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#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏गुरु महिमा😇 #☝अनमोल ज्ञान #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - ShareChat
#🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #☝अनमोल ज्ञान #🙏गुरु महिमा😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 - जिंदगी में अगर [ किसी को सबसे कीमती एक दिन सव कुछ जीत करभी तोहफा देना चाहते हैं॰ यु से हार जाना है॰ तो उन्हे दआए  तो गुरूर केसा  जलनतसी ಒual ಗe सूठ कसा  भरोसा  पोखा वे्सा ईमानदारी  दिखाता कसा  আব মনা লশাব " 4!-" 4#|=!"'447==~9 6 6ಞ ~ 6ಣu गुरूकार्य स्वयंम को आत्मा मानकर याने " मै' के शिवकृपनंद खामीजी की रिक्षाएँ पणपत् अहकारको छोडकर বনানী৪ দি ভামানিকনা ঐনল अनुगरनों पा विशेष सचनार्ओं तक सीनितनही ह वल्वि ही परमात्मा ' मानकर किय गुरूको सच्ची दिव्य प्रकृति को पहचानने कानम हमरी गया कार्य कहलाता हे । गुरूकाये  ह। समर्पण ध्यनव्यक्ति णर अनंत वे बीच एक ओर सेतु का कार्प कसता हे जो सधर्कों को मनओर करो तो ऐसा काये करो ம शरीरदी सीमाओं से परेलेजाता ह गुरूकार्य तो   शरीजी 3 ६२०२६ केवल आपका अहकार ही बढायेगा तो आत्मा का काये हे। बह गुरूकाये कभी देह से किया ही नही जाता केवल और केवल देह से हो जाता है। इस बात को सदेव गुरूकार्य करने बाले यादरखे। ~ n a जिंदगी में अगर [ किसी को सबसे कीमती एक दिन सव कुछ जीत करभी तोहफा देना चाहते हैं॰ यु से हार जाना है॰ तो उन्हे दआए  तो गुरूर केसा  जलनतसी ಒual ಗe सूठ कसा  भरोसा  पोखा वे्सा ईमानदारी  दिखाता कसा  আব মনা লশাব 4!-" 4#|=!"'447==~9 6 6ಞ ~ 6ಣu गुरूकार्य स्वयंम को आत्मा मानकर याने " मै' के शिवकृपनंद खामीजी की रिक्षाएँ पणपत् अहकारको छोडकर বনানী৪ দি ভামানিকনা ঐনল अनुगरनों पा विशेष सचनार्ओं तक सीनितनही ह वल्वि ही परमात्मा ' मानकर किय गुरूको सच्ची दिव्य प्रकृति को पहचानने कानम हमरी गया कार्य कहलाता हे । गुरूकाये  ह। समर्पण ध्यनव्यक्ति णर अनंत वे बीच एक ओर सेतु का कार्प कसता हे जो सधर्कों को मनओर करो तो ऐसा काये करो ம शरीरदी सीमाओं से परेलेजाता ह गुरूकार्य तो   शरीजी 3 ६२०२६ केवल आपका अहकार ही बढायेगा तो आत्मा का काये हे। बह गुरूकाये कभी देह से किया ही नही जाता केवल और केवल देह से हो जाता है। इस बात को सदेव गुरूकार्य करने बाले यादरखे। ~ n a - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏गुरु महिमा😇 #☝अनमोल ज्ञान #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - जिंदगी में अगर (0 কিমী কী মনম ক্রীসনী कर्म कहता है॰ तोहफा देना चाहते है जितना गलत आप के साथ करोगे, ೭7' থাঁনি यदि मानसिक उतना ही गलत आपके साथ भी होगा ! तो उन्हे दुआए  चाहिए, तो सब कुछ जानने अपना वक का प्रयास मत करो | भरोसा  बहुत सी बातों को न जानने ईमानदारी  से ही जीवन में सुख और आरसच्चा लगाव द। शांति बनी रहती है। ض 0 a एक दिन जून ] कुछ जीत करभी  सव किसी की नजर में अगर मृत्यु से हार जाना हे  आप बुरेहैं तो गुरूर केसा  সলেন কম; झूठ कता को सावित करने में तो खुद पोखा केसा वक्त बर्वाद मत कीजिए। 