Preeti
ShareChat
click to see wallet page
@pri197
pri197
Preeti
@pri197
मुझे ShareChat पर फॉलो करें!
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #☝अनमोल ज्ञान
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - Jai Shree Krishna !! जीतने से पहले जीत और चला हसने की कोईी हम बजह दढने ह जियरनाहोकोड Mlunನ CaR! J से पहले हार कभी নননবনলিধজীসমদনাীতারী মাংন ' u-luffd ನನ. ನ1 Hdk EodR! एया सग कितर्ना का जिदगी की जंग र्मे॰ चाहिए। ಹeನ  गिरह ச்யத नहीं माननी यक्त गुजरा भटकते ७ए अंधेरोंनें॰ अधरी रात की॰ हम सुवह दंढने ह ! OOV मूर्खव्यक्तिकी Xowting | पहचान उसकी !! Cood hiend!! Da "चाणी"्से होतीहै W Hace A Fantaslic ] !! और एक बुद्धिमान सुख चाहते हो डंसानकीपहचान उसके " मोन"से। तो रात में जागना नहीं. अनमोल चचन शान्ति चाहते हो मिले हुए समय को ही अच्छा तो दिन में सोना नहींः. बनाए सम्मान चाहते होे अगर अच्छे रमय की बोलना  तो व्यर्थ नहीं. राह देखेंगे तो पूरा जीवन कम  प्यार चाहते हो छोड़ना  तोअपनों को पड जाएगा  =6.!! Jai Shree Krishna !! जीतने से पहले जीत और चला हसने की कोईी हम बजह दढने ह जियरनाहोकोड Mlunನ CaR! J से पहले हार कभी নননবনলিধজীসমদনাীতারী মাংন ' u-luffd ನನ. ನ1 Hdk EodR! एया सग कितर्ना का जिदगी की जंग र्मे॰ चाहिए। ಹeನ  गिरह ச்யத नहीं माननी यक्त गुजरा भटकते ७ए अंधेरोंनें॰ अधरी रात की॰ हम सुवह दंढने ह ! OOV मूर्खव्यक्तिकी Xowting | पहचान उसकी !! Cood hiend!! Da "चाणी"्से होतीहै W Hace A Fantaslic ] !! और एक बुद्धिमान सुख चाहते हो डंसानकीपहचान उसके " मोन"से। तो रात में जागना नहीं. अनमोल चचन शान्ति चाहते हो मिले हुए समय को ही अच्छा तो दिन में सोना नहींः. बनाए सम्मान चाहते होे अगर अच्छे रमय की बोलना  तो व्यर्थ नहीं. राह देखेंगे तो पूरा जीवन कम  प्यार चाहते हो छोड़ना  तोअपनों को पड जाएगा  =6.!! - ShareChat
#☝अनमोल ज्ञान #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
☝अनमोल ज्ञान - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #☝अनमोल ज्ञान
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - फिकपन्तह रतिए पदि नान Cum +81 |   4 झुकना ' यानी एक आत्मा का एक आत्मा के सामने अपनी ग्रहण करने की इच्छा शक्ति दर्शाना है क्योकि ध्यान आत्म ज्ञान से प्राप्त हो सकता है और।यह) केवल शारीरिक स्तर परनहीं होना चाहिए। |बाबा स्वामी जी। फिकपन्तह रतिए पदि नान Cum +81 |   4 झुकना ' यानी एक आत्मा का एक आत्मा के सामने अपनी ग्रहण करने की इच्छा शक्ति दर्शाना है क्योकि ध्यान आत्म ज्ञान से प्राप्त हो सकता है और।यह) केवल शारीरिक स्तर परनहीं होना चाहिए। |बाबा स्वामी जी। - ShareChat
#☝अनमोल ज्ञान #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
