देता है, कोई धैर्य देता है। और यह सब वही दे सकता है जिसके भीतर भराव हो। इसलिए हमेशा कहें “ईश्वर,मुझे ऐसा बना दो कि मैं खाली होकर माँगने वाला नहीं, बल्कि भरा हुआ होकर बाँटने वाला बन जाऊँ।”*_ _*॥ जय श्री राधे कृष्ण ॥*_ _*🌺🌷🌷🌺*_ #☝अनमोल ज्ञान #🙏सुविचार📿 #👫 हमारी ज़िन्दगी #☝ मेरे विचार #📒 मेरी डायरी
*🔥समय की कीमत🔥* सुबह के छह बज चुके थे। रसोई में चूल्हे पर चाय उबल रही थी और बाहर आँगन में तुलसी के पास बैठी सरोज देवी माला जप रही थीं। बार-बार उनकी नज़र दरवाज़े की ओर जा रही थी। आज बेटे का जन्मदिन था। कमरे से मोबाइल की तेज़ आवाज़ आई — “अरे यार, आज भी लेट हो गया!” अभय हड़बड़ाते हुए बाहर निकला। बाल गीले, शर्ट आधी अंदर आधी बाहर। सरोज देवी ने मुस्कुराते हुए कहा, “बेटा, आज तो जन्मदिन है तुम्हारा, नाश्ता कर लो। तुम्हारे पसंद के आलू के पराठे बनाए हैं।” अभय ने घड़ी देखी और बोला, “माँ, आज क्लाइंट मीटिंग है। बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है। आज टाइम बिल्कुल नहीं है।” कहते-कहते उसने बैग उठाया और जूते पहनते हुए दरवाज़े की तरफ़ बढ़ गया। “अरे बेटा, शाम को जल्दी आ जाना… पापा भी तुम्हारा इंतज़ार करेंगे।” माँ की आवाज़ दरवाज़े तक पहुँचते-पहुँचते धीमी पड़ गई। दरवाज़ा बंद हो गया। सरोज देवी चुपचाप थाली समेटने लगीं। आँखों के कोने से एक आँसू गिरा, जिसे उन्होंने जल्दी से पल्लू से पोंछ लिया। “काम ही तो करता है, हमारा ही बेटा है,” उन्होंने खुद को समझाया। दिन बीतते गए। एक दिन, दो दिन, फिर हफ्ते। अभय कभी देर रात आता, कभी दूसरे शहर चला जाता। पापा की दवाइयाँ समय पर नहीं मिल पातीं। माँ अकेले ही अस्पताल के चक्कर लगाती। फोन करतीं तो जवाब मिलता — “माँ, अभी कॉल बैक करता हूँ।” पर वह कॉल कभी वापस नहीं आता। एक रात पापा की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। पड़ोस की बहू की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर ने कहा, “वक़्त पर लाए हैं, वरना मुश्किल हो जाती।” सरोज देवी ने काँपते हाथों से बेटे को फोन लगाया। “बेटा, पापा…” उधर से आवाज़ आई, “माँ, अभी मीटिंग में हूँ। आप टेंशन मत लो, कल बात करता हूँ।” फोन कट गया। अस्पताल के बरामदे में बैठी सरोज देवी की नज़र दीवार पर रेंगती एक चींटी पर पड़ी। वह अपने से कई गुना बड़ा दाना खींचे जा रही थी, बार-बार गिरती, फिर उठती… सरोज देवी को लगा जैसे वह खुद उस चींटी की तरह सब कुछ अकेले ही उठाए चल रही हैं। कुछ दिन बाद पापा ठीक होकर घर आ गए। अभय चार दिन बाद आया। “सब ठीक है न?” बस इतना ही पूछा। माँ ने कुछ नहीं कहा। पापा ने भी कुछ नहीं कहा। एक शाम सरोज देवी आँगन में अकेली बैठी थीं। तुलसी के पास एक सूखा पत्ता गिरा था। उन्होंने उसे उठाया और बुदबुदाईं, “जब समय था तब पानी नहीं मिला, अब क्या होगा…” तभी उन्हें एहसास हुआ — बेटा पैसे कमा रहा है, नाम कमा रहा है, पर रिश्तों से बहुत दूर जा चुका है। प्रिय आत्मीय जनों,यह कोई कहानी नहीं, हमारे आसपास की सच्चाई है। आज हम सब अपने काम, मोबाइल, मीटिंग और टारगेट में इतने उलझ गए हैं कि माँ-बाप की खामोशी सुनना भूल जाते हैं। रिश्ते आवाज़ नहीं लगाते, पर जब टूटते हैं तो बहुत शोर होता है — दिल के अंदर। याद रखिए, पैसा ज़रूरी है, काम ज़रूरी है, लेकिन अपने लोग… उससे कहीं ज़्यादा ज़रूरी हैं। कहीं ऐसा न हो कि एक दिन बहुत कुछ पाने के बाद हमारे पास बैठने के लिए कोई अपना ही न बचे। 🌱 ज़िंदगी रिश्तों से है, रिश्ते समय से हैं, और समय अगर आज नहीं दिया, तो कल बहुत देर हो सकती है। #📒 मेरी डायरी #🙏सुविचार📿 #👫 हमारी ज़िन्दगी #☝ मेरे विचार #☝अनमोल ज्ञान
#💖हैप्पी मदर्स डे👩‍👦‍👦🫂 *स्त्री यदि बहन है तो प्यार का दर्पण है ||* *स्त्री यदि पत्नी है तो खुद का समर्पण है ||* *स्त्री अगर भाभी है तो भावना का भंडार है ||* *मामी मौसी बुआ है तो स्नेह का सत्कार है ||* *स्त्री यदि काकी है तो कर्तव्य की साधना है||* *स्त्री अगर साथी है तो सुख की शतत संभावना है ||* *और अंतिम पंक्ति......* *स्त्री यदि "माँ" है तो साक्षात "परमात्मा" है।।।* *अन्तर्राष्ट्रीय माँ दिवस की अनन्त शुभकामनायें*
💖हैप्पी मदर्स डे👩‍👦‍👦🫂 - @sharma mukesh31 हैष्पी मदर्स दिवस mukeshdadri31 mukeshdadri सर्ति निरमल 2 mHa ানঘ্ন Mukesh Sharmal 01.0[1948 16.01,2021 कभी मां बन कर कभी बहन बन कर कभी को सही राह पत्नी बन करएक आदमी ' दिखाती है नारी को कभी कम मत समझना वो हर मोड़ पर आपका साथ निभाती है जिस घर मे नारी का सम्मान होता 8 उस घर मे देवता निवास करते है @sharma mukesh31 हैष्पी मदर्स दिवस mukeshdadri31 mukeshdadri सर्ति निरमल 2 mHa ানঘ্ন Mukesh Sharmal 01.0[1948 16.01,2021 कभी मां बन कर कभी बहन बन कर कभी को सही राह पत्नी बन करएक आदमी ' दिखाती है नारी को कभी कम मत समझना वो हर मोड़ पर आपका साथ निभाती है जिस घर मे नारी का सम्मान होता 8 उस घर मे देवता निवास करते है - ShareChat