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jay Shri Radhey Krishna 🙏🙏 jay Hind Jay Bharat
#🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏कर्म क्या है❓ #bhakti #mahadev
🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स - भक्ति और सेवा नंदीनेभीकियाविषपान एकदिन पार्वती नेमहादेव से पूछा, ' आपको नंदी इतना  प्रियक्योंहै ? महादेवनेकहा ,  नंदी में सेवा और भक्ति दोनों का समन्वय है। उसके सेवा-्कर्म में शौर्य है। उसकी भक्ति में तप है॰ समर्पण है॰ निरंतर सूमिरन है॰ इसलिए नंदी मुझे प्राणवत प्रिय है। पार्वती नेशिवसेफिर पूछा, ' प्रभु ! भवित-भाव और  समर्पण तो आपके सभी भक्तों और गणों गें है।फिर नंदी की भक्त में ऐसा क्या विशेष है ? महादेव ने पार्वती को उत्तर देते हुए कहा, ' नंदी को  अपने पिता ऋषि शिलाद सेयह पता चला कि वह अल्पायु है।यह विचार कर नंदी भुवन नदी के किनारे  साधना करने लगा | उसके सुमिरन में अटूट लगन और कोटि सुमिरन पूर्ण हुए॰ तो मैं एकचित्तता थी। जब एक प्रकट होकर दर्शन देने को विवश हो गया। जानती हो सुमिरन गें इतना मग्न था कि मुझसे वर वह साधना मांगने काउसे ध्यान ही नहीं रहा। उसे साधनारत इच्छा, कोई मति, कोई आकांक्षा नहीं । नंदी मेरी इच्छा  मेरी आज्ञा , मेरे आदर्शों का वाहक बन गया है, इसलिए छोड़कर मैं अंतर्धान हो गया। ऐसा ही एक बार और हुआ| तीसरी बार जब मैं प्रकट हुआ, तो मैंने ही अपना  वह मेरा वाहन है। पार्वती नेकहा, ` सत्यहैप्रभु ! नंदीकी भक्ति साधना  वरद हस्त उठाकर उसे वर-प्राप्ति के लिए प्रेरित किया।  जानती हो देवी , तब भी नंदी ने दीर्घ आयु का वर नहीं  और समर्पण तो अनुपम है। अब उसके सेवा या कर्म  शौर्य को भी तो विशेषता बताइए। मांगा। अपनी अखंड साधना का एक हो फल चाहा। महादेव ने कहा, ' तुम्हें स्मरण है देवी, समुद्र मंथन उसकी चाह थी - केवल मेरा सान्निध्य ! नंदी ने मुझसे !समुद्रको मथते मथते अमृत  मांगा,   हे महादेव ! मुझे अपनी अलौकिक संगति का कोवह असाधारण घटना से पहले हलाहल विष निकला था। संसार के त्राण के वर दो। अपना प्रेममय सान्निध्य और स्वामित्व दो।मैं परंतु विषपान करते  दास भाव से आपके संग रहना चाहता हूं। मेरा हृदय " लिए मुझे उसका पान करना पड़ा  हुए विष को कुछ बूंदें धरा पर गिर गईं। इन बूंदों के अन्य कोई अभीप्सा नहीं रखता ।  कुप्रभाव से पृथ्वी त्राहि-त्राहि करने लगी थी। तभी मेरे मैंने प्रसन्नहोकर उसे अपना अविनाशी वाहन और  नंदी ने अपनो जिह्वा से उन विष-बिंदुओं को चाट परम गण घोषित कर दिया। ' पार्वती नेजिज्ञासावश फिर लिया।' देवों ने व्यग्र होकर कारण पूछा। नंदी ने कहा  प्रश्न किया ` किंतु वाहन ही क्यों, महादेव ? कोई अन्य  मेरे स्वामो ने प्यालाभर विष पान किया।क्या मैं सेवक মুসিক্ষা নযা নম্কী?' महादेव ने मुस्कराते हुए कहा,  ` देवी ! वाहन का  होकर कुछ बूंदें ग्रहण नहों कर सकता ? ' सो॰ ऐसा " समर्पण अद्वितीय होता है।नंदी का मन इतना समर्पित है नंदी का कर्म-शौर्य ! कि मैं सदा उस पर आरूढ़ रहता हूं।