Davinder Singh Rana
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🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺 *********|| जय श्री राधे ||********* 🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺 🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏 *********ll जय श्री राधे ll********* 🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺 *दिनाँक:-18/05/2026,सोमवार* द्वितीया, शुक्ल पक्ष, अधिक ज्येष्ठ """""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल) तिथि--‐-‐---- द्वितीया 17:52:41. तक पक्ष------------------------- शुक्ल नक्षत्र--------- रोहिणी 11:31:09 योग------------ सुकर्मा 21:46:57 करण---------- बालव 07:45:33 करण---------- कौलव 17:52:41 करण----------- तैतुल 28:03:03 वार----------------------- सोमवार माह------------------ अधिक ज्येष्ठ चन्द्र राशि---- वृषभ 22:04:03 चन्द्र राशि--------------- मिथुन सूर्य राशि------------------ वृषभ रितु-------------------------- ग्रीष्म आयन------------------- उत्तरायण संवत्सर-------------------- पराभव संवत्सर (उत्तर)------------------- रौद्र विक्रम संवत---------------- 2083 गुजराती संवत-------------- 2082 शक संवत-------------------1948 कलि संवत---------------‐--5127 वृन्दावन सूर्योदय----------‐---- 05:30:14 सूर्यास्त---------------- 19:01:23 दिन काल------------- 13:31:09 रात्री काल------------- 10:28:21 चंद्रोदय--------------- 06:22:40 चंद्रास्त---------------- 21:09:46 लग्न---- वृषभ 2°52' , 32°52' सूर्य नक्षत्र----------------- कृत्तिका चन्द्र नक्षत्र ---------------------रोहिणी नक्षत्र पाया------------------- लौह *🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩* वी---- रोहिणी 06:15:43 वु---- रोहिणी 11:31:09 वे---- मृगशिरा 16:47:12 वो---- मृगशिरा 22:04:03 का---- मृगशिरा 27:21:51 *💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮* ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद ============================ सूर्य= वृषभ 02°12 , कृतिका 2 ई चन्द्र= मेष 19°30 , रोहिणी 3 वी बुध = वृषभ 07°52 ' कृतिका 4 ए शु क्र= मिथुन 04°05, मृगशिरा 4 की मंगल= मेष 05°23 अश्वनी 2 चे गुरु= मिथुन 27°33 पुनर्वसु, 3 हा शनि=मीन 16°30 ' उoभा o , 4 ञ राहू=(व) कुम्भ 10°46 शतभिषा, 2 सा केतु= (व) सिंह 10°46 मघा 4 मे ============================ *🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩* राहू काल 07:12 - 08:53 अशुभ यम घंटा 10:34 - 12:16 अशुभ गुली काल 13:57 - 15:39 अशुभ अभिजित 11:49 - 12:43 शुभ दूर मुहूर्त 12:43 - 13:37 अशुभ दूर मुहूर्त 15:25 - 16:19 अशुभ वर्ज्यम 16:26 - 17:51 अशुभ प्रदोष 19:01 - 21:08 शुभ 💮चोघडिया, दिन अमृत 05:30 - 07:12 शुभ काल 07:12 - 08:53 अशुभ शुभ 08:53 - 10:34 शुभ रोग 10:34 - 12:16 अशुभ उद्वेग 12:16 - 13:57 अशुभ चर 13:57 15:39 शुभ लाभ 15:39 - 17:20 शुभ अमृत 17:20 - 19:01 शुभ 🚩चोघडिया, रात चर 19:01 20:20 शुभ रोग 20:20 - 21:38 अशुभ काल 21:38 22:57 अशुभ लाभ 22:57 - 24:16* शुभ उद्वेग 24:16* - 25:34* अशुभ शुभ 25:34* - 26:53* शुभ अमृत 26:53* - 28:11* शुभ चर 28:11*- 29:30* शुभ 💮होरा, दिन चन्द्र 05:30- 06:38 शनि 06:38 -07:45 बृहस्पति 07:45- 08:53 मंगल 08:53- 10:01 सूर्य 10:01 -11:08 शुक्र 11:08 -12:16 बुध 12:16 -13:23 चन्द्र 13:23 -14:31 शनि 14:31- 15:39 बृहस्पति 15:39 -16:46 मंगल 16:46 -17:54 सूर्य 17:54 -19:01 🚩होरा, रात शुक्र 19:01- 19:54 बुध 19:54 -20:46 चन्द्र 20:46 -21:38 शनि 21:38 -22:31 बृहस्पति 22:31 -23:23 मंगल 23:23- 24:16 सूर्य 24:16-25:08 शुक्र 25:08-26:00 बुध 26:00- 26:53 चन्द्र 26:53-27:45 शनि 27:45-28:37 बृहस्पति 28:37-29:30 *🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩* वृषभ > 05:18 से 07:18 तक मिथुन > 07:18 से 09:32 तक कर्क > 09:32 से 11:52 तक सिंह > 11:52 से 14:08 तक कन्या > 14:08 से 16:22 तक तुला > 16:22 से 18:40 तक वृश्चिक > 18:40 से 21:00 तक धनु > 21:00 से 23:04 तक मकर > 23:00 से 00:50 तक कुम्भ > 00:50 से 02:20 तक मीन > 02:20 से 03:46 तक मेष > 03:46 से 05:22 तक ======================= *🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार* (लगभग-वास्तविक समय के समीप) दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट *नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार । शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥ रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार । अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥ अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें । उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें । शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें । लाभ में व्यापार करें । रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें । काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है । अमृत में सभी शुभ कार्य करें । *💮दिशा शूल ज्ञान-------------पूर्व* परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l इस मंत्र का उच्चारण करें-: *शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l* *भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll* *🚩 अग्नि वास ज्ञान -:* *यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,* *चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।* *दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,* *नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्* *नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।* 2 + 2 + 1 = 5 ÷ 4 = 1 शेष पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l *🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩* सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है सूर्य ग्रह मुखहुति *💮 शिव वास एवं फल -:* 2 + 2 + 5 = 9 ÷ 7 = 2 शेष गौरी सान्निधौ = शुभ कारक *🚩भद्रा वास एवं फल -:* *स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।* *मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।* *💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮* *सर्वार्थ, अमृत सिद्धि योग 11:31 से *💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮* जन्ममृत्युं हि यात्येको भुनक्त्येकं शुभाशुभम् । नरकेषु पतत्येक एको याति परां गतिम् ।। ।।चाoनीo।। जब आप सफ़र पर जाते हो तो विद्यार्जन ही आपका मित्र है. घर में पत्नी मित्र है. बीमार होने पर दवा मित्र है. अर्जित पुण्य मृत्यु के बाद एकमात्र मित्र है. *🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩* गीता -: ज्ञान-विज्ञान योग अo-7 न मां दुष्कृतिनो मूढाः प्रपद्यन्ते नराधमाः। माययापहृतज्ञाना आसुरं भावमाश्रिताः॥ माया द्वारा जिनका ज्ञान हरा जा चुका है, ऐसे आसुर-स्वभाव को धारण किए हुए, मनुष्यों में नीच, दूषित कर्म करने वाले मूढ़ लोग मुझको नहीं भजते ॥15॥ *💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮* देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।। विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।। 🐏मेष कारोबार में वृद्धि के योग हैं। उचित निर्णय ले पाएंगे। तंत्र-मंत्र में रुचि रहेगी। मार्गदर्शन व सहयोग मिलेगा। पारिवारिक जवाबदारी बढ़ सकती है। लाभ में वृद्धि होगी। जल्दबाजी न करें। प्रसन्नता रहेगी। समय अनुकूल है। कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति निर्मित होगी। 🐂वृष अपेक्षाकृत कार्यों में विलंब होने से खिन्नता रहेगी। पुराना रोग उभर सकता है। काम में मन नहीं लगेगा। बेकार बातों पर ध्यान न दें। आय बनी रहेगी। दौड़धूप अधिक होगी। आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है। शोक संदेश मिल सकता है। विवाद से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। 