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#☝अनमोल ज्ञान #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🙏गुरु महिमा😇
☝अनमोल ज्ञान - Gutaltv' Shree Shiumpanund Sion 1 Goutallv' a 3318 0 3318 01/03|2026 01/03/2026 Sunday Sunday Soul 3IT When your connection with thie subtle body Is सुर्म रारी२ से संमन्द  established Vou get Ihe experience that Swamiji  personifled Is definitely present with me e Halhnle হ্রাণীল 0 {THIIN గt eAtr :1 (  614 8 Baba Swami ೭18 ಬ919 01.03.2026 OIqI<a' 1/2320 ' a Gutaltv' Shree Shiumpanund Sion 1 Goutallv' a 3318 0 3318 01/03|2026 01/03/2026 Sunday Sunday Soul 3IT When your connection with thie subtle body Is सुर्म रारी२ से संमन्द  established Vou get Ihe experience that Swamiji  personifled Is definitely present with me e Halhnle হ্রাণীল 0 {THIIN గt eAtr :1 (  614 8 Baba Swami ೭18 ಬ919 01.03.2026 OIqI<a' 1/2320 ' a - ShareChat
#🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #☝अनमोल ज्ञान #🙏गुरु महिमा😇
🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 - जब सकारात्मक लोगों माड्या स्वामीची कृपा  थोडा समय आप के सान्निध्य मे रहते हैं तो जाने- हेच माट््या आपुष्याच खर वळ आहे  वादळ कितीही आली तरी  अनजाने मे हमारे भीतर का मेरे साथ बिताओ मनात त्याचच अदळ स्थेर्प आहे  सोडन जाईल  মা4 তৈল  सकारात्मक भाव स्वयं ही बहने कणी कणी जग पण स्वामीया हात कापम डोक्यावर राहीत ~ लग जाता हैं और बहनें के मेंबिताओ एकांत  परपरणाऱ्या पावलाना दिशा मिळते  कारण त्याच्या नावातच माझ पर्य दडत आहे आत्मिक हमारी बाद कब हम अधार दाटला की प्रकाश तेर होतात  आत्मा के साथ बिताओ  प्रगती की ओर, हमारे आत्मिक हखलेले स्वप्न पुन्हा तेच जागवतात  माड्या प्रत्पेक श्वासात त्याचच स्मरण  पादान  की ओर आगे चले गए মা্সা এনবধ এথান শনব কাণে _ पवनाखनीज आगे हो लिए, हमें हमारा भी मी काही मोठ नाही नागत  फक त्याच्या चरणी स्थान हव এনা ন্কী বলনা ;1 & कारण माड्या स्वामीची  4 সমল  कण सपूर्ण आपुष्य जिकणही सोप चाटत  तर 86 # पूज्य बाबा स्वामी  जप जप स्वामी सम्प य जपनजाप फाटा आरता समर्पण ध्यान योग ये सब बाबा-गाडिया है। HLALEL तो उसके ऊपर डिपेंड मत ச 41 ப 4 आप   आत्माओ  4ua दिया था॰कि अगर 'मोक्ष का मार्गी मुझे प्राप्त धीरे धीरे *0R78R रहो। होता हेतो मार्ग पहले मे तम्हे बताऊँगा ओर को अपने भितर महसूस  बादर्मे ती ' मोक्षप्राप्ति   फरेगा। आप आत्माओं की सामूहिक 5ष्ठाशक्ति के ही 1 कारण करो।* समाज र्मे आना पता। लेकिन बढ बात পান ৮; সাপ মমব ক মাধ সুল য্ব 81 सार्तों हिमातप र्मे मोक्षप्ाप्ति का मार्ग प्राप्त ईर्ष्या एक ऐसी बददूआ है की प्रतीक्षा ठी 6 करके भी॰ आपके गुरुदेव फन्म पूज्य और आज भी करहीरहा हूं। आपकी आत्मा  जो बोल के नर्ही दी जाती पह सद दाते जानती ६। आत्मा को सद दातो ज्ञान ह लेकिन आत्मा के उपर शरीरभाव  বা ।।