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#☝अनमोल ज्ञान #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏गुरु महिमा😇
☝अनमोल ज्ञान - गुरु जैसा न आसरा गुरू जैसा न मीत  Gutalla गुरु कृपा से पाइए चचल मन पर जीत  सुखी वह हो सकता है, जिसके प्रत्येक क्षण  जय बाबा स्वा्मी 'भीतर ही सुख है। भीतर के सुख को ही 'आत्मसुख' कहते है। श्री शिवकृपानंद स्वामीजी  नोव्हेंबर २०२५ के Guki गुरू देव के आत्म संदेश " One who has happiness within  experiences happiness in every (१९) " मन " बडा ही विचित्र moment The happiness within, is  ن itself called inner happiness है किस के मन क्या है वह Shree Shivkrupanand Swamii 8 वन कभी जानना कठीण है। (२०) " मन " को हम कभी बांधकर नहीं रख सकते जब तक शरीर भाव है तब तक MlrrNTiiMilk मन है। (२१ ) जब हमारी " गुरू  " 0R श्रद्धा हो तभी उसका आशीर्वाद MilMM; iMiMFM itilt| d फलिश्रुत " होता है। बाबा स्वामी गुरु जैसा न आसरा गुरू जैसा न मीत  Gutalla गुरु कृपा से पाइए चचल मन पर जीत  सुखी वह हो सकता है, जिसके प्रत्येक क्षण  जय बाबा स्वा्मी 'भीतर ही सुख है। भीतर के सुख को ही 'आत्मसुख' कहते है। श्री शिवकृपानंद स्वामीजी  नोव्हेंबर २०२५ के Guki गुरू देव के आत्म संदेश " One who has happiness within  experiences happiness in every (१९) " मन " बडा ही विचित्र moment The happiness within, is  ن itself called inner happiness है किस के मन क्या है वह Shree Shivkrupanand Swamii 8 वन कभी जानना कठीण है। (२०) " मन " को हम कभी बांधकर नहीं रख सकते जब तक शरीर भाव है तब तक MlrrNTiiMilk मन है। (२१ ) जब हमारी " गुरू  " 0R श्रद्धा हो तभी उसका आशीर्वाद MilMM; iMiMFM itilt| d फलिश्रुत " होता है। बाबा स्वामी - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #☝अनमोल ज्ञान
🙏गुरु महिमा😇 - सुख व्यक्ति के अहकार स्वभाव मनापर्यत की परीक्षा लेता है पोहोचला यकीन मानो वो  आपुलकीच नातं எa और लौटकर सब कुछ निर्मण होतं आएगा.. धैर्य की  नाहीतर ती फक्त ओळखच दुःख व्यक्ति के जो आप किसी को आज दे रहे हो.!! ठरते आपका दिन मंगलमय हो! आपला दिवस आनंदात जावो " मेरेअनभव " जैसा कल श देश में " राजा " वैस शाज नहीं  है में " गुरु" ammwahl समाज ٦٧٧٦٦ परिवारमें "पिता " शैरजैसा शाज ' घरमें "स्त्री" ٨٢٨٨٧٨٦ जीवन में दोस्त वैर कत नहीं रहेगा, TTuಝit ' ये कभी " साधारण" नहीं होते क्योंकि eoyyourlile ٦٧٨٨٧٨٦٨٨٦ निर्माण और प्रलय इन्हीं के " हाथ" में होता है and smile] HANt ^ty जय जिनेन्द्र सुख व्यक्ति के अहकार स्वभाव मनापर्यत की परीक्षा लेता है पोहोचला यकीन मानो वो  आपुलकीच नातं எa और लौटकर सब कुछ निर्मण होतं आएगा.. धैर्य की  नाहीतर ती फक्त ओळखच दुःख व्यक्ति के जो आप किसी को आज दे रहे हो.!! ठरते आपका दिन मंगलमय हो! आपला दिवस आनंदात जावो " मेरेअनभव " जैसा कल श देश में " राजा " वैस शाज नहीं  है में " गुरु" ammwahl समाज ٦٧٧٦٦ परिवारमें "पिता " शैरजैसा शाज ' घरमें "स्त्री" ٨٢٨٨٧٨٦ जीवन में दोस्त वैर कत नहीं रहेगा, TTuಝit ' ये कभी " साधारण" नहीं होते क्योंकि eoyyourlile ٦٧٨٨٧٨٦٨٨٦ निर्माण और प्रलय इन्हीं के " हाथ" में होता है and smile] HANt ^ty जय जिनेन्द्र - ShareChat