👫मिथुन लेन-देन में जल्दबाजी न करें। बेवजह विवाद की स्थिति बन सकती है। विवेक से कार्य करें। लाभ होगा। किसी बड़ी समस्या से सामना हो सकता है। व्यवसाय से संतोष नहीं होगा। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। थकान रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। काम में लापरवाही बड़ा नुकसान दे सकती है। 🦀कर्क मेहनत का फल मिलेगा। कार्यसिद्धि से प्रसन्नता रहेगी। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। समय अनुकूल है। नए कार्य करने का मन बनेगा। उत्साह बना रहेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। पार्टनरों व भाइयों का सहयोग मिलेगा। जीवन सुखमय रहेगा। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। 🐅सिंह आत्मसम्मान बना रहेगा। नए काम करने का मन बनेगा। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। दूर के अच्‍छे समाचार प्राप्त होंगे। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। काम में मन लगेगा। जल्दबाजी न करें। जीवन सुखमय रहेगा। 🙍‍♀️कन्या रोजगार प्राप्ति सुगमता से होगी। यात्रा लाभदायक रहेगी। नए उपक्रम प्रारंभ करने की योजना बनेगी। लाभ में वृद्धि होगी। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। भाग्य का साथ मिलता रहेगा। नवीन वस्त्राभूषण पर व्यय होगा। ⚖️तुला घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। शत्रु सक्रिय रहेंगे। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। समय की अनुकूलता का लाभ लें। प्रमाद न करें। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। 🦂वृश्चिक लोग आप से अधिक अपेक्षा करेंगे। आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। अनावश्यक खर्च पर नियंत्रण रखें। आय में निश्चितता रहेगी। पुराना रोग उभर सकता है। स्वास्थ्य पर खर्च होगा। कुसंगति से हानि होगी। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। 🏹धनु लाभ में वृद्धि होगी। वरिष्ठजन मार्गदर्शन व सहयोग करेंगे। पठन-पाठन व लेखन आदि में मन लगेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। यात्रा आनंददायक हो सकती है। मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। उत्साह व प्रसन्नता बने रहेंगे। आराम का समय नहीं मिलेगा। थकान रह सकती है। 🐊मकर पारिवारिक सहयोग मिलेगा। समय अनुकूल है, लाभ लें। प्रमाद न करें। यात्रा लाभदायक रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। लिया हुआ कर्ज समय पर चुका पाएंगे। थकान महसूस होगी। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। जल्दबाजी न करें। 🍯कुंभ मान-सम्मान मिलेगा। प्रतिष्ठित व्यक्तियों से मेलजोल बढ़ेगा। योजना फलीभूत होगी। मित्रों की सहायता कर पाएंगे। नए व्यापारिक अनुबंध हो सकते हैं। जीवन सुखमय रहेगा। कार्यस्थल पर परिवर्तन व सुधार संभव है। तत्काल लाभ नहीं मिलेगा। व्यय होगा। जोखिम व जमानत के कार्य बिलकुल न करें। 🐟मीन किसी मांगलिक कार्य में शामिल होने का अवसर मिल सकता है। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। प्रतिद्वंद्वी सक्रिय रहेंगे। जीवन सुखमय रहेगा। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। कोर्ट व कचहरी के काम निबटेंगे। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। 🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏 #🕉️सनातन धर्म🚩 #श्री हरि #आज का राशिफल / पंचाग ☀
