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#🙏कर्म क्या है❓ #🙏🏻 भक्ति संदेश 😇 #🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🤗शुभकामनाएं वीडियो📱
🙏कर्म क्या है❓ - परन्तु शिवबाबा से तो छिपा नहीं सकेंगे। भक्तिमार्ग में ही परमात्मा से नहीं छिपा सकते तो ज्ञान मार्ग में कैसे छिपा सकते। बाप समझाते रहते हैं, ue1s নী নম্ভূন सहज है। कर्म भी करना है। रहना भी में है। वहाँ मित्र सम्बन्धियों के पास दुनिया H HeTd करनी है। यहाँ रहकर पुरुषार्थ करने रहकर वालों से वहाँ घर में रह पुरुषार्थ करने वाले तीखे हो सकते हैं। अगर ऐसी लगन है तो। शास्त्रों में अर्जुन और भील का मिसाल है ना। भल भील बाहर का रहने वाला था लेकिन अभ्यास से वह अर्जुन से भी तीर चलाने में होशियार हो गया। तो गृहस्थ व्यवहार भी तुम में रह कमल फूल समान रहना है। यह मिसाल देखेंगे। गृहस्थ व्यवहार में रह बहुत अच्छी सर्विस कर सकते हैं। वह जास्ती वद्धि को पाते परन्तु शिवबाबा से तो छिपा नहीं सकेंगे। भक्तिमार्ग में ही परमात्मा से नहीं छिपा सकते तो ज्ञान मार्ग में कैसे छिपा सकते। बाप समझाते रहते हैं, ue1s নী নম্ভূন सहज है। कर्म भी करना है। रहना भी में है। वहाँ मित्र सम्बन्धियों के पास दुनिया H HeTd करनी है। यहाँ रहकर पुरुषार्थ करने रहकर वालों से वहाँ घर में रह पुरुषार्थ करने वाले तीखे हो सकते हैं। अगर ऐसी लगन है तो। शास्त्रों में अर्जुन और भील का मिसाल है ना। भल भील बाहर का रहने वाला था लेकिन अभ्यास से वह अर्जुन से भी तीर चलाने में होशियार हो गया। तो गृहस्थ व्यवहार भी तुम में रह कमल फूल समान रहना है। यह मिसाल देखेंगे। गृहस्थ व्यवहार में रह बहुत अच्छी सर्विस कर सकते हैं। वह जास्ती वद्धि को पाते - ShareChat
#🙏 भक्ति #🙏🏻 भक्ति संदेश 😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 #🙏कर्म क्या है❓
🙏 भक्ति - अब वापिस घर जाना है, इसलिए "मीठे बच्चे देह-भान को भूल अपने को अशरीरी आत्मा समझो , सबसे ममत्व मिटा दो" प्रश्नः- संगमयुग पर तुम बच्चे बाप से कौन सा अक्ल सीखते हो? उत्तरः- तमोप्रधान से सतोप्रधान कैसे बनें, अपनी तकदीर ऊंची कैसे बनायें , यह अक्ल अभी ही तुम सीखते होे।जो जितना योगयुक्त और ज्ञान युक्त बने हैं, उनकी उतनी उन्नति होती रहती है। उन्नति करने वाले बच्चे कभी भी छिप नहीं सकते। बाप हर एक बच्चे की एक्ट से समझते हैं कि कौन-्सा बच्चा अपनी ऊंची तकदीर बना रहा है। अब वापिस घर जाना है, इसलिए "मीठे बच्चे देह-भान को भूल अपने को अशरीरी आत्मा समझो , सबसे ममत्व मिटा दो" प्रश्नः- संगमयुग पर तुम बच्चे बाप से कौन सा अक्ल सीखते हो? उत्तरः- तमोप्रधान से सतोप्रधान कैसे बनें, अपनी तकदीर ऊंची कैसे बनायें , यह अक्ल अभी ही तुम सीखते होे।जो जितना योगयुक्त और ज्ञान युक्त बने हैं, उनकी उतनी उन्नति होती रहती है। उन्नति करने वाले बच्चे कभी भी छिप नहीं सकते। बाप हर एक बच्चे की एक्ट से समझते हैं कि कौन-्सा बच्चा अपनी ऊंची तकदीर बना रहा है। - ShareChat
#🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 #🙏🏻 भक्ति संदेश 😇 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏 भक्ति
🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 - सदा अपने सतोप्रधान संस्कारों में स्थित रह सुख-्शान्ति की अनुभूति करना यह सच्ची अहिंसा है। हिंसा अर्थात् जिससे दुःख-अशान्ति की प्राप्ति हो। तो चेक करो कि सारे दिन में किसी भी प्रकार की हिंसा तो नहीं करते! यदि कोई शब्द द्वारा किसकी स्थिति को डगमग कर देते हो तो यह भी हिंसा है। २- यदि अपने सतोप्रधान संस्कारों को दबाकर संस्कारों को प्रैक्टिकल में लाते हो तो यह भी दूसरे हिंसा है इसलिए महीनता में जाकर महान आत्मा की स्मृति से डबल अहिंसक बनो। स्लोगनः सत्य के साथ असत्य मिक्स होते ही गायब हाो जाती है। खुशी सदा अपने सतोप्रधान संस्कारों में स्थित रह सुख-्शान्ति की अनुभूति करना यह सच्ची अहिंसा है। हिंसा अर्थात् जिससे दुःख-अशान्ति की प्राप्ति हो। तो चेक करो कि सारे दिन में किसी भी प्रकार की हिंसा तो नहीं करते! यदि कोई शब्द द्वारा किसकी स्थिति को डगमग कर देते हो तो यह भी हिंसा है। २- यदि अपने सतोप्रधान संस्कारों को दबाकर संस्कारों को प्रैक्टिकल में लाते हो तो यह भी दूसरे हिंसा है इसलिए महीनता में जाकर महान आत्मा की स्मृति से डबल अहिंसक बनो। स्लोगनः सत्य के साथ असत्य मिक्स होते ही गायब हाो जाती है। खुशी - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🏻 भक्ति संदेश 😇 #🙏 भक्ति #🙏कर्म क्या है❓ #🙏श्रीमद्भागवत गीता📙
🙏गीता ज्ञान🛕 - भोलानाथ मोस्ट बील्वेड बाप "#84< E सम्मुख बैठे हैं, तुम प्यार से याद करो तो R जायेगी , विघ्न खत्म हो जायेंगे" बढ़ती T प्रश्नः- ब्राह्मण बच्चों को कौन सी बात सदा याद रहे तो कभी भी विकर्म न हो? उत्तरः- जो कर्म हम करेंगे , हमें देख और भी करेंगे यह याद रहे तो विकर्म नहीं होगा। अगर कोई छिपाकर भी पाप कर्म करते तो धर्मराज से छिप नहीं सकता, फौरन उसकी सजा मिलेगी। आगे चल और भी मार्शल लॉ हो जायेगा| इस इन्द्र सभा में कोई पतित छिप कर बैठ नहीं सकता। भोलानाथ मोस्ट बील्वेड बाप "#84< E सम्मुख बैठे हैं, तुम प्यार से याद करो तो R जायेगी , विघ्न खत्म हो जायेंगे" बढ़ती T प्रश्नः- ब्राह्मण बच्चों को कौन सी बात सदा याद रहे तो कभी भी विकर्म न हो? उत्तरः- जो कर्म हम करेंगे , हमें देख और भी करेंगे यह याद रहे तो विकर्म नहीं होगा। अगर कोई छिपाकर भी पाप कर्म करते तो धर्मराज से छिप नहीं सकता, फौरन उसकी सजा मिलेगी। आगे चल और भी मार्शल लॉ हो जायेगा| इस इन्द्र सभा में कोई पतित छिप कर बैठ नहीं सकता। - ShareChat
#🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 #🙏🏻 भक्ति संदेश 😇 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏 भक्ति #🙏गीता ज्ञान🛕
🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 - बाप कहते हैं, तुम यज्ञ-्तप, दान-पुण्य करते, शास्त्र पढ़ते आये। क्या उन शास्त्रों में कुछ है? हमने तो राजयोग सिखला-कर विश्व की बादशाही तुमको दी कि श्रीकृष्ण ने दी? जज करो। कहते हैं - बाबा आपने ही सुनाया था। श्रीकृष्ण तो छोटा प्रिन्स है, वह कैसे सुनायेंगे ! बाबा आपके ही राजयोग से हम यह बनते हैं। बाप कहते हैं, शरीर पर भरोसा नहीं है। बहुत करना है। बाबा को समाचार पुरुषार्थ हैं फलाना बहुत अच्छा निश्चयबुद्धि है। मैं সুনান निश्चय कहता हूँ बिल्कुल  नहीं है, जिनको बहुत प्यार किया वह आज नहीं है। बाबा तो सबके साथ प्यार से चलता