☝अनमोल ज्ञान - Guaatattva G faltvas Every moment of the Satguru's 'सान्निध्य' का प्रत्येक क्षण बहुमूल्य है, सद्गुरु के proximity' is invaluable, because at वैश्विक  af గా గT గాh सामूहिकता के साथ that time we are with a universal रहते हैं। collectivity श्री शिवकृपानंद स्वामीजी Shree Shivkrupanand Swamiji हिमालयन समर्पण समर्पण भाव ध्यान योग यानी एक आत्मा का झुकना ? 2  एक आत्मा के सामने अपनी ग्रहण लिए चित्त शुद्धि के करने की इच्छा शक्ति दर्शाना है गुरु चरण क्योंकि ध्यान आत्म ज्ञान से प्राप्त से अच्छा इस जगत में कोई स्थान नहीं है क्योंकि हो सकता और (यह) केवल शारीरिक स्तर परनहीं होना चरण मेंअच्छे चित्त वाले चाहिए। (बाबा स्वामी जी) साधकों की सामूहिक शक्ति होती है। (बाबा स्वामी जी) Guaatattva G faltvas Every moment of the Satguru's 'सान्निध्य' का प्रत्येक क्षण बहुमूल्य है, सद्गुरु के proximity' is invaluable, because at वैश्विक  af గా గT గాh सामूहिकता के साथ that time we are with a universal रहते हैं। collectivity श्री शिवकृपानंद स्वामीजी Shree Shivkrupanand Swamiji हिमालयन समर्पण समर्पण भाव ध्यान योग यानी एक आत्मा का झुकना ? 2  एक आत्मा के सामने अपनी ग्रहण लिए चित्त शुद्धि के करने की इच्छा शक्ति दर्शाना है गुरु चरण क्योंकि ध्यान आत्म ज्ञान से प्राप्त से अच्छा इस जगत में कोई स्थान नहीं है क्योंकि हो सकता और (यह) केवल शारीरिक स्तर परनहीं होना चरण मेंअच्छे चित्त वाले चाहिए। (बाबा स्वामी जी) साधकों की सामूहिक शक्ति होती है। (बाबा स्वामी जी) - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #☝अनमोल ज्ञान
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - THti WWil roztalgeulliciurdriiri, Tdl ঝাববীলবকা ঘাবতানতা দককঙলনাব Rdmurntri-hmamnl  खेळाड Ud ICUTCIdWHG WdWuTdId; md`a ಈleಭanm नाही खेळाडला फक्त जिकायचे अ्रसते. ~ দৈব্্যমববী [ Twwik श्री स्वामी समर्थ ٦٥77 | বোদী মদর্থ खनी हगतत . सपदेगर  परेखितीत स५ सोडत नही ೯೫೯' @Rmaswaurr ನನt ITI अनुभव आहे म्हणून तर नशिबापेक्षा जास्त 9 विरवास स्वामींवर आहे. G` 3 antalol THti WWil roztalgeulliciurdriiri, Tdl ঝাববীলবকা ঘাবতানতা দককঙলনাব Rdmurntri-hmamnl  खेळाड Ud ICUTCIdWHG WdWuTdId; md`a ಈleಭanm नाही खेळाडला फक्त जिकायचे अ्रसते. ~ দৈব্্যমববী [ Twwik श्री स्वामी समर्थ ٦٥77 | বোদী মদর্থ खनी हगतत . सपदेगर  परेखितीत स५ सोडत नही ೯೫೯' @Rmaswaurr ನನt ITI अनुभव आहे म्हणून तर नशिबापेक्षा जास्त 9 विरवास स्वामींवर आहे. G` 3 antalol - ShareChat
#☝अनमोल ज्ञान #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
☝अनमोल ज्ञान - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #☝अनमोल ज्ञान
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - २१ फखरी सवतनता Awindrulness ओरथ्यान स भगवदीता म भगवान बहते ह गी सभ जीव जन्म  प्रकियारम शक्तिशाली साधनही सवतनता का लेने से पहले अव्यक्त होतेहें शथत उनकी स्थिति का अभ्यास करके हम अपने बिचारो ओर ओर मृत्युके बदभी सभी जीव  कुछ पना नही होना  भावनाओं को बिना निर्णय क देखना सीखते 6 अव्यळ्त हो जातेहॅ, शयात अद्ञात स्थन पर चले जिससे हम अतीत के आघातों से जुड़े पेटर्न पहवान सकते ह। ध्यान मन को शांत करता है जातह। ओरह्नें अपने गहर आत्मसे जोड़ता हेजो दर्द जो यह जन्म और मृत्यु के बीच का काल  से परेह। ह उसी म सभी जीव व्यक्त अथात प्रकट शीजी २१ २ २०२६ दिखई देते ह। अतः ऐगे क्षणभगुर देहवे लिए कोई वृद्विमान चक्ति कग विसीभा प्रकार কা সাব কযয '3mamA  amಾa T "दीपक" इसलिये जरूरी नहीं हरगिफट कोई चीज ही वंदनीय है , क्योकि वह भी बहुत हो॰॰प्यार पखाह रिस्पेक्ट लिए "के" द्रूसरों  जलता अच्छे गिफट है.