Rachna som
ShareChat
click to see wallet page
@pleasesupport
pleasesupport
Rachna som
@pleasesupport
my instgram id ra.chna773
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🤗शुभकामनाएं वीडियो📱 #🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 #🙏 भक्ति #🙏🏻 भक्ति संदेश 😇
🙏गीता ज्ञान🛕 - लिए साधारण कार्य में सफलता सम्पन्न बनने के रहते हुए भी फरिश्ते की चाल और हाल हो। ऐसे नहीं कहो कि क्या करें बात ही ऐसी थी, काम ही ऐसा था, सरकमस्टांश ऐसे थे, समस्या ऐसी थी इसलिए साधारणता आ गई। किसी समय भी, किसी हालत में भी आपका अलौकिक स्वरूप हर एक को अनुभव हो। जैसी बात वैसा अपना स्वरूप नहीं बनाओ। बातें आपको बदल न दें तब सबके समीप आयेंगे और एकता का संगठन मजबूत గTTTI लिए साधारण कार्य में सफलता सम्पन्न बनने के रहते हुए भी फरिश्ते की चाल और हाल हो। ऐसे नहीं कहो कि क्या करें बात ही ऐसी थी, काम ही ऐसा था, सरकमस्टांश ऐसे थे, समस्या ऐसी थी इसलिए साधारणता आ गई। किसी समय भी, किसी हालत में भी आपका अलौकिक स्वरूप हर एक को अनुभव हो। जैसी बात वैसा अपना स्वरूप नहीं बनाओ। बातें आपको बदल न दें तब सबके समीप आयेंगे और एकता का संगठन मजबूत గTTTI - ShareChat
#🙏 भक्ति #🤗शुभकामनाएं वीडियो📱 #🙏🏻 भक्ति संदेश 😇 #🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 #🙏गीता ज्ञान🛕
🙏 भक्ति - शिवबाबा नही हाता ता तुमको पावन कौन बनाता। ड्रामा में सारी नूँध है। बुद्धि में ज्ञान एकदम बैठ जाना चाहिए। নুদ্কাঠী डोर एक के साथ बांधी है तो फिर और कोई के साथ नहीं बांधो। नहीं तो गिर पड़ेंगे | बुलाया है हे अविनाशी सर्जन आओ, आकर 377 हमें इन्जेक्शन लगाओ। इन्जेक्शन लग रहा है। हैं योग लगाओ तो तुम्हारे कहते पाप भस्म बाप होंगे। बाप है ही ६३ जन्मों का दुःख २१ जन्मों का हर्ता| सुख कर्ता। शिवबाबा नही हाता ता तुमको पावन कौन बनाता। ड्रामा में सारी नूँध है। बुद्धि में ज्ञान एकदम बैठ जाना चाहिए। নুদ্কাঠী डोर एक के साथ बांधी है तो फिर और कोई के साथ नहीं बांधो। नहीं तो गिर पड़ेंगे | बुलाया है हे अविनाशी सर्जन आओ, आकर 377 हमें इन्जेक्शन लगाओ। इन्जेक्शन लग रहा है। हैं योग लगाओ तो तुम्हारे कहते पाप भस्म बाप होंगे। बाप है ही ६३ जन्मों का दुःख २१ जन्मों का हर्ता| सुख कर्ता। - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🤗शुभकामनाएं वीडियो📱 #🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 #🙏🏻 भक्ति संदेश 😇 #🙏 भक्ति
🙏गीता ज्ञान🛕 - माठ बच्च तुमन अपना जावन डारएक बाप से बांधी है, तुम्हारा कनेक्शन एक से है, एक से ही तोड़ निभाना है" प्रश्नः- संगमयुग पर आत्मा अपनी डोर परमात्मा के साथ जोड़ती है, इसकी रस्म अज्ञान में किस रीति से चलती आ रही है? उत्तरः- शादी के समय स्त्री का पल्लव पति के साथ बांधते हैं। स्त्री समझती है जीवन भर उनका ही साथी होकर रहना है। तो अब अपना নুমন पल्लव बाप के साथ जोड़ा है। तुम जानते हो हमारी fg बाप द्वारा होगी। परवरिश आधाकल्प के माठ बच्च तुमन अपना जावन डारएक बाप से बांधी है, तुम्हारा कनेक्शन एक से है, एक से ही तोड़ निभाना है" प्रश्नः- संगमयुग पर आत्मा अपनी डोर परमात्मा के साथ जोड़ती है, इसकी रस्म अज्ञान में किस रीति से चलती आ रही है? उत्तरः- शादी के समय स्त्री का पल्लव पति के साथ बांधते हैं। स्त्री समझती है जीवन भर उनका ही साथी होकर रहना है। तो अब अपना নুমন पल्लव बाप के साथ जोड़ा है। तुम जानते हो हमारी fg बाप द्वारा होगी। परवरिश आधाकल्प के - ShareChat
