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jay Shri Radhey Krishna 🙏🙏 jay Hind Jay Bharat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🌸पॉजिटिव मंत्र
🙏गीता ज्ञान🛕 - जीवन धारा ओरिसन स्वेट Sa जीवन के रास्ते पूरी तरह कठिन नहीं होते। उनमें कहीं न कहीं सरल व उजले  स्थान भी होते हैं। मनुष्य को चाहिए कि वह उन्हीं उजले पक्षों को देखे और दूसरों को भी उनके बारे में बताए , ताकि थके हुए मन को कुछ विश्राम मिल सके। थके हुए মন ক্রী थोड़ा  विश्राम दें मनुष्य का जीवन अनमोल है, फिर भी अक्सर लोग इसे अनावश्यक নিনা T7a और गंभीरता से भर देते हैं। बहुत ्से लोग हर समय किसी न किसी चिंता में डूबे ही रहते हैं। उनके चेहरे पर थकान, मन में भय और हृदय में असंतोष दिखाई देता है मानो जीवन केवल संघर्ष और बोझ का नाम होे। सच्चाई यह है कि जीवन केवल কনলী संतुलन का भी नाम है। समस्याओं का नहीं॰ बल्कि आनंद आशा और आज के समय में अधिकांश लोग अपने काम, जिम्मेदारियों और भविष्य की चिंता में इतने उलझ जाते हैं कि वे वर्तमान की खुशी को महसूस ही नहीं कर पाते। हर छोटी बात को गंभीरता से लेना हर परिणाम को जीवन मरण का प्रश्न बना देना और हर समय व्यस्त रहने की आदत मनुष्य को भीतर से थका देती है। जब मन लगातार तनाव में रहता है, तो धीरे ्धीरे जीवन की खुशियां भी दिखाई देना बंद हो जाती हैं। वास्तव में जीवन को सहजता से जीना ही सच्ची बुद्धिमानी है। इसका अर्थ यह नहीं कि मनुष्य अपने कर्तव्यों से दूर भागे या प्रयास करना छोड़ दे॰ बल्कि यह है कि वह अपने प्रयासों के साथ संतुलन भी बनाए रखे। यदि मनुष्य हर परिस्थिति में थोड़ा धैर्य व हास्य तथा थोड़ी सकारात्मकता बनाए रखे, तो जीवन कहीं अधिक और सरल सुखद बन सकता है। तनाव से मुक्ति का एक उपाय यह है कि मनुष्य अपने जीवन में सरल आनंद के छोटे छोटे क्षणों को महत्व दे। प्रकृति की सुंदरता को देखना, परिवार और मित्रों के साथ समय बिताना, संगीत सुनना या किसी अच्छे विचार को पढ़ना मन को हल्का कर देता है। जब मन हल्का होता हे, तो समस्याएं बोझिल नहीं लगतीं | खुशी केवल बड़ी उपलब्धियों में ही नहीं होती। वह छोटी छोटी बातों में भी छिपी होती है। कभी किसी की सहायता करना, किसी को मुस्कान देना, या किसी थके हुए व्यक्ति को उत्साह देना भी जीवन को अर्थपूर्ण बना देता है।जब मनुष्य दूसरों के जीवन में आशा और उत्साह का कारण बनता है, तब उसका अपना जीवन भी अधिक उज्ज्वल हो जाता है।एला व्हीलर विलकॉक्स ने कहा था कि संसार पहले ही बहुत दुखी है, इसलिए अपने दुखों से इसे और भारी मत बनाओ। जीवन के रास्ते पूरी तरह कठिन नहीं होते। उनमें कहीं न कहीं सरल और उजले स्थान भी होते हैं। मनुष्य को चाहिए कि वह उन्हीं उजले पक्षों को देखे और दूसरों को भी उनके बारे में बताए, ताकि थके हए मन को कुछ विश्राम मिल सके। जीवन का उद्देश्य केवल चिंता करना नहीं है, बल्कि आशा के साथ आगे बढ़ना है।