#☝अनमोल ज्ञान #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏गुरु महिमा😇
☝अनमोल ज्ञान - १६ फरवरा जय-विजय और प्रह्ाद महाराज के चरित्र से हमें जीव मे शुभ वासना विशुद्ध  पता चलता है की किसी भी॰ वैष्णवों की कृपा से होती है और अशुभ ्वासना वैष्णवों के कोप से होती है। कुमारों के कोप के कारण वैकुण्ठ  লম বায मे रहने वाले भगवत्पार्षदों मे भी अशुभ- वासना उत्पन्न हो गयी, और इसी के विपरीत मैं वचन देता हूँ मे श्री नारद जी की कृपा से प्रह्ाद महाराज शुभनवासना अर्थात भगवान की शुद्ध भक्ति  उत्पन्न हो गयी। कि जब भी तुम्हें मेरी  होगी जसरत साइ बाबा मैं तुम्हारे पास आ जाऊंगा। बस  मेरी ज़रूरत महसूस करो। स्वामी O೦ure ये घाव अक्सर भय, चिंता या व्यवहार के पैटर्न जो मालिक के दिखाये के रूप में प्रकट होते हैं जो हमें वर्तमान में पूर्ण  रूप से जीने से रोकते है। हालाँकि, उपचार का रास्ते पर चलता है मार्ग न केवल संभव है बल्कि रूपांतरकारी भी वह सदैव उत्तीर्ण होता है है,जो हमें अपने और अपने उद्देश्य की गहरी মমস নব্ধ ল নানা ; | श्री जी १६ २. २०२६ निष्काम भाव से मेरी पूजा करो। तुम्हारे सभी मनोरथ मौलिक सिद्ध గTTI 5 आनन्द की प्राप्ति होगी। १६ फरवरा जय-विजय और प्रह्ाद महाराज के चरित्र से हमें जीव मे शुभ वासना विशुद्ध  पता चलता है की किसी भी॰ वैष्णवों की कृपा से होती है और अशुभ ्वासना वैष्णवों के कोप से होती है। कुमारों के कोप के कारण वैकुण्ठ  লম বায मे रहने वाले भगवत्पार्षदों मे भी अशुभ- वासना उत्पन्न हो गयी, और इसी के विपरीत मैं वचन देता हूँ मे श्री नारद जी की कृपा से प्रह्ाद महाराज शुभनवासना अर्थात भगवान की शुद्ध भक्ति  उत्पन्न हो गयी। कि जब भी तुम्हें मेरी  होगी जसरत साइ बाबा मैं तुम्हारे पास आ जाऊंगा। बस  मेरी ज़रूरत महसूस करो। स्वामी O೦ure ये घाव अक्सर भय, चिंता या व्यवहार के पैटर्न जो मालिक के दिखाये के रूप में प्रकट होते हैं जो हमें वर्तमान में पूर्ण  रूप से जीने से रोकते है। हालाँकि, उपचार का रास्ते पर चलता है मार्ग न केवल संभव है बल्कि रूपांतरकारी भी वह सदैव उत्तीर्ण होता है है,जो हमें अपने और अपने उद्देश्य की गहरी মমস নব্ধ ল নানা ; | श्री जी १६ २. २०२६ निष्काम भाव से मेरी पूजा करो। तुम्हारे सभी मनोरथ मौलिक सिद्ध గTTI 5 आनन्द की प्राप्ति होगी। - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #☝अनमोल ज्ञान
