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#🌷शुभ बुधवार #शुभ बुधवार #🌞 Good Morning🌞 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌞सुप्रभात सन्देश
🌷शुभ बुधवार - Hi g్a 188 चैत्र शुक्ल पक्ष चतुर्दशी शुभ प्रभात বিম 2083 बुधवार ०१ अप्रैल २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान एसुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ ३५७ से आगे) [[ ೩1೯[ :o 60 [[ 6fushkatno सकल सुमंगल दायक रघुनायक गुन गान। Rg सुनहिं ते तरहिं भव बिना जलजान।। सादर इति श्रीमद्रामचरितमानसे सकलकलिकलुषविध्वंसने पंचमः सोपानः सुंदरकांडः समाप्तः| भावार्थः श्री रघुनाथजी का गुणगान संपूर्ण सुंदर मंगलों का देने वाला है। जो इसे आदर सहित सुनेंगे , वे बिना किसी जहाज (अन्य साधन) के ही भवसागर को तर जाएँगे। कलियुग के समस्त पापों का नाश करने वाले श्री रामचरित मानस का यह पाँचवाँ सोपान सुंदरकांड समाप्त हुआ। Hi g్a 188 चैत्र शुक्ल पक्ष चतुर्दशी शुभ प्रभात বিম 2083 बुधवार ०१ अप्रैल २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान एसुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ ३५७ से आगे) [[ ೩1೯[ :o 60 [[ 6fushkatno सकल सुमंगल दायक रघुनायक गुन गान। Rg सुनहिं ते तरहिं भव बिना जलजान।। सादर इति श्रीमद्रामचरितमानसे सकलकलिकलुषविध्वंसने पंचमः सोपानः सुंदरकांडः समाप्तः| भावार्थः श्री रघुनाथजी का गुणगान संपूर्ण सुंदर मंगलों का देने वाला है। जो इसे आदर सहित सुनेंगे , वे बिना किसी जहाज (अन्य साधन) के ही भवसागर को तर जाएँगे। कलियुग के समस्त पापों का नाश करने वाले श्री रामचरित मानस का यह पाँचवाँ सोपान सुंदरकांड समाप्त हुआ। - ShareChat
#🙏शुभ मंगलवार 🌸 #शुभ मंगलवार #🌞 Good Morning🌞 #🌞सुप्रभात सन्देश #🕉️सनातन धर्म🚩
🙏शुभ मंगलवार 🌸 - ப  g్a 30 चैत्र शुक्ल पक्ष त्रयोदशी शुभ प्रभात বিম 2083 मंगलवार ३१ मार्च २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान एसुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ ३५६ से आगे) ।l दोहा सं॰ ५९ ।। I[ లీఫె I1 6fushkatno निज भवन गवनेउ सिंधु श्रीरघुपतिहि यह मत भायऊ। यह चरित कलि मल हर जथामति दास तुलसी गायऊ।। सुख भवन संसय समन दवन बिषाद रघुपति गुन गना। सकल आस भरोस गावहि सुनहि संतत सठ मना।l भावार्थः समुद्र अपने घर चला गया, श्री रघुनाथजी को यह मत (उसकी सलाह) अच्छा लगा। यह चरित्र कलियुग के पापों को हरने वाला है, इसे तुलसीदास ने अपनी बुद्धि के अनुसार गाया है। श्री रघुनाथजी के गुण समूह सुख के धाम, संदेह का नाश करने वाले और विषाद का दमन करने वाले हैं। अरे मूर्ख मन। तू संसार का सब आशा-्भरोसा निरंतर इन्हें गा और सुन। त्यागकर क्रमशः ٥٥٥ ப  g్a 30 चैत्र शुक्ल पक्ष त्रयोदशी शुभ प्रभात বিম 2083 मंगलवार ३१ मार्च २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान एसुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ ३५६ से आगे) ।l दोहा सं॰ ५९ ।। I[ లీఫె I1 6fushkatno निज भवन गवनेउ सिंधु श्रीरघुपतिहि यह मत भायऊ। यह चरित कलि मल हर जथामति दास तुलसी गायऊ।। सुख भवन संसय समन दवन बिषाद रघुपति गुन गना। सकल आस भरोस गावहि सुनहि संतत सठ मना।l भावार्थः समुद्र अपने घर चला गया, श्री रघुनाथजी को यह मत (उसकी सलाह) अच्छा लगा। यह चरित्र कलियुग के पापों को हरने वाला है, इसे तुलसीदास ने अपनी बुद्धि के अनुसार गाया है। श्री रघुनाथजी के गुण समूह सुख के धाम, संदेह का नाश करने वाले और विषाद का दमन करने वाले हैं। अरे मूर्ख मन। तू संसार का सब आशा-्भरोसा निरंतर इन्हें गा और सुन। त्यागकर क्रमशः ٥٥٥ - ShareChat
