Umesh Pushkarna
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#शुभ शनिवार #🙏शुभ शनिवार 🌹 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #🌞 Good Morning🌞
शुभ शनिवार - ظ माघ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी 3]97 प्रभात বিম 2082 0 शनिवार ३१ जनवरी २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९७ से आगे) ।। दोहा सं॰ ४९ ।। I1 =luS =0 03 11 6fushkaeno ! सुनु कपीस लंकापति बीरा। केहि बिधि तरिअ जलधि गंभीरा।। ನ संकुल मकर उरग झष जाती। ] अति अगाध दुस्तर सब भाँति।l भावार्थः ्हे वीर वानरराज सुग्रीव और लंकापति विभीषण! सुनो, इस गहरे समुद्र को किस प्रकार पार किया जाए? अनेक जाति के मगर, साँप और मछलियों से भरा हुआ यह अत्यंत अथाह समुद्र पार करने में सब प्रकार से कठिन है। क्रमशः ٥٥٥ ظ माघ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी 3]97 प्रभात বিম 2082 0 शनिवार ३१ जनवरी २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९७ से आगे) ।। दोहा सं॰ ४९ ।। I1 =luS =0 03 11 6fushkaeno ! सुनु कपीस लंकापति बीरा। केहि बिधि तरिअ जलधि गंभीरा।। ನ संकुल मकर उरग झष जाती। ] अति अगाध दुस्तर सब भाँति।l भावार्थः ्हे वीर वानरराज सुग्रीव और लंकापति विभीषण! सुनो, इस गहरे समुद्र को किस प्रकार पार किया जाए? अनेक जाति के मगर, साँप और मछलियों से भरा हुआ यह अत्यंत अथाह समुद्र पार करने में सब प्रकार से कठिन है। क्रमशः ٥٥٥ - ShareChat
#शुभ शुक्रवार #🌞 Good Morning🌞 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌞सुप्रभात सन्देश
शुभ शुक्रवार - ظ द्वादशी माघ शुक्ल पक्ष 3]97 Idv 2082 प्रभात शुक्रवार ३० जनवरी २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९६ से आगे) ।। दोहा सं॰ ४९ ।। [[ স্রীণাৎ ম০ 02 II 6fushkaeno ! पुनि सर्बग्य सर्ब उर बासी। सर्बरूप सब रहित उदासी Il E बोले बचन नीति प्रतिपालका ಘ  कारन मनुज दनुज कुल घालक।। भावार्थः फिर सब कुछ जानने वाले, सबके हृदय में बसने वाले, सर्वरूप (सब रूपों में प्रकट), सबसे रहित, उदासीन, कारण से (भक्तों पर कृपा करने के लिए) मनुष्य बने हुए तथा राक्षसों के कुल का नाश करने वाले श्री रामजी नीति की रक्षा करने वाले वचन बोले- क्रमशः ٥٥٥ ظ द्वादशी माघ शुक्ल पक्ष 3]97 Idv 2082 प्रभात शुक्रवार ३० जनवरी २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९६ से आगे) ।। दोहा सं॰ ४९ ।। [[ স্রীণাৎ ম০ 02 II 6fushkaeno ! पुनि सर्बग्य सर्ब उर बासी। सर्बरूप सब रहित उदासी Il E बोले बचन नीति प्रतिपालका ಘ  कारन मनुज दनुज कुल घालक।। भावार्थः फिर सब कुछ जानने वाले, सबके हृदय में बसने वाले, सर्वरूप (सब रूपों में प्रकट), सबसे रहित, उदासीन, कारण से (भक्तों पर कृपा करने के लिए) मनुष्य बने हुए तथा राक्षसों के कुल का नाश करने वाले श्री रामजी नीति की रक्षा करने वाले वचन बोले- क्रमशः ٥٥٥ - ShareChat
#🙏 जया एकादशी #शुभ गुरुवार #🌞 Good Morning🌞 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #🕉️सनातन धर्म🚩