उसकी अपनी कोई (TI. भक्ति और सेवा नंदीनेभीकियाविषपान एकदिन पार्वती नेमहादेव से पूछा, ' आपको नंदी इतना  प्रियक्योंहै ? महादेवनेकहा ,  नंदी में सेवा और भक्ति दोनों का समन्वय है। उसके सेवा-्कर्म में शौर्य है। उसकी भक्ति में तप है॰ समर्पण है॰ निरंतर सूमिरन है॰ इसलिए नंदी मुझे प्राणवत प्रिय है। पार्वती नेशिवसेफिर पूछा, ' प्रभु ! भवित-भाव और  समर्पण तो आपके सभी भक्तों और गणों गें है।फिर नंदी की भक्त में ऐसा क्या विशेष है ? महादेव ने पार्वती को उत्तर देते हुए कहा, ' नंदी को  अपने पिता ऋषि शिलाद सेयह पता चला कि वह अल्पायु है।यह विचार कर नंदी भुवन नदी के किनारे  साधना करने लगा | उसके सुमिरन में अटूट लगन और कोटि सुमिरन पूर्ण हुए॰ तो मैं एकचित्तता थी। जब एक प्रकट होकर दर्शन देने को विवश हो गया। जानती हो सुमिरन गें इतना मग्न था कि मुझसे वर वह साधना मांगने काउसे ध्यान ही नहीं रहा। उसे साधनारत इच्छा, कोई मति, कोई आकांक्षा नहीं । नंदी मेरी इच्छा  मेरी आज्ञा , मेरे आदर्शों का वाहक बन गया है, इसलिए छोड़कर मैं अंतर्धान हो गया। ऐसा ही एक बार और हुआ| तीसरी बार जब मैं प्रकट हुआ, तो मैंने ही अपना  वह मेरा वाहन है। पार्वती नेकहा, ` सत्यहैप्रभु ! नंदीकी भक्ति साधना  वरद हस्त उठाकर उसे वर-प्राप्ति के लिए प्रेरित किया।  जानती हो देवी , तब भी नंदी ने दीर्घ आयु का वर नहीं  और समर्पण तो अनुपम है। अब उसके सेवा या कर्म  शौर्य को भी तो विशेषता बताइए। मांगा। अपनी अखंड साधना का एक हो फल चाहा। महादेव ने कहा, ' तुम्हें स्मरण है देवी, समुद्र मंथन उसकी चाह थी - केवल मेरा सान्निध्य ! नंदी ने मुझसे !समुद्रको मथते मथते अमृत  मांगा,   हे महादेव ! मुझे अपनी अलौकिक संगति का कोवह असाधारण घटना से पहले हलाहल विष निकला था। संसार के त्राण के वर दो। अपना प्रेममय सान्निध्य और स्वामित्व दो।मैं परंतु विषपान करते  दास भाव से आपके संग रहना चाहता हूं। मेरा हृदय " लिए मुझे उसका पान करना पड़ा  हुए विष को कुछ बूंदें धरा पर गिर गईं। इन बूंदों के अन्य कोई अभीप्सा नहीं रखता ।  कुप्रभाव से पृथ्वी त्राहि-त्राहि करने लगी थी। तभी मेरे मैंने प्रसन्नहोकर उसे अपना अविनाशी वाहन और  नंदी ने अपनो जिह्वा से उन विष-बिंदुओं को चाट परम गण घोषित कर दिया। ' पार्वती नेजिज्ञासावश फिर लिया।' देवों ने व्यग्र होकर कारण पूछा। नंदी ने कहा  प्रश्न किया ` किंतु वाहन ही क्यों, महादेव ? कोई अन्य  मेरे स्वामो ने प्यालाभर विष पान किया।क्या मैं सेवक মুসিক্ষা নযা নম্কী?' महादेव ने मुस्कराते हुए कहा,  ` देवी ! वाहन का  होकर कुछ बूंदें ग्रहण नहों कर सकता ? ' सो॰ ऐसा " समर्पण अद्वितीय होता है।नंदी का मन इतना समर्पित है नंदी का कर्म-शौर्य ! कि मैं सदा उस पर आरूढ़ रहता हूं।उसकी अपनी कोई (TI. - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏कर्म क्या है❓ #bhakti
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#🙏कर्म क्या है❓ #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #bhakti