वसुधैव कुटुंबकम्। की इतना अधिक प्रभाव 6 फि यह यार्ते याद Mi] 6 ठी॰ नही रहती ढ। बढ सभी बाते I 3ர் इसलिए आत्मा की संगत करने को कही e आपने कितना ठी গানী | सुना  आप शिवकृपानद स्वामीजी परम प०च सदगुर 006 07 जब सकारात्मक लोगों माड्या स्वामीची कृपा  थोडा समय आप के सान्निध्य मे रहते हैं तो जाने- हेच माट््या आपुष्याच खर वळ आहे  वादळ कितीही आली तरी  अनजाने मे हमारे भीतर का मेरे साथ बिताओ मनात त्याचच अदळ स्थेर्प आहे  सोडन जाईल  মা4 তৈল  सकारात्मक भाव स्वयं ही बहने कणी कणी जग पण स्वामीया हात कापम डोक्यावर राहीत ~ लग जाता हैं और बहनें के मेंबिताओ एकांत  परपरणाऱ्या पावलाना दिशा मिळते  कारण त्याच्या नावातच माझ पर्य दडत आहे आत्मिक हमारी बाद कब हम अधार दाटला की प्रकाश तेर होतात  आत्मा के साथ बिताओ  प्रगती की ओर, हमारे आत्मिक हखलेले स्वप्न पुन्हा तेच जागवतात  माड्या प्रत्पेक श्वासात त्याचच स्मरण  पादान  की ओर आगे चले गए মা্সা এনবধ এথান শনব কাণে _ पवनाखनीज आगे हो लिए, हमें हमारा भी मी काही मोठ नाही नागत  फक त्याच्या चरणी स्थान हव এনা ন্কী বলনা ;1 & कारण माड्या स्वामीची  4 সমল  कण सपूर्ण आपुष्य जिकणही सोप चाटत  तर 86 # पूज्य बाबा स्वामी  जप जप स्वामी सम्प य जपनजाप फाटा आरता समर्पण ध्यान योग ये सब बाबा-गाडिया है। HLALEL तो उसके ऊपर डिपेंड मत ச 41 ப 4 आप   आत्माओ  4ua दिया था॰कि अगर 'मोक्ष का मार्गी मुझे प्राप्त धीरे धीरे *0R78R रहो। होता हेतो मार्ग पहले मे तम्हे बताऊँगा ओर को अपने भितर महसूस  बादर्मे ती ' मोक्षप्राप्ति   फरेगा। आप आत्माओं की सामूहिक 5ष्ठाशक्ति के ही 1 कारण करो।* समाज र्मे आना पता। लेकिन बढ बात পান ৮; সাপ মমব ক মাধ সুল য্ব 81 सार्तों हिमातप र्मे मोक्षप्ाप्ति का मार्ग प्राप्त ईर्ष्या एक ऐसी बददूआ है की प्रतीक्षा ठी 6 करके भी॰ आपके गुरुदेव फन्म पूज्य और आज भी करहीरहा हूं। आपकी आत्मा  जो बोल के नर्ही दी जाती पह सद दाते जानती ६। आत्मा को सद दातो ज्ञान ह लेकिन आत्मा के उपर शरीरभाव  বা ।।वसुधैव कुटुंबकम्। की इतना अधिक प्रभाव 6 फि यह यार्ते याद Mi] 6 ठी॰ नही रहती ढ। बढ सभी बाते I 3ர் इसलिए आत्मा की संगत करने को कही e आपने कितना ठी গানী | सुना  आप शिवकृपानद स्वामीजी परम प०च सदगुर 006 07 - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇 #☝अनमोल ज्ञान #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏
🙏गुरु महिमा😇 - मनुष्य का मनोबन ही उसुकी 0 खमे बड़ी ताकत है। जो अपने मन को हर परिस्थिति 51 ২৮58" {Fa৮ I நஙஈநநrி में शांत और स्थिर खखता है FnTe होता है। वही उस विराट तत्व का नाम ह परमात्मा जिसे देखा नहीं जाता ह केवल अनुभव किया जा सकता है नहत्वपूर्ण किखपगर एक  ಖr =40122 Le रखिक पकिया नही ह इसम प्रगति आरपीछ केक्षण हीग॰ ऐस समय जव दर्दअचानक 6c फिरस उभर सकता ह। लेकिन डस याद्रा का समय एक नदी की तरह है. हरकदमः