जब मनुष्य अपने विचारों को सकारात्मक बनाता है॰ तब उसका मन शांत होता है और तनाव धीरे-धीरे कम होने लगता है। इसलिए जरूरी है कि हम जीवन को बोझ न समझें  बल्कि उसे एक अवसर की तरह स्वीकार करें और हर दिन थोड़ी खुशी, थोड़ी आशा और थोड़ा प्रकाश खोजने का प्रयास करें। दःजॉय ऑफ लिविंग के अनूदित अंश হানি ক্রা সক্াহা কলাভ मनुष्य का जीवन केवल चिंता और तनाव के लिए नहीं है, बल्कि आनंद और आशा के लिए भी है।यदि हम हर परिस्थिति मे सकारात्मकता बनाए रखें और छोटी छोटी खुशियों SD को महत्व दें॰ तो जीवन सरल और सुखद बन सकता है। हमें अपने व्यवहार और शब्दों से दूसरों जीवन में आशा, उत्साह और शांति का प्रकाश फैलाना चाहिए। जीवन धारा ओरिसन स्वेट Sa जीवन के रास्ते पूरी तरह कठिन नहीं होते। उनमें कहीं न कहीं सरल व उजले  स्थान भी होते हैं। मनुष्य को चाहिए कि वह उन्हीं उजले पक्षों को देखे और दूसरों को भी उनके बारे में बताए , ताकि थके हुए मन को कुछ विश्राम मिल सके। थके हुए মন ক্রী थोड़ा  विश्राम दें मनुष्य का जीवन अनमोल है, फिर भी अक्सर लोग इसे अनावश्यक নিনা T7a और गंभीरता से भर देते हैं। बहुत ्से लोग हर समय किसी न किसी चिंता में डूबे ही रहते हैं। उनके चेहरे पर थकान, मन में भय और हृदय में असंतोष दिखाई देता है मानो जीवन केवल संघर्ष और बोझ का नाम होे। सच्चाई यह है कि जीवन केवल কনলী संतुलन का भी नाम है। समस्याओं का नहीं॰ बल्कि आनंद आशा और आज के समय में अधिकांश लोग अपने काम, जिम्मेदारियों और भविष्य की चिंता में इतने उलझ जाते हैं कि वे वर्तमान की खुशी को महसूस ही नहीं कर पाते। हर छोटी बात को गंभीरता से लेना हर परिणाम को जीवन मरण का प्रश्न बना देना और हर समय व्यस्त रहने की आदत मनुष्य को भीतर से थका देती है। जब मन लगातार तनाव में रहता है, तो धीरे ्धीरे जीवन की खुशियां भी दिखाई देना बंद हो जाती हैं। वास्तव में जीवन को सहजता से जीना ही सच्ची बुद्धिमानी है। इसका अर्थ यह नहीं कि मनुष्य अपने कर्तव्यों से दूर भागे या प्रयास करना छोड़ दे॰ बल्कि यह है कि वह अपने प्रयासों के साथ संतुलन भी बनाए रखे। यदि मनुष्य हर परिस्थिति में थोड़ा धैर्य व हास्य तथा थोड़ी सकारात्मकता बनाए रखे, तो जीवन कहीं अधिक और सरल सुखद बन सकता है। तनाव से मुक्ति का एक उपाय यह है कि मनुष्य अपने जीवन में सरल आनंद के छोटे छोटे क्षणों को महत्व दे। प्रकृति की सुंदरता को देखना, परिवार और मित्रों के साथ समय बिताना, संगीत सुनना या किसी अच्छे विचार को पढ़ना मन को हल्का कर देता है। जब मन हल्का होता हे, तो समस्याएं बोझिल नहीं लगतीं | खुशी केवल बड़ी उपलब्धियों में ही नहीं होती। वह छोटी छोटी बातों में भी छिपी होती है। कभी किसी की सहायता करना, किसी को मुस्कान देना, या किसी थके हुए व्यक्ति को उत्साह देना भी जीवन को अर्थपूर्ण बना देता है।जब मनुष्य दूसरों के जीवन में आशा और उत्साह का कारण बनता है, तब उसका अपना जीवन भी अधिक उज्ज्वल हो जाता है।