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#शुभ बुधवार #श्री गणेश #🌞 Good Morning🌞 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं
शुभ बुधवार - ظ g్a 35 নূনীয়া फाल्गुन कृष्ण पक्ष शुभ वि.सं. २०८२ प्रभात 2026 फरवरी gaR 04| श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ ३०१ से आगे) ।। दोहा सं॰ ५० ।। [[ Hೆu1s <o 02 [[ 6fushkatno नाथ दैव कर कवन भरोसा। सोषिअ सिंधु करिअ मन रोसा।। F कादर मन कहुँ एक अधारा। ^ दैव दैव आलसी पुकारा।l भावार्थः (लक्ष्मणजी ने कहा ) हे नाथ! दैव का कौन भरोसा! मन में क्रोध कीजिए (ले आइए) और समुद्र को सुखा डालिए। यह दैव तो कायर के मन का एक आधार (तसल्ली देने का उपाय) है। आलसी लोग ही दैव ्दैव पुकारा करते हैं। क्रमशः 1٥٥ ظ g్a 35 নূনীয়া फाल्गुन कृष्ण पक्ष शुभ वि.सं. २०८२ प्रभात 2026 फरवरी gaR 04| श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ ३०१ से आगे) ।। दोहा सं॰ ५० ।। [[ Hೆu1s <o 02 [[ 6fushkatno नाथ दैव कर कवन भरोसा। सोषिअ सिंधु करिअ मन रोसा।। F कादर मन कहुँ एक अधारा। ^ दैव दैव आलसी पुकारा।l भावार्थः (लक्ष्मणजी ने कहा ) हे नाथ! दैव का कौन भरोसा! मन में क्रोध कीजिए (ले आइए) और समुद्र को सुखा डालिए। यह दैव तो कायर के मन का एक आधार (तसल्ली देने का उपाय) है। आलसी लोग ही दैव ्दैव पुकारा करते हैं। क्रमशः 1٥٥ - ShareChat
#शुभ मंगलवार #जय बजरंगबली #🌞 Good Morning🌞 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं
शुभ मंगलवार - Yi| = फाल्गुन कृष्ण पक्ष द्वितीया शुभ प्रभात वि.सं. २०८२ मंगलवार ०३ फरवरी २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ ३०० से आगे) दोहा सं॰ ५० ।l || [[ Hೆu1s <o 01 [[ 6fushkatno सखा कही तुम्ह नीति उपाई। करिअ दैव जौं होइ सहाई। मंत्र न यह लछिमन मन भावा। राम बचन सुनि अति दुख पावा।l ಘ  भावार्थः (श्री रामजी ने कहा- ) हे सखा! तुमने अच्छा उपाय बताया। यही किया जाए॰ यदि दैव सहायक हों। यह सलाह लक्ष्मणजी के मन को अच्छी नहीं लगी। श्री रामजी के वचन सुनकर तो उन्होंने बहुत ही दुःख पाया। क्रमशः Yi| = फाल्गुन कृष्ण पक्ष द्वितीया शुभ प्रभात वि.सं. २०८२ मंगलवार ०३ फरवरी २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ ३०० से आगे) दोहा सं॰ ५० ।l || [[ Hೆu1s <o 01 [[ 6fushkatno सखा कही तुम्ह नीति उपाई। करिअ दैव जौं होइ सहाई। मंत्र न यह लछिमन मन भावा। राम बचन सुनि अति दुख पावा।l ಘ  भावार्थः (श्री रामजी ने कहा- ) हे सखा! तुमने अच्छा उपाय बताया। यही किया जाए॰ यदि दैव सहायक हों। यह सलाह लक्ष्मणजी के मन को अच्छी नहीं लगी। श्री रामजी के वचन सुनकर तो उन्होंने बहुत ही दुःख पाया। क्रमशः - ShareChat
#जय महाकाल #शुभ सोमवार #🌞 Good Morning🌞 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं
जय महाकाल - ظ फाल्गुन कृष्ण पक्ष प्रतिपदा 3]97 प्रभात বিম 2082 ^90 सोमवार ०२ फरवरी २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९९ से आगे) ೩ೆ೯ :o 50 [[ || 6fushkaeno $ प्रभु तुम्हार कुलगुर जलधि कहिहि उपाय बिचारि।। बिनु प्रयास सागर तरिहि सकल भालु कपि धारि।। भावार्थः ्हे प्रभु! समुद्र आपके कुल में बड़े (पूर्वज) हैं, वे विचारकर उपाय बतला देंगे। तब रीछ और वानरों की सारी सेना बिना ही परिश्रम के समुद्र के पार उतर जाएगी| क्रमशः ٥٥ ٥ ظ फाल्गुन कृष्ण पक्ष प्रतिपदा 3]97 प्रभात বিম 2082 ^90 सोमवार ०२ फरवरी २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९९ से आगे) ೩ೆ೯ :o 50 [[ || 6fushkaeno $ प्रभु तुम्हार कुलगुर जलधि कहिहि उपाय बिचारि।। बिनु प्रयास सागर तरिहि सकल भालु कपि धारि।। भावार्थः ्हे प्रभु! समुद्र आपके कुल में बड़े (पूर्वज) हैं, वे विचारकर उपाय बतला देंगे। तब रीछ और वानरों की सारी सेना बिना ही परिश्रम के समुद्र के पार उतर जाएगी| क्रमशः ٥٥ ٥ - ShareChat
#शुभ रविवार #🙏माघ पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌞 Good Morning🌞
शुभ रविवार - ظ माघ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा 3]97 प्रभात वि.सं. २०८२ रविवार ०१ फरवरी २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९८ से आगे) ।। दोहा सं॰ ४९ ।। [[ శuIకే ఖo 01 [[ 6fushkaeno ! कह लंकेस सुनहु रघुनायक। कोटि सिंधु सोषक तव सायक।। ನ जद्यपि तदपि नीति असि गाई। <  बिनय करिअ सागर सन जाई।I भावार्थः विभीषणजी ने कहा- हे रघुनाथजी! सुनिए यद्यपि आपका एक बाण ही करोड़़ों समुद्रों को सोखने वाला है (सोख सकता है), तथापि नीति ऐसी कही गई है (उचित यह होगा) कि (पहले) जाकर समुद्र से प्रार्थना की जाए। क्रमशः ٥٥٥ ظ माघ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा 3]97 प्रभात वि.सं. २०८२ रविवार ०१ फरवरी २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९८ से आगे) ।। दोहा सं॰ ४९ ।। [[ శuIకే ఖo 01 [[ 6fushkaeno ! कह लंकेस सुनहु रघुनायक। कोटि सिंधु सोषक तव सायक।। ನ जद्यपि तदपि नीति असि गाई। <  बिनय करिअ सागर सन जाई।I भावार्थः विभीषणजी ने कहा- हे रघुनाथजी! सुनिए यद्यपि आपका एक बाण ही करोड़़ों समुद्रों को सोखने वाला है (सोख सकता है), तथापि नीति ऐसी कही गई है (उचित यह होगा) कि (पहले) जाकर समुद्र से प्रार्थना की जाए। क्रमशः ٥٥٥ - ShareChat
#शुभ शनिवार #🙏शुभ शनिवार 🌹 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #🌞 Good Morning🌞
शुभ शनिवार - ظ माघ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी 3]97 प्रभात বিম 2082 0 शनिवार ३१ जनवरी २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९७ से आगे) ।। दोहा सं॰ ४९ ।। I1 =luS =0 03 11 6fushkaeno ! सुनु कपीस लंकापति बीरा। केहि बिधि तरिअ जलधि गंभीरा।। ನ संकुल मकर उरग झष जाती। ] अति अगाध दुस्तर सब भाँति।