जुदाई के सितम ढाने से पहले
पलट आओ बिखर जाने से पहले,
अभी भी वक़्त है तुम लौट आओ
मिरे दिल से उतर जाने से पहले,
हमें रंगों की यूँ पहचान कब थी
तुम्हारे रू-ब-रू आने से पहले,
कहाँ थे, क्या थे ,शायद कुछ नहीं थे
तिरी नज़रों में हम आने से पहले...
#💗प्रेम #😘खर प्रेम #🌹प्रेमरंग #💖रोमॅन्टीक Love #🌹फक्त तुझ्यासाठी..