#🌷शुभ सोमवार #शुभ सोमवार #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌞सुप्रभात सन्देश #🌞 Good Morning🌞
🌷शुभ सोमवार - H ga 35 २म चैत्र शुक्ल पक्ष द्वादशी शुभ प्रभात বিম 2083 सोमवार ३० मार्च २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ ३५५ से आगे) ।। दोहा सं॰ ५९ ।। [I H1us Zo 04 [I U' fDuahkanma देखि राम बल पौरुष भारी। पयोनिधि भयउ हरषि सुखारीII सकल चरित कहि प्रभुहि सुनावा। 9 चरन बंदि पाथोधि सिधावा।l भावार्थः ्श्री रामजी का भारी बल और पौरुष देखकर समुद्र हर्षित होकर सुखी हो गया। उसने उन दुष्टों का सारा चरित्र प्रभु को कह सुनाया। फिर चरणों की वंदना करके समुद्र चला गया। क्रमशः H ga 35 २म चैत्र शुक्ल पक्ष द्वादशी शुभ प्रभात বিম 2083 सोमवार ३० मार्च २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ ३५५ से आगे) ।। दोहा सं॰ ५९ ।। [I H1us Zo 04 [I U' fDuahkanma देखि राम बल पौरुष भारी। पयोनिधि भयउ हरषि सुखारीII सकल चरित कहि प्रभुहि सुनावा। 9 चरन बंदि पाथोधि सिधावा।l भावार्थः ्श्री रामजी का भारी बल और पौरुष देखकर समुद्र हर्षित होकर सुखी हो गया। उसने उन दुष्टों का सारा चरित्र प्रभु को कह सुनाया। फिर चरणों की वंदना करके समुद्र चला गया। क्रमशः - ShareChat
#शुभ रविवार #📿कामदा एकादशी🪔📿 #🌞सुप्रभात सन्देश #🌞 Good Morning🌞 #🕉️सनातन धर्म🚩
शुभ रविवार - H  g్a A %A चैत्र शुक्ल पक्ष एकादशी शुभ प्रभात বিম 2083 रविवार २९ मार्च २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ ३५४ से आगे) I1 d6T ఖo 59ి 11 [I ঘীণাৎ ম০ 03 II 6fushkatno एहि सर मम उत्तर तट बासी। हतहु नाथ खल नर अघ रासी।I सुनि कृपाल सागर मन पीरा।   तुरतहिं हरी राम रनधीरा।। भावार्थः ्इस बाण से मेरे उत्तर तट पर रहने वाले पाप के राशि दुष्ट मनुष्यों का वध कीजिए। कृपालु और रणधीर श्री रामजी ने समुद्र के मन की पीड़ा़ सुनकर उसे तुरंत ही हर लिया (अर्थात् बाण से उन दुष्टों का वध कर दिया)| क्रमशः ٥٥ ٥ H  g్a A %A चैत्र शुक्ल पक्ष एकादशी शुभ प्रभात বিম 2083 रविवार २९ मार्च २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ ३५४ से आगे) I1 d6T ఖo 59ి 11 [I ঘীণাৎ ম০ 03 II 6fushkatno एहि सर मम उत्तर तट बासी। हतहु नाथ खल नर अघ रासी।I सुनि कृपाल सागर मन पीरा।   तुरतहिं हरी राम रनधीरा।। भावार्थः ्इस बाण से मेरे उत्तर तट पर रहने वाले पाप के राशि दुष्ट मनुष्यों का वध कीजिए। कृपालु और रणधीर श्री रामजी ने समुद्र के मन की पीड़ा़ सुनकर उसे तुरंत ही हर लिया (अर्थात् बाण से उन दुष्टों का वध कर दिया)| क्रमशः ٥٥ ٥ - ShareChat
#🙏शुभ शनिवार 🌹 #शुभ शनिवार #🌞सुप्रभात सन्देश #🌞 Good Morning🌞 #🕉️सनातन धर्म🚩
