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#🙏 भक्ति #🙏गीता ज्ञान🛕 #🤗शुभकामनाएं वीडियो📱 #🙏🏻 भक्ति संदेश 😇 #🙏श्रीमद्भागवत गीता📙
🙏 भक्ति - अपने पूरे कल्प के इस महत्वपूर्ण समय के महत्व को समझ अपना एक॰एक Second सफल करो क्योंकि त्याग के आगे प्राप्ति पदमगुणा ज्यादा है... बस करना कुछ भी नहीं है समर्पण हो जाओ...| हर कमज़ोर संस्कार, संकल्प सबकुछ बाबा को बार-बार देने का पुरूषार्थ  जाओ। @GTగ आपके इस पुरूषार्थ से ही बाप समय आने पर बिल्कुल हल्का कर देगा और आपकी आपको ऊँच प्रालब्ध भी बना देगा। बस Attention देना हल्के रहना है, ना ही अलबेले होना है और ೯ ना ही दिलशिकस्त और ना ही हार खानी है... | यह समय बहुत-बहुत बहुमूल्य है। मन-बुद्धि को बिल्कुल शान्त रखना है और आगे की planning सब बाबा को समर्पित कर देना है | अपने पूरे कल्प के इस महत्वपूर्ण समय के महत्व को समझ अपना एक॰एक Second सफल करो क्योंकि त्याग के आगे प्राप्ति पदमगुणा ज्यादा है... बस करना कुछ भी नहीं है समर्पण हो जाओ...| हर कमज़ोर संस्कार, संकल्प सबकुछ बाबा को बार-बार देने का पुरूषार्थ  जाओ। @GTగ आपके इस पुरूषार्थ से ही बाप समय आने पर बिल्कुल हल्का कर देगा और आपकी आपको ऊँच प्रालब्ध भी बना देगा। बस Attention देना हल्के रहना है, ना ही अलबेले होना है और ೯ ना ही दिलशिकस्त और ना ही हार खानी है... | यह समय बहुत-बहुत बहुमूल्य है। मन-बुद्धि को बिल्कुल शान्त रखना है और आगे की planning सब बाबा को समर्पित कर देना है | - ShareChat
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🙏 भक्ति - का त्याग नहीं दुःखों सुखों यह त्याग, বা য क्योंकि कुछ ही समय में यह पाँच तत्वों से 8. बना संसार अत्यधिक दुःख में परिवर्तन होने वाला है। बस सबकुछ करते भी अपनी मन-बुद्धि सब चीज़ों से निकाल मुझ में लगा लो अर्थात् स्वयं को विशेष आत्मा समझ मुझ परमात्मा के प्यार में क्योंकि परमात्म प्यार से प्राप्त सुख खो जाओ ही अविनाशी सुख है। यह मत सोचो कि इसका भी त्याग करना है..., इसका भी त्याग करना है. नहीं... | केवल आपको इन सब चीज़ों का ज्ञान होना चाहिए और संकल्पों द्वारा परमात्मा द्वारा ೩೯೯ और अविनाशी सुख अर्थात् खुशी, प्राप्त प्राप्तियों में रमण करो। का त्याग नहीं दुःखों सुखों यह त्याग, বা য क्योंकि कुछ ही समय में यह पाँच तत्वों से 8. बना संसार अत्यधिक दुःख में परिवर्तन होने वाला है। बस सबकुछ करते भी अपनी मन-बुद्धि सब चीज़ों से निकाल मुझ में लगा लो अर्थात् स्वयं को विशेष आत्मा समझ मुझ परमात्मा के प्यार में क्योंकि परमात्म प्यार से प्राप्त सुख खो जाओ ही अविनाशी सुख है। यह मत सोचो कि इसका भी त्याग करना है..., इसका भी त्याग करना है. नहीं... | केवल आपको इन सब चीज़ों का ज्ञान होना चाहिए और संकल्पों द्वारा परमात्मा द्वारा ೩೯೯ और अविनाशी सुख अर्थात् खुशी, प्राप्त प्राप्तियों में रमण करो। - ShareChat