एला व्हीलर विलकॉक्स ने कहा था कि संसार पहले ही बहुत दुखी है, इसलिए अपने दुखों से इसे और भारी मत बनाओ। जीवन के रास्ते पूरी तरह कठिन नहीं होते। उनमें कहीं न कहीं सरल और उजले स्थान भी होते हैं। मनुष्य को चाहिए कि वह उन्हीं उजले पक्षों को देखे और दूसरों को भी उनके बारे में बताए, ताकि थके हए मन को कुछ विश्राम मिल सके। जीवन का उद्देश्य केवल चिंता करना नहीं है, बल्कि आशा के साथ आगे बढ़ना है।जब मनुष्य अपने विचारों को सकारात्मक बनाता है॰ तब उसका मन शांत होता है और तनाव धीरे-धीरे कम होने लगता है। इसलिए जरूरी है कि हम जीवन को बोझ न समझें  बल्कि उसे एक अवसर की तरह स्वीकार करें और हर दिन थोड़ी खुशी, थोड़ी आशा और थोड़ा प्रकाश खोजने का प्रयास करें। दःजॉय ऑफ लिविंग के अनूदित अंश হানি ক্রা সক্াহা কলাভ मनुष्य का जीवन केवल चिंता और तनाव के लिए नहीं है, बल्कि आनंद और आशा के लिए भी है।यदि हम हर परिस्थिति मे सकारात्मकता बनाए रखें और छोटी छोटी खुशियों SD को महत्व दें॰ तो जीवन सरल और सुखद बन सकता है। हमें अपने व्यवहार और शब्दों से दूसरों जीवन में आशा, उत्साह और शांति का प्रकाश फैलाना चाहिए। - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏सुविचार📿 #🌸पॉजिटिव मंत्र
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - किंतु  भूख से व्याकुल शूलनाथ प्रसाद चुराकर भागने लगा, ने पकड़ लिया। पुजारी तब भगवान खुद प्रकट हुए और उसे भक्ति का अधिकारी बताया। भक्ति की ज्योति प्राचीन समय में मृदुलपुर नगर में वेदमति नामक अंधेरे में॰ उसने अपनी धोती का एक कोना फाड़कर व्यापारी रहते थे। वह वेद तथा उपनिषदों के ज्ञाता थे दीपक बनाया| दीपक की किरण से शिवलिंग तेजस्वी और प्रत्येक दिन श्रीहरि की उपासना करते थे। उनका होे उठा। शूलनाथ ने प्रसाद लिया और भागने लगा, किंतु पुजारी ने पकड़ लिया। तभी  वक्त काम के साथ-साथ साधना व भक्ति में व्यतीत होता था। उनका एक शूलनाथ नाम का पुत्र था, जो a भगवान स्वयं प्रकट  हुए इसने   मेरे वासना और आलस्य में लिप्त था। जुआ खेलना, चोरी बोले সাসন करना और दूसरों से झूठ बोलना उसकी आदत बन भक्ति है का जलाया यह गई। पिता के बार-बार समझाने पर भो उस पर कोई अधिकारी है।' शूलनाथ की आत्मा को दिव्य असर न हुआ | AGTIDII बेटा ! यदि यह पथ नहीं लोक में ले जाया एक दिन पिता ने कहा, गया। वहां छोड़ा, तो परिवार का नाश होगा।' यह सुन शूलनाथ और 3ITథ   ఖగ उसन Tq नगर छोड़कर जंगल की ओर चला गया। कई दिन # ೩೯ अनुभव किया। पुनर्जन्म भूखा-प्यासा भटकने के बाद वह एक प्राचीन मंदिर राजा बनकर हर दिन दीपक जलाता और भजन करता में पहुंचा| मंदिर में प्रसाद रखा था। भूख और थकान रहा। नगर में भक्ति और सादगी की ज्योति फैल गई, से व्याकुल उसने सोचा कि कुछ लेकर खा ले। और उसका जीवन लोगों के लिए आदर्श बन गया। किंतु  भूख से