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jay Shri Radhey Krishna 🙏🙏 jay Hind Jay Bharat
#🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #👏भगवान विष्णु😇
🕉️सनातन धर्म🚩 - ೩ ೩ कहते हैं तुम प्रभ किसी का कुछ नहीं बिगाड़ना , मैं तुम्हारा oremsna कुछ नहीं बिगड़ने दूगा| ೩ ೩ कहते हैं तुम प्रभ किसी का कुछ नहीं बिगाड़ना , मैं तुम्हारा oremsna कुछ नहीं बिगड़ने दूगा| - ShareChat
#🕉️सनातन धर्म🚩 #🌊गंगा सप्तमी 🌸 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏 देवी दर्शन🌸
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#🌊गंगा सप्तमी 🌸 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🕉️सनातन धर्म🚩
🌊गंगा सप्तमी 🌸 - गगा सप्तमी की हार्दिक शुभकामनाएं माँ गंगा की कृपा से आपके जीवन में शांति, सुख और समृद्धि बनी रहे। हर हर गंगे! [ 3 गगा सप्तमी की हार्दिक शुभकामनाएं माँ गंगा की कृपा से आपके जीवन में शांति, सुख और समृद्धि बनी रहे। हर हर गंगे! [ 3 - ShareChat
#🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🔱🚩🕉हनु हनु मते नमः🕉🚩🔱#
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00:14
#🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏कर्म क्या है❓ #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #bhakti
🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स - उत्तरा ने श्रीकृष्ण से निवेदन किया 'हे प्रभु मेरी रक्षा कीजिए। जैसे ही ब्रह्मास्त्र का श्रीकृष्ण " ने अपनी योगमाया से उसे शांत कर दिया। प्रचंड प्रभाव वहां पहुंचा श्रीकृष्ण से प्रार्थना पौराणिक कथा के अनुसार उत्तरा भयभीत और fT माया से गर्भस्थ के चारों ओर एक सुदृढ़, अदृश्य व्याकुल अवस्था में दौड़ती हुई उस स्थान पर पहुंची, कवच निर्मित कर दिया। जैसे ही ब्रह्मास्त्र का प्रचंड जहां श्रीकृष्ण, पांचों पांडव तथा माता कुंती उपस्थित प्रभाव वहां पहुंचा , श्रीकृष्ण ने अपनी योगमाया से उसे शिशु थे। उत्तरा ने करुण स्वर में श्रीकृष्ण से निवेदन किया, शांत कर दिया और ক্ষী हे प्रभु R मेरी रक्षा कीजिए। अश्वत्थामा ने ब्रह्मास्त्र का पूर्णतः  रखा। इस अद्वितीय लीला को देखकर सभी  प्रहार मेरे गर्भ पर किया है। मेरे पति अभिमन्यु वीरगति  हो चुके हैं और मेरे गर्भ में उनकी संतान पल  को प्राप्त उपस्थित जन भावविभोर हा उठे रही है। यह भयानक अस्त्र उस निर्दोष शिशु  और उन्होंने श्रद्धापूर्वक श्रीकृष्ण का ಹTl जीवन समाप्त कर की स्तुति को। तब श्रीकृष्ण ने कृपया पांडव वंश की Arun रक्षा करें। ' और गंभीर वाणी में कहा, मधुर उत्तरा की हृदयविदारक विनती सुनकर कुंती और भक्त अटूट विश्वास के पांडवों ने भी हाथ जोड़कर श्रीकृष्ण से प्रार्थना की कि साथ मेरा आश्रय ग्रहण करते हैं वे इस  विश्वास को रक्षा करना ही मेरा कर्तव्य है ।' इस संकट से उसकी रक्षा करें। तब श्रीकृष्ण ने नेत्र उनक சிதன से सूक्ष्म  मूंद लिए और दिव्य शक्ति 731 करुणा   और रूप धारण कर प्रकार भगवान उत्तरा के गर्भ में प्रवेश किया। उन्होंने अपनी अद्भुत भक्तवत्सलता का दिव्य प्रमाण प्रस्तुत किया।  