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🙏🏻 भक्ति संदेश 😇 - निश्चयबुद्धि बच्चे सदा हर्षित और निश्चिंत रहते हैं । को खत्म करती है और निश्चिन्त हैं तो चिन्ता खुशी रहेगी, जब किसी भी बात में क्यों हुआ, खुशी सदा कैसे हुआ, क्या होगा!... यह प्रश्न आते हैं तब चिंता होती है। क्या, क्यों, कैसे - ये चिन्ता की लहर है। कई फिर कहते हैं कि मेरे से ही क्यों होता है? मेरे पीछे ये बंधन क्यों है! मेरे पीछे माया क्यों आती है! मेरा ही हिसाब-किताब कडा है, क्यों? तो 'क्यों आना माना चिन्ता की लहर। जो इन चिन्ताओं से परे है वही निश्चिंत है। निश्चयबुद्धि बच्चे सदा हर्षित और निश्चिंत रहते हैं । को खत्म करती है और निश्चिन्त हैं तो चिन्ता खुशी रहेगी, जब किसी भी बात में क्यों हुआ, खुशी सदा कैसे हुआ, क्या होगा!... यह प्रश्न आते हैं तब चिंता होती है। क्या, क्यों, कैसे - ये चिन्ता की लहर है। कई फिर कहते हैं कि मेरे से ही क्यों होता है? मेरे पीछे ये बंधन क्यों है! मेरे पीछे माया क्यों आती है! मेरा ही हिसाब-किताब कडा है, क्यों? तो 'क्यों आना माना चिन्ता की लहर। जो इन चिन्ताओं से परे है वही निश्चिंत है। - ShareChat
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🙏 भक्ति - जहाँ लाइट होती है वहाँ कोई भी पाप का कर्म नहीं होता है। तो सदा लाइट हाउस स्थिति में रहने से माया कोई पाप कर्म नहीं करा सकती, सदा पुण्य आत्मा बन जायेंगे। पुण्य आत्मा संकल्प में भी कोई पाप कर्म नहीं कर सकती। जहाँ पाप होता है वहाँ बाप की याद नहीं होती। तो दृढ़ संकल्प करो कि मैं पुण्य आत्मा हूँ, पाप मेरे सामने आ नहीं सकता। स्वप्न वा संकल्प में भी पाप को आने न दो। स्लोगनः- जो हर दृश्य को साक्षी होकर देखते हैं वही सदा हर्षित रहते हैं। जहाँ लाइट होती है वहाँ कोई भी पाप का कर्म नहीं होता है। तो सदा लाइट हाउस स्थिति में रहने से माया कोई पाप कर्म नहीं करा सकती, सदा पुण्य आत्मा बन जायेंगे। पुण्य आत्मा संकल्प में भी कोई पाप कर्म नहीं कर सकती। जहाँ पाप होता है वहाँ बाप की याद नहीं होती। तो दृढ़ संकल्प करो कि मैं पुण्य आत्मा हूँ, पाप मेरे सामने आ नहीं सकता। स्वप्न वा संकल्प में भी पाप को आने न दो। स्लोगनः- जो हर दृश्य को साक्षी होकर देखते हैं वही सदा हर्षित रहते हैं। - ShareChat
#🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 #🤗शुभकामनाएं वीडियो📱 #🙏🏻 भक्ति संदेश 😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏 भक्ति
🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 - विजयी बनने का फाउन्डेशन है " निश्चय", फाउन्डेशन अगर पक्का है तो बिल्डिंग हिल नहीं सकती, निश्चिंत रहते हैं। अगर फाउन्डेशन कच्चा है तो थोड़ा-सा भी तूफान आयेगा, थोड़ी भी धरनी हिलेगी तो भय होगा कि यह बिल्डिंग हमारी गिर नहीं जाए या क्रेक (दरार) नहीं हो जाए। लेकिन निश्चय का फाउन्डेशन पक्का होगा तो निर्भय और निश्चिंत रहेंगे। विजयी बनने का फाउन्डेशन है " निश्चय", फाउन्डेशन अगर पक्का है तो बिल्डिंग हिल नहीं सकती, निश्चिंत रहते हैं। अगर फाउन्डेशन कच्चा है तो थोड़ा-सा भी तूफान आयेगा, थोड़ी भी धरनी हिलेगी तो भय होगा कि यह बिल्डिंग हमारी गिर नहीं जाए या क्रेक (दरार) नहीं हो जाए। लेकिन निश्चय का फाउन्डेशन पक्का होगा तो निर्भय और निश्चिंत रहेंगे। - ShareChat