व्याकुल शूलनाथ प्रसाद चुराकर भागने लगा, ने पकड़ लिया। पुजारी तब भगवान खुद प्रकट हुए और उसे भक्ति का अधिकारी बताया। भक्ति की ज्योति प्राचीन समय में मृदुलपुर नगर में वेदमति नामक अंधेरे में॰ उसने अपनी धोती का एक कोना फाड़कर व्यापारी रहते थे। वह वेद तथा उपनिषदों के ज्ञाता थे दीपक बनाया| दीपक की किरण से शिवलिंग तेजस्वी और प्रत्येक दिन श्रीहरि की उपासना करते थे। उनका होे उठा। शूलनाथ ने प्रसाद लिया और भागने लगा, किंतु पुजारी ने पकड़ लिया। तभी  वक्त काम के साथ-साथ साधना व भक्ति में व्यतीत होता था। उनका एक शूलनाथ नाम का पुत्र था, जो a भगवान स्वयं प्रकट  हुए इसने   मेरे वासना और आलस्य में लिप्त था। जुआ खेलना, चोरी बोले সাসন करना और दूसरों से झूठ बोलना उसकी आदत बन भक्ति है का जलाया यह गई। पिता के बार-बार समझाने पर भो उस पर कोई अधिकारी है।' शूलनाथ की आत्मा को दिव्य असर न हुआ | AGTIDII बेटा ! यदि यह पथ नहीं लोक में ले जाया एक दिन पिता ने कहा, गया। वहां छोड़ा, तो परिवार का नाश होगा।' यह सुन शूलनाथ और 3ITథ   ఖగ उसन Tq नगर छोड़कर जंगल की ओर चला गया। कई दिन # ೩೯ अनुभव किया। पुनर्जन्म भूखा-प्यासा भटकने के बाद वह एक प्राचीन मंदिर राजा बनकर हर दिन दीपक जलाता और भजन करता में पहुंचा| मंदिर में प्रसाद रखा था। भूख और थकान रहा। नगर में भक्ति और सादगी की ज्योति फैल गई, से व्याकुल उसने सोचा कि कुछ लेकर खा ले। और उसका जीवन लोगों के लिए आदर्श बन गया। - ShareChat
#🕉️सनातन धर्म🚩 #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🌸 सत्य वचन #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🕉️सनातन धर्म🚩 - श्रीकृष्ण " पहुंचे   साधु और लकड़हारे को संदेश देकर अर्जुन के प्रश्न पर भगवान वन उन्होंने भक्ति का रहस्य समझाया। / श्रीकृष्ण का संदेश दिन अर्जुन के मन में गहरी जिज्ञासा उत्पन्न हुई।  बोले भगवान ने कहा है कि तुम्हें अभी कई जन्मों एक के बाद उनके दर्शन होंगे । यह सुनते ही साधु क्रोधित  उन्होंने सोचा कि संसार में अनगिनत जीव भगवान से प्रार्थना करते हैं॰ फिर भगवान सबकी पुकार कैसे हो उठा| उसने कहा   इतनी कठोर तपस्या के बाद भी सुनते होंगे। अंततः उन्होंने यह प्रश्न भगवान श्रीकृष्ण   ஈரள க मुझे   इतने ম পম্ত ৪ী লিমা | पड़ेगी ! फिर अर्जुन लकड़हारे श्रीकृष्ण बोले के पास पहुंचे और वही संदेश आओ अर्जुन आज तुम्हें इसका उत्तर अनुभव के माध्यम से देता हूं। वह अर्जुन को सुनाया। यह सुनकर लकड़हारा साथ लेकर एक वन में पहुंचे। वहां एक साधु गहन प्रसन्नता  से झूम   उठा। उसने यदि इतने जन्मों बाद भी तपस्या में लीन था। वह दिन-रात भगवान से प्रार्थना 56, ஒரசள मुझे दर्शन देंगे तो यह करता और बार-बार उनसे दर्शन की याचना करता भगवान 7 मेरे लिए महान सौभाग्य है। था। थोड़ी दूरी पर एक साधारण लकड़हारा भी था। क्षण श्रीकृष्ण ने लकड़हारे वह जंगल से लकड़ियां अपना   जीवन