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - ये बुरा ' वख्त़ सबके हिस्से में हैं कोई इसे जी चुका है कोई जी रहा है (ು #9!&_9!9 ये बुरा ' वख्त़ सबके हिस्से में हैं कोई इसे जी चुका है कोई जी रहा है (ು #9!&_9!9 - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #☝अनमोल ज्ञान #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏गुरु महिमा😇 - समर्पण थ्यान दो शव्दं से बना हा दी शब्दों से बना ह संतुलन। 31 = इस्में हमएकभीनहीं छोड सकते  इन दोनों से हमारा नियंत्रण हयारी रडा और पिंगला दोनों नाडियों पर समर्पण भाव के चजाता हे ओर हम मध्य नाड़ी पय जाते हस्योताआथ्यालिक सत्य साथ आकर अपने भीतर की यात्रा की जा सकती है। 04 णीयन 4a प्रत्येक 3 पर्तमान ।परम पूज्य श्री 0 कण आपकी भविष्य निर्माण होते  रहता हे। शिवकपानद स्वामीजी शिवकृपानंदस्वामी जी। समर्पण थ्यान दो शव्दं से बना हा दी शब्दों से बना ह संतुलन। 31 = इस्में हमएकभीनहीं छोड सकते  इन दोनों से हमारा नियंत्रण हयारी रडा और पिंगला दोनों नाडियों पर समर्पण भाव के चजाता हे ओर हम मध्य नाड़ी पय जाते हस्योताआथ्यालिक सत्य साथ आकर अपने भीतर की यात्रा की जा सकती है। 04 णीयन 4a प्रत्येक 3 पर्तमान ।परम पूज्य श्री 0 कण आपकी भविष्य निर्माण होते  रहता हे। शिवकपानद स्वामीजी शिवकृपानंदस्वामी जी। - ShareChat
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🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 - महाशिवरात्रि शुभ अवसर पर आपको और आपके परिवार को ढेरसारी शुभकामनाये भक्ति करने का मतलब केचल ब्रत जप नप आदि करना नहीं जय बाबा स्वामी भगचान कहते है इससे मै प्रसन्न नहीं होता तुम्हारे विकारों कान्याग ही सच्ची भक्ति है सच्चा समर्पण हैमा महाशिवरात्रि शुभ अवसर पर आपको और आपके परिवार को ढेरसारी शुभकामनाये भक्ति करने का मतलब केचल ब्रत जप नप आदि करना नहीं जय बाबा स्वामी भगचान कहते है इससे मै प्रसन्न नहीं होता तुम्हारे विकारों कान्याग ही सच्ची भक्ति है सच्चा समर्पण हैमा - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇 #☝अनमोल ज्ञान #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏
🙏गुरु महिमा😇 - शिचार अगरजच्े ह अपना मनन्दी मदिरह। ٩7٩7٢ ٦٦ तो अपना तनगहा मदिर 8 । Sadguru is everything [ शदशदा शा वहार जगरभच्छा 6 inour eterna ne अपना धनन्ही भदिरह। Nothingis posstbie Vrhont hims ओरपा तीनों अगरआच्े { Lile needs some power जीवननही मथिर हे ् Mal to push you up Sadguru TNT' १a that super powen जयजिनेन्द्र  संगीत को आध्यात्मिक साघना केरूपमे 35 िो गने पार। अपनाकर हम आंतरिक खोज ओर विकास की प्रणाम लिए स्वयको खोलते हे সনন মসাননাসা ক प्रणाम   प्रेम ६ जिससे संगीत हर्मे हमारे अस्तित्व के सबसे गहरे সপাস  সনুমামন E हिस्सों की यात्रा परलेजाता ह। a प्रणाम   आदर 6 श्रीजी १४२ २०२६ प्रणाम   शीतलता ह प्रणाम से॰ सुविचार आते ह WITIT AఫITIITI प्रणाम सकना सिखाता ४ प्र्रणमम औस्ू्न धमिदता है प्रणाम अहकार भिटा देता Timii-k:nfi प्रणाम हमारी सस्कति @ সপাস   ময মমস্পনা ঊ सभी को प्रणाम ज साप जागा गोगेढ राह =ர்=  = ஈனரிஈள் == मनापर्यत स्वभाव नषट हो जार्त 6 पदैसपर मख मैगिर नो विप चन पोहोचला जाती 6 पदि रमलपय