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#☝अनमोल ज्ञान #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🧘सदगुरु जी🙏
☝अनमोल ज्ञान - की॰ गोद में जितना وژ बच्या अपने आपको सुरक्षित महसूस करता है उतना दुनिया में कहीं नहीं! और आपकी माँ॰तो सामान्य ' माँ ননী ৪; সাণনী 'সাঁ' ক মাথ নী के पुंज साथ चलते हैं। ग्यारह चैतन्य आपकी 'माँ' के साथ ग्यारह गुरुओं के आशीर्वाद होते ही हैं। 'माँ ' स्थूल में   है इसलिए ar रूप आशीर्वाद रूप में हैं  वह सूक्ष्म दिखते नहीं पर महसूस होते हैं।उस अदृश्य आशीर्वाद के कारण ही आज लोग दुनिया के लाखों आपकी ತ್ತಳ೯೯೯ / माँ केसाथ श्री शिवकृपानन्द स्वामीजी परम पूज्य स्त्रोत : मधचतन्य ( अक्ट्र॰ - नव॰ दिस॰ ) २०१८ मैं एक हूँ। पवित्र आत्मा यानि मैं शरीर नहीं हूँ। मैे एक शुद्ध आत्मा हू। शुद्ध आत्मा केवल परमात्मा है। यानि में परमात्मामय हूँ। परमात्मा के सिवा मेरा कोई अस्तित्व नही है II१। मैे एक हूँ। पवित्र आत्मा यानि मैं शरीर नहीं हूँ। मैएक शुद्ध आत्मा हूँ। शुद्ध आत्मा केवल परमात्मा है। परमात्मा के सिवा मेरा कोई अस्तित्व नहीं हे। में परमात्मामय हूँ II२II  में एक पवित्र आत्मा हूँ। यानि मैं शरीर नहीं हूँ 1 मै एक शुद्घ आत्मा हू शुद्ध आत्मा केवल और केवल परमात्मा है । परमात्मा के सिवा मेरा कोई अस्तित्व नही हे।  স সংসোলাসস ৪ঁ 11311 | 9408/ की॰ गोद में जितना وژ बच्या अपने आपको सुरक्षित महसूस करता है उतना दुनिया में कहीं नहीं! और आपकी माँ॰तो सामान्य ' माँ ননী ৪; সাণনী 'সাঁ' ক মাথ নী के पुंज साथ चलते हैं। ग्यारह चैतन्य आपकी 'माँ' के साथ ग्यारह गुरुओं के आशीर्वाद होते ही हैं। 'माँ ' स्थूल में   है इसलिए ar रूप आशीर्वाद रूप में हैं  वह सूक्ष्म दिखते नहीं पर महसूस होते हैं।उस अदृश्य आशीर्वाद के कारण ही आज लोग दुनिया के लाखों आपकी ತ್ತಳ೯೯೯ / माँ केसाथ श्री शिवकृपानन्द स्वामीजी परम पूज्य स्त्रोत : मधचतन्य ( अक्ट्र॰ - नव॰ दिस॰ ) २०१८ मैं एक हूँ। पवित्र आत्मा यानि मैं शरीर नहीं हूँ। मैे एक शुद्ध आत्मा हू। शुद्ध आत्मा केवल परमात्मा है। यानि में परमात्मामय हूँ। परमात्मा के सिवा मेरा कोई अस्तित्व नही है II१। मैे एक हूँ। पवित्र आत्मा यानि मैं शरीर नहीं हूँ। मैएक शुद्ध आत्मा हूँ। शुद्ध आत्मा केवल परमात्मा है। परमात्मा के सिवा मेरा कोई अस्तित्व नहीं हे। में परमात्मामय हूँ II२II  में एक पवित्र आत्मा हूँ। यानि मैं शरीर नहीं हूँ 1 मै एक शुद्घ आत्मा हू शुद्ध आत्मा केवल और केवल परमात्मा है । परमात्मा के सिवा मेरा कोई अस्तित्व नही हे।  স সংসোলাসস ৪ঁ 11311 | 9408/ - ShareChat
#☝अनमोल ज्ञान