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🙏 भक्ति - "मीठे बच्चे - तुम रूप बसन्त हो, मुख तुम्हारे से सदैव ज्ञान रत्न ही निकलने चाहिए, जब भी नया कोई आये तो उसे बाप की पहचान दो" प्रश्नः- अपनी अवस्था को एकरस बनाने का साधन कौन सा है? उत्तरः- संग की सम्भाल करो तो अवस्था एकरस बनती जायेगी। हमेशा अच्छे सर्विसएबुल स्टूडेण्ट चाहिए। अगर कोई ज्ञान और योग का संग करना के सिवाए उल्टी बातें करते हैं , मुख से रत्नों के बदले पत्थर निकालते हैं तो उनके संग से हमेशा सावधान रहना चाहिए। "मीठे बच्चे - तुम रूप बसन्त हो, मुख तुम्हारे से सदैव ज्ञान रत्न ही निकलने चाहिए, जब भी नया कोई आये तो उसे बाप की पहचान दो" प्रश्नः- अपनी अवस्था को एकरस बनाने का साधन कौन सा है? उत्तरः- संग की सम्भाल करो तो अवस्था एकरस बनती जायेगी। हमेशा अच्छे सर्विसएबुल स्टूडेण्ट चाहिए। अगर कोई ज्ञान और योग का संग करना के सिवाए उल्टी बातें करते हैं , मुख से रत्नों के बदले पत्थर निकालते हैं तो उनके संग से हमेशा सावधान रहना चाहिए। - ShareChat
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🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 - इसलिए सदा बाप के संग रह हल्के रहो | देखो, अब तो स्वयं भगवान Direct आ गया है, आप gI چ जबकि इससे बच्चों को भी পক্ল पढ़ाने किसी भी परिस्थिति ने आपका कुछ नहीं बिगाड़ा, निश्चय तो अब तो हर तूफान तोहफा बनेगा , इतना रखो। हीरे-तुल्य समय चल रहा लिए यह बच्चों के है जोकि केवल प्राप्तियों का है | बस थोड़ा बहुत हिसाब-किताब है जोकि बाबा साथ बैठ सहज से सहज रीति चुक्तु करवा रहा है क्योंकि बाबा नहीं चाहता कि बच्चे अपना एक Second भी बरबाद करें | बस सबकुछ बाप हवाले कर हल्के रह उड़ते रहो | इसलिए सदा बाप के संग रह हल्के रहो | देखो, अब तो स्वयं भगवान Direct आ गया है, आप gI چ जबकि इससे बच्चों को भी পক্ল पढ़ाने किसी भी परिस्थिति ने आपका कुछ नहीं बिगाड़ा, निश्चय तो अब तो हर तूफान तोहफा बनेगा , इतना रखो। हीरे-तुल्य समय चल रहा लिए यह बच्चों के है जोकि केवल प्राप्तियों का है | बस थोड़ा बहुत हिसाब-किताब है जोकि बाबा साथ बैठ सहज से सहज रीति चुक्तु करवा रहा है क्योंकि बाबा नहीं चाहता कि बच्चे अपना एक Second भी बरबाद करें | बस सबकुछ बाप हवाले कर हल्के रह उड़ते रहो | - ShareChat
#🙏 भक्ति #🙏गीता ज्ञान🛕 #🤗शुभकामनाएं वीडियो📱 #🙏🏻 भक्ति संदेश 😇 #🙏श्रीमद्भागवत गीता📙