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#☝आज का ज्ञान #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख
☝आज का ज्ञान - ಹEi लालची राजा राजा मिडास को लालच आ गई और उसने देवता से इच्छा व्यक्त की कि वह जिस भी चीज को छुए वह सोने में बदल  जाए। हालांकि डायोनिसस जानता था कि यह एक दिन राजा की परेशानियों का कारण बनेग फिर भी उसने इच्छा पूरी मिडास प्राचीन ग्रीस में नाम का एक बहुत धनी राजा रहता उसकी एक सुंदर बेटी भी थी जिसे वह सबसे अधिक कर दी। मिडास बहुत खुश हुआ और बगीचे व महल में 24 इधर उधर की चीजों को छूकर उन्हें सोने में बदलने लगा। प्यार करता था।एक देवता डायोनिसस के वफादार सेटायर सिलनस मिडास के बगीचे में बेहोश हो गया। मिडास का जब उसने एक सेब उठाया तो वह चमकदार सोने के सेब मानना था कि सैटायर उसके लिए सौभाग्य लाते हैं॰ इसलिए मिडास में बदल गया। सभी दरबारी बहुत प्रसन्न हा गए। इतना खुश पहले कभी नहीं हुआ था। अपनी खुशी में उसने  उसने अपने परिवार के मना करने के बाद भी सिलनस को अपने महल में तब तक आराम करने दियाजब तक वह अपनी बेटी को भी गले लगा लिया, यह भूलकर कि वह जिस भी चीज को छुएगा वह सोने में बदल जाएगी! परिणाम  फिर से जाग नहीं गया। जब देतवा डायोनिसस को सिलनस उसकी बेटी एक निर्जीव सोने की मूर्ति में तब्दील हो के प्रति मिडास के इस दयालु ঠ ব্রাং ম এনা নলা; নী कार्य स्वरूप हुआ। अब वह खाना भी नहीं खा पा उसने धनी राजा को एक वरदान देने का फैेसला किया। गई। राजा बहुत दुखी  रहा था क्योंकि खाने को हाथ लगाते ही वह भी सोने का होजाता था। अपनी इस गलती का एहसास होने पर राजा बहुत उदास होगया और देवता डायोनिसस के पास दौड़ा और अपनी बेटी को बचाने की विनती की। उसकी पूरी करते हुए डायोनिसस ने इच्छ। उससे वरदान वापस ले लिया। इसके बाद जो वस्तु जैसी थी वैसी ही होे गई। राजा की बेटी भी वापस इंसान बन गई। ওস নিন মিভাস কী সনক নিল বামা था कि ज्यादा लालच ठीक नहीं है। अब राजा जो उसके पास था॰ उसी में खुश रहने लगा। ಹEi लालची राजा राजा मिडास को लालच आ गई और उसने देवता से इच्छा व्यक्त की कि वह जिस भी चीज को छुए वह सोने में बदल  जाए। हालांकि डायोनिसस जानता था कि यह एक दिन राजा की परेशानियों का कारण बनेग फिर भी उसने इच्छा पूरी मिडास प्राचीन ग्रीस में नाम का एक बहुत धनी राजा रहता उसकी एक सुंदर बेटी भी थी जिसे वह सबसे अधिक कर दी। मिडास बहुत खुश हुआ और बगीचे व महल में 24 इधर उधर की चीजों को छूकर उन्हें सोने में बदलने लगा। प्यार करता था।एक देवता डायोनिसस के वफादार सेटायर सिलनस मिडास के बगीचे में बेहोश हो गया। मिडास का जब उसने एक सेब उठाया तो वह चमकदार सोने के सेब मानना था कि सैटायर उसके लिए सौभाग्य लाते हैं॰ इसलिए मिडास में बदल गया। सभी दरबारी बहुत प्रसन्न हा गए। इतना खुश पहले कभी नहीं हुआ था। अपनी खुशी में उसने  उसने अपने परिवार के मना करने के बाद भी सिलनस को अपने महल में तब तक आराम करने दियाजब तक वह अपनी बेटी को भी गले लगा लिया, यह