🙏 जया एकादशी - ظ माघ शुक्ल पक्ष एकादशी 3]97 বিম 2082 प्रभात गुरुवार २९ जनवरी २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९५ से आगे) ।। दोहा सं॰ ४९ ।। I[ శqIకే Fo 01 I[ 6fushkaeno ! अस प्रभु छाड़ि भजहिं जे आना। ते नर पसु बिनु पूँछ बिषाना।। @ निज जन जानि ताहि अपनावा। ಘ  प्रभु सुभाव कपि कुल मन भावा।। भावार्थः ऐसे परम कृपालु प्रभु को छोड़कर जो मनुष्य दूसरे को भजते हैं॰ वे बिना सींग पूँछ के पशु हैं। अपना सेवक जानकर विभीषण को श्री रामजी ने अपना लिया। प्रभु का स्वभाव वानरकुल के मन को (बहुत) भाया। क्रमशः ظ माघ शुक्ल पक्ष एकादशी 3]97 বিম 2082 प्रभात गुरुवार २९ जनवरी २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९५ से आगे) ।। दोहा सं॰ ४९ ।। I[ శqIకే Fo 01 I[ 6fushkaeno ! अस प्रभु छाड़ि भजहिं जे आना। ते नर पसु बिनु पूँछ बिषाना।। @ निज जन जानि ताहि अपनावा। ಘ  प्रभु सुभाव कपि कुल मन भावा।। भावार्थः ऐसे परम कृपालु प्रभु को छोड़कर जो मनुष्य दूसरे को भजते हैं॰ वे बिना सींग पूँछ के पशु हैं। अपना सेवक जानकर विभीषण को श्री रामजी ने अपना लिया। प्रभु का स्वभाव वानरकुल के मन को (बहुत) भाया। क्रमशः - ShareChat
#शुभ बुधवार #🌞 Good Morning🌞 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #🌞सुप्रभात सन्देश
शुभ बुधवार - ظ 39 माघ शुक्ल पक्ष दशमी 3]97 Idv 2082 प्रभात बुधवार २८ जनवरी २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९४ से आगे) ।l दोहा सं॰ ४९ (ख) ।। 6fushkaeno $ जो संपति सिव रावनहि दीन्हि दिएँ दस माथ। सोइ संपदा बिभीषनहि दीन्हि रघुनाथ।। सकुचि भावार्थः शिवजी ने जो संपत्ति रावण को दसों सिरों की बलि देने पर दी थी, वही संपत्ति श्री रघुनाथजी ने विभीषण को बहुत सकुचते हुए दी। क्रमशः ظ 39 माघ शुक्ल पक्ष दशमी 3]97 Idv 2082 प्रभात बुधवार २८ जनवरी २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९४ से आगे) ।l दोहा सं॰ ४९ (ख) ।। 6fushkaeno $ जो संपति सिव रावनहि दीन्हि दिएँ दस माथ। सोइ संपदा बिभीषनहि दीन्हि रघुनाथ।। सकुचि भावार्थः शिवजी ने जो संपत्ति रावण को दसों सिरों की बलि देने पर दी थी, वही संपत्ति श्री रघुनाथजी ने विभीषण को बहुत सकुचते हुए दी। क्रमशः - ShareChat
#शुभ मंगलवार #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #🌞 Good Morning🌞 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
शुभ मंगलवार - ظ माघ शुक्ल पक्ष नवमी 3]97 प्रभात वि.सं. २०८२ मंगलवार २७ जनवरी २०२६ रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९३ से आगे) ।l दोहा सं॰ ४९ (क) ।। 6fushkaeno $ रावन क्रोध अनल निज स्वास समीर प्रचंड। बिभीषनु राखेउ दीन्हेउ राजु अखंड।। जरत भावार्थः श्री रामजी ने रावण की क्रोध रूपी अग्नि में, जो अपनी (विभीषण की) श्वास (वचन) रूपी पवन से प्रचंड हो रही थी, जलते हुए विभीषण को बचा लिया और उसे अखंड राज्य दिया। বমথ: ٥٥ ظ माघ शुक्ल पक्ष नवमी 3]97 प्रभात वि.सं. २०८२ मंगलवार २७ जनवरी २०२६ रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९३ से आगे) ।l दोहा सं॰ ४९ (क) ।। 6fushkaeno $ रावन क्रोध अनल निज स्वास समीर प्रचंड। बिभीषनु राखेउ दीन्हेउ राजु अखंड।। जरत भावार्थः श्री रामजी ने रावण की क्रोध रूपी अग्नि में, जो अपनी (विभीषण की) श्वास (वचन) रूपी पवन से प्रचंड हो रही थी, जलते हुए विभीषण को बचा लिया और उसे अखंड राज्य दिया। বমথ: ٥٥ - ShareChat