काटकर तुरंत दर्शन दे दिए। अर्जुन यह देखकर चकित रह काम करते करते वह भगवान का नाम चलाता था ले लेता| श्रीकृष्ण अर्जुन से बोले ` तुम दोनों को मेरा गए। श्रीकृष्ण बोले अर्जुन, सच्ची भक्ति में अधीरता नहीं बल्कि प्रेम, धैर्य और संतोष होता है।' संदेश दे आओ।' अर्जुन पहले साधु के पास गए और  श्रीकृष्ण " पहुंचे   साधु और लकड़हारे को संदेश देकर अर्जुन के प्रश्न पर भगवान वन उन्होंने भक्ति का रहस्य समझाया। / श्रीकृष्ण का संदेश दिन अर्जुन के मन में गहरी जिज्ञासा उत्पन्न हुई।  बोले भगवान ने कहा है कि तुम्हें अभी कई जन्मों एक के बाद उनके दर्शन होंगे । यह सुनते ही साधु क्रोधित  उन्होंने सोचा कि संसार में अनगिनत जीव भगवान से प्रार्थना करते हैं॰ फिर भगवान सबकी पुकार कैसे हो उठा| उसने कहा   इतनी कठोर तपस्या के बाद भी सुनते होंगे। अंततः उन्होंने यह प्रश्न भगवान श्रीकृष्ण   ஈரள க मुझे   इतने ম পম্ত ৪ী লিমা | पड़ेगी ! फिर अर्जुन लकड़हारे श्रीकृष्ण बोले के पास पहुंचे और वही संदेश आओ अर्जुन आज तुम्हें इसका उत्तर अनुभव के माध्यम से देता हूं। वह अर्जुन को सुनाया। यह सुनकर लकड़हारा साथ लेकर एक वन में पहुंचे। वहां एक साधु गहन प्रसन्नता  से झूम   उठा। उसने यदि इतने जन्मों बाद भी तपस्या में लीन था। वह दिन-रात भगवान से प्रार्थना 56, ஒரசள मुझे दर्शन देंगे तो यह करता और बार-बार उनसे दर्शन की याचना करता भगवान 7 मेरे लिए महान सौभाग्य है। था। थोड़ी दूरी पर एक साधारण लकड़हारा भी था। क्षण श्रीकृष्ण ने लकड़हारे वह जंगल से लकड़ियां अपना   जीवन काटकर तुरंत दर्शन दे दिए। अर्जुन यह देखकर चकित रह काम करते करते वह भगवान का नाम चलाता था ले लेता| श्रीकृष्ण अर्जुन से बोले ` तुम दोनों को मेरा गए। श्रीकृष्ण बोले अर्जुन, सच्ची भक्ति में अधीरता नहीं बल्कि प्रेम, धैर्य और संतोष होता है।' संदेश दे आओ।' अर्जुन पहले साधु के पास गए और - ShareChat
#🕉️सनातन धर्म🚩 #🌐 राष्ट्रीय अपडेट #rss
🕉️सनातन धर्म🚩 - মনাববনানাষমনানন: মাঠাবন ऊंच नीच का भेदभाव बाद में पैदा TSITTTI राष्ट्रीय  संघप्रमुख अहमदाबाद हुआ है।जाति और वर्ग व्यवस्था का स्वयंसेवक संघ ( आरएसएस ) के बोले, जाति के प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवारकोकहा " मूल उद्देश्य भेदभाव करना नहीं था आधारपर किसनातन धर्म सामाजिकसद्भाव और  लेकिन जब इसमें असमानता और भेदभाव एकता का संदेश देता है।जाति के नाम भेदभाव प्रवेश कर जाता है तो यह धर्म মানিকাকে परकिया भेदभाव धर्म और समाज दोनों और समाज   दोनों को नुकसान के लिए हानिकारक है। पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि धर्म अहमदाबाद के निकट जेतलपुर गांव " उन्होंने कहा कि सूखी घास का एक केवल शास्त्रों या भाषणों तक सीमित तिनका भी ईश्वर की रचना है और नहींहै बल्किव्यक्तिकेव्यवहार और मे स्थित स्वामीनारायण  मंदिर आयोजित एक समारोह को संबोधित  उसका