है। जैसे कर्म मैं करुँगा , मुझे देख और करेंगे। कई तो विकार में जाए, फिर छिपकर आए बैठते हैं। बाबा तो झट सन्देशी को बता देते बाप कहते हैं, तुम यज्ञ-्तप, दान-पुण्य करते, शास्त्र पढ़ते आये। क्या उन शास्त्रों में कुछ है? हमने तो राजयोग सिखला-कर विश्व की बादशाही तुमको दी कि श्रीकृष्ण ने दी? जज करो। कहते हैं - बाबा आपने ही सुनाया था। श्रीकृष्ण तो छोटा प्रिन्स है, वह कैसे सुनायेंगे ! बाबा आपके ही राजयोग से हम यह बनते हैं। बाप कहते हैं, शरीर पर भरोसा नहीं है। बहुत करना है। बाबा को समाचार पुरुषार्थ हैं फलाना बहुत अच्छा निश्चयबुद्धि है। मैं সুনান निश्चय कहता हूँ बिल्कुल  नहीं है, जिनको बहुत प्यार किया वह आज नहीं है। बाबा तो सबके साथ प्यार से चलता है। जैसे कर्म मैं करुँगा , मुझे देख और करेंगे। कई तो विकार में जाए, फिर छिपकर आए बैठते हैं। बाबा तो झट सन्देशी को बता देते - ShareChat
#🤗शुभकामनाएं वीडियो📱 #🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏गीता ज्ञान🛕
🤗शुभकामनाएं वीडियो📱 - जिसमें सहनशीलता का गुण होता है वह सूरत से सदैव सन्तुष्ट दिखाई देता है, जो स्वयं सन्तुष्ट मूर्त रहते हैं वह औरों को भी सन्तुष्ट बना देते हैं। सन्तुष्ट होना माना सफलता पाना। जो सहनशील होते हैं वह अपनी सहनशीलता की शक्ति से कठोर संस्का वा कठिन कार्य को शीतल और सहज बना देते हैं। चेहरा ही गुणमूर्त दिखाई देता है। वही ड्रामा उनका की ढाल पर ठहर सकते हैं। स्लोगनः-जो वाणी द्वारा नहीं बदलते उन्हें शुभ वायब्रेशन द्वारा बदल सकते हो। जिसमें सहनशीलता का गुण होता है वह सूरत से सदैव सन्तुष्ट दिखाई देता है, जो स्वयं सन्तुष्ट मूर्त रहते हैं वह औरों को भी सन्तुष्ट बना देते हैं। सन्तुष्ट होना माना सफलता पाना। जो सहनशील होते हैं वह अपनी सहनशीलता की शक्ति से कठोर संस्का वा कठिन कार्य को शीतल और सहज बना देते हैं। चेहरा ही गुणमूर्त दिखाई देता है। वही ड्रामा उनका की ढाल पर ठहर सकते हैं। स्लोगनः-जो वाणी द्वारा नहीं बदलते उन्हें शुभ वायब्रेशन द्वारा बदल सकते हो। - ShareChat
#🙏🏻 भक्ति संदेश 😇 #🙏 भक्ति #🙏कर्म क्या है❓ #🤗शुभकामनाएं वीडियो📱 #🙏गीता ज्ञान🛕
🙏🏻 भक्ति संदेश 😇 - बस बच्चे, तेरा-्तेरा ही करते जाना है | हमेशा स्वयं को बाप-समान समझ कर्म व्यवहार किसी भी आत्मा का कैसा भी Part # 3ITHT గ్గే 1 देख क्यों-क्या ना कर, उस आत्मा के प्रति १००% शुभ-भावना रख स्वयं के प्रति Full attention रखना है क्योंकि Drama बिल्कुल Accurate बिल्कुल अचल ्अडोल बना हुआ है | स्वयं को स्थिति में स्थित रखना है, चाहे कोई पहाड़़ जैसी परिस्थिति भी आ आयें, तब भी क्यों-्क्या नहीं... , क्योंकि परमात्मा आप बच्चों के संग है, तो कोई भी आप बच्चों का बाल बाँका भी नहीं कर सकता, तो परिस्थितियाँ आप बच्चों के आगे क्या चीज़ है... ! बस बच्चे, तेरा-्तेरा ही करते जाना है | हमेशा स्वयं को बाप-समान समझ कर्म व्यवहार किसी भी आत्मा का कैसा भी Part # 3ITHT గ్గే 1 देख क्यों-क्या ना कर, उस आत्मा के प्रति १००% शुभ-भावना रख स्वयं के प्रति Full attention रखना है क्योंकि Drama बिल्कुल Accurate बिल्कुल अचल ्अडोल बना हुआ है | स्वयं को स्थिति में स्थित रखना है, चाहे कोई पहाड़़ जैसी परिस्थिति भी आ आयें, तब भी क्यों-्क्या नहीं... , क्योंकि परमात्मा आप बच्चों के संग है, तो कोई भी आप बच्चों का बाल बाँका भी नहीं कर सकता, तो परिस्थितियाँ आप बच्चों के आगे क्या चीज़ है... ! - ShareChat