🌞~ *श्री गणेशाय नमः*~🌞 🔱~ *हर हर महादेव*~🔱 🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩 🌤️ *दिनांक - 18 मई 2026* 🌤️ *दिन - सोमवार* 🌤️ *विक्रम संवत - 2083 (गुजरात अनुसार 2082)* 🌤️ *शक संवत - 1948* 🌤️ *अयन - उत्तरायण* 🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ऋतु* 🌤️ *मास - अधिक ज्येष्ठ* 🌤️ *पक्ष - शुक्ल* 🌤️ *तिथि - द्वितीया शाम 05:53 तक तत्पश्चात तृतीया* 🌤️ *नक्षत्र - रोहिणी सुबह 11:32 तक तत्पश्चात मृगशिरा* 🌤️ *योग - सुकर्मा रात्रि 09:48 तक तत्पश्चात धृति* 🌤️*राहुकाल - सुबह 07:39 से सुबह 09:17 तक* 🌤️ *सूर्योदय - 06:00* 🌤️ *सूर्यास्त - 07:09* 👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा में* 🚩 *व्रत पर्व विवरण -* 💥 *विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩 🌷 *पुरुषोत्तम मास* 🌷 ➡ *17 मई से 15 जून तक अधिक - पुरुषोत्तम मास* 🌷 *पुरुषोत्तम मास में रोज़ एक बार एक श्लोक बोल सकें तो बहुत अच्छा है* 🌷 *गोवर्धनधरं वन्दे गोपालं गोपरुपिणम |* *गोकुलोत्सवमीशानं गोविन्दं गोपिका प्रियं | |* 🙏🏻 *हे भगवान ! हे गिरिराज धर ! गोवर्धन को अपने हाथ में धारण करने वाले हे हरि ! हमारे विश्वास और भक्ति को भी तू ही धारण करना | प्रभु आपकी कृपा से ही मेरे जीवन में भक्ति बनी रहेगी, आपकी कृपा से ही मेरे जीवन में भी विश्वास रूपी गोवर्धन मेरी रक्षा करता रहेगा | हे गोवर्धनधारी आपको मेरा प्रणाम है आप समर्थ होते हुए भी साधारण बालक की तरह लीला करते थे | गोकुल में आपके कारण सदैव उत्सव छाया रहता था मेरे ह्रदय में भी हमेशा उत्सव छाया रहे साधना में, सेवा-सुमिरन में मेरा उत्साह कभी कम न हो |* 🙏🏻 *मै जप, साधना सेवा,करते हुए कभी थकूँ नहीं | मेरी इन्द्रियों में संसार का आकर्षण न हो, मैं आँख से तुझे ही देखने कि इच्छा रखूं, कानों से तेरी वाणी सुनने की इच्छा रखूं, जीभ के द्वारा दिया हुआ नाम जपने की इच्छा रखूं ! हे गोविन्द ! आप गोपियों के प्यारे हो ! ऐसी कृपा करो, ऐसी सदबुद्धि दो कि मेरी इन्द्रियां आपको ही चाहे ! मेरी इन्द्रियरूपी गोपीयों में संसार की चाह न हो,ख आपकी ही चाह हो !* 🙏🏻 🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩 🌷 *अधिक मास का माहात्म्य* 🌷 🙏🏻 *अधिक मास में सूर्य की संक्रान्ति (सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश) न होने के कारण इसे "मलमास (मलिन मास)" कहा गया। स्वामीरहित होन से यह मास देव-पितर आदि की पूजा तथा मंगल कर्मों के लिए त्याज्य माना गया। इससे लोग इसकी घोर निंदा करने लगे।* 🙏🏻 *तब भगवान श्रीकृष्ण ने कहाः “मैं इसे सर्वोपरि – अपने तुल्य करता हूँ। सदगुण, कीर्ति, प्रभाव, षडैश्वर्य, पराक्रम, भक्तों को वरदान देने का सामर्थ्य आदि जितने गुण मुझमें हैं, उन सबको मैंने इस मास को सौंप दिया।* 🌷 *अहमेते यथा लोके प्रथितः पुरुषोत्तमः।* *तथायमपि लोकेषु प्रथितः पुरुषोत्तमः।।* 🙏🏻 *उन गुणों के कारण जिस प्रकार मैं वेदों, लोकें और शास्त्रों में ‘पुरुषोत्तम’ नाम से विख्यात हूँ, उसी प्रकार यह मलमास भी भूतल पर ‘पुरुषोत्तम’ नाम से प्रसिद्ध होगा और मैं स्वयं इसका स्वामी हो गया हूँ।”* 🙏🏻 *इस प्रकार अधिक मास, मलमास, ‘पुरुषोत्तम मास’ के नाम से विख्यात हुआ।* 🙏🏻 *भगवान कहते हैं- ‘इस मास में मेरे उद्देश्य से जो स्नान (ब्राह्ममुहूर्त में उठकर भगवत्स्मरण करते हुए किया गया स्नान), दान, जप, होम, स्वाध्याय, पितृतर्पण तथा देवार्चन किया जाता है, वह सब अक्षय हो जाता है। जो प्रमाद से इस बात को खाली बिता देते हैं, उनका जीवन मनुष्यलोक में दारिद्रय, पुत्रशोक तथा पाप के कीचड़ से निंदित हो जाता है इसमें संदेह नहीं है।* 🙏🏻 *सुगंधित चंदन, अनेक प्रकार के फूल, मिष्टान्न, नैवेद्य, धूप, दीप आदि से लक्ष्मी सहित सनातन भगवान तथा पितामह भीष्म का पूजन करें। घंटा, मृदंग और शंख की ध्वनि के साथ कपूर और चंदन से आरती करें। ये न हों तो रूई की बत्ती से ही आरती कर लें। इससे अनंत फल की प्राप्ति होती है। चंदन, अक्षत और पुष्पों के साथ ताँबे के पात्र में पानी रखकर भक्ति से प्रातःपूजन के पहले या बाद में अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय भगवान ब्रह्माजी के साथ मेरा स्मरण करके इस मंत्र को बोलें* *देवदेव महादेव प्रलयोत्पत्तिकारक।* *गृहाणार्घ्यमिमं देव कृपां कृत्वा ममोपरि।।* *स्वयम्भुवे नमस्तुभ्यं ब्रह्मणेऽमिततेजसे।* *नमोऽस्तुते श्रियानन्त दयां कुरु ममोपरि।।* 🙏🏻 *‘हे देवदेव ! हे महादेव ! हे प्रलय और उत्पत्ति करने वाले ! हे देव ! मुझ पर कृपा करके इस अर्घ्य को ग्रहण कीजिए। तुझ स्वयंभू के लिए नमस्कार तथा तुझ अमिततेज ब्रह्मा के लिए नमस्कार। हे अनंत ! लक्ष्मी जी के साथ आप मुझ पर कृपा करें।’