#🙏🏻 भक्ति संदेश 😇 #🤗शुभकामनाएं वीडियो📱 #🙏 भक्ति #🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 #🙏गीता ज्ञान🛕
🙏🏻 भक्ति संदेश 😇 - जैस शरार को शक्ति क लिए पाचन शक्ति वा हजम करने की शक्ति आवश्यक है ऐसे आत्मा चाहिए। लिए को शक्तिशाली बनाने के মনন থানি मनन शक्ति द्वारा अनुभव स्वरूप हो जाना यही सबसे बड़े से बड़ी शक्ति है। ऐसे अनुभवी कभी धोखा नहीं खा सकते, নানী ম सुनाई सुनी विचलित नहीं हो सकते। अनुभवी सदा सम्पन्न रहते हैं। वह सदा शक्तिशाली , मायाप्रूफ, विघ्न प्रूफ बन जाते हैं। रहे तो स्लोगनः- खुशी का खजाना सदा साथ सत्न रवनाने स्ततः थ जारोंगे @ जैस शरार को शक्ति क लिए पाचन शक्ति वा हजम करने की शक्ति आवश्यक है ऐसे आत्मा चाहिए। लिए को शक्तिशाली बनाने के মনন থানি मनन शक्ति द्वारा अनुभव स्वरूप हो जाना यही सबसे बड़े से बड़ी शक्ति है। ऐसे अनुभवी कभी धोखा नहीं खा सकते, নানী ম सुनाई सुनी विचलित नहीं हो सकते। अनुभवी सदा सम्पन्न रहते हैं। वह सदा शक्तिशाली , मायाप्रूफ, विघ्न प्रूफ बन जाते हैं। रहे तो स्लोगनः- खुशी का खजाना सदा साथ सत्न रवनाने स्ततः थ जारोंगे @ - ShareChat
#🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 #🤗शुभकामनाएं वीडियो📱 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏 भक्ति #🙏🏻 भक्ति संदेश 😇
🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 - योग्य शिक्षक उसे कहा जाता है जो अपने शिक्षा स्वरूप द्वारा शिक्षा दे। उनका स्वरूप ही शिक्षा सम्पन्न होगा। उनका देखना-चलना भी किसको शिक्षा देगा। जैसे साकार रूप में कदम-्कदम हर कर्म शिक्षक के रूप में प्रैक्टिकल में देखा, जिसको दूसरे शब्दों में चरित्र कहते हैं। किसी को वाणी द्वारा शिक्षा देना तो कामन बात है लेकिन सभी अनुभव हैं। तो अपने श्रेष्ठ कर्म, श्रेष्ठ संकल्प की चाहते शक्ति से अनुभव कराओ। स्लोगनः संकल्पों की सिद्धि प्राप्त करने के लिए आत्म शक्ति की उड़ान भरते चलो। योग्य शिक्षक उसे कहा जाता है जो अपने शिक्षा स्वरूप द्वारा शिक्षा दे। उनका स्वरूप ही शिक्षा सम्पन्न होगा। उनका देखना-चलना भी किसको शिक्षा देगा। जैसे साकार रूप में कदम-्कदम हर कर्म शिक्षक के रूप में प्रैक्टिकल में देखा, जिसको दूसरे शब्दों में चरित्र कहते हैं। किसी को वाणी द्वारा शिक्षा देना तो कामन बात है लेकिन सभी अनुभव हैं। तो अपने श्रेष्ठ कर्म, श्रेष्ठ संकल्प की चाहते शक्ति से अनुभव कराओ। स्लोगनः संकल्पों की सिद्धि प्राप्त करने के लिए आत्म शक्ति की उड़ान भरते चलो। - ShareChat
#🙏 भक्ति #🤗शुभकामनाएं वीडियो📱 #🙏🏻 भक्ति संदेश 😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏श्रीमद्भागवत गीता📙