77#7571 दिखावा कसा . 17 111. क्योकि जो इंसान आपको  1" 01' 0 गलत सावित करने पर तुला हो 017 उसे आपकी अच्छाई कभी ম7 না মদিক ন  7 दिखाई नहीं देगी। 9%089 muಬ आपका दिन शुभ हो ! ~ ~ ( n जिंदगी में अगर (0 কিমী কী মনম ক্রীসনী कर्म कहता है॰ तोहफा देना चाहते है जितना गलत आप के साथ करोगे, ೭7' থাঁনি यदि मानसिक उतना ही गलत आपके साथ भी होगा ! तो उन्हे दुआए  चाहिए, तो सब कुछ जानने अपना वक का प्रयास मत करो | भरोसा  बहुत सी बातों को न जानने ईमानदारी  से ही जीवन में सुख और आरसच्चा लगाव द। शांति बनी रहती है। ض 0 a एक दिन जून ] कुछ जीत करभी  सव किसी की नजर में अगर मृत्यु से हार जाना हे  आप बुरेहैं तो गुरूर केसा  সলেন কম; झूठ कता को सावित करने में तो खुद पोखा केसा वक्त बर्वाद मत कीजिए। 77#7571 दिखावा कसा . 17 111. क्योकि जो इंसान आपको  1" 01' 0 गलत सावित करने पर तुला हो 017 उसे आपकी अच्छाई कभी ম7 না মদিক ন  7 दिखाई नहीं देगी। 9%089 muಬ आपका दिन शुभ हो ! ~ ~ ( n - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #☝अनमोल ज्ञान #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏गुरु महिमा😇 - गुरूकार्य   00 I  Guru s Grace can shower on you at अहकार को छोडकर any time thats why you should  परगाल् ' शनकर किया गुलूको ا always continue t practise n गया कार्य त कहलाता 6 meditation regularty 0 गुरकाये -Shree Shivkrupanand Swamiji HOOa afer ओर Rನe गुरूकाये करो तो ऐसा काये करो + त अन्यथ रकाय 4 केवल आपका अहकार बढायगा पकतव सुदहातीह गुरूकाये तो आत्मा का काये बह नही जाता केवल कभी देर किया [ और केवल देह हजात 6 को सनव करे चले eात 0 ुरूकार्य रख   {ು a गुरुशक्ति ओर चाइब्रेशन , 55 ப4 ?; क्या अंतरह ? (ೆು  स्वामीजी दास्तव मे , इन दोनों में कोई 0 अंतरनहीं ह । जो महसूस होते हमको Wenwereomn गुरुकृपा कभी भी हो सकती हेः दसलिए ही हॅ , बो वाइब्रेशन | ओरजो गुरुशक्ति   9 [ नियमित ध्यान साधना करते रहना पाहिए।  हचो सृक्ष्म रूपम रहती हजिस RFri श्री शिवकृपानद स्वामीजी  0 कड बार आप थ्यान करन के लिए बठते cinesstregh ioon ध्यान कखे के बादमें अगर ह   9   गुरूशक्तियों के साथ सम्बंध स्थापित हो Meuaperueol गयातो आपक हाथम নচনখান 6 4037 आना चालूःहीो जाते ह।