* 🙏🏻 *पुरुषोत्तम मास का व्रत दारिद्रय, पुत्रशोक और वैधव्य का नाशक है। इसके व्रत से ब्रह्महत्या आदि सब पाप नष्ट हो जाते हैं।* 🌷 *विधिवत् सेवते यस्तु पुरुषोत्तममादरात्।* *फुलं स्वकीयमुदधृत्य मामेवैष्यत्यसंशयम्।।* 🙏🏻 *प्रति तीसरे वर्ष में पुरुषोत्तम मास के आगमन पर जो व्यक्ति श्रद्धा-भक्ति के साथ व्रत, उपवास, पूजा आदि शुभकर्म करता है, वह निःसन्देह अपने समस्त परिवार के साथ मेरे लोक में पहुँचकर मेरा सान्निध्य प्राप्त करता है।”* 🙏🏻 *इस महीने में केवल ईश्वर के उद्देश्य से जो जप, सत्संग व सत्कथा – श्रवण, हरिकीर्तन, व्रत, उपवास, स्नान, दान या पूजनादि किये जाते हैं, उनका अक्षय फल होता है और व्रती के सम्पूर्ण अनिष्ट हो जाते हैं। निष्काम भाव से किये जाने वाले अनुष्ठानों के लिए यह अत्यंत श्रेष्ठ समय है। ‘देवी भागवत’ के अनुसार यदि दान आदि का सामर्थ्य न हो तो संतों-महापुरुषों की सेवा सर्वोत्तम है, इससे तीर्थस्नानादि के समान फल प्राप्त होता है।* 🙏🏻 *इस मास में प्रातःस्नान, दान, तप नियम, धर्म, पुण्यकर्म, व्रत-उपासना तथा निःस्वार्थ नाम जप – गुरुमंत्र का जप अधिक महत्त्व है।* 🔥 *इस महीने में दीपकों का दान करने से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। दुःख – शोकों का नाश होता है। वंशदीप बढ़ता है, ऊँचा सान्निध्य मिलता है, आयु बढ़ती है। इस मास में आँवले और तिल का उबटन शरीर पर मलकर स्नान करना और आँवले के वृक्ष के नीचे भोजन करना यह भगवान श्री पुरुषोत्तम को अतिशय प्रिय है, साथ ही स्वास्थ्यप्रद और प्रसन्नताप्रद भी है। यह व्रत करने वाले लोग बहुत पुण्यवान हो जाते है।* ❌ *अधिक मास में वर्जित* *इस मास में सभी सकाम कर्म एवं व्रत वर्जित हैं। जैसे – कुएँ, बावली, तालाब और बाग आदि का आरम्भ तथा प्रतिष्ठा, नवविवाहिता वधू का प्रवेश, देवताओं का स्थापन (देवप्रतिष्ठा), यज्ञोपवीत संस्कार, विवाह, नामकर्म, मकान बनाना, नये वस्त्र एवं अलंकार पहनना आदि।* ✅ *अधिक मास में करने योग्य* *प्राणघातक रोग आदि की निवृत्ति के लिए रूद्रजप आदि अनुष्ठान, दान व जप-कीर्तन आदि, पुत्रजन्म के कृत्य, पितृमरण के श्राद्धादि तथा गर्भाधान, पुंसवन जैसे संस्कार किये जा सकते हैं।* *📖 राणा जी खेड़ांवाली 🚩* 🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩 🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🌷🙏🏻♥️🌺🍏🥦🥏☘️🔵🟡🪵🍃🌼 *🌹 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष 🌹* आपका जन्मदिन: 18 मई दिनांक 18 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 8 होगा। आप अपने जीवन में जो कुछ भी करते हैं उसका एक मतलब होता है। आपके मन की थाह पाना मुश्किल है। आपको सफलता अत्यंत संघर्ष के बाद हासिल होती है। कई बार आपके कार्यों का श्रेय दूसरे ले जाते हैं। यह ग्रह सूर्यपुत्र शनि से संचालित होता है। इस दिन जन्मे व्यक्ति धीर गंभीर, परोपकारी, कर्मठ होते हैं। आपकी वाणी कठोर तथा स्वर उग्र है। आप भौतिकतावादी है। आप अदभुत शक्तियों के मालिक हैं। आपके लिए खास शुभ दिनांक : 8, 17, 26 शुभ अंक : 8, 17, 26, 35, 44 शुभ वर्ष : 2042 ईष्टदेव : हनुमानजी, शनि देवता शुभ रंग : काला, गहरा नीला, जामुनी आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल करियर: शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे, नौकरीपेशा व्यक्ति प्रगति पाएंगे। सभी कार्यों में सफलता मिलेगी। जो अभी तक बाधित रहे है वे भी सफल होंगे। बेरोजगार प्रयास करें, तो रोजगार पाने में सफल होंगे। राजनैतिक व्यक्ति भी समय का सदुपयोग कर लाभान्वित होंगे। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अनुकूल ही रहेगा। कारोबार: व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी। मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ) आज सेहत अच्छी रहेगी। अपनी मज़े लेने की अपनी प्रवृत्ति पर क़ाबू रखें और मनोरंजन पर ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्च करने से बचें। परिवार के लोगों के बीच पैसे को लेकर आज कहासुनी हो सकती है। पैसों के मामलों में आपको परिवार के सभी लोगों को स्पष्ट होने की सलाह देनी चाहिए। प्यार बहार की तरह है; फूलों, रोशनी और तितलियों से भरा हुआ। आज आपका रोमानी पहलू उभरकर आएगा। जिस पहचान और पुरस्कार की उम्मीद आप कर रहे थे, वह बाद के लिए टल सकती है और आपको हताशा का सामना करना पड सकता है। अगर आप अपने घर से बाहर रहकर अध्ययन या नौकरी करते हैं तो आज के दिन आप खाली समय में अपने घर वालों से बात कर सकते हैं। घर की किसी खबर को सुनकर आप भावुक भी हो सकते हैं। अगर हाल में आप व आपका जीवनसाथी बहुत ख़ुश महसूस नहीं कर रहे थे, तो आज हालात बदल सकते हैं। आप दोनों आज बहुत मज़े करने वाले हैं। वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो) सामाजिक मेलजोल से ज़्यादा सेहत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। आज आप काफ़ी पैसे बना सकते हैं- लेकिन इसे अपने हाथों से फिसलने न दें। अपने परिवार की भलाई के लिए मेहनत करें। आपके कामों के पीछे प्यार और दूरदृष्टि की भावना होनी चाहिए, न कि लालच का ज़हर। आपकी आँखें इतनी चमकीली हैं कि वे आपके प्रिय की अंधेरी रात को भी रोशन कर सकती हैं। आपका प्रतिस्पर्धी स्वभाव आपको दूसरों से आगे रखने में मदद करेगा। घर के कामों को पूरा करने के बाद इस राशि की गृहणियां आज के दिन फुर्सत में टीवी या मोबाइल पर कोई मूवी देख सकती हैं। आपका जीवनसाथी आज आपके लिए कुछ बहुत ख़ास करने वाला है। मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह) आज आपके पास अपनी सेहत से जुड़ी चीज़ों को सुधारने के लिए पर्याप्त समय होगा। सिर्फ़ अक़्लमंदी से किया गया निवेश ही फलदायी होगा- इसलिए अपनी मेहनत की कमाई सोच-समझ कर लगाएँ। ऐसे विवादास्पद मुद्दों पर बहस करने से बचें, जो आपके और प्रियजनों के बीच गतिरोध पैदा कर सकते हैं। आज आपकी कोई बुरी आदत आपके संगी को बुरी लग सकती है और वो आपसे नाराज हो सकते हैं। आज कार्यक्षेत्र में आपके किसी पुराने काम की तारीफ हो सकती है। आपके काम को देखते हुए आज आपकी तरक्की भी संभव है। कारोबारी आज अनुभवी लोगों से करोबार को आगे बढ़ाने की सलाह ले सकते हैं। आपका व्यक्तित्व और लोगों से थोड़ा अलग है आप अकेले वक्त बिताना पसंद करते हैं। आज आपको अपने लिए वक्त तो मिलेगा लेकिन ऑफिस की कोई समस्या आपको सताती रहेगी। शादीशुदा ज़िन्दगी के नज़रिए से चीज़ें काफ़ी अच्छी रहेंगी। कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो) आज असुरक्षा/दुविधा के चलते आप असमंजस में फँस सकते हैं। सिर्फ़ अक़्लमंदी से किया गया निवेश ही फलदायी होगा- इसलिए अपनी मेहनत की कमाई सोच-समझ कर लगाएँ। रिश्तेदारों के यहाँ छोटी यात्रा आपके भागदौड़ भरे दिन में आराम और सुकून देने वाली साबित होगी। एक लम्बा दौर जो काफ़ी समय से आपको दबोचे हुए था, ख़त्म हो चुका है। दफ़्तर में जिसके साथ आपकी सबसे कम बनती है, उससे अच्छी बातचीत हो सकती है। ज़रूरतमंदों की मदद करने की आपकी ख़ासियत आपको सम्मान दिलाएगी। आपका जीवनसाथी आपको इतना बेहतरीन पहले कभी महसूस नहीं हुआ। आपको उनसे कोई बढ़िया सरप्राइज़ मिल सकता है। सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे) आज सुकून हासिल करने लिए कुछ पल क़रीबी दोस्तों के साथ बिताएँ। आज के दिन आपको धन लाभ होने की पूरी संभावना है लेकिन इसके साथ ही आपको दान-पुण्य भी करना चाहिए क्योंकि इससे आपको मानसिक शांति मिलेगी। लोगों के साथ ठीक तरह से पेश आएँ, ख़ास तौर पर उनके साथ जो आपसे प्यार करते हैं और आपका ख़याल रखते हैं। दूसरों को ख़ुशियाँ देकर और पुरानी ग़लतियों को भुलाकर आप जीवन को सार्थक बनाएंगे। खुदरा और थोक व्यापारियों के लिए अच्छा दिन है। बिना किसी को अवगत कराए ही आज आपके घर में किसी दूर के रिश्तेदार की एंट्री हो सकती है जिसके कारण आपका समय खराब हो सकता है। आप अपने वैवाहिक जीवन की सारी ख़राब यादें भूल जाएंगे और आज का भरपूर आनंद