भी कोई नकोई उद्देश्य होता है। आचरण में भी दिखाई देना चाहिए जब लोग सनातन धर्मकेमूलसिद्धांतों करते हुए भागवत ने कहा कि ईश्वर  सभी को अपनाना और अपनेपन का की सृष्टि में हर वस्तु और हर व्यक्ति  का पालन करते हैं॰ तो धर्म की रक्षा ही सामाजिक समरसता  भावरखन का अपना महत्व और उद्देश्य है। /गवत नेकहा कि समाज में अपने आपहो जाती है। का मूल है । মনাববনানাষমনানন: মাঠাবন ऊंच नीच का भेदभाव बाद में पैदा TSITTTI राष्ट्रीय  संघप्रमुख अहमदाबाद हुआ है।जाति और वर्ग व्यवस्था का स्वयंसेवक संघ ( आरएसएस ) के बोले, जाति के प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवारकोकहा " मूल उद्देश्य भेदभाव करना नहीं था आधारपर किसनातन धर्म सामाजिकसद्भाव और  लेकिन जब इसमें असमानता और भेदभाव एकता का संदेश देता है।जाति के नाम भेदभाव प्रवेश कर जाता है तो यह धर्म মানিকাকে परकिया भेदभाव धर्म और समाज दोनों और समाज   दोनों को नुकसान के लिए हानिकारक है। पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि धर्म अहमदाबाद के निकट जेतलपुर गांव " उन्होंने कहा कि सूखी घास का एक केवल शास्त्रों या भाषणों तक सीमित तिनका भी ईश्वर की रचना है और नहींहै बल्किव्यक्तिकेव्यवहार और मे स्थित स्वामीनारायण  मंदिर आयोजित एक समारोह को संबोधित  उसका भी कोई नकोई उद्देश्य होता है। आचरण में भी दिखाई देना चाहिए जब लोग सनातन धर्मकेमूलसिद्धांतों करते हुए भागवत ने कहा कि ईश्वर  सभी को अपनाना और अपनेपन का की सृष्टि में हर वस्तु और हर व्यक्ति  का पालन करते हैं॰ तो धर्म की रक्षा ही सामाजिक समरसता  भावरखन का अपना महत्व और उद्देश्य है। /गवत नेकहा कि समाज में अपने आपहो जाती है। का मूल है । - ShareChat
#🌐 राष्ट्रीय अपडेट #📰 उत्तर प्रदेश अपडेट #🌐 अंतर्राष्ट्रीय अपडेट
🌐 राष्ट्रीय अपडेट - देश मेंजनगणना केलिएचार डिजिटलप्लेटफॉर्म कीशुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित  नई दिल्ली, पहली बारजाति गणना ஈரி [ शाह ने गुरुवार को जनगणना २०२७ के लिए १६वीं जनगणना के लिए ११ ७१८ करोड़ रुपये चार डिजिटल प्लेटफॉर्म का सॉफ्ट लॉन्च की लागत वाले अभियान में कई मायनों में किया। ये देश की पहली डिजिटल पूर्णतः  पहली बार जातिगत गणना भी होगी | पूरी तरह  जनगणना केसंचालन में सहायक होंगे ।वहीं दो से डिजिटल प्रक्रिया नागरिकों को स्वय गणना शुभंकर प्रगति ( महिला ) और विकास ( पुरुष ) का विकल्प प्रदान करेगी | २०२१ ्मे यह का औपचारिक अनावरण भी किया | जनगणना दशकीय कवायद कोविड- १९ महामारी के का पहला चरण एक अप्रैल से शुरू होगा।  कारण स्थगित कर दी गई थी। देशभर में गणना कार्यों को सुगम बनाने के जिससे देशभर में भौगोलिक कवरेज का लिए सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग ( सी-डैक ) ने ये एडवांस डिजिटल  मानकोकरण सुनिश्चितहोता है।