उत्तरा ने श्रीकृष्ण से निवेदन किया 'हे प्रभु मेरी रक्षा कीजिए। जैसे ही ब्रह्मास्त्र का श्रीकृष्ण " ने अपनी योगमाया से उसे शांत कर दिया। प्रचंड प्रभाव वहां पहुंचा श्रीकृष्ण से प्रार्थना पौराणिक कथा के अनुसार उत्तरा भयभीत और fT माया से गर्भस्थ के चारों ओर एक सुदृढ़, अदृश्य व्याकुल अवस्था में दौड़ती हुई उस स्थान पर पहुंची, कवच निर्मित कर दिया। जैसे ही ब्रह्मास्त्र का प्रचंड जहां श्रीकृष्ण, पांचों पांडव तथा माता कुंती उपस्थित प्रभाव वहां पहुंचा , श्रीकृष्ण ने अपनी योगमाया से उसे शिशु थे। उत्तरा ने करुण स्वर में श्रीकृष्ण से निवेदन किया, शांत कर दिया और ক্ষী हे प्रभु R मेरी रक्षा कीजिए। अश्वत्थामा ने ब्रह्मास्त्र का पूर्णतः  रखा। इस अद्वितीय लीला को देखकर सभी  प्रहार मेरे गर्भ पर किया है। मेरे पति अभिमन्यु वीरगति  हो चुके हैं और मेरे गर्भ में उनकी संतान पल  को प्राप्त उपस्थित जन भावविभोर हा उठे रही है। यह भयानक अस्त्र उस निर्दोष शिशु  और उन्होंने श्रद्धापूर्वक श्रीकृष्ण का ಹTl जीवन समाप्त कर की स्तुति को। तब श्रीकृष्ण ने कृपया पांडव वंश की Arun रक्षा करें। ' और गंभीर वाणी में कहा, मधुर उत्तरा की हृदयविदारक विनती सुनकर कुंती और भक्त अटूट विश्वास के पांडवों ने भी हाथ जोड़कर श्रीकृष्ण से प्रार्थना की कि साथ मेरा आश्रय ग्रहण करते हैं वे इस  विश्वास को रक्षा करना ही मेरा कर्तव्य है ।' इस संकट से उसकी रक्षा करें। तब श्रीकृष्ण ने नेत्र उनक சிதன से सूक्ष्म  मूंद लिए और दिव्य शक्ति 731 करुणा   और रूप धारण कर प्रकार भगवान उत्तरा के गर्भ में प्रवेश किया। उन्होंने अपनी अद्भुत भक्तवत्सलता का दिव्य प्रमाण प्रस्तुत किया। - ShareChat
#🙏परशुराम जयंती🪔📿 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏कर्म क्या है❓ #🕉️सनातन धर्म🚩
🙏परशुराम जयंती🪔📿 - दरबारियों ने पवनपुत्र से पूछा कि क्या हृदय में श्रीराम बसते हैं? हनुमान जी तुम्हारे ने बिना संकोच अपनी छाती को चीरकर प्रभु और माता सीता के दर्शन करा दिए। मन में बसे श्रीराम पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान श्रीराम या नहीं। जिस वस्तु में मेरे आराध्य का वास नहीं लंका विजय के बाद अयोध्या लोटे, तो उनका वह मेरे लिए व्यर्थ हैे। दरबार में सभी यह सुनकर स्तब्ध रह गए। किसी  राज्याभिषेक हुआ| इसी अवसर पर माता सीता ने कि॰क्या तुम्हारे शरीर में ने पूछा सोचा कि क्यों न अपने सबसे प्रिय सेवक व भक्त हनुमान को कुछ विशेष भेंट दी जाए। माता सीता ने # श्रीराम का वास हे? हनुमान अनमोल मोतियों का हार अपने गले से उतारकर ने निःसंकोच अपनी छाती हनुमान जी को भेंट की। हनुमान जी ने भी विनम्रता चीरकर दिखा दिया। सभी I में स्वतां से हार को स्वीकार कर लिया। लेकिन कुछ ही क्षण  देखा कि उनके हृदय बाद उन्होंने ऐसा कार्य किया, जिसे देखकर पूरा श्रीराम ओर माता अतयात्रा विराजमान हें।