l भावार्थः ्हे वीर वानरराज सुग्रीव और लंकापति विभीषण! सुनो, इस गहरे समुद्र को किस प्रकार पार किया जाए? अनेक जाति के मगर, साँप और मछलियों से भरा हुआ यह अत्यंत अथाह समुद्र पार करने में सब प्रकार से कठिन है। क्रमशः ٥٥٥ ظ माघ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी 3]97 प्रभात বিম 2082 0 शनिवार ३१ जनवरी २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९७ से आगे) ।। दोहा सं॰ ४९ ।। I1 =luS =0 03 11 6fushkaeno ! सुनु कपीस लंकापति बीरा। केहि बिधि तरिअ जलधि गंभीरा।। ನ संकुल मकर उरग झष जाती। ] अति अगाध दुस्तर सब भाँति।l भावार्थः ्हे वीर वानरराज सुग्रीव और लंकापति विभीषण! सुनो, इस गहरे समुद्र को किस प्रकार पार किया जाए? अनेक जाति के मगर, साँप और मछलियों से भरा हुआ यह अत्यंत अथाह समुद्र पार करने में सब प्रकार से कठिन है। क्रमशः ٥٥٥ - ShareChat
#शुभ शुक्रवार #🌞 Good Morning🌞 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌞सुप्रभात सन्देश
शुभ शुक्रवार - ظ द्वादशी माघ शुक्ल पक्ष 3]97 Idv 2082 प्रभात शुक्रवार ३० जनवरी २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९६ से आगे) ।। दोहा सं॰ ४९ ।। [[ স্রীণাৎ ম০ 02 II 6fushkaeno ! पुनि सर्बग्य सर्ब उर बासी। सर्बरूप सब रहित उदासी Il E बोले बचन नीति प्रतिपालका ಘ  कारन मनुज दनुज कुल घालक।। भावार्थः फिर सब कुछ जानने वाले, सबके हृदय में बसने वाले, सर्वरूप (सब रूपों में प्रकट), सबसे रहित, उदासीन, कारण से (भक्तों पर कृपा करने के लिए) मनुष्य बने हुए तथा राक्षसों के कुल का नाश करने वाले श्री रामजी नीति की रक्षा करने वाले वचन बोले- क्रमशः ٥٥٥ ظ द्वादशी माघ शुक्ल पक्ष 3]97 Idv 2082 प्रभात शुक्रवार ३० जनवरी २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९६ से आगे) ।। दोहा सं॰ ४९ ।। [[ স্রীণাৎ ম০ 02 II 6fushkaeno ! पुनि सर्बग्य सर्ब उर बासी। सर्बरूप सब रहित उदासी Il E बोले बचन नीति प्रतिपालका ಘ  कारन मनुज दनुज कुल घालक।। भावार्थः फिर सब कुछ जानने वाले, सबके हृदय में बसने वाले, सर्वरूप (सब रूपों में प्रकट), सबसे रहित, उदासीन, कारण से (भक्तों पर कृपा करने के लिए) मनुष्य बने हुए तथा राक्षसों के कुल का नाश करने वाले श्री रामजी नीति की रक्षा करने वाले वचन बोले- क्रमशः ٥٥٥ - ShareChat
#🙏 जया एकादशी #शुभ गुरुवार #🌞 Good Morning🌞 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #🕉️सनातन धर्म🚩
🙏 जया एकादशी - ظ माघ शुक्ल पक्ष एकादशी 3]97 বিম 2082 प्रभात गुरुवार २९ जनवरी २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९५ से आगे) ।। दोहा सं॰ ४९ ।। I[ శqIకే Fo 01 I[ 6fushkaeno ! अस प्रभु छाड़ि भजहिं जे आना। ते नर पसु बिनु पूँछ बिषाना।। @ निज जन जानि ताहि अपनावा। ಘ  प्रभु सुभाव कपि कुल मन भावा।। भावार्थः ऐसे परम कृपालु प्रभु को छोड़कर जो मनुष्य दूसरे को भजते हैं॰ वे बिना सींग पूँछ के पशु हैं। अपना सेवक जानकर विभीषण को श्री रामजी ने अपना लिया। प्रभु का स्वभाव वानरकुल के मन को (बहुत) भाया। क्रमशः ظ माघ शुक्ल पक्ष एकादशी 3]97 বিম 2082 प्रभात गुरुवार २९ जनवरी २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९५ से आगे) ।। दोहा