🙏शुभ शनिवार 🌹 - H  করু 35 रम चैत्र शुक्ल पक्ष दशमी शुभ प्रभात .٦. 2083 शनिवार २८ मार्च २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ ३५३ से आगे) I1 d6T ఖo 59ి 11 =uis =o 02 11 [| 6fushkatno मैं पुनि उर धरि प्रभु प्रभुताई। करिहउँ बल अनुमान सहाईII ನ एहि बिधि नाथ पयोधि बँधाइअ। जेहिं यह सुजसु लोक तिहुँ गाइअ।। भावार्थः मैं भी प्रभु की प्रभुता को हृदय में धारण कर अपने बल के अनुसार (जहाँ तक मुझसे बन पड़ेगा) सहायता करूँगा। हे नाथ! इस प्रकार समुद्र को बँधाइए, जिससे तीनों लोकों में आपका सुंदर यश गाया जाए। क्रमशः ٥٥ ٥ H  করু 35 रम चैत्र शुक्ल पक्ष दशमी शुभ प्रभात .٦. 2083 शनिवार २८ मार्च २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ ३५३ से आगे) I1 d6T ఖo 59ి 11 =uis =o 02 11 [| 6fushkatno मैं पुनि उर धरि प्रभु प्रभुताई। करिहउँ बल अनुमान सहाईII ನ एहि बिधि नाथ पयोधि बँधाइअ। जेहिं यह सुजसु लोक तिहुँ गाइअ।। भावार्थः मैं भी प्रभु की प्रभुता को हृदय में धारण कर अपने बल के अनुसार (जहाँ तक मुझसे बन पड़ेगा) सहायता करूँगा। हे नाथ! इस प्रकार समुद्र को बँधाइए, जिससे तीनों लोकों में आपका सुंदर यश गाया जाए। क्रमशः ٥٥ ٥ - ShareChat
#🪔देवी सिद्धिदात्री🪷📿 #🌞सुप्रभात सन्देश #🙏जय माता दी📿 #🙏अम्बे माँ आरती #शुभ शुक्रवार
🪔देवी सिद्धिदात्री🪷📿 - ৬ _< ঠ্; ج 35 चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी शुभ वि.सं. २०८३ प्रभात शुक्रवार २७ मार्च २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ ३५२ से आगे) I1 d6T ఖo 59ి 11 =uis =o 01 11 [| 6fushkatno नाथ नील नल कपि द्वौ भाई। d लरिकाईं रिषि आसिष पाई।। तिन्ह कें परस किएँ गिरि भारे।   तरिहहिं जलधि प्रताप तुम्हारे।। भावार्थः (समुद्र ने कहा)) हे नाथ! नील और नल दो वानर भाई हैं। उन्होंने लड़कपन में ऋषि से आशीर्वाद पाया था। उनके स्पर्श कर लेने से ही भारी-भारी पहाड़़ भी आपके प्रताप से समुद्र पर तैर जाएँगे। क्रमशः   ৬ _< ঠ্; ج 35 चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी शुभ वि.सं. २०८३ प्रभात शुक्रवार २७ मार्च २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ ३५२ से आगे) I1 d6T ఖo 59ి 11 =uis =o 01 11 [| 6fushkatno नाथ नील नल कपि द्वौ भाई। d लरिकाईं रिषि आसिष पाई।। तिन्ह कें परस किएँ गिरि भारे।   तरिहहिं जलधि प्रताप तुम्हारे।। भावार्थः (समुद्र ने कहा)) हे नाथ! नील और नल दो वानर भाई हैं। उन्होंने लड़कपन में ऋषि से आशीर्वाद पाया था। उनके स्पर्श कर लेने से ही भारी-भारी पहाड़़ भी आपके प्रताप से समुद्र पर तैर जाएँगे। क्रमशः - ShareChat
#🪔देवी सिद्धिदात्री🪷📿 #🪔नवरात्रि Status⏳ #शुभ शुक्रवार #🌞सुप्रभात सन्देश #🙏जय माता दी📿
🪔देवी सिद्धिदात्री🪷📿 - जय माता दी देवी के वार शुक्रवार" सातों पुनी शारदा, माँ सिद्धिदात्री ।l "থুব্ধ बारह वर्ष कुमार माँ। एक माई परमेश्वरी, नवरात्रि नवम दिवस चौदह भवन द्वार मोँ।। दो पक्षों निर्मली शुभ शुक्रवार तेरह देवी देव मोँ। O2 titr uat 27|03|2026 अष्टभुजी ' रुद्र सरे मोँ।। ग्यारह सोलह कला संपूर्णी, तीन नैनों भरपूर मोँ। नवदुर्गा का नवम स्वरूप माँ द्वारे आन के पाँचों , दश सिद्धिदात्री की कृपा आप रख करें जरूर मोँ। । सभी पर बनी रहे। ४ नौ नाथ षट दर्शनी, पंद्रह तिथि जान मोँ।। चार कुटों विच निर्मली, कर भगवती कल्याण मोँ। । जय माता दी देवी के वार शुक्रवार" सातों पुनी शारदा, माँ सिद्धिदात्री ।