🙏 भक्ति - "मीठे बच्चे यह संगमयुग है चढ़ती कला का युग , इसमें सभी का भला होता है इसलिए कहा कला तेरे भाने सर्व का भला" चढ़ती जाता प्रश्नः- बाबा सभी ब्राह्मण बच्चों को बहुत-बहुत बधाईयाँ देते हैं - क्यों? उत्तरः- क्योंकि बाबा कहते तुम मेरे बच्चे मनुष्य से देवता बनते हो। तुम अभी रावण की जंजीरों से छूटते हो, तुम स्वर्ग की राजाई पाते हो, पास विद् ऑनर बनते हो, मैं नहीं इसलिए बाबा तुम्हें बहुत-बहुत बधाईयाँ देते हैं। तुम आत्मायें पतंग हो, तुम्हारी डोर मेरे हाथ में हैं। मैं तुम्हें स्वर्ग का मालिक हूँ। बनाता "मीठे बच्चे यह संगमयुग है चढ़ती कला का युग , इसमें सभी का भला होता है इसलिए कहा कला तेरे भाने सर्व का भला" चढ़ती जाता प्रश्नः- बाबा सभी ब्राह्मण बच्चों को बहुत-बहुत बधाईयाँ देते हैं - क्यों? उत्तरः- क्योंकि बाबा कहते तुम मेरे बच्चे मनुष्य से देवता बनते हो। तुम अभी रावण की जंजीरों से छूटते हो, तुम स्वर्ग की राजाई पाते हो, पास विद् ऑनर बनते हो, मैं नहीं इसलिए बाबा तुम्हें बहुत-बहुत बधाईयाँ देते हैं। तुम आत्मायें पतंग हो, तुम्हारी डोर मेरे हाथ में हैं। मैं तुम्हें स्वर्ग का मालिक हूँ। बनाता - ShareChat
#🙏 भक्ति #🤗शुभकामनाएं वीडियो📱 #🙏🏻 भक्ति संदेश 😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏श्रीमद्भागवत गीता📙
🙏 भक्ति - यह अमर कथा कौन सुना रहे हैं? अमर कथा कहो, सत्य नारायण की कथा कहो वा तीजरी की कथा कहो - तीनों मुख्य हैं। अभी तुम किसके सामने बैठे हो और कौन तुमको सुना रहे हैं? सतसंग तो इसने भी बहुत किये हैं। वहाँ तो सब मनुष्य देखने में आते हैं। कहेंगे फलाना संन्यासी हैं। भारत में तो ढेर ৯1 থািনানন সুনান সুনান कथा सतसंग हैं। गली-गली में सतसंग हैं। मातायें भी पुस्तक उठाए बैठ सतसंग करती हैं। तो वहाँ मनुष्य को देखना पड़ता है लेकिन यहाँ तो वन्डरफुल बात है। तुम्हारी बुद्धि में कौन है? परमात्मा। तुम कहते हो अभी बाबा सामने आया हुआ है। निराकार बाबा हमको पढ़ाते हैं। मनुष्य कहेंगे वह ईश्वर तो नाम-रूप से न्यारा है। बाप समझाते हैं कि नाम-रूप से न्यारी कोई चीज़ है नहीं। तुम बच्चे जानते हो यहाँ कोई भी साकार मनुष्य नहीं पढ़ाते हैं और कहाँ भी जाओ , सारी वर्ल्ड में साकार ही हैं। यहाँ तो बाप है, जिसको निराकार पढ़ाते सुप्रीम यह अमर कथा कौन सुना रहे हैं? अमर कथा कहो, सत्य नारायण की कथा कहो वा तीजरी की कथा कहो - तीनों मुख्य हैं। अभी तुम किसके सामने बैठे हो और कौन तुमको सुना रहे हैं? सतसंग तो इसने भी बहुत किये हैं। वहाँ तो सब मनुष्य देखने में आते हैं। कहेंगे फलाना संन्यासी हैं। भारत में तो ढेर ৯1 থািনানন সুনান সুনান कथा सतसंग हैं। गली-गली में सतसंग हैं। मातायें भी पुस्तक उठाए बैठ सतसंग करती हैं। तो वहाँ मनुष्य को देखना पड़ता है लेकिन यहाँ तो वन्डरफुल बात है। तुम्हारी बुद्धि में कौन है? परमात्मा। तुम कहते हो अभी बाबा सामने आया हुआ है। निराकार बाबा हमको पढ़ाते हैं। मनुष्य कहेंगे वह ईश्वर तो नाम-रूप से न्यारा है। बाप समझाते हैं कि नाम-रूप से न्यारी कोई चीज़ है नहीं। तुम बच्चे जानते हो यहाँ कोई भी साकार मनुष्य नहीं पढ़ाते हैं और कहाँ भी जाओ , सारी वर्ल्ड में साकार ही हैं। यहाँ तो बाप है, जिसको निराकार पढ़ाते सुप्रीम - ShareChat
#🙏🏻 भक्ति संदेश 😇 #🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🤗शुभकामनाएं वीडियो📱 #🙏 भक्ति