चाहे कितना भी छोटा हो॰ह्मे पूर्णता जिंदगी को  के करीब लाता ही शजी १२ २०२६ आप एक ही पानी को दो बार नहीं छू सकते, क्योकि जो बह गया है 05 वह फिर कभी नहीं बहेगा। जीवन   नव तपरे को सपझने का के हर पल का आनंद लें। a परयलकत , पा्खते कानही और ಶ"5 से बचा कर रखना चहिए व्गोंकि दोनों ही परिस्थतियों पे डसान अकडजाता ह मनुष्य का मनोबन ही उसुकी 0 खमे बड़ी ताकत है। जो अपने मन को हर परिस्थिति 51 ২৮58" {Fa৮ I நஙஈநநrி में शांत और स्थिर खखता है FnTe होता है। वही उस विराट तत्व का नाम ह परमात्मा जिसे देखा नहीं जाता ह केवल अनुभव किया जा सकता है नहत्वपूर्ण किखपगर एक  ಖr =40122 Le रखिक पकिया नही ह इसम प्रगति आरपीछ केक्षण हीग॰ ऐस समय जव दर्दअचानक 6c फिरस उभर सकता ह। लेकिन डस याद्रा का समय एक नदी की तरह है. हरकदमः चाहे कितना भी छोटा हो॰ह्मे पूर्णता जिंदगी को  के करीब लाता ही शजी १२ २०२६ आप एक ही पानी को दो बार नहीं छू सकते, क्योकि जो बह गया है 05 वह फिर कभी नहीं बहेगा। जीवन   नव तपरे को सपझने का के हर पल का आनंद लें। a परयलकत , पा्खते कानही और ಶ"5 से बचा कर रखना चहिए व्गोंकि दोनों ही परिस्थतियों पे डसान अकडजाता ह - ShareChat
#🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #☝अनमोल ज्ञान #🙏गुरु महिमा😇
🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 - Youaeuuau लोगों जव सकारात्मक That you are a human being  के सान्निध्य मे रहते हैं तो जाने- isnot a coincidence That अनजाने मे हमारे भीतर का voueceved ecoseness living सकारात्मक भाव स्वयं ही बहनें oa Guu is not a coincidence and that you लग जाता हैं और बहनें के ढमारे भीतर व्यान काएक दीपक  received Seli Realisation also ६। हम इसे कभीभी प्रण्वलित कर हमारी आत्मिक  बाद कब हम বক্চন ৪ -অণনী মামী ম সণন caninotibe a coincldence प्रगती की ओर आत्मिक हमारे से ओोरएक शांत मुस्कान से।जय 011 All of this has been possible यह दीपक जल उठता ह॰त पादान की ओर आगे चले गए only because of the Karmas अपकार লনা [   आगे हो लिए॰ हमें हमारा भी ಔಷಗಶ ತಜಾಗ್ಾ೯ಣೆ ೯ಕaಗೆ of your past lives However बनाए रवना त पता नहीं चलता हैं। whatever is to be achieved 8 ಟರಣ On e nowvon wil 8 পুত্স নানা নোদী &#8 not happen by chance For that, regular meditation is essental মসমান শিনন तुम मनुष्य हो तुम मनुंष्य हो यह संयोग नही है ? সাব एकगलतचत । तुग्हे जिंबन्त गुरू का सानीध्य ओरएक अधूरी बात =ஈ7-ஈஈ7 मीला यह संयोग नही हे ओर तुम्हे कईरिश्तों की बर्बाद 77777 7~=77 सकती हे। आत्मसाक्षात्कार मीला यहःथी संयोग 859 7তনকনঃসামনো [ কাঁব েমবদকয नही हो सकता 1 WIITT IIWT WFIVF; mTTM TಾLಗ m17 ೯ पुर्व जन्म के कर्मो के कारण ही गह सव हो पाया हे । लेकीन अब जिवन मे जो Ra lAmn and7 गुरु तो जीवन में FزR FUR कुछ पाना हे वह संयोग  नही मिलने रक ही बार आते हें।