भूलकर कि वह जिस भी चीज को छुएगा वह सोने में बदल जाएगी! परिणाम  फिर से जाग नहीं गया। जब देतवा डायोनिसस को सिलनस उसकी बेटी एक निर्जीव सोने की मूर्ति में तब्दील हो के प्रति मिडास के इस दयालु ঠ ব্রাং ম এনা নলা; নী कार्य स्वरूप हुआ। अब वह खाना भी नहीं खा पा उसने धनी राजा को एक वरदान देने का फैेसला किया। गई। राजा बहुत दुखी  रहा था क्योंकि खाने को हाथ लगाते ही वह भी सोने का होजाता था। अपनी इस गलती का एहसास होने पर राजा बहुत उदास होगया और देवता डायोनिसस के पास दौड़ा और अपनी बेटी को बचाने की विनती की। उसकी पूरी करते हुए डायोनिसस ने इच्छ। उससे वरदान वापस ले लिया। इसके बाद जो वस्तु जैसी थी वैसी ही होे गई। राजा की बेटी भी वापस इंसान बन गई। ওস নিন মিভাস কী সনক নিল বামা था कि ज्यादा लालच ठीक नहीं है। अब राजा जो उसके पास था॰ उसी में खुश रहने लगा। - ShareChat
#😉 और बताओ
😉 और बताओ - दोनों तस्वीरों में पांच सेकंड में पांच अंतर खोजें दोनों तस्वीरों में पांच सेकंड में पांच अंतर खोजें - ShareChat
#😉 और बताओ
😉 और बताओ - 17 puziles तस्वीर के माध्यम से फुटबाल में इस्तेमाल होने वाले पांच शब्द खोजें दोनों चित्र में पांच अंतर खोजें 17 puziles तस्वीर के माध्यम से फुटबाल में इस्तेमाल होने वाले पांच शब्द खोजें दोनों चित्र में पांच अंतर खोजें - ShareChat
#🌙 गुड नाईट
🌙 गुड नाईट - जीवन उसी का मस्त है, जो स्वयं के कार्य में व्यस्त है॰ और परेशान वही है की खुशियों से त्रस्त है.!! জী జ जीवन उसी का मस्त है, जो स्वयं के कार्य में व्यस्त है॰ और परेशान वही है की खुशियों से त्रस्त है.!! জী జ - ShareChat
#😵टाइम पास #😉 और बताओ #😛 व्यंग्य 😛 #jok #मस्ती मजाक
😵टाइम पास - बादशाह ने एक बार एक में सभी कैदी रिहा खुशी fಞ कर उनमें एक कैदी बहुत ही बुजुर्ग था. बादशाह : तुम कब से कैद में हो? आपके अब्बा के बुजुर्ग " दौर से हूं बादशाह ! यह सुनकर बादशाह की आंखों में आंसू आ गए, [ वह बोला, 'इसको दोबारा कैद करो 14 ये अब्बा की निशानी है!" बादशाह ने एक बार एक में सभी कैदी रिहा खुशी fಞ कर उनमें एक कैदी बहुत ही बुजुर्ग था. बादशाह : तुम कब से कैद में हो? आपके अब्बा के बुजुर्ग दौर से हूं बादशाह ! यह सुनकर बादशाह की आंखों में आंसू आ गए, [ वह बोला, 'इसको दोबारा कैद करो 14 ये अब्बा की निशानी है!" - ShareChat
#😛 व्यंग्य 😛 #😉 और बताओ #😵टाइम पास #joke #मस्ती मजाक
😛 व्यंग्य 😛 - I IA KA 0+ हसाओ डॉक्टर : तुम कौन सा साबुन इस्तेमाल करते हो? িলু : आयुष का साबुन। डॉक्टर पेस्ट? टिल्लू  आयुष का पेस्ट। डॉक्टर : शैंपू ? fecq आयुष का शैंपू। डॉक्टर : अरे यार आखिर ये आयुष कौन सी कंपनी है? आयुष कंपनी িলু : नहीं मेरा रूम पार्टनर है! I IA KA 0+ हसाओ डॉक्टर : तुम कौन सा साबुन इस्तेमाल करते हो? িলু : आयुष का साबुन। डॉक्टर पेस्ट? टिल्लू  आयुष का पेस्ट। डॉक्टर : शैंपू ? fecq आयुष का शैंपू। डॉक्टर : अरे यार आखिर ये आयुष कौन सी कंपनी है? आयुष कंपनी িলু : नहीं मेरा रूम पार्टनर है! - ShareChat