तो आपका and ourel सम्बंध स्थापित हुआ हे कि नही हुआ heroe ये देखने क लिए वाइवेशन हाये ठीक वसा ही ह जासे हम अपर थर्पमीटर से दुखार मापते हनःवसा। ठीक उसी प्रकारसे॰ आप आपक गुरूकार्य   00 I  Guru s Grace can shower on you at अहकार को छोडकर any time thats why you should  परगाल् ' शनकर किया गुलूको ا always continue t practise n गया कार्य त कहलाता 6 meditation regularty 0 गुरकाये -Shree Shivkrupanand Swamiji HOOa afer ओर Rನe गुरूकाये करो तो ऐसा काये करो + त अन्यथ रकाय 4 केवल आपका अहकार बढायगा पकतव सुदहातीह गुरूकाये तो आत्मा का काये बह नही जाता केवल कभी देर किया [ और केवल देह हजात 6 को सनव करे चले eात 0 ुरूकार्य रख   {ು a गुरुशक्ति ओर चाइब्रेशन , 55 ப4 ?; क्या अंतरह ? (ೆು  स्वामीजी दास्तव मे , इन दोनों में कोई 0 अंतरनहीं ह । जो महसूस होते हमको Wenwereomn गुरुकृपा कभी भी हो सकती हेः दसलिए ही हॅ , बो वाइब्रेशन | ओरजो गुरुशक्ति   9 [ नियमित ध्यान साधना करते रहना पाहिए।  हचो सृक्ष्म रूपम रहती हजिस RFri श्री शिवकृपानद स्वामीजी  0 कड बार आप थ्यान करन के लिए बठते cinesstregh ioon ध्यान कखे के बादमें अगर ह   9   गुरूशक्तियों के साथ सम्बंध स्थापित हो Meuaperueol गयातो आपक हाथम নচনখান 6 4037 आना चालूःहीो जाते ह।तो आपका and ourel सम्बंध स्थापित हुआ हे कि नही हुआ heroe ये देखने क लिए वाइवेशन हाये ठीक वसा ही ह जासे हम अपर थर्पमीटर से दुखार मापते हनःवसा। ठीक उसी प्रकारसे॰ आप आपक - ShareChat
#🧘सदगुरु जी🙏 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #☝अनमोल ज्ञान
🧘सदगुरु जी🙏 - कठोर शब्द हजार घाव दे सकते हे। নমে থমড ঘান মযমী মকষন 61 बोलने से মীণী; মীণন ম পমল মসসসী  पहले  Situation, Time & People जहा प्रेम हे, वर्ही शाति हे।  things ' these three teach Ha जुबान का वार तलवार से॰भी गहरा होता हे better lessons than a Book क्पोकि ततवार शरीर पर निशान छोडती ह ओरशब्द दिल पर। इसलिए बोल हमेशा ऐसे होजो टूटे मन को दर्द नही।  মুকুন ২ ٦٨٦١٦٣ ಕೂಾಗಾ೯ಞಣಣ೯ಣೆಕ್ " ||4 WTT ٨٦٨٦٣ कठोर शब्द हजार घाव दे सकते हे। নমে থমড ঘান মযমী মকষন 61 बोलने से মীণী; মীণন ম পমল মসসসী  पहले  Situation, Time & People जहा प्रेम हे, वर्ही शाति हे।  things ' these three teach Ha जुबान का वार तलवार से॰भी गहरा होता हे better lessons than a Book क्पोकि ततवार शरीर पर निशान छोडती ह ओरशब्द दिल पर। इसलिए बोल हमेशा ऐसे होजो टूटे मन को दर्द नही।  মুকুন ২ ٦٨٦١٦٣ ಕೂಾಗಾ೯ಞಣಣ೯ಣೆಕ್ " ||4 WTT ٨٦٨٦٣ - ShareChat
#☝अनमोल ज्ञान #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🙏गुरु महिमा😇 #🧘सदगुरु जी🙏