🙏 भक्ति - लिए हीरे-्तुल्य समय चल रहा यह बच्चों के బకT है जोकि केवल प्राप्तियों का है | बस बहुत हिसाब-किताब है जोकि बाबा साथ बैठ सहज से सहज रीति चुक्तु करवा रहा है क्योंकि बाबा नहीं चाहता कि बच्चे अपना एक Second भी बरबाद करें | बस सबकुछ बाप हवाले कर हल्के रह उड़ते z೯ | पूरे कल्प सब कुछ मिलेगा, परन्तु 214 साजन g नहीं... !जिसे पाने के सभी मनुष्य आत्मायें बाप के मिलने की कितना भटक रही है | সময की ... और स्वयं के भाग्य के गुणगान करते रहो और सदा उमंग उत्साह के साथ रहो | ওভন लिए हीरे-्तुल्य समय चल रहा यह बच्चों के బకT है जोकि केवल प्राप्तियों का है | बस बहुत हिसाब-किताब है जोकि बाबा साथ बैठ सहज से सहज रीति चुक्तु करवा रहा है क्योंकि बाबा नहीं चाहता कि बच्चे अपना एक Second भी बरबाद करें | बस सबकुछ बाप हवाले कर हल्के रह उड़ते z೯ | पूरे कल्प सब कुछ मिलेगा, परन्तु 214 साजन g नहीं... !जिसे पाने के सभी मनुष्य आत्मायें बाप के मिलने की कितना भटक रही है | সময की ... और स्वयं के भाग्य के गुणगान करते रहो और सदा उमंग उत्साह के साथ रहो | ওভন - ShareChat
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🙏श्रीमद्भागवत गीता📙 - आत्मा पर वेस्ट का ही वेट है। वेस्ट संकल्प, वेस्ट वाणी , वेस्ट कर्म इससे आत्मा भारी हो जाती है। अब इस वेट को खत्म करो। इस वेट को समाप्त लिए মনা মীনা ম নিতী ২ক্কী, মনন থানি करने के को बढ़ाओ। मनन शक्ति से आत्मा शक्तिशाली बन जायेगी। जैसे भोजन हज़म करने से खून बनता है फिर वह शक्ति का काम करता, ऐसे मनन करने से आत्मा की शक्ति बढ़ती है। स्लोगनः- जो अपने स्वभाव को सरल बना लेते हैं उनका समय व्यर्थ नहीं जाता। आत्मा पर वेस्ट का ही वेट है। वेस्ट संकल्प, वेस्ट वाणी , वेस्ट कर्म इससे आत्मा भारी हो जाती है। अब इस वेट को खत्म करो। इस वेट को समाप्त लिए মনা মীনা ম নিতী ২ক্কী, মনন থানি करने के को बढ़ाओ। मनन शक्ति से आत्मा शक्तिशाली बन जायेगी। जैसे भोजन हज़म करने से खून बनता है फिर वह शक्ति का काम करता, ऐसे मनन करने से आत्मा की शक्ति बढ़ती है। स्लोगनः- जो अपने स्वभाव को सरल बना लेते हैं उनका समय व्यर्थ नहीं जाता। - ShareChat
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🙏 भक्ति - "माठ बच्च याद म रहकर दूसरा का याद का अभ्यास कराओ , योग कराने वाले का बुद्धि योग इधर उधर नहीं भटकना चाहिए" प्रश्नः- किन बच्चों के ऊपर बहुत बड़ी रेसपॉन्सिबिल्टी है? उन्हें कौन सा ध्यान जरूर देना चाहिए? उत्तरः- जो बच्चे निमित्त टीचर बनकर को दूसरों योग कराते हैं, उन पर बहुत बड़ी रेसपॉन्सिबिल्टी है। अगर योग कराते समय बुद्धि बाहर भटकती है तो सर्विस के बजाए डिससर्विस करते हैं इसलिए यह ध्यान रखना है कि मेरे द्वारा पुण्य का काम होता रहे। "माठ बच्च याद म रहकर दूसरा का याद का अभ्यास कराओ , योग कराने वाले का बुद्धि योग इधर उधर नहीं भटकना चाहिए" प्रश्नः- किन बच्चों के ऊपर बहुत बड़ी रेसपॉन्सिबिल्टी है? उन्हें कौन सा ध्यान जरूर देना चाहिए? उत्तरः- जो बच्चे निमित्त टीचर बनकर को दूसरों योग कराते हैं, उन पर बहुत बड़ी रेसपॉन्सिबिल्टी है। अगर योग कराते समय बुद्धि बाहर भटकती है तो सर्विस के बजाए डिससर्विस करते हैं इसलिए यह ध्यान रखना है कि मेरे द्वारा पुण्य का काम होता रहे। - ShareChat