☝अनमोल ज्ञान - May Day 14th Childrens UK May Day 14th Childrens UK - ShareChat
#☝अनमोल ज्ञान
☝अनमोल ज्ञान - 134444 अहसास ही ना हो, मौन रहना उनसे शिकायत करना एक साधना है बिल्कुल बेकार है और सोच समझकर बोलना एक कला है। बर्तन को बाहर से कम और अंदर से ज्यादा चुप रहना भी లTTqకగTౌగ్గి एक जवाब है, बस यही जिंदगी है समझने वाले बस चाहिए॰.. 4 134444 अहसास ही ना हो, मौन रहना उनसे शिकायत करना एक साधना है बिल्कुल बेकार है और सोच समझकर बोलना एक कला है। बर्तन को बाहर से कम और अंदर से ज्यादा चुप रहना भी లTTqకగTౌగ్గి एक जवाब है, बस यही जिंदगी है समझने वाले बस चाहिए॰.. 4 - ShareChat
#☝अनमोल ज्ञान
☝अनमोल ज्ञान - समय दिखाई 64, पर बहुत कुछ "जो मन करें खुल के दिखा देता है।" करो क्योंकि यह दिन दोबारा नहीं आने वाले" करने इज्ज़त सिर्फ कोई अपना हीं नहीं क नहीं होता बस हम का भी हुनर उन्हें अपना मान उतारने रखते हैं हम। लेते हैं.! ! समय दिखाई 64, पर बहुत कुछ "जो मन करें खुल के दिखा देता है।" करो क्योंकि यह दिन दोबारा नहीं आने वाले" करने इज्ज़त सिर्फ कोई अपना हीं नहीं क नहीं होता बस हम का भी हुनर उन्हें अपना मान उतारने रखते हैं हम। लेते हैं.! ! - ShareChat
#☝अनमोल ज्ञान #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
☝अनमोल ज्ञान - 04 04 सेहिल सुप्रभात 3397 ஈப7சிசி:ர்7 052026 Thurdny 7157#+671 17சி17 A೫ಣmad sim {adaಓ ೯ಣೆ, 831 [ాగాగాగా 17+7744  . স_তা' খাব"  {us X4{4e17 '  14=4 हमात =401 ೪ar  {ನamಡ 54 V77  0 खूवसुरती उसकी 4479 797177/4 इसानकी आधी वाणीयहीती ढ 0 3iR 3 ತemr 8 10/2 [  Good moming Half of ೩person $ Beaach lies in his and hall in his silence  !! న (544' Cal Ihe urel csice uicrese tecu ol a Cur Irner Cstumances Tneretore unger 10 Thu4y ciroumsances sroud e allor [ು  {ae 10 02 03r02d0 [eಪ Soul Csturocd then Teoitate chant tre Gurus rantra Ihowilbrng pec toyoumind { a [ ಣ  Paran Pujn Shtarugarana Swa7l] a Sಒuce Sr alr 80l {ು  0 पार्थ || कर्म अपने आपरमे अदालत उसके लिए गवाह सबूत ' मायने नर्ही रखते। 04 04 सेहिल सुप्रभात 3397 ஈப7சிசி:ர்7 052026 Thurdny 7157#+671 17சி17 A೫ಣmad sim {adaಓ ೯ಣೆ, 831 [ాగాగాగా 17+7744  . স_তা' খাব"  {us X4{4e17 '  14=4 हमात =401 ೪ar  {ನamಡ 54 V77  0 खूवसुरती उसकी 4479 797177/4 इसानकी आधी वाणीयहीती ढ 0 3iR 3 ತemr 8 10/2 [  Good moming Half of ೩person $ Beaach lies in his and hall in his silence  !! న (544' Cal Ihe urel csice uicrese tecu ol a Cur Irner Cstumances Tneretore unger 10 Thu4y ciroumsances sroud e allor [ು  {ae 10 02 03r02d0 [eಪ Soul Csturocd then Teoitate chant tre Gurus rantra Ihowilbrng pec toyoumind { a [ ಣ  Paran Pujn Shtarugarana Swa7l] a Sಒuce Sr alr 80l {ು  0 पार्थ || कर्म अपने आपरमे अदालत उसके लिए गवाह सबूत ' मायने नर्ही रखते। - ShareChat