इसके अलावा  प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं। सॉप्ट लॉन्च से उन्होंने एचएलओ मोबाइल एप्लिकेशन का भी॰  आशय किसी वेब एप्लिकेशन या सेवा का सॉफ्ट लॉन्च किया। एचएलओ मोबाइल उपयोग बड़े पैमाने पर शुरू करने से पहले एप्लिकेशन एक सुरक्षित ऑफलाइन मोबाइल सीमित दायरे में प्रायोगिक तौर पर जारी करना। एप्लिकेशन है॰ जिसके माध्यम से मकान सूचीकरण डेटा को एकत्र एवं अपलोड किया  शाह ने उपग्रह तस्वीरों का इस्तेमाल कर सूचीकरण ब्लॉक डिजिटल रूप से मकान जा सकेगा | इसके साथ ही स्व-गणना ( एसई ) बनाने के लिए हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर  पोर्टल की भी शुरुआत के साथ पहलो बारस्व- ( एचएलबीसी ) वेब एप्लिकेशन लॉन्च किया गणना का विकल्प प्रदान किया जा रहा है। देश मेंजनगणना केलिएचार डिजिटलप्लेटफॉर्म कीशुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित  नई दिल्ली, पहली बारजाति गणना ஈரி [ शाह ने गुरुवार को जनगणना २०२७ के लिए १६वीं जनगणना के लिए ११ ७१८ करोड़ रुपये चार डिजिटल प्लेटफॉर्म का सॉफ्ट लॉन्च की लागत वाले अभियान में कई मायनों में किया। ये देश की पहली डिजिटल पूर्णतः  पहली बार जातिगत गणना भी होगी | पूरी तरह  जनगणना केसंचालन में सहायक होंगे ।वहीं दो से डिजिटल प्रक्रिया नागरिकों को स्वय गणना शुभंकर प्रगति ( महिला ) और विकास ( पुरुष ) का विकल्प प्रदान करेगी | २०२१ ्मे यह का औपचारिक अनावरण भी किया | जनगणना दशकीय कवायद कोविड- १९ महामारी के का पहला चरण एक अप्रैल से शुरू होगा।  कारण स्थगित कर दी गई थी। देशभर में गणना कार्यों को सुगम बनाने के जिससे देशभर में भौगोलिक कवरेज का लिए सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग ( सी-डैक ) ने ये एडवांस डिजिटल  मानकोकरण सुनिश्चितहोता है।इसके अलावा  प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं। सॉप्ट लॉन्च से उन्होंने एचएलओ मोबाइल एप्लिकेशन का भी॰  आशय किसी वेब एप्लिकेशन या सेवा का सॉफ्ट लॉन्च किया। एचएलओ मोबाइल उपयोग बड़े पैमाने पर शुरू करने से पहले एप्लिकेशन एक सुरक्षित ऑफलाइन मोबाइल सीमित दायरे में प्रायोगिक तौर पर जारी करना। एप्लिकेशन है॰ जिसके माध्यम से मकान सूचीकरण डेटा को एकत्र एवं अपलोड किया  शाह ने उपग्रह तस्वीरों का इस्तेमाल कर सूचीकरण ब्लॉक डिजिटल रूप से मकान जा सकेगा | इसके साथ ही स्व-गणना ( एसई ) बनाने के लिए हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर  पोर्टल की भी शुरुआत के साथ पहलो बारस्व- ( एचएलबीसी ) वेब एप्लिकेशन लॉन्च किया गणना का विकल्प प्रदान किया जा रहा है। - ShareChat
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#joke #मस्ती मजाक #😉 और बताओ #😝 पकाऊ पोस्ट्स👻 #😵टाइम पास