कभी किसी को "से" नहीं గే {RI ' देकरतो देखे 8 जलता 0 साईरम ऊँ श्री साई राम २१ फखरी सवतनता Awindrulness ओरथ्यान स भगवदीता म भगवान बहते ह गी सभ जीव जन्म  प्रकियारम शक्तिशाली साधनही सवतनता का लेने से पहले अव्यक्त होतेहें शथत उनकी स्थिति का अभ्यास करके हम अपने बिचारो ओर ओर मृत्युके बदभी सभी जीव  कुछ पना नही होना  भावनाओं को बिना निर्णय क देखना सीखते 6 अव्यळ्त हो जातेहॅ, शयात अद्ञात स्थन पर चले जिससे हम अतीत के आघातों से जुड़े पेटर्न पहवान सकते ह। ध्यान मन को शांत करता है जातह। ओरह्नें अपने गहर आत्मसे जोड़ता हेजो दर्द जो यह जन्म और मृत्यु के बीच का काल  से परेह। ह उसी म सभी जीव व्यक्त अथात प्रकट शीजी २१ २ २०२६ दिखई देते ह। अतः ऐगे क्षणभगुर देहवे लिए कोई वृद्विमान चक्ति कग विसीभा प्रकार কা সাব কযয '3mamA  amಾa T "दीपक" इसलिये जरूरी नहीं हरगिफट कोई चीज ही वंदनीय है , क्योकि वह भी बहुत हो॰॰प्यार पखाह रिस्पेक्ट लिए "के" द्रूसरों  जलता अच्छे गिफट है.कभी किसी को "से" नहीं {RI ' देकरतो देखे 8 जलता 0 साईरम ऊँ श्री साई राम - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #☝अनमोल ज्ञान
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - 044 1the-soul Inds tno compony o  good সময আানা কী অঙ্ডী সানাসী কী মাল মিল souls in tihis siuotion the soul becomes सामहिकता की संगत मिले तो आल्मा ही अधिक moro poworlu ondl tho soul bocomes सशक्त हो जाएगी| ओर आत्मा अधिक सशक्त हो more powerul " wiil nuve ne conto जाएगी तो उसका ही निपत्रण शरीरपरहो जाएगा  over the physical body a న 199 + 00990p9990 गुरू देव के आत्म संदेश  प्पान मे अपने गुरुदेव के सानिष्य  (৪) " থিষ্স " ঘুম৯ নিস্াণন को पकायसयाकी सारी प्रगति चो खदती करदेँगे  होते उन्हे देखकरही अन्य लोग जुडते हे गुरू से। यह हमारे  आत्म देवो भव " ( మన आध्यात्मिक प्रगती की चरण सीमा  हे आप अपने ही अंत मे गुरूहो जाते  हैे लेकीन यह स्थिती एकदम अंत मे शूरु मे नहीं। (६) " मन " बडा चंचल होता हे वह हर्में किसी जगह स्थिर होने नहीं देता  ध्यान में अपने के सानिध्य गुरुदेव हे ध्यान मे भी नहीं। बाबा स्वामी 41 443 044 1the-soul Inds tno compony o  good সময আানা কী অঙ্ডী সানাসী কী মাল মিল souls in tihis siuotion the soul becomes सामहिकता की संगत मिले तो आल्मा ही अधिक moro poworlu ondl tho soul bocomes सशक्त हो जाएगी| ओर आत्मा अधिक सशक्त हो more powerul " wiil nuve ne conto जाएगी तो उसका ही निपत्रण शरीरपरहो जाएगा  over the physical body a న 199 + 00990p9990 गुरू देव के आत्म संदेश  प्पान मे अपने गुरुदेव के सानिष्य  (৪) " থিষ্স " ঘুম৯ নিস্াণন को पकायसयाकी सारी प्रगति चो खदती करदेँगे  होते उन्हे देखकरही अन्य लोग जुडते हे गुरू से। यह हमारे  आत्म देवो भव " ( మన आध्यात्मिक प्रगती की चरण सीमा  हे आप अपने ही अंत मे गुरूहो जाते  हैे लेकीन यह स्थिती एकदम अंत मे शूरु मे नहीं। (६) " मन " बडा चंचल होता हे वह हर्में किसी जगह स्थिर होने नहीं देता  ध्यान में अपने के सानिध्य गुरुदेव हे ध्यान मे भी नहीं। बाबा स्वामी 41 443 - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #☝अनमोल ज्ञान