l "থুব্ধ बारह वर्ष कुमार माँ। एक माई परमेश्वरी, नवरात्रि नवम दिवस चौदह भवन द्वार मोँ।। दो पक्षों निर्मली शुभ शुक्रवार तेरह देवी देव मोँ। O2 titr uat 27|03|2026 अष्टभुजी ' रुद्र सरे मोँ।। ग्यारह सोलह कला संपूर्णी, तीन नैनों भरपूर मोँ। नवदुर्गा का नवम स्वरूप माँ द्वारे आन के पाँचों , दश सिद्धिदात्री की कृपा आप रख करें जरूर मोँ। । सभी पर बनी रहे। ४ नौ नाथ षट दर्शनी, पंद्रह तिथि जान मोँ।। चार कुटों विच निर्मली, कर भगवती कल्याण मोँ। । - ShareChat
#🛕राम नवमी की शुभकामनाएं 💐 #🪔देवी महागौरी📿🪷 #🙏 जय माँ दुर्गा 🙏 #शुभ गुरुवार
🛕राम नवमी की शुभकामनाएं 💐 - जय माता दी 5 9 शम ೧ `ru37 ।। राम रामेति रामेति माँ महागौरी ।l रमे रमे मनोरमे।। ।। सहस्त्रनाम ततुल्यम नवरात्रि अष्टम दिवस रामनाम वरानने।। शुभ गुरुवार भावार्थ भगवान शिव 26/03/2026 कहा, "हे पार्वती!! मैं दुर्गाष्टमी निरंतर राम नाम के पवित्र आप सभी को नामों का जप करता हूँ। एवं राम नवमी की हार्दिक और इस दिव्य ध्वनि में शुभकामनाएं। आनंद लेता हूँ। रामचंद्र का यह पवित्र नाम नवदुर्गा का अष्टम स्वरूप माँ भगवान विष्णु के हजार की कृपा महागौरी एवं प्रभु श्री राम पवित्र नामों आप सभी पर बनी रहे।र  (विष्णुसहस्त्रनाम ) के বুল্স ট1 जय माता दी 5 9 शम ೧ `ru37 ।। राम रामेति रामेति माँ महागौरी ।l रमे रमे मनोरमे।। ।। सहस्त्रनाम ततुल्यम नवरात्रि अष्टम दिवस रामनाम वरानने।। शुभ गुरुवार भावार्थ भगवान शिव 26/03/2026 कहा, "हे पार्वती!! मैं दुर्गाष्टमी निरंतर राम नाम के पवित्र आप सभी को नामों का जप करता हूँ। एवं राम नवमी की हार्दिक और इस दिव्य ध्वनि में शुभकामनाएं। आनंद लेता हूँ। रामचंद्र का यह पवित्र नाम नवदुर्गा का अष्टम स्वरूप माँ भगवान विष्णु के हजार की कृपा महागौरी एवं प्रभु श्री राम पवित्र नामों आप सभी पर बनी रहे।र  (विष्णुसहस्त्रनाम ) के বুল্স ট1 - ShareChat
#🛕राम नवमी की शुभकामनाएं 💐 #🚩राम नवमी Status⏳ #शुभ गुरुवार #🙏 जय माँ दुर्गा 🙏
🛕राम नवमी की शुभकामनाएं 💐 - H3 করু चैत्र शुक्ल पक्ष अष्टमी शुभ वि.सं. २०८३ प्रभात गुरुवार २६ मार्च २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान एसुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ ३५२ से आगे) [[ dI6T ఖo 5ె9ి [[ 6fushkatno सुनत बिनीत बचन अति कह कृपाल मुसुकाइ। जेहि बिधि उतरै कपि कटकु तात सो कहहु उपाइ।। भावार्थः समुद्र के अत्यंत विनीत वचन सुनकर कृपालु श्री रामजी ने मुस्कुराकर कहा- हे तात! जिस प्रकार वानरों की सेना पार उतर जाए, वह उपाय बताओ। ೫HaT: H3 করু चैत्र शुक्ल पक्ष अष्टमी शुभ वि.सं. २०८३ प्रभात गुरुवार २६ मार्च २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान एसुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ ३५२ से आगे) [[ dI6T ఖo 5ె9ి [[ 6fushkatno सुनत बिनीत बचन अति कह कृपाल मुसुकाइ। जेहि बिधि उतरै कपि कटकु तात सो कहहु उपाइ।। भावार्थः समुद्र के अत्यंत विनीत वचन सुनकर कृपालु श्री रामजी ने मुस्कुराकर कहा- हे तात! जिस प्रकार वानरों की सेना पार उतर जाए, वह उपाय बताओ। ೫HaT: - ShareChat
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