joke - डॉक्टर ने थर्मामीटर महिला के मुंह में रखकर कुछ देर मुंह बंद रखने को कहा! पत्नी को काफी देर तक खामोश बैठा देखकर ग्रामीण पति ने भावुक होकर पूछा " डॉक्टर साहबये डंडी कितने की आती है?" चोटर : यह जो उंगली पे स्याही लगाते हैं यह कितने दिन में निकलेगी ? मतदान अधिकारी aal महीने में! 4 वोटर : मेरे सिर में भी लगा दीजिए डाई सिर्फ १५ दिन ही चलती है! डॉक्टर ने थर्मामीटर महिला के मुंह में रखकर कुछ देर मुंह बंद रखने को कहा! पत्नी को काफी देर तक खामोश बैठा देखकर ग्रामीण पति ने भावुक होकर पूछा " डॉक्टर साहबये डंडी कितने की आती है?" चोटर : यह जो उंगली पे स्याही लगाते हैं यह कितने दिन में निकलेगी ? मतदान अधिकारी aal महीने में! 4 वोटर : मेरे सिर में भी लगा दीजिए डाई सिर्फ १५ दिन ही चलती है! - ShareChat
#😝 पकाऊ पोस्ट्स👻 #😵टाइम पास #😉 और बताओ #joke #मस्ती मजाक
😝 पकाऊ पोस्ट्स👻 - H HA KA O .हंसो _ हसाओ शादी में एक इंजीनियर ने 7-८ गुलाब जामुन लिए और सबको थोड़ा- थोड़ा खाकर प्लेट में रख दिया! किसी ने पूछा कि भाई साहब मीठा है या नहीं यह चेक कर रहे हाो क्या? चह बोला " नहीं-्नहीं अबये सब प्लेट में लुढ़ककर रायता - अचार-्चटनी में नहीं घुसेंगे!  H HA KA O .हंसो _ हसाओ शादी में एक इंजीनियर ने 7-८ गुलाब जामुन लिए और सबको थोड़ा- थोड़ा खाकर प्लेट में रख दिया! किसी ने पूछा कि भाई साहब मीठा है या नहीं यह चेक कर रहे हाो क्या? चह बोला " नहीं-्नहीं अबये सब प्लेट में लुढ़ककर रायता - अचार-्चटनी में नहीं घुसेंगे! - ShareChat
#😵टाइम पास #😉 और बताओ #😝 पकाऊ पोस्ट्स👻 #joke #मस्ती मजाक
😵टाइम पास - मरीज : डॉक्टर साहब, जब मैं सोता हूं तो सपने में बंदर फुटबाल खेलते हैं! डॉक्टर : कोई बात नहीं यह गोली रात को ভা লনা! कल से खाऊंगा मरीज डॉक्टर साहब आज तो 'फाइनल' है! आपको इंटरव्यूअर : कितनी भाषाएं आती हैं? गोलू  तीन भाषाएं! इंटर्यूअर ೧ ক্রীন-কীন সী? गोलू : हिंदी, अंग्रेजी और थोड़ा-सा मम्मी का गस्सा ! मरीज : डॉक्टर साहब, जब मैं सोता हूं तो सपने में बंदर फुटबाल खेलते हैं! डॉक्टर : कोई बात नहीं यह गोली रात को ভা লনা! कल से खाऊंगा मरीज डॉक्टर साहब आज तो 'फाइनल' है! आपको इंटरव्यूअर : कितनी भाषाएं आती हैं? गोलू  तीन भाषाएं! इंटर्यूअर ೧ ক্রীন-কীন সী? गोलू : हिंदी, अंग्रेजी और थोड़ा-सा मम्मी का गस्सा ! - ShareChat
#😵टाइम पास #😉 और बताओ #😝 पकाऊ पोस्ट्स👻 #joke #jokes ho toh aise😂
😵टाइम पास - गप्पू को फायर ब्रिगेड में नौकरी मिल गई॰ एक महिला ने फोन किया "हैलो मेरे घर में आग लग गई है और सब-कुछ जल रहा है!" गप्पू : क्या आपने পানী ভালা? महिला : हां लेकिन फिर भी आग नहीं बुझी, आप जल्दी आ जाओ ! পবালী ক্িং ৪ম गप्पू 4 वहां आकर क्या करेंगे ? हम भी तो পানী ৪ী ভালবী! गप्पू को फायर ब्रिगेड में नौकरी मिल गई॰ एक महिला ने फोन किया "हैलो मेरे घर में आग लग गई है और सब-कुछ जल रहा है!" गप्पू : क्या आपने পানী ভালা? महिला : हां लेकिन फिर भी आग नहीं बुझी, आप जल्दी आ जाओ ! পবালী ক্িং ৪ম गप्पू 4 वहां आकर क्या करेंगे ? हम भी तो পানী ৪ী ভালবী! - ShareChat