🙏🏻 भक्ति संदेश 😇 - दिन-प्रतिदिन परिस्थितियां अति तमोप्रधान बननी हैं , वायुमण्डल और भी बिगड़ने वाला है। ऐसे वायुमण्डल में कमल पुष्प समान न्यारे रहना, लिए इसके इतनी अपनी स्थिति सतोप्रधान बनाना हिम्मत वा शक्ति की आवश्यकता है। जब यह में रहता कि मैं मास्टर सर्वशक्तिमान् हूँ स्मृति वरदान तो चाहे प्रकृति द्वारा, चाहे लौकिक सम्बन्ध द्वारा, चाहे दैवी परिवार द्वारा कोई भी परीक्षा आ जाए - उसमें सदा एकरस, अचल ्अडोल रहेंगे। दिन-प्रतिदिन परिस्थितियां अति तमोप्रधान बननी हैं , वायुमण्डल और भी बिगड़ने वाला है। ऐसे वायुमण्डल में कमल पुष्प समान न्यारे रहना, लिए इसके इतनी अपनी स्थिति सतोप्रधान बनाना हिम्मत वा शक्ति की आवश्यकता है। जब यह में रहता कि मैं मास्टर सर्वशक्तिमान् हूँ स्मृति वरदान तो चाहे प्रकृति द्वारा, चाहे लौकिक सम्बन्ध द्वारा, चाहे दैवी परिवार द्वारा कोई भी परीक्षा आ जाए - उसमें सदा एकरस, अचल ्अडोल रहेंगे। - ShareChat
#🤗शुभकामनाएं वीडियो📱 #🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 #🙏 भक्ति #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🏻 भक्ति संदेश 😇
🤗शुभकामनाएं वीडियो📱 - लिए तुम बच्चे बनने के সম্পুত प्रश्नः- १६ कला कौन सा करते हो? पुरुषार्थ उत्तरः- योगबल जमा करने का। योगबल से तुम लिए बन रहे हो। इसके सम्पूर्ण १६ कला बाप कहते हैं दे दान तो छूटे ग्रहण। काम विकार जो गिराने वाला है इसका दान दो तो तुम १६ कला सम्पूर्ण बन जायेंगे। २- देह-्अभिमान को छोड़ देही-अभिमानी बनो, शरीर का भान छोड़ दो। लिए तुम बच्चे बनने के সম্পুত प्रश्नः- १६ कला कौन सा करते हो? पुरुषार्थ उत्तरः- योगबल जमा करने का। योगबल से तुम लिए बन रहे हो। इसके सम्पूर्ण १६ कला बाप कहते हैं दे दान तो छूटे ग्रहण। काम विकार जो गिराने वाला है इसका दान दो तो तुम १६ कला सम्पूर्ण बन जायेंगे। २- देह-्अभिमान को छोड़ देही-अभिमानी बनो, शरीर का भान छोड़ दो। - ShareChat
#🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 #🙏🏻 भक्ति संदेश 😇 #🙏 भक्ति #🤗शुभकामनाएं वीडियो📱 #🙏गीता ज्ञान🛕
🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 - शिवबाबा ने बच्चों की लगन को देखा कि बच्चों के अन्दर एक ही लगन है कि बाप जैसे कहे वैसे करना ही है। हमें ऊँच से ऊँच पुरूषार्थ करना ही है और कर भी रहे हैं। बस बच्चे अपने पुरूषार्थ को दृढ़ता पूर्वक आगे से आगे बढ़ाते रहना है ... ना ही और ना ही दिलशिकस्त अलबेला होना है और ना ही हार खानी है। हमेशा संकल्पों में यह ही ,# रहे कि - " मैं एक विजयी रत्न आत्मा हूँ॰.., লিৎ 3 314T &. स्पेशल भगवान এ8ান में कोई नहीं..." से ज्यादा भाग्यवान दुनिया शिवबाबा ने बच्चों की लगन को देखा कि बच्चों के अन्दर एक ही लगन है कि बाप जैसे कहे वैसे करना ही है। हमें ऊँच से ऊँच पुरूषार्थ करना ही है और कर भी रहे हैं। बस बच्चे अपने पुरूषार्थ को दृढ़ता पूर्वक आगे से आगे बढ़ाते रहना है ... ना ही और ना ही दिलशिकस्त अलबेला होना है और ना ही हार खानी है। हमेशा संकल्पों में यह ही ,# रहे कि - " मैं एक विजयी रत्न आत्मा हूँ॰.., লিৎ 3 314T &. स्पेशल भगवान এ8ান में कोई नहीं..." से ज्यादा भाग्यवान दुनिया - ShareChat