#🫡गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं🤝 #🌞 Good Morning🌞 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #I ❤️️ इंडियन आर्मी 🇮🇳 #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
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#🫡गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं🤝 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #🌞 Good Morning🌞 #I ❤️️ इंडियन आर्मी 🇮🇳 #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
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#शुभ सोमवार #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #🌞 Good Morning🌞 #🫡गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं🤝
शुभ सोमवार - ظ माघ शुक्ल पक्ष अष्टमी 3]97 प्रभात বিম 2082 -90 सोमवार २६ जनवरी २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९२ से आगे) ।। दोहा सं॰ ४८ ।। [[ ವus zo 05 [I Ouahkauna जदपि सखा तव इच्छा नहीं। मोर दरसु अमोघ जंग माहीं Il अस कहि राम तिलक तेहि सारा। ಘ  सुमन बृष्टि नभ भई अपारा।१ भावार्थः (और कहा ) हे सखा! यद्यपि तुम्हारी इच्छा नहीं है॰ पर जगत् में मेरा दर्शन अमोघ है (वह निष्फल नहीं जाता)| ऐसा कहकर श्री रामजी ने उनको राजतिलक कर दिया। आकाश से पुष्पों की अपार वृष्टि हुई। क्रमशः ظ माघ शुक्ल पक्ष अष्टमी 3]97 प्रभात বিম 2082 -90 सोमवार २६ जनवरी २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९२ से आगे) ।। दोहा सं॰ ४८ ।। [[ ವus zo 05 [I Ouahkauna जदपि सखा तव इच्छा नहीं। मोर दरसु अमोघ जंग माहीं Il अस कहि राम तिलक तेहि सारा। ಘ  सुमन बृष्टि नभ भई अपारा।१ भावार्थः (और कहा ) हे सखा! यद्यपि तुम्हारी इच्छा नहीं है॰ पर जगत् में मेरा दर्शन अमोघ है (वह निष्फल नहीं जाता)| ऐसा कहकर श्री रामजी ने उनको राजतिलक कर दिया। आकाश से पुष्पों की अपार वृष्टि हुई। क्रमशः - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞 #🫡गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं🤝 #🫡गणतंत्र दिवस Status⌛ #शुभ सोमवार #🪖गणतंत्र दिवस परेड🫡
🌞 Good Morning🌞 - सभी देशवासियों को गणतंत्रदिवस की हार्दिकशुभकामनाएं। CAJtr'iit हिंदुस्तान हमारा, सारे जहाँ से अच्छा बुलबुले हैं इसकी ये गुलिस्ता हमारा। কম सभी देशवासियों को गणतंत्रदिवस की हार्दिकशुभकामनाएं। CAJtr'iit हिंदुस्तान हमारा, सारे जहाँ से अच्छा बुलबुले हैं इसकी ये गुलिस्ता हमारा। কম - ShareChat
#I ❤️️ इंडियन आर्मी 🇮🇳 #🇮🇳 देशभक्ति #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #🙏🏻माँ तुझे सलाम #💓 फ़ौजी के दिल की बातें
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