यह दृश्य देखकर दरबार स्तब्ध रह गया। उन्होंने उस हार को हाथ में लेकर हर मोती को दरबार भावविभोर हो उठा| तोड़ना शुरू कर दिया। कुछ दरबारी स्वयं को रोक नाती सीता और भगवान  राम स्वयं हनुमान जी की इस अद्भुत भक्ति से भाव- नहीं पाए और उन्होंने बजरंगबली से इसका कारण पूछा। हनुमान जी ने विनम्रता से उत्तर दिया, ' में देख विभोर हा उठे। हनुमान केवल एक सेवक नहीं हूं किँ इन मोतियों में मेरे प्रभु श्रीराम का वास है बल्कि सच्चे अर्थों मेँ परम भक्त थे। रहा दरबारियों ने पवनपुत्र से पूछा कि क्या हृदय में श्रीराम बसते हैं? हनुमान जी तुम्हारे ने बिना संकोच अपनी छाती को चीरकर प्रभु और माता सीता के दर्शन करा दिए। मन में बसे श्रीराम पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान श्रीराम या नहीं। जिस वस्तु में मेरे आराध्य का वास नहीं लंका विजय के बाद अयोध्या लोटे, तो उनका वह मेरे लिए व्यर्थ हैे। दरबार में सभी यह सुनकर स्तब्ध रह गए। किसी  राज्याभिषेक हुआ| इसी अवसर पर माता सीता ने कि॰क्या तुम्हारे शरीर में ने पूछा सोचा कि क्यों न अपने सबसे प्रिय सेवक व भक्त हनुमान को कुछ विशेष भेंट दी जाए। माता सीता ने # श्रीराम का वास हे? हनुमान अनमोल मोतियों का हार अपने गले से उतारकर ने निःसंकोच अपनी छाती हनुमान जी को भेंट की। हनुमान जी ने भी विनम्रता चीरकर दिखा दिया। सभी I में स्वतां से हार को स्वीकार कर लिया। लेकिन कुछ ही क्षण  देखा कि उनके हृदय बाद उन्होंने ऐसा कार्य किया, जिसे देखकर पूरा श्रीराम ओर माता अतयात्रा विराजमान हें।यह दृश्य देखकर दरबार स्तब्ध रह गया। उन्होंने उस हार को हाथ में लेकर हर मोती को दरबार भावविभोर हो उठा| तोड़ना शुरू कर दिया। कुछ दरबारी स्वयं को रोक नाती सीता और भगवान  राम स्वयं हनुमान जी की इस अद्भुत भक्ति से भाव- नहीं पाए और उन्होंने बजरंगबली से इसका कारण पूछा। हनुमान जी ने विनम्रता से उत्तर दिया, ' में देख विभोर हा उठे। हनुमान केवल एक सेवक नहीं हूं किँ इन मोतियों में मेरे प्रभु श्रीराम का वास है बल्कि सच्चे अर्थों मेँ परम भक्त थे। रहा - ShareChat
#🙏कर्म क्या है❓ #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #bhakti
🙏कर्म क्या है❓ - सारी धन-संपदा नष्ट हो जाने के बाद जब साहूकार की पत्नी ने पूरी श्रद्धा से बृहस्पतिवार का व्रत किया॰ तो भगवान ने प्रसन्न होकर उसकी दरिद्रता  दूर की। भक्ति से बदला भाग्य करने से सात बृहस्पतिवार में तुम्हारा धन नष्ट हो प्राचीन काल में एक प्रतापी और दानवीर राजा था। जाएगा ।' साहूकार की पत्नी ने वैसा ही किया। देखते उसके राज्य में एक धनी साहूकार रहता था, जिसकी पत्नी स्वभाव से कंजूस होने के साथ पूजा-पाठ में ही देखते उसकी सारी संपत्ति नष्ट हाो गई। विश्वास नहीं रखती थी। वह न तो किसी को दान देती उसे   अपनी   भूल 56 का थी और न ही भगवान का स्मरण करती थी। एहसास हुआ, तब उसने  पुनः उसी साधु की शरण ली। साधु ने एक दिन, जब साहूकार घर पर नहीं था, एक साधु उसे बृहस्पतिवार व्रत की महिमा जो स्वयं बृहस्पति देव का रूप थे, उसके द्वार पर भिक्षा मांगने आए। साहूकार की पत्नी ने आलस्यवश बताई | उन्होंने कहा कि अब तुम पूर्ण निष्ठा से पीले वस्त्र धारण  महाराज, मैं इस दान- पुण्य से तंग आ चुको हूं कहा अतयातरिा केले के वृक्ष का पूजन करो  कृपा कर कोई ऐसा उपाय बताएं जिससे मेरा सारा कर धन नष्ट हो जाए। साधु ने उसे समझाया कि धन का कौ और चने की दाल व पला सदुपयोग करना चाहिए पर वह नहीं मानी। तब साधु  भोग लगाओ। साहूकार ने पूरी श्रद्धा से व्रत किया। उसकी भक्ति से प्रसन्न ने कहा,  यदि यहीं इच्छा है, तो आने वाले तुम्हारी  देव ने उसकी दरिद्रता दूर की और  बृहस्पतिवार को तुम घर को गोबर से