जो ত্তূত ஈர்HHIHTT वाला हे | उसके लिये थ्यान नियमीत आपको आत्मसाक्षात्कार सकेजो आपकी आत्माको ह। 7=ஈ777 कर आजवरयक जन्म दे सके, वही गुरु होते हें। सभी को खुब खुब आशिवाद #7ஈ777777 आप न ೩೯ ೫Rಹ1l  आपका अपन पूज्य बावा स्वामी WHI5 स्वा्मी गाय -011 Youaeuuau लोगों जव सकारात्मक That you are a human being  के सान्निध्य मे रहते हैं तो जाने- isnot a coincidence That अनजाने मे हमारे भीतर का voueceved ecoseness living सकारात्मक भाव स्वयं ही बहनें oa Guu is not a coincidence and that you लग जाता हैं और बहनें के ढमारे भीतर व्यान काएक दीपक  received Seli Realisation also ६। हम इसे कभीभी प्रण्वलित कर हमारी आत्मिक  बाद कब हम বক্চন ৪ -অণনী মামী ম সণন caninotibe a coincldence प्रगती की ओर आत्मिक हमारे से ओोरएक शांत मुस्कान से।जय 011 All of this has been possible यह दीपक जल उठता ह॰त पादान की ओर आगे चले गए only because of the Karmas अपकार লনা [   आगे हो लिए॰ हमें हमारा भी ಔಷಗಶ ತಜಾಗ್ಾ೯ಣೆ ೯ಕaಗೆ of your past lives However बनाए रवना त पता नहीं चलता हैं। whatever is to be achieved 8 ಟರಣ On e nowvon wil 8 পুত্স নানা নোদী &#8 not happen by chance For that, regular meditation is essental মসমান শিনন तुम मनुष्य हो तुम मनुंष्य हो यह संयोग नही है ? সাব एकगलतचत । तुग्हे जिंबन्त गुरू का सानीध्य ओरएक अधूरी बात =ஈ7-ஈஈ7 मीला यह संयोग नही हे ओर तुम्हे कईरिश्तों की बर्बाद 77777 7~=77 सकती हे। आत्मसाक्षात्कार मीला यहःथी संयोग 859 7তনকনঃসামনো [ কাঁব েমবদকয नही हो सकता 1 WIITT IIWT WFIVF; mTTM TಾLಗ m17 ೯ पुर्व जन्म के कर्मो के कारण ही गह सव हो पाया हे । लेकीन अब जिवन मे जो Ra lAmn and7 गुरु तो जीवन में FزR FUR कुछ पाना हे वह संयोग  नही मिलने रक ही बार आते हें।जो ত্তূত ஈர்HHIHTT वाला हे | उसके लिये थ्यान नियमीत आपको आत्मसाक्षात्कार सकेजो आपकी आत्माको ह। 7=ஈ777 कर आजवरयक जन्म दे सके, वही गुरु होते हें। सभी को खुब खुब आशिवाद #7ஈ777777 आप न ೩೯ ೫Rಹ1l  आपका अपन पूज्य बावा स्वामी WHI5 स्वा्मी गाय -011 - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇 #☝अनमोल ज्ञान #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏
🙏गुरु महिमा😇 - ( अगरअपने आपको जानना है वर्तमान समपमे वर्तनान तमपचे माष्यम को तो अपने आप सेहीप्रश्वकरो ऑरा के कारण पहचानना जितना आसान हे किमैं कौन हूु उतना पहत फभीभीनही या श्री शिवकृपानंद स्वामीजी  महार घाय बवननी शीतल उसता ग्ान F'n w: hmಭran ll गुरू देव के आत्म संदेश  (२८) " शंका 0 सदेव In tho present time ithas become ही जीवन को लगा  very easy Lo recognise the medium of present timo due to his aura Ithas  कॅन्सर होता है जो अपने never been as easy belore  SShree Shivkrupnnand Swamif साथ दुसरे की जीवन को भी नष्ट करता है। (२९ ) ध्यान नर्ही लगता  अपने ही विचारों के कारण लेकीन ध्यान लगता हे " गुरुकृपा " मे ही।  