पर गिरतो चमवने रगर्त 7 समुदर क सर्प मगिर ता मती बन  आपुलकीच আঁমলি दत  ٢ F71 निमाण होतं =7##7==77 5=~` नाहीतर फक्त आळखच उसनी विशपना ह। उर्स फहा गिरख तग मनुप्य फा जीवन भीत मनुप्य निमा ठर सा्य सद झरता ढ उसा प्रकारतीजात ७ L1   anm inM ಹa-inl 7 शिचार अगरजच्े ह अपना मनन्दी मदिरह। ٩7٩7٢ ٦٦ तो अपना तनगहा मदिर 8 । Sadguru is everything [ शदशदा शा वहार जगरभच्छा 6 inour eterna ne अपना धनन्ही भदिरह। Nothingis posstbie Vrhont hims ओरपा तीनों अगरआच्े { Lile needs some power जीवननही मथिर हे ् Mal to push you up Sadguru TNT' १a that super powen जयजिनेन्द्र  संगीत को आध्यात्मिक साघना केरूपमे 35 िो गने पार। अपनाकर हम आंतरिक खोज ओर विकास की प्रणाम लिए स्वयको खोलते हे সনন মসাননাসা ক प्रणाम   प्रेम ६ जिससे संगीत हर्मे हमारे अस्तित्व के सबसे गहरे সপাস  সনুমামন E हिस्सों की यात्रा परलेजाता ह। a प्रणाम   आदर 6 श्रीजी १४२ २०२६ प्रणाम   शीतलता ह प्रणाम से॰ सुविचार आते ह WITIT AఫITIITI प्रणाम सकना सिखाता ४ प्र्रणमम औस्ू्न धमिदता है प्रणाम अहकार भिटा देता Timii-k:nfi प्रणाम हमारी सस्कति @ সপাস   ময মমস্পনা ঊ सभी को प्रणाम ज साप जागा गोगेढ राह =ர்=  = ஈனரிஈள் == मनापर्यत स्वभाव नषट हो जार्त 6 पदैसपर मख मैगिर नो विप चन पोहोचला जाती 6 पदि रमलपय पर गिरतो चमवने रगर्त 7 समुदर क सर्प मगिर ता मती बन  आपुलकीच আঁমলি दत  ٢ F71 निमाण होतं =7##7==77 5=~` नाहीतर फक्त आळखच उसनी विशपना ह। उर्स फहा गिरख तग मनुप्य फा जीवन भीत मनुप्य निमा ठर सा्य सद झरता ढ उसा प्रकारतीजात ७ L1   anm inM ಹa-inl 7 - ShareChat
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🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 - এসারিমী 7 Hae  1 1 ೯; बह नो तुफ्तारे पेमकी पड्चकन रम सास नेता ह। जिस दिन नुन बिना Nई बवा मागे प्रेम करने लगत हो॰ उसी दिन अहकारगिर जाना आर परमात्मा प्कटतजाता हपरिम  शतसे { पक हीता @ बढ पार्थना बन तगी a जहा प्रमगहरा होता ह HO रहा शर्दमान ही जाते ಒir3i La परमात्मा तृम पहली यार रूता ह प्रेम में रगा ढदप ही ईश्वर எராரி ஈச पहचने कासवस सरल सहल आर सर्वशेष मार्ग पूर्ण चिश्चास व समर्पण मेरा दिया हुआ चचन कभी अधूरा १११ इन भाँ्षों नही होताःसमय भले ही बदल हे मेरे साई जाए हालात कठिन होजाए पर मेरी बात कभी झूठी नहीं होती। तुम बड़ा खुश नसीब है जल्दी में परिणाम चाहते हो॰ बो जिसकेनसीब में ो देषो तुफ्ें हा प्रश्नों इसलिए कभीनकभी तुम्हे लगता6 तुम हो , उसे ओर क्या कि कुछहो नहीं रहा। परजो मने चाहिये जिसके तुम तुम्हारे लिए तय किया aRನ सही रूपनेंही पूस करीब हो Fm -0 मेरीहरदेरी के पीछे भी तहारी ठा ग्तता गित जाएगा भलाई होती ह॰॰तम बस धर्य छपी चाहे कसी मी स्थिति आए ओर विश्वास बनाएरखो। मेजो उसे निभाता भी हू। अगर कभी अपने गुर का साथ कहत मेने तुम्हारा हाथ थामा ह॰तो 5 मत छाडा। सदा उन पा मंज़िल तक पहचाकर ही छोड़ूँग विश्वास रखा। इसलिएचिंता मत