#☝अनमोल ज्ञान
☝अनमोल ज्ञान - %731{ 57 भीड़ में तो सब साथ বাল होते हैं लेकिन रिचार्ज  যমাঁ ৪৫ থিনা लेग सामने खडे भे जैंसा है ठहरता वही है जिसे  बैलेंस है 2 d 38 d1 #ral নন নক फिक्र  आपकी हो. !! लोग संपर्क  तव तक में रहते है !!! उनको देखने दा भे मन आँख में पडा " तिनका संगर्त अच्छी होनी ३ चाहिए  पैर में धंसा कांटा  इसान की पहचान  क्योंकि और रूईमें दबी सोच हमेंशा उसके कपड़ों से नहीं, वल्कि  "37 नई रखें परंतु अपने उसके [কীমররিণা ९सेशीज्यादा ஊரி विचारों संस्कारों को कभी भयानक नष्ट ना होने दें.!! और कीमती चरित्र दिलफ् छिपा "कपट से होती है। আকি gq9 %731{ 57 भीड़ में तो सब साथ होते हैं लेकिन रिचार्ज  যমাঁ ৪৫ থিনা लेग सामने खडे भे जैंसा है ठहरता वही है जिसे  बैलेंस है 2 d 38 d1 #ral নন নক फिक्र  आपकी हो. !! लोग संपर्क  तव तक में रहते है !!! उनको देखने दा भे मन आँख में पडा " तिनका संगर्त अच्छी होनी ३ चाहिए  पैर में धंसा कांटा  इसान की पहचान  क्योंकि और रूईमें दबी सोच हमेंशा उसके कपड़ों से नहीं, वल्कि  "37 नई रखें परंतु अपने उसके [কীমররিণা ९सेशीज्यादा ஊரி विचारों संस्कारों को कभी भयानक नष्ट ना होने दें.!! और कीमती चरित्र दिलफ् छिपा "कपट से होती है। আকি gq9 - ShareChat
#☝अनमोल ज्ञान
☝अनमोल ज्ञान - नींदे भी कुछ जिम्मेदारीयां  निखरता चही है जो पहले सबसे उडा देती ज्यादा बिखरचुका होता है , घरकी , देर रात तक जागने चाला हर यही जीवन का सत्य हें" शख्स आशिक़ नहीं होता " समझ लीजिए ये बातें Eldez মনভপ্র লনীশলা মকনা de' काई देलर नुम्ह फिट नही चला सकता Sselue 2pe aE1 ao aoodl dಕ' गेहजत खुद करजी पडेगी दोबारा गर्म की गईचाय ओर समझीोता किया हुआ रिश्ता , दोनों में पहले जेसी मिठास कभी भी नहीं आती" नींदे भी कुछ जिम्मेदारीयां  निखरता चही है जो पहले सबसे उडा देती ज्यादा बिखरचुका होता है , घरकी , देर रात तक जागने चाला हर यही जीवन का सत्य हें" शख्स आशिक़ नहीं होता " समझ लीजिए ये बातें Eldez মনভপ্র লনীশলা মকনা de' काई देलर नुम्ह फिट नही चला सकता Sselue 2pe aE1 ao aoodl dಕ' गेहजत खुद करजी पडेगी दोबारा गर्म की गईचाय ओर समझीोता किया हुआ रिश्ता , दोनों में पहले जेसी मिठास कभी भी नहीं आती" - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🧘सदगुरु जी🙏 #☝अनमोल ज्ञान