लेंगे। कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो) किसी पुराने दोस्त से मुलाक़ात आपका मन ख़ुश कर देगी। आज अगर आप दूसरों की बात मानकर निवेश करेंगे, तो आर्थिक नुक़सान तक़रीबन पक्का है। बच्चे भविष्य की योजनाएँ बनाने की अपेक्षा घर के बाहर ज़्यादा समय बिताकर आपको निराश कर सकते हैं। प्रेम के दृष्टिकोण से आपके लिए यह दिन विशेष रहने वाला है। आज कार्यक्षेत्र में आपके किसी पुराने काम की तारीफ हो सकती है। आपके काम को देखते हुए आज आपकी तरक्की भी संभव है। कारोबारी आज अनुभवी लोगों से करोबार को आगे बढ़ाने की सलाह ले सकते हैं। सामाजिक और धार्मिक समारोह के लिए बेहतरीन दिन है। आज आपका जीवनसाथी आपको प्यार और सुख के लोक की सैर करा सकता है। तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते) आज दोस्तों के साथ शाम सुखद रहेगी लेकिन ज़्यादा खाने और मदिरापान से बचें। रात के समय आज आपको धन लाभ होने की पूरी संभावना है क्योंकि आपके द्वारा दिया गया धन आज आपको वापस मिल सकता है। अपने दिन की योजना सावधानी से तय करें। ऐसे लोगों से बात करें, जो आपकी मदद कर सकते हैं। आज फ़ायदा हो सकता है, बशर्ते आप अपनी बात भली-भांति रखें और काम में लगन व उत्साह दिखाएँ। आज आप अपना खाली समय अपनी माता की सेवा में बिताना चाहेंगे लेकिन ऐन मौके पर किसी काम के आ जाने की वजह से ऐसा नहीं हो पाएगा। इससे आपको परेशानी होगी। आपका जीवनसाथी अपने दोस्तों में कुछ ज़्यादा व्यस्त हो सकता है, जिसके चलते आपके उदास होने की संभावना है। वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू) आज आपके दोस्तों का रुख़ सहयोगी रहेगा और वे आपको ख़ुश रखेंगे। बोलते समय और वित्तीय लेन-देन करते समय सावधानी बरतने की ज़रूरत है। आपका ज्ञान और हास-परिहास आपके चारों ओर लोगों को प्रभावित करेगा। अटके कामों के बावजूद रोमांस और बाहर घूमना-फिरना आपके दिलो-दिमाग़ पर छाया रहेगा। आपके बॉस किसी भी बहाने में दिलचस्पी ज़ाहिर नहीं करेंगे- इसलिए निगाहों में बने रहने के लिए अपना काम अच्छी तरह से करें। आज जीवनसाथी के साथ समय बिताने के लिए आपके पास पर्याप्त समय होगा। आपके प्रेम को देखकर आज आपका संगी गदगद हो जाएगा। आपका जीवनसाथी बिना जाने कुछ ऐसा ख़ास काम कर सकता है, जिसे आप कभी भुला नहीं पाएंगे। धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे) आज आपका झगाड़ालू स्वभाव आपके दुश्मनों की सूची लम्बी कर सकता है। किसी को ख़ुद पर इतना नियंत्रण न दें, कि वह आपको नाराज़ कर सके और जिसके लिए बाद में आपको पछताना पड़े। आज आप घर से बाहर तो बहुत सकारात्मकता के साथ निकलेंगे लेकिन किसी कीमती वस्तु के चोरी होने की वजह से आपका मूड खराब हो सकता है। परिवार के सदस्यों का आपके जीवन में विशेष महत्व होगा। अपने प्रिय की ग़ैर-ज़रूरी भावनात्मक मांगों के सामने घुटने न टेकें। तरोताज़गी और मनोरंजन के लिए बढ़िया दिन, लेकिन अगर आप काम कर रहे हैं तो व्यावसायिक लेन-देन में सावधानी की ज़रूरत है। आपका व्यक्तित्व ऐसा है कि ज्यादा लोगों से मिलकर आप परेशान हो जाते हैं और फिर अपने लिए वक्त निकालने की कोशिश करने लग जाते हैं। इस लिहाज से आज का दिन आपके लिए बहुत अच्छा रहने वाला है। आज आपको अपने लिए पर्याप्त समय मिलेगा। वैवाहिक जीवन के कुछ साइड इफ़ेक्ट्स भी होते हैं; आज आपको इनका सामना करना पड़ सकता है। मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी) दिन की शुरुआत आप योग ध्यान से कर सकते हैं। ऐसा करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा और सारे दिन आपमें ऊर्जा रहेगी। ऐसा लगता है आप जानते हैं कि लोग आपसे क्या चाहते हैं- लेकिन आज अपने ख़र्चों को बहुत ज़्यादा बढ़ाने से बचें। जो लोग आपके लिए सबसे ज़्यादा अहमियत रखते हैं, उन्हें अपनी बात समझाने में आप ख़ासी दिक़्क़त महसूस करेंगे। अपने प्रिय को समझने की कोशिश करें, नहीं तो मुश्किल में फँस सकते हैं। आप महसूस करेंगे कि आपकी रचनात्मकता कहीं खो गयी है और फ़ैसले करने में आपको ख़ासी दिक़्क़त का सामना करना