🙏गुरु महिमा😇 - C ' Cu'-   Cie ' న 33ಗ 11[9 330% 192~ l  2010212020 ude Fritly Triday  311 Soul 31111 a Wedrilllly rI Eh nடபrnti 1 ' hn िभकी रानसशत a Fumpany "'y " 9 ನ  ದೂ ಾಗ   =5#5! =031 94=| 44 ಈ೦ೂ3 प२ शताही४ Hnha SWaIu 41ವrವ 20,0212020 4 26|_|26243 8 /1 3308 19.02.2026 C ' Cu'-   Cie ' న 33ಗ 11[9 330% 192~ l  2010212020 ude Fritly Triday  311 Soul 31111 a Wedrilllly rI Eh nடபrnti 1 ' hn िभकी रानसशत a Fumpany "'y " 9 ನ  ದೂ ಾಗ   =5#5! =031 94=| 44 ಈ೦ೂ3 प२ शताही४ Hnha SWaIu 41ವrವ 20,0212020 4 26|_|26243 8 /1 3308 19.02.2026 - ShareChat
#☝अनमोल ज्ञान #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇
☝अनमोल ज्ञान - किसी क्षण कैवल जीकर देखो।  किवल जिओ , जीवन सै लडो मत : TTTFஙI छीना झपटी न करो। चुप होकर देखो : क्या होता हे। F | =--=*=--| 12 চান 7 তবে ম সা7 বীনন ব্া নরে शपताताम 41 ಹl <nrನl ಗ್Y <n  Kri    WP 7 - साई याया {    कोई भी परिस्थिति हो a ٢ माथे पर शिकन 1   ~  न आने दो॰ स्वयं को Ierehne hena कमजोर साबित मत करो १९ फरवरी इस ससार म जीवो काएफ साय निगास झरन  বিমী নবব পাব এওেনয বরামিপ্া ব দমিব মান जसा ह। सवका अपना अपना कमफल हीत ह आर वढी कमफल लावाचो एकसा्य मिला देता {।  आरनिस पकार कण समव प्ाऊपा रफनळयाद यात्री अप्न अपनी दिशाओं म घलजात & उमा फ्कार कमाल क कारण  एक बारजन हम अपन आगाता को खीकार कर सव जीव एक दिन अरग अरग दिशाआ म स्वयं केप्रति करुणा নন जगला कद গরন নান য l মানিচ মমা ৭ 9ানোবে चिकसित कखा। अव्सर हम अपन आघारता पर जावन ला यत सत्यदी।  पतिकरिया देने याआगे बढ़ने मे असमर्थ होने के लिए स्र्य को कठोरता आकते ह। किसी क्षण कैवल जीकर देखो।  किवल जिओ , जीवन सै लडो मत : TTTFஙI छीना झपटी न करो। चुप होकर देखो : क्या होता हे। F | =--=*=--| 12 চান 7 তবে ম সা7 বীনন ব্া নরে शपताताम 41 ಹl <nrನl ಗ್Y <n  Kri    WP 7 - साई याया {    कोई भी परिस्थिति हो a ٢ माथे पर शिकन 1   ~  न आने दो॰ स्वयं को Ierehne hena कमजोर साबित मत करो १९ फरवरी इस ससार म जीवो काएफ साय निगास झरन  বিমী নবব পাব এওেনয বরামিপ্া ব দমিব মান जसा ह। सवका अपना अपना कमफल हीत ह आर वढी कमफल लावाचो एकसा्य मिला देता {।  आरनिस पकार कण समव प्ाऊपा रफनळयाद यात्री अप्न अपनी दिशाओं म घलजात & उमा फ्कार कमाल क कारण  एक बारजन हम अपन आगाता को खीकार कर सव जीव एक दिन अरग अरग दिशाआ म स्वयं केप्रति करुणा নন जगला कद গরন নান য l মানিচ মমা ৭ 9ানোবে चिकसित कखा। अव्सर हम अपन आघारता पर जावन ला यत सत्यदी।  पतिकरिया देने याआगे बढ़ने मे असमर्थ होने के लिए स्र्य को कठोरता आकते ह। - ShareChat