सं॰ ४९ ।। I[ శqIకే Fo 01 I[ 6fushkaeno ! अस प्रभु छाड़ि भजहिं जे आना। ते नर पसु बिनु पूँछ बिषाना।। @ निज जन जानि ताहि अपनावा। ಘ  प्रभु सुभाव कपि कुल मन भावा।। भावार्थः ऐसे परम कृपालु प्रभु को छोड़कर जो मनुष्य दूसरे को भजते हैं॰ वे बिना सींग पूँछ के पशु हैं। अपना सेवक जानकर विभीषण को श्री रामजी ने अपना लिया। प्रभु का स्वभाव वानरकुल के मन को (बहुत) भाया। क्रमशः - ShareChat
#शुभ बुधवार #🌞 Good Morning🌞 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #🌞सुप्रभात सन्देश
शुभ बुधवार - ظ 39 माघ शुक्ल पक्ष दशमी 3]97 Idv 2082 प्रभात बुधवार २८ जनवरी २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९४ से आगे) ।l दोहा सं॰ ४९ (ख) ।। 6fushkaeno $ जो संपति सिव रावनहि दीन्हि दिएँ दस माथ। सोइ संपदा बिभीषनहि दीन्हि रघुनाथ।। सकुचि भावार्थः शिवजी ने जो संपत्ति रावण को दसों सिरों की बलि देने पर दी थी, वही संपत्ति श्री रघुनाथजी ने विभीषण को बहुत सकुचते हुए दी। क्रमशः ظ 39 माघ शुक्ल पक्ष दशमी 3]97 Idv 2082 प्रभात बुधवार २८ जनवरी २०२६ श्री रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९४ से आगे) ।l दोहा सं॰ ४९ (ख) ।। 6fushkaeno $ जो संपति सिव रावनहि दीन्हि दिएँ दस माथ। सोइ संपदा बिभीषनहि दीन्हि रघुनाथ।। सकुचि भावार्थः शिवजी ने जो संपत्ति रावण को दसों सिरों की बलि देने पर दी थी, वही संपत्ति श्री रघुनाथजी ने विभीषण को बहुत सकुचते हुए दी। क्रमशः - ShareChat
#शुभ मंगलवार #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #🌞 Good Morning🌞 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
शुभ मंगलवार - ظ माघ शुक्ल पक्ष नवमी 3]97 प्रभात वि.सं. २०८२ मंगलवार २७ जनवरी २०२६ रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९३ से आगे) ।l दोहा सं॰ ४९ (क) ।। 6fushkaeno $ रावन क्रोध अनल निज स्वास समीर प्रचंड। बिभीषनु राखेउ दीन्हेउ राजु अखंड।। जरत भावार्थः श्री रामजी ने रावण की क्रोध रूपी अग्नि में, जो अपनी (विभीषण की) श्वास (वचन) रूपी पवन से प्रचंड हो रही थी, जलते हुए विभीषण को बचा लिया और उसे अखंड राज्य दिया। বমথ: ٥٥ ظ माघ शुक्ल पक्ष नवमी 3]97 प्रभात वि.सं. २०८२ मंगलवार २७ जनवरी २०२६ रामचरितमानस पञ्चम सोपान "सुंदरकाण्ड" (गतांक सं॰ २९३ से आगे) ।l दोहा सं॰ ४९ (क) ।। 6fushkaeno $ रावन क्रोध अनल निज स्वास समीर प्रचंड। बिभीषनु राखेउ दीन्हेउ राजु अखंड।। जरत भावार्थः श्री रामजी ने रावण की क्रोध रूपी अग्नि में, जो अपनी (विभीषण की) श्वास (वचन) रूपी पवन से प्रचंड हो रही थी, जलते हुए विभीषण को बचा लिया और उसे अखंड राज्य दिया। বমথ: ٥٥ - ShareChat
#🫡गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं🤝 #🌞 Good Morning🌞 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #I ❤️️ इंडियन आर्मी 🇮🇳 #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
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