Rukir | SWTMIGIAIuIR? WuMMId बाबा स्वामी ( अगरअपने आपको जानना है वर्तमान समपमे वर्तनान तमपचे माष्यम को तो अपने आप सेहीप्रश्वकरो ऑरा के कारण पहचानना जितना आसान हे किमैं कौन हूु उतना पहत फभीभीनही या श्री शिवकृपानंद स्वामीजी  महार घाय बवननी शीतल उसता ग्ान F'n w: hmಭran ll गुरू देव के आत्म संदेश  (२८) " शंका 0 सदेव In tho present time ithas become ही जीवन को लगा  very easy Lo recognise the medium of present timo due to his aura Ithas  कॅन्सर होता है जो अपने never been as easy belore  SShree Shivkrupnnand Swamif साथ दुसरे की जीवन को भी नष्ट करता है। (२९ ) ध्यान नर्ही लगता  अपने ही विचारों के कारण लेकीन ध्यान लगता हे " गुरुकृपा " मे ही।  Rukir | SWTMIGIAIuIR? WuMMId बाबा स्वामी - ShareChat
#🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #☝अनमोल ज्ञान #🙏गुरु महिमा😇
🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 - Ce ( i ` C/( (77ೆ 3317 331 28.022026 28 0220 Saturday Saturday Soul 3177 a 35!*: Tnas { న 5   र्थावीत ठोन ecurity 579 n பசச0ச 459ப<1 Baba Swumi < %214{ 2.022026 0/180 72a Ce ( i ` C/( (77ೆ 3317 331 28.022026 28 0220 Saturday Saturday Soul 3177 a 35!*: Tnas { న 5   र्थावीत ठोन ecurity 579 n பசச0ச 459ப<1 Baba Swumi < %214{ 2.022026 0/180 72a - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇 #☝अनमोल ज्ञान #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏
🙏गुरु महिमा😇 - মকান #মযা সমানা !! याप्पाची मूर्ती नजरे समोर दिसाची ! সমা শ্রাপ্পাত লাম !! मुली होई सर्य काम ! सोपे SSu] చlltfilull uulu dsl . ग७ी %पी ५$ छे அ%adgqஏai. २पभ|न, ति२२५|२, ६०|| %ेवी "Pfuri ssq qlddalqஎளி sq %idul हा सगळ्यात घोठा गुरु आहे कारण जगायचं कसं 6े %ो तेने थIपत| २हशो , आणि कोणाशी वागायरचं कसं हे "Pfuri रथप। पI२पा२ थ|६ S२त| शहेशो , शिवाय दुसरं कोणी शिकवू शकत লানঃ! dतl g५न SSप % Gनी %श. Mif m3 @ எ1 454==51=1 शातकसी॰ মকান #মযা সমানা !! याप्पाची मूर्ती नजरे समोर दिसाची ! সমা শ্রাপ্পাত লাম !! मुली होई सर्य काम ! सोपे SSu] చlltfilull uulu dsl . ग७ी %पी ५$ छे அ%adgqஏai. २पभ|न, ति२२५|२, ६०|| %ेवी "Pfuri ssq qlddalqஎளி sq %idul हा सगळ्यात घोठा गुरु आहे कारण जगायचं कसं 6े %ो तेने थIपत| २हशो , आणि कोणाशी वागायरचं कसं हे "Pfuri रथप। पI२पा२ थ|६ S२त| शहेशो , शिवाय दुसरं कोणी शिकवू शकत লানঃ! dतl g५न SSप % Gनी %श. Mif m3 @ எ1 454==51=1 शातकसी॰ - ShareChat