☝अनमोल ज्ञान - 00 0(e " n ~ [ a   आप जितना आत्माककरीब जाओगे , एक तो आत्मा उतनी ही अनुभव जीवन का (( होती चली जाएगी।  எி सशक सबसे बड़ा गुरु है ओर में आत्मा आपका शरीर एकांत वह नया ज्ञान देता है।w से मिल रहा है॰वो आपका शरीर आपकी आत्मा के करीब आना ಹ ಸಗ प्रारंभ हो जाएगा। 162020' -श्री शिवकृपानंद स्वामीजी हिमालय का समर्पण योग ' MIM 6( ?00) 00 0(e n ~ [ a   आप जितना आत्माककरीब जाओगे , एक तो आत्मा उतनी ही अनुभव जीवन का (( होती चली जाएगी।  எி सशक सबसे बड़ा गुरु है ओर में आत्मा आपका शरीर एकांत वह नया ज्ञान देता है।w से मिल रहा है॰वो आपका शरीर आपकी आत्मा के करीब आना ಹ ಸಗ प्रारंभ हो जाएगा। 162020' -श्री शिवकृपानंद स्वामीजी हिमालय का समर्पण योग ' MIM 6( ?00) - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #☝अनमोल ज्ञान
🙏गुरु महिमा😇 - तूहेतो दित घड़कता ह 0 *गुरुचरणों पर चित्त रखना तूहेतो सांस आती ह  तूनातो घर घर न्ही लगता * यानि सदैव उन चरणों पर कोई आत्मा किसी अयःआत्मा मे परमात्मा की 7 अनुभूति करी हे जो उस आत्मा कै साय की सामूहिक  तू है तो डर नर्हीं लगता  ही अपनी नजर रखना नर्ही शक्ति के कारग होती हे तो वो आत्मा सामूहिक शक्ति के समूद वाली आत्मा के सामने झक जाती हे। झक जाती ह है बल्कि अपना अस्तित्व पारनी उस आत्मा कै सापकी सानहिकता मे शमित् ही गुरु से अलग न समझना जाती हे 6!* 41 ஈரசர মরব; আানিক চন 74  44 अप्रैल २०२६ के mi vMn aimnal नही लगता अपने ही विचारो के कारण  அ - "  ஈஈ=    आत्म सन्देश गुरुदेव के तेकिन प्यान लगता @ गुरुकृपा मेरी आश्यातिक मा्ग झी एर नछी नशढःज लयानी शरी शिवकृपानंद स्वामीजी  (१९ ) उपासनी की पद्धतिया  ul ವ =44 ~ में उपदेश काजो ज्ञानदिया  VaFa llea* चाहिए क्या 6 [ जाता वया करना नर्ही करना चाहिए यह ज्ञान हमे भीतर  से होना प्रारंभ होता हे।  (२०) सभी  को अपनी पुरुषों " पली की तारीफ करना आती हिहे ऐसा नर्ही हे ऐसा ही॰ प्रेम  करना आता हे पर उसका प्रदर्शन  नर्ही आता। करनी स्ाम ೧ ( तूहेतो दित घड़कता ह 0 *गुरुचरणों पर चित्त रखना तूहेतो सांस आती ह  तूनातो घर घर न्ही लगता * यानि सदैव उन चरणों पर कोई आत्मा किसी अयःआत्मा मे परमात्मा की 7 अनुभूति करी हे जो उस आत्मा कै साय की सामूहिक  तू है तो डर नर्हीं लगता  ही अपनी नजर रखना नर्ही शक्ति के कारग होती हे तो वो आत्मा सामूहिक शक्ति के समूद वाली आत्मा के सामने झक जाती हे। झक जाती ह है बल्कि अपना अस्तित्व पारनी उस आत्मा कै सापकी सानहिकता मे शमित् ही गुरु से अलग न समझना जाती हे 6!* 41 ஈரசர মরব; আানিক চন 74  44 अप्रैल २०२६ के mi vMn aimnal नही लगता अपने ही विचारो के कारण  அ - "  ஈஈ=    आत्म सन्देश गुरुदेव के तेकिन प्यान लगता @ गुरुकृपा मेरी आश्यातिक मा्ग झी एर नछी नशढःज लयानी शरी शिवकृपानंद स्वामीजी  (१९ ) उपासनी की पद्धतिया  ul ವ =44 ~ में उपदेश काजो ज्ञानदिया  VaFa llea* चाहिए क्या 6 [ जाता वया करना नर्ही करना चाहिए यह ज्ञान हमे भीतर  से होना प्रारंभ होता हे।  (२०) सभी  को अपनी पुरुषों " पली की तारीफ करना आती हिहे ऐसा नर्ही हे ऐसा ही॰ प्रेम  करना आता हे पर उसका प्रदर्शन  नर्ही आता। करनी स्ाम ೧ ( - ShareChat