करो॰शंका पत ar मेरा वचन पत्थरकी लिकीर है। देरहो सकती है॰ परअधूरा कभी 69 এসারিমী 7 Hae  1 1 ೯; बह नो तुफ्तारे पेमकी पड्चकन रम सास नेता ह। जिस दिन नुन बिना Nई बवा मागे प्रेम करने लगत हो॰ उसी दिन अहकारगिर जाना आर परमात्मा प्कटतजाता हपरिम  शतसे { पक हीता @ बढ पार्थना बन तगी a जहा प्रमगहरा होता ह HO रहा शर्दमान ही जाते ಒir3i La परमात्मा तृम पहली यार रूता ह प्रेम में रगा ढदप ही ईश्वर எராரி ஈச पहचने कासवस सरल सहल आर सर्वशेष मार्ग पूर्ण चिश्चास व समर्पण मेरा दिया हुआ चचन कभी अधूरा १११ इन भाँ्षों नही होताःसमय भले ही बदल हे मेरे साई जाए हालात कठिन होजाए पर मेरी बात कभी झूठी नहीं होती। तुम बड़ा खुश नसीब है जल्दी में परिणाम चाहते हो॰ बो जिसकेनसीब में ो देषो तुफ्ें हा प्रश्नों इसलिए कभीनकभी तुम्हे लगता6 तुम हो , उसे ओर क्या कि कुछहो नहीं रहा। परजो मने चाहिये जिसके तुम तुम्हारे लिए तय किया aRನ सही रूपनेंही पूस करीब हो Fm -0 मेरीहरदेरी के पीछे भी तहारी ठा ग्तता गित जाएगा भलाई होती ह॰॰तम बस धर्य छपी चाहे कसी मी स्थिति आए ओर विश्वास बनाएरखो। मेजो उसे निभाता भी हू। अगर कभी अपने गुर का साथ कहत मेने तुम्हारा हाथ थामा ह॰तो 5 मत छाडा। सदा उन पा मंज़िल तक पहचाकर ही छोड़ूँग विश्वास रखा। इसलिएचिंता मत करो॰शंका पत ar मेरा वचन पत्थरकी लिकीर है। देरहो सकती है॰ परअधूरा कभी 69 - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇 #☝अनमोल ज्ञान #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏
🙏गुरु महिमा😇 - உ5/ (( 7311೪ ೩ ೭೫f 1rd &1 Ne amun Tem 4 cua 84 E1d & | MMt an MuMLyl(5  ಖrlxt6M.42R आर पतित्र होता ह। मनष्य उस मन को म दूषित करदेता ह। आरजब दसर गेरे जीचन र्गबुरी परिस्थितियों आईी बर लीग आएया सकट आयगनो माने अपन आप को कछए कीो तरह समट {6312 4e 0<  | N!" ப uI" 1 11==440-4 1 लोती। बढ लमेशा ಖpa ಒTau2 7=17 ी शिगकणनद रगमीजी  इश्वर पर निशर रहनी ह आर इसीलिए जीवनको सबस कठिनत रडा२ He huiu MGdld परिस्थितियों कासामना करे की शक्ति मिली आरगेर शीनर केबल एक अनुष्ठान दिवस४५ ही आवाज गूजी कि ईश्वर शश्वत ह।ये बुरी परिस्थितिया ओर बुरे लोग क्षणिक সণনা" বী মাব্ধায ল সাতন্দবদ্রনী অনীস! वर्तमान समय क्षणिक चाजों परध्यान मे निराकारतक की यात्रा ೊd aHHal 4ಾ ೫? Jilನ की उपस्थितिमें वर्तमान समय के के संदेश की आत्मा பசு  a   a है। { পৃত্লা 900 0 समर्पण के लिए आध्यात्मीक प्रगति " सदेव  शूर् शूर्ण 0 0 श्रद्धा ओर FI5 पूर्ण ही साकारसे निराकारकीओर आवश्यकता होती 6 कयकि होती ह। ओर यही सामान्य  श्रद्धा ओर विश्वास किए मनुष्य का मार्गहे।  बिना पूर्ण समर्पण नहीं ही बाबा स्वामी सकता हे।(बाचा स्वामी जी) உ5/ (( 7311೪ ೩ ೭೫f 1rd &1 Ne amun Tem 4 cua 84 E1d & | MMt an MuMLyl(5  ಖrlxt6M.42R आर पतित्र होता ह। मनष्य उस मन को म दूषित करदेता ह। आरजब दसर गेरे जीचन र्गबुरी परिस्थितियों आईी बर लीग आएया सकट आयगनो माने अपन आप को कछए कीो तरह समट {6312 4e 0<  | N!" ப uI" 1 11==440-4 1 लोती। बढ लमेशा ಖpa ಒTau2 7=17 ी शिगकणनद रगमीजी  इश्वर पर निशर रहनी ह आर इसीलिए जीवनको सबस कठिनत रडा२ He huiu MGdld परिस्थितियों कासामना करे की शक्ति मिली आरगेर शीनर केबल एक अनुष्ठान दिवस४५ ही आवाज गूजी कि ईश्वर शश्वत ह।