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☝अनमोल ज्ञान - a ப7 =பக1 51=Hா -11 किसीकीनच्ईफरे जेगा आसन फोईकाम नती গত ৩ ঘমশানন ` অ্ণিশ এও মনে শ্চী ( [" S2Emn |7441ra ಬ1161 सपभात Ttnr-hnfairntiw Good mornino Fn೦-nmnt ^ जेव्हा दिवस्वतःतमच्या पाठीशीधभाअसता तेव्हा Mnt எர்பa "Rfurl nrtatmton WIn इत्तफ़ाक़ से नहीं मिले हा सगळ्यात पोठा हम सब एक दूसरे से. गुरु आहे कारण जगायचं क IIIWTTIWIIAIril  आणि कोणाशी वागायचं कस WNMTMI परिरिथती इस में थोड़ी बहुत शिवाय दुसरं कोणी | शिकदू / MNTTT' 9en साज़िश तो खुदा की (N] ஏ! भी रही होगी २८ फखरी    भन 7 प्यपाजनीएमगी वापी८ नर्म एमान  =77=11717=7 7 W ]বিলনকনে হাবি] রেেম -#7-75 शातिकी डच्छा ಗr7ಣn ಊinamೂi fl 177T7T~77 ت   त पहले डच्छ। को ಗೆಕಸಕರಗಗಾಣಟಾ್ 3[7} शात करी ரர்TI5F ஈர்ர"- ~- চচোনওন নৌকামোবনে7I ব तमागकीहीविरयत ४ a ப7 =பக1 51=Hா -11 किसीकीनच्ईफरे जेगा आसन फोईकाम नती গত ৩ ঘমশানন ` অ্ণিশ এও মনে শ্চী ( [" S2Emn |7441ra ಬ1161 सपभात Ttnr-hnfairntiw Good mornino Fn೦-nmnt ^ जेव्हा दिवस्वतःतमच्या पाठीशीधभाअसता तेव्हा Mnt எர்பa "Rfurl nrtatmton WIn इत्तफ़ाक़ से नहीं मिले हा सगळ्यात पोठा हम सब एक दूसरे से. गुरु आहे कारण जगायचं क IIIWTTIWIIAIril  आणि कोणाशी वागायचं कस WNMTMI परिरिथती इस में थोड़ी बहुत शिवाय दुसरं कोणी | शिकदू / MNTTT' 9en साज़िश तो खुदा की (N] ஏ! भी रही होगी २८ फखरी    भन 7 प्यपाजनीएमगी वापी८ नर्म एमान  =77=11717=7 7 W ]বিলনকনে হাবি] রেেম -#7-75 शातिकी डच्छा ಗr7ಣn ಊinamೂi fl 177T7T~77 ت   त पहले डच्छ। को ಗೆಕಸಕರಗಗಾಣಟಾ್ 3[7} शात करी ரர்TI5F ஈர்ர"- ~- চচোনওন নৌকামোবনে7I ব तमागकीहीविरयत ४ - ShareChat
#🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #☝अनमोल ज्ञान
🙏आध्यात्मिक गुरु🙏 - तुम मनुष्य हो तुम मनुष्य हो यह संयोग नही हे | तुम्हे 044 (Wl जियन्त गुरू का सानीध्य मीला यह =10"14+#==1#00-17570 संपोग नही हे और तुम्हे  ৫ডিণী ঊ 7ৈ৭ 4 চ2৭  AMಗ/' দুলকধ आत्मसाक्षात्कार मीला पहःशी संपोग  पम पून्य शीशिटकपानद स्वामीसी  नही हो सकता  प्रार्थना अपेक्षारहित कसा पराला को पाने মীব: 'মানিত' T4  यह सब पुर्व जन्म के कर्मो के कारण ही  लेकीन अब जिवन मेजो हो पाया हे का सबसे सरल मर्ग हे। पाना ह वह सयोग से नही भिलने कछ् वाला ह | उसके लिये ध्यान नियमीत  श्रीशिवकृपानंद खामीजी  करना आयश्यक ह।  आप सभी को खुब खुब आशिवाद  आपका अपना बाया स्वामी गुजरात समर्पण ध्यानस्थली  गान्धीनगर गुजरात भारत 7 1 २८/२/२०२६ [ Tou are Human   a 1Ce a being That you are a human 15' not a colncidence That you received the closeness of & living Guru is not ೩ coincidence and that you recelved Self-Reallsation alsa cannotibe a coincidence All ot this has been possible only because 0l the Karmas o1your past lives However (2 whatever Is to be achievediin - lile from now on Mll not' ( happen by chance; Far that reqular meditalion 15 csscntial  blessings to all af you Lols 0( Your own Baba Swami Gujarat Samarpan Dhyansthali Gandhinagar Gujarat India 7979/097 तुम मनुष्य हो तुम मनुष्य हो यह संयोग नही हे | तुम्हे 044 (Wl जियन्त गुरू का सानीध्य मीला