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - Cc in' 3391 హ్ Wednesdny 3 _~ட -04+71 3n741' <912 #7Y472 அ 4]4433 Ca - tv ' 3391 13/05/2026 Wednesday Soul Thr TFlin "  5 wh 'l n "o   1 30ನ a Cc in' 3391 హ్ Wednesdny 3 _~ட -04+71 3n741' <912 #7Y472 அ 4]4433 Ca - tv ' 3391 13/05/2026 Wednesday Soul Thr TFlin "  5 wh 'l n "o   1 30ನ a - ShareChat
#🧘सदगुरु जी🙏 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🧘सदगुरु जी🙏 - அிதனக6 ತಹವl PTRಕl  ~mU I CEI TUTIT]IIITWIITI TT (oM !HrrnlRat ti LYarMtam -daiFr O alautinel d (4 नय कर வ ऐसे संनंधों की तताश करना जो हर्मे परेरित और उत्साहित करे॰ कभी कभी इसका अर्थ होता ह कि हर्मे उन व्यक्तिरयों से दूरी बनानी पडे़ेजो। नकारात्मक, छलपूर्ण चा असहयोगी हो। यद्यपि यह कठिन हो सकेता हे परतु हमारे विकास लिए यह आवश्यक हे। आर कल्याणके शरीजी १३ ५ २०२६ அிதனக6 ತಹವl PTRಕl  ~mU I CEI TUTIT]IIITWIITI TT (oM !HrrnlRat ti LYarMtam -daiFr O alautinel d (4 नय कर வ ऐसे संनंधों की तताश करना जो हर्मे परेरित और उत्साहित करे॰ कभी कभी इसका अर्थ होता ह कि हर्मे उन व्यक्तिरयों से दूरी बनानी पडे़ेजो। नकारात्मक, छलपूर्ण चा असहयोगी हो। यद्यपि यह कठिन हो सकेता हे परतु हमारे विकास लिए यह आवश्यक हे। आर कल्याणके शरीजी १३ ५ २०२६ - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🧘सदगुरु जी🙏
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - ओर चित्त इसके अंदर भी अंतरहे। मन का -7 या सुखी हो संबध शरीर के साथ हे। मन दःखी सकता ह। चित्त दुःखी या नही होता। चित्त सखी का सबध आत्मा के साथ हे। चित् पवित्र और निरीक्षणा  अपवित्र हो सकता ह। लेकिन चित्त सुखी या नही हो सकता। नो चित्त का केवल करो। तोभी आप देखोगे , चित्त भीतर ही रहना सीख जाएगा। परम पूज्य श्री शिवकृपानंद स्वामीजी  डोक्टर सेमिनार सूरत ६ जून २०१४  * जय बावा स्वामी नीम की तरह श्री साई संदेश [ बद a कड़वे होकर भी॰ औषधि बनो छाया बनो और बिना किसी स्वार्थ के दूसरों का भलाकरो।।।। ओम साई राम ओर चित्त इसके अंदर भी अंतरहे। मन का -7 या सुखी हो संबध शरीर के साथ हे। मन दःखी सकता ह। चित्त दुःखी या नही होता। चित्त सखी का सबध आत्मा के साथ हे। चित् पवित्र और निरीक्षणा  अपवित्र हो सकता ह। लेकिन चित्त सुखी या नही हो सकता। नो चित्त का केवल करो। तोभी आप देखोगे , चित्त भीतर ही रहना सीख जाएगा। परम पूज्य श्री शिवकृपानंद स्वामीजी  डोक्टर सेमिनार सूरत ६ जून २०१४  * जय बावा स्वामी नीम की तरह श्री साई संदेश [ बद a कड़वे होकर भी॰ औषधि बनो छाया बनो और बिना किसी स्वार्थ के दूसरों का भलाकरो।।।। ओम साई राम - ShareChat