#🧘सदगुरु जी🙏 #☝अनमोल ज्ञान #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🙏गुरु महिमा😇
🧘सदगुरु जी🙏 - Ce( 1 O2002c Tuesday 30 உ0 3~ =77 311~  உி_ச ాగగాగనా !ో  ~al எரி  212/e26 0 4 0 - 3410 0106/2026 Monday Soul L111 J1 a a న Lu D0 01.00.2020 Ce( 1 O2002c Tuesday 30 உ0 3~ =77 311~  உி_ச ాగగాగనా !ో  ~al எரி  212/e26 0 4 0 - 3410 0106/2026 Monday Soul L111 J1 a a న Lu D0 01.00.2020 - ShareChat
#🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #☝अनमोल ज्ञान #🧘सदगुरु जी🙏
🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 - 044 परमाला के माषमलीआमा के साप अगर हमारी आमा रगस होजती हे ते मधमके भीतर ठी आमा का शन हमारे भीतर ठी आमा सर् रूपरे  5 & C n & ৭ " 1 1 ग्रहप ठरहीतेती हेः ओर पह अनापर हीहे बात हे।  Tmm7Jiಗ {fm puurK ದಣರry দমঘুতর্$ [িরতেংমানয বদ # মরী নী নুল সীনয তান দ নে দিলদ দন =15~=- அ877எர ஓ#4 7சகரி g্al বুদ তরিমেন এনুদত্র ব্রূন্রোণ আ৫ =v777514 शिष्य को गालूय नहीं पडता किउसकी दिशा सही हः्या नही आर चह गलत 00 दिशा मेदी बढ जाता ह। ऐसी गलत सूरज का प्रकार जेस नेसर्गिक हे ठीक वैसे ही  ्गैन जाए॰ इसीलिए हमार पूर्वजों दिशा  गुरुकृण भी नेसर्गिक होती हे।  अपने अनुभवों से ही गुरुचरणों का Tmgadut dmaina रश्री शिवकृपानद स्वामीजी ढाकर अलमन वृ्ात छला ह नहत्त्व बताया ६। गुरुवरण गुरुकी शक्िरयी को अतिम सिर हीउस अतिम 1 ~[ सिरेको हम नही देख सकते @नही 0* जान सकते @ औरनछी पळचान सकते ह। क्योंकि यह देखना शिष्य के दायरे 8னsed   सकत गुरु के चरणजो स्थूल शरीर के रूपर्म॰ उसक गतिम सिरक रूपमे दिखते ह। गुलचरणों परचित् रखना यानि सदेव उन चरणों परही अपनी नजर रखता नहीं अपनाआस्तित्व गुलासे अलगन समड।ना द४ 044 परमाला के माषमलीआमा के साप अगर हमारी आमा रगस होजती हे ते मधमके भीतर ठी आमा का शन हमारे भीतर ठी आमा सर् रूपरे  5 & C n & ৭ " 1 1 ग्रहप ठरहीतेती हेः ओर पह अनापर हीहे बात हे।  Tmm7Jiಗ {fm puurK ದಣರry দমঘুতর্$ [িরতেংমানয বদ # মরী নী নুল সীনয তান দ নে দিলদ দন =15~=- அ877எர ஓ#4 7சகரி g্al বুদ তরিমেন এনুদত্র ব্রূন্রোণ আ৫ =v777514 शिष्य को गालूय नहीं पडता किउसकी दिशा सही हः्या नही आर चह गलत 00 दिशा मेदी बढ जाता ह। ऐसी गलत सूरज का प्रकार जेस नेसर्गिक हे ठीक वैसे ही  ्गैन जाए॰ इसीलिए हमार पूर्वजों दिशा  गुरुकृण भी नेसर्गिक होती हे।  अपने अनुभवों से ही गुरुचरणों का Tmgadut dmaina रश्री शिवकृपानद स्वामीजी ढाकर अलमन वृ्ात छला ह नहत्त्व बताया ६। गुरुवरण गुरुकी शक्िरयी को अतिम सिर हीउस अतिम 1 ~[ सिरेको हम नही देख सकते @नही 0* जान सकते @ औरनछी पळचान सकते ह। क्योंकि यह देखना शिष्य के दायरे 8னsed   सकत गुरु के चरणजो स्थूल शरीर के रूपर्म॰ उसक गतिम सिरक रूपमे दिखते ह। गुलचरणों परचित् रखना यानि सदेव उन चरणों परही अपनी नजर रखता नहीं अपनाआस्तित्व गुलासे अलगन समड।ना द४ - ShareChat