यह =10"14+#==1#00-17570 संपोग नही हे और तुम्हे  ৫ডিণী ঊ 7ৈ৭ 4 চ2৭  AMಗ/' দুলকধ आत्मसाक्षात्कार मीला पहःशी संपोग  पम पून्य शीशिटकपानद स्वामीसी  नही हो सकता  प्रार्थना अपेक्षारहित कसा पराला को पाने মীব: 'মানিত' T4  यह सब पुर्व जन्म के कर्मो के कारण ही  लेकीन अब जिवन मेजो हो पाया हे का सबसे सरल मर्ग हे। पाना ह वह सयोग से नही भिलने कछ् वाला ह | उसके लिये ध्यान नियमीत  श्रीशिवकृपानंद खामीजी  करना आयश्यक ह।  आप सभी को खुब खुब आशिवाद  आपका अपना बाया स्वामी गुजरात समर्पण ध्यानस्थली  गान्धीनगर गुजरात भारत 7 1 २८/२/२०२६ [ Tou are Human   a 1Ce a being That you are a human 15' not a colncidence That you received the closeness of & living Guru is not ೩ coincidence and that you recelved Self-Reallsation alsa cannotibe a coincidence All ot this has been possible only because 0l the Karmas o1your past lives However (2 whatever Is to be achievediin - lile from now on Mll not' ( happen by chance; Far that reqular meditalion 15 csscntial  blessings to all af you Lols 0( Your own Baba Swami Gujarat Samarpan Dhyansthali Gandhinagar Gujarat India 7979/097 - ShareChat
#☝अनमोल ज्ञान #🙏गुरु महिमा😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏
☝अनमोल ज्ञान - जय वाचा स्चामी Vm, ( 7 অন নুস থক্ক্ং ব্নণী থতো স নমন ப <வI் முஎ"ா =ப1ப 4 WWETi उसका भरहल्का होने लगता ६ क्योकि तब नम अकेले नहीं उठाते वह frrnerh & Jrd 614 #4dd 8 aaanwakaraanab] சi n Fai R नकलीफ़ गन की चिंता॰॰ सब कछ जब अपने तक सीमित रहता हती भारी लगता ह। पर जस ही तम उस उनकी शरण रमें ख्खदेते ली भीतर पक शाति ಞITMi l उतरने लगती ह। उनकी शरण हार नहीं सहार ह। चहा शिकायत नहीं ೯' समर्पण सोता ६। आरजढा समर्पण 717777| होता ह॰ चहा बोझम टिकता नहीं| नम खोलकरकहंदो॰ 1d ೩ =~1~11 ٢٨٨  7١ মণ সণনা ট" {িersui ন समस्याएँजो असदनीय लग रद्ीरथींः थीरधीर सांभलने लगंगी। उनकी छाया फखर २७ खामोश होकर नेक कर्म कीजिए ७ साईं राम खुद हि दुआ बोल पडेगी 0 %٧  7 ஈ7777 = 7577 ন;া মননী| जय वाचा स्चामी Vm, ( 7 অন নুস থক্ক্ং ব্নণী থতো স নমন ப <வI் முஎ"ா =ப1ப 4 WWETi उसका भरहल्का होने लगता ६ क्योकि तब नम अकेले नहीं उठाते वह frrnerh & Jrd 614 #4dd 8 aaanwakaraanab] சi n Fai R नकलीफ़ गन की चिंता॰॰ सब कछ जब अपने तक सीमित रहता हती भारी लगता ह। पर जस ही तम उस उनकी शरण रमें ख्खदेते ली भीतर पक शाति ಞITMi l उतरने लगती ह। उनकी शरण हार नहीं सहार ह। चहा शिकायत नहीं ೯' समर्पण सोता ६। आरजढा समर्पण 717777| होता ह॰ चहा बोझम टिकता नहीं| नम खोलकरकहंदो॰ 1d ೩ =~1~11 ٢٨٨  7١ মণ সণনা ট" {িersui ন समस्याएँजो असदनीय लग रद्ीरथींः थीरधीर सांभलने लगंगी। उनकी छाया फखर २७ खामोश होकर नेक कर्म कीजिए ७ साईं राम खुद हि दुआ बोल पडेगी 0 %٧  7 ஈ7777 = 7577 ন;া মননী| - ShareChat