लीपना, अपने होकर बृहस्पति उसे पुनः सुख समृद्धि का आशीर्वाद दिया " केश धोना और मांसन्मदिरा का सेवन करना। ऐसा सारी धन-संपदा नष्ट हो जाने के बाद जब साहूकार की पत्नी ने पूरी श्रद्धा से बृहस्पतिवार का व्रत किया॰ तो भगवान ने प्रसन्न होकर उसकी दरिद्रता  दूर की। भक्ति से बदला भाग्य करने से सात बृहस्पतिवार में तुम्हारा धन नष्ट हो प्राचीन काल में एक प्रतापी और दानवीर राजा था। जाएगा ।' साहूकार की पत्नी ने वैसा ही किया। देखते उसके राज्य में एक धनी साहूकार रहता था, जिसकी पत्नी स्वभाव से कंजूस होने के साथ पूजा-पाठ में ही देखते उसकी सारी संपत्ति नष्ट हाो गई। विश्वास नहीं रखती थी। वह न तो किसी को दान देती उसे   अपनी   भूल 56 का थी और न ही भगवान का स्मरण करती थी। एहसास हुआ, तब उसने  पुनः उसी साधु की शरण ली। साधु ने एक दिन, जब साहूकार घर पर नहीं था, एक साधु उसे बृहस्पतिवार व्रत की महिमा जो स्वयं बृहस्पति देव का रूप थे, उसके द्वार पर भिक्षा मांगने आए। साहूकार की पत्नी ने आलस्यवश बताई | उन्होंने कहा कि अब तुम पूर्ण निष्ठा से पीले वस्त्र धारण  महाराज, मैं इस दान- पुण्य से तंग आ चुको हूं कहा अतयातरिा केले के वृक्ष का पूजन करो  कृपा कर कोई ऐसा उपाय बताएं जिससे मेरा सारा कर धन नष्ट हो जाए। साधु ने उसे समझाया कि धन का कौ और चने की दाल व पला सदुपयोग करना चाहिए पर वह नहीं मानी। तब साधु  भोग लगाओ। साहूकार ने पूरी श्रद्धा से व्रत किया। उसकी भक्ति से प्रसन्न ने कहा,  यदि यहीं इच्छा है, तो आने वाले तुम्हारी  देव ने उसकी दरिद्रता दूर की और  बृहस्पतिवार को तुम घर को गोबर से लीपना, अपने होकर बृहस्पति उसे पुनः सुख समृद्धि का आशीर्वाद दिया " केश धोना और मांसन्मदिरा का सेवन करना। ऐसा - ShareChat
#🙏परशुराम जयंती🪔📿
🙏परशुराम जयंती🪔📿 - ؟ % ಕ = ؟ % ಕ = - ShareChat
#🏚चुटकुलों का घर😜 #😛 व्यंग्य 😛 #😵टाइम पास #joke #मस्ती मजाक
🏚चुटकुलों का घर😜 - डॉक्टर दवाई दस ೯೯೯ " बजे लेने को बोला है तुम पांच बजे ही क्यों ले লন ষ্ী? मोनू : दुश्मन पर तब वार " किया जाना चाहिए जब वह तैयार न हो! बॉस के चुटकुले पर पूरी टीम हंसने लगी॰ लेकिन राजू नहीं हंसा... मेरा चुटकुला तुम्हें बॉस : समझ नहीं आया क्या? সং মযা যাসু : ؟٢7٢ করণনী ম সলবহান ক্ী বামা ৯! डॉक्टर दवाई दस ೯೯೯ बजे लेने को बोला है तुम पांच बजे ही क्यों ले লন ষ্ী? मोनू : दुश्मन पर तब वार किया जाना चाहिए जब वह तैयार न हो! बॉस के चुटकुले पर पूरी टीम हंसने लगी॰ लेकिन राजू नहीं हंसा... मेरा चुटकुला तुम्हें बॉस : समझ नहीं आया क्या? সং মযা যাসু : ؟٢7٢ করণনী ম সলবহান ক্ী বামা ৯! - ShareChat
#😵टाइम पास #😛 व्यंग्य 😛 #🏚चुटकुलों का घर😜 #joke #मस्ती मजाक
😵टाइम पास - HA  ٧٨ de हसो हसाओ भिखारी : पहले आप 10-20 గqu ఢేడేగ ఫ और अब सिर्फ एक रुपये ক্া সিবকা? सोनू : बाबा, पहले मैं कुंवारा था, अब मैं शादीशुदा हूं! भिखारी : शर्म नहीं आती तुझे, मेरे पैसों से अपने बीवी -बच्चों को पाल रहा है! HA  ٧٨ de हसो हसाओ भिखारी : पहले आप 10-20 గqu ఢేడేగ ఫ और अब सिर्फ एक रुपये ক্া সিবকা? सोनू : बाबा, पहले मैं कुंवारा था, अब मैं शादीशुदा हूं! भिखारी : शर्म नहीं आती तुझे, मेरे पैसों से अपने बीवी -बच्चों को पाल रहा है! - ShareChat