#🤗शुभकामनाएं वीडियो📱 #🙏 भक्ति #🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏🏻 भक्ति संदेश 😇
🤗शुभकामनाएं वीडियो📱 - जीवन हमेशा परफेक्ट पल नहीं देता - वो सच्चे पल देता है। में एक हर परिस्थिति छोटा सा चुनाव छिपा होता है- उसे बोझ बना लेना, या उसे आगे बढ़ने की सीढ़ी बना लेना। परिस्थिति नहीं, हमारा नजरिया तय करता है कि हम क्या महसूस करेंगे। धीरे-धीरे यही छोटे चुनाव जिंदगी की दिशा बदल देते हैं। हमारी ؟٢ जीवन हमेशा परफेक्ट पल नहीं देता - वो सच्चे पल देता है। में एक हर परिस्थिति छोटा सा चुनाव छिपा होता है- उसे बोझ बना लेना, या उसे आगे बढ़ने की सीढ़ी बना लेना। परिस्थिति नहीं, हमारा नजरिया तय करता है कि हम क्या महसूस करेंगे। धीरे-धीरे यही छोटे चुनाव जिंदगी की दिशा बदल देते हैं। हमारी ؟٢ - ShareChat
#🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 #🙏 भक्ति #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏कर्म क्या है❓ #🤗शुभकामनाएं वीडियो📱
🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 - विराजमान रहने वाले बापदादा के दिलतख्त नशीन भव सभी से श्रेष्ठ तख्त बापदादा के दिलतख्त नशीन लिए बनना है। लेकिन इस तख्त पर बैठने के अचल, अडोल, एकरस स्थिति का तख्त चाहिए। अगर इस स्थिति के तख्त पर स्थित नहीं हो पाते तो बापदादा के दिल रूपी तख्त पर स्थिति नहीं लिए हो सकते। इसके 3[47 के तख्त पर ಿತ೬ अकालमूर्त बन स्थित हो जाओ, इस तख्त से बार-बार डगमग न हो तो बापदादा के दिल तख्त पर विराजमान हो सकेंगे। स्लोगनः- शुभचिंतन द्वारा निगेटिव को पॉजिटिव परिवर्तन करो। विराजमान रहने वाले बापदादा के दिलतख्त नशीन भव सभी से श्रेष्ठ तख्त बापदादा के दिलतख्त नशीन लिए बनना है। लेकिन इस तख्त पर बैठने के अचल, अडोल, एकरस स्थिति का तख्त चाहिए। अगर इस स्थिति के तख्त पर स्थित नहीं हो पाते तो बापदादा के दिल रूपी तख्त पर स्थिति नहीं लिए हो सकते। इसके 3[47 के तख्त पर ಿತ೬ अकालमूर्त बन स्थित हो जाओ, इस तख्त से बार-बार डगमग न हो तो बापदादा के दिल तख्त पर विराजमान हो सकेंगे। स्लोगनः- शुभचिंतन द्वारा निगेटिव को पॉजिटिव परिवर्तन करो। - ShareChat
#🙏कर्म क्या है❓ #🙏 भक्ति #🙏🏻 भक्ति संदेश 😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏श्रीमद्भागवत गीता📙
🙏कर्म क्या है❓ - महानता बड़े कामों में नहीं छिपी होती - वो उन छोटे छोटे पलों में होती है, जहाँ आप किसी के दिल को सुकून दे जाते 81 एक मीठा शब्द, एक सहज व्यवहार, एक शांत उपस्थिति... यही एक सुंदर आत्मा की पहचान है। आपके हर कर्म में सुख बसता है, जब तब आप सिर्फ जीते नहीं - लिए आशीर्वाद बन जाते हैं। के दूसरों महानता बड़े कामों में नहीं छिपी होती - वो उन छोटे छोटे पलों में होती है, जहाँ आप किसी के दिल को सुकून दे जाते 81 एक मीठा शब्द, एक सहज व्यवहार, एक शांत उपस्थिति... यही एक सुंदर आत्मा की पहचान है। आपके हर कर्म में सुख बसता है, जब तब आप सिर्फ जीते नहीं - लिए आशीर्वाद बन जाते हैं। के दूसरों - ShareChat