ये बुरी परिस्थितिया ओर बुरे लोग क्षणिक সণনা" বী মাব্ধায ল সাতন্দবদ্রনী অনীস! वर्तमान समय क्षणिक चाजों परध्यान मे निराकारतक की यात्रा ೊd aHHal 4ಾ ೫? Jilನ की उपस्थितिमें वर्तमान समय के के संदेश की आत्मा பசு  a   a है। { পৃত্লা 900 0 समर्पण के लिए आध्यात्मीक प्रगति " सदेव  शूर् शूर्ण 0 0 श्रद्धा ओर FI5 पूर्ण ही साकारसे निराकारकीओर आवश्यकता होती 6 कयकि होती ह। ओर यही सामान्य  श्रद्धा ओर विश्वास किए मनुष्य का मार्गहे।  बिना पूर्ण समर्पण नहीं ही बाबा स्वामी सकता हे।(बाचा स्वामी जी) - ShareChat
#🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #☝अनमोल ज्ञान #🙏गुरु महिमा😇
🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 - जीवन आसान नहीं है ज्यादा बात करो तो मैंने हर किस्म के लोग देखे है पागल ান ক্মীন্ী WWIWIil নীলন নাল मदद लेकर থুক্রিয়া कम बात बेवकूफ भी और मदद लेकर काम की बात करो बोलने वाले भी। মনলনী WIIII IIWWTT | Sunny Sharma Sharee Rupess ~MMnn जीवन की सुगप का भानंद तो वही ले सकता ह (ITiIWIFiITWId की ताकत को कभी दुआओं  कम मत आंकिए.. यह वह खामोश ऊर्जा है॰ जो आपके असंभव कार्यों को संभव vfrrkfurar೦vri बनाने की सबसे बड़़ी शक्ति है..! के बीच गहकने की काबिलिपत रखता हे। -T मे feTaT ٤ ١  किस्मत उनका साथ देती हे हमारे சச= पर भरोसा रखते हें। भगयान कहते ह कर्मोकी रील मिलता ह 3া परमात्मा के पास परमजल उनको ही मिलती < 71 यलते रहते ह Sfaஎ =২  সল ভ২ী क्योकि जीत हमेशा उसी कीहोती हे எ<8 ٦ जो आरकीरी तय लड्ता हे। सही হ্রবলিৎ 1 F గ  Yl[ सोच समझकर @ గంా -5 गीला + लिखा e ceeta Me Likha na करें। న எபள =1ச்- -5 {   6   { சனா =ஈ movarion 2 जीवन आसान नहीं है ज्यादा बात करो तो मैंने हर किस्म के लोग देखे है पागल ান ক্মীন্ী WWIWIil নীলন নাল मदद लेकर থুক্রিয়া कम बात बेवकूफ भी और मदद लेकर काम की बात करो बोलने वाले भी। মনলনী WIIII IIWWTT | Sunny Sharma Sharee Rupess ~MMnn जीवन की सुगप का भानंद तो वही ले सकता ह (ITiIWIFiITWId की ताकत को कभी दुआओं  कम मत आंकिए.. यह वह खामोश ऊर्जा है॰ जो आपके असंभव कार्यों को संभव vfrrkfurar೦vri बनाने की सबसे बड़़ी शक्ति है..! के बीच गहकने की काबिलिपत रखता हे। -T मे feTaT ٤ ١  किस्मत उनका साथ देती हे हमारे சச= पर भरोसा रखते हें। भगयान कहते ह कर्मोकी रील मिलता ह 3া परमात्मा के पास परमजल उनको ही मिलती < 71 यलते रहते ह Sfaஎ =২  সল ভ২ী क्योकि जीत हमेशा उसी कीहोती हे எ<8 ٦ जो आरकीरी तय लड्ता हे। सही হ্রবলিৎ 1 F గ  Yl[ सोच समझकर @ గంా -5 गीला + लिखा e ceeta Me Likha na करें। న எபள =1ச்- -5 {   6   { சனா =ஈ movarion 2 - ShareChat