#☝अनमोल ज्ञान #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🙏गुरु महिमा😇
☝अनमोल ज्ञान - दुसऱ्यांना नांव ठेवताना व दुसऱ्यांच्या कमजोरी बाहेर काढताना काही माणसं हीच गोष्ट विसरून जात असतात किते पण परिपूर्ण असे नसतात केवळ त्यांना ज्या गोष्टी पटत नाही त्याच गोष्टींमध्ये कमीपणा दाखवून समोरच्या व्यक्तीला कमी लेखताना ही माणसं हेच विसरतात कि आज ना उद्या कोणीना कोणी प्रतिकृती करून व्यक्तीं त्यांनाही आज त्यांच्याच कृतीची त्यांनाही कमी लेखनार असतो व आज ते समोरच्या व्यक्तीला कमी लेखून व त्यांचा अपमान करून ज्या प्रमाणे स्वतःच्या मनाचे समाधान करण्यासाठी समोरच्याला त्रास देत आहे त्याच प्रकारची पुनरावृत्ती होऊन त्यांनाही कोणी ना कोणी त्रास देणारा ते निर्माण करीतच असतात त्यामुळे कधीच जीवनात कोणाच्या शोधून जीवनात समोरच्या व्यक्तीची कमतरता स्वभाव व काढून त्यांना कधीच कमी लेखायचं नसतं कारण कमी लेखणाऱ्या मधेही कितीतरी गोष्टींबाबत कमतरतेच भांडार हे लपलेलं असतं व या दुनियेत अशा भांडारांचे संशोधन करणाऱ्या वैज्ञानिकांची कमतरता कधीच नसते एक असा व्यक्तीं शोधायला जाताल तर हजारोंच्या व लाखोंच्या संख्येत या वैज्ञानिकांनी भरलेली ही दुनिया असते. विचारधारा :- १२५८ दुसऱ्यांना नांव ठेवताना व दुसऱ्यांच्या कमजोरी बाहेर काढताना काही माणसं हीच गोष्ट विसरून जात असतात किते पण परिपूर्ण असे नसतात केवळ त्यांना ज्या गोष्टी पटत नाही त्याच गोष्टींमध्ये कमीपणा दाखवून समोरच्या व्यक्तीला कमी लेखताना ही माणसं हेच विसरतात कि आज ना उद्या कोणीना कोणी प्रतिकृती करून व्यक्तीं त्यांनाही आज त्यांच्याच कृतीची त्यांनाही कमी लेखनार असतो व आज ते समोरच्या व्यक्तीला कमी लेखून व त्यांचा अपमान करून ज्या प्रमाणे स्वतःच्या मनाचे समाधान करण्यासाठी समोरच्याला त्रास देत आहे त्याच प्रकारची पुनरावृत्ती होऊन त्यांनाही कोणी ना कोणी त्रास देणारा ते निर्माण करीतच असतात त्यामुळे कधीच जीवनात कोणाच्या शोधून जीवनात समोरच्या व्यक्तीची कमतरता स्वभाव व काढून त्यांना कधीच कमी लेखायचं नसतं कारण कमी लेखणाऱ्या मधेही कितीतरी गोष्टींबाबत कमतरतेच भांडार हे लपलेलं असतं व या दुनियेत अशा भांडारांचे संशोधन करणाऱ्या वैज्ञानिकांची कमतरता कधीच नसते एक असा व्यक्तीं शोधायला जाताल तर हजारोंच्या व लाखोंच्या संख्येत या वैज्ञानिकांनी भरलेली ही दुनिया असते. विचारधारा :- १२५८ - ShareChat