पड़ेगा। अपने व्यक्तित्व और रंग-रूप को बेहतर बनाने का कोशिश संतोषजनक साबित होगी। जब आपका जीवनसाथी जब सारे मनमुटाव भुलाकर प्यार के साथ आपके पास फिर आएगा, तो जीवन और भी सुन्दर लगेगा। कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द) आपका प्रबल आत्मविश्वास और आज के दिन का आसान कामकाज मिलकर आपको आराम के लिए काफ़ी वक़्त देंगे। आज के दिन आपको आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता यह संभव है कि आप ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्च करें या आपका बटुआ खो भी सकता है- ऐसे मामलों में सावधानी की कमी आपको नुक़सान पहुँचा सकती है। ज़रूरत के वक़्त आपको दोस्तों का सहयोग मिलेगा। आप अनुभव करेंगे कि आपके प्रिय का आपके प्रति प्यार वाक़ई बहुत गहरा है। यह उन अच्छे दिनों में से एक दिन है जब कार्यक्षेत्र में आप अच्छा महसूस करेंगे। आज आपके सहकर्मी आपके काम की तारीफ करेंगे और आपका बॉस भी आपके काम से खुश होगा। कारोबारी भी आज कारोबार में मुनाफा कमा सकते हैं। वक्त से बढ़कर कुछ नहीं होता। इसलिए आप वक्त का सदुपयोग करते हैं लेकिन कई बार आपको जीवन को लचीला बनाने की जरुरत भी होती है और अपने घर परिवार के साथ समय बिताने की जरुरत होती है। आपका जीवनसाथी आपको प्यार का एहसास देना चाहता है, उसकी मदद करें। मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची) किसी संत पुरुष का आशीर्वाद मानसिक शान्ति प्रदान करेगा। अगर आप छात्र हैं और विदेशों में जाकर पढ़ाई करना चाहते हैं तो घर की आर्थिक तंगी आज आपके माथे पर शिकन ला सकती है। भावनात्मक तौर पर ख़तरा उठाना आपके पक्ष में जाएगा। आज आपके और आपके प्यार के बीच कोई आ सकता है। कार्यक्षेत्र की बात करें तो आपकी टीम का सबसे ज़्यादा खीझने वाला व्यक्ति काफ़ी समझदारी की बातें करता नज़र आ सकता है। ऐसे लोगों से जुड़ने से बचें जो आपकी प्रतिष्ठा को आघात पहुँचा सकते हैं। परिवार के सदस्यों के साथ थोड़ी दिक़्क़त का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन दिन के आख़िर में आपका जीवनसाथी आपकी परेशानियों को सहलाएगा। राणा जी खेड़ांवाली 🚩 #🕉️सनातन धर्म🚩 #श्री हरि #आज का राशिफल / पंचाग ☀
*ॐहरिहरो विजयतेतरामॐ* *🌼 श्री गणेशाय नमः🌼* *🚩पुरुषोत्तम मास की बधाई🚩* *🗓आज का पञ्चाङ्ग 🗓* *🌻 सोमवार, १८ मई २०२६🌻* 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 *सूर्योदय: 🌞 ०५:४५* *सूर्यास्त: ☀️ १९:०२* *चन्द्रोदय: 🌝 ०६:४३* *चन्द्रास्त: 🌜 २१:०५* *अयन 🌖 उत्तरायण* *ऋतु: ☀️ग्रीष्म* *शक सम्वत: 👉 १९४८ (पराभव)* *विक्रम सम्वत: 👉 २०८३ (रौद्र)* *युगाब्द (कलि संवत) 👉 ५१२७* *मास 👉 ज्येष्ठ (अधिक)* *पक्ष 👉 शुक्ल* *तिथि 👉 द्वितीया (१७:५३ से तृतीया )* *नक्षत्र 👉 रोहिणी (११:३२ से मृगशिरा)* *योग 👉 सुकर्मा (२१:४८ से धृति)* *प्रथम करण 👉 बालव (०७:४६ तक)* *द्वितीय करण 👉 कौलव (१७:५३ तक)* *द्वितीय करण 👉 तैतिल (२८:०३+ तक)* *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *॥ गोचर ग्रहा: ॥* *🌖🌗🌖🌗* *सूर्य 🌟 वृषभ* *चंद्र 🌟 मिथुन* *मंगल 🌟 मेष (उदित, पूर्व, मार्गी)* *बुध 🌟 वृषभ (अस्त, पूर्व , मार्गी)* *गुरु 🌟 मिथुन (उदित, पूर्व, मार्गी)* *शुक्र 🌟 मिथुन (उदित, पूर्व, मार्गी)* *शनि 🌟 मीन (उदित, पूर्व, मार्गी)* *राहु 🌟 कुम्भ* *केतु 🌟 सिंह* *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *शुभाशुभ मुहूर्त विचार* *⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳* *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *अभिजित मुहूर्त 👉 ११:५७ से १२:५०* *अमृत काल 👉 ०८:४४ से १०:०८* *सर्वार्थ सिद्धि योग 👉 अहोरात्र* *विजय मुहूर्त 👉 १४:३६ से १५:३०* *गोधूलि मुहूर्त 👉 १९:०१ से १९:२३* *सायाह्न सन्ध्या 👉 १९:०२ से २०:०७* *निशिता मुहूर्त 👉 २४:०२+ से २४:४५+* *ब्रह्म मुहूर्त 👉 २८:१९+ से २९:०२+* *राहुकाल 👉 ०७:२४ से ०९:०४* *गुलिक काल 👉 १४:०३ से १५:४३* *यमगण्ड 👉 १०:४४ से १२:२३* *दुर्मुहूर्त 👉 १२:५० से १३:४३* *वर्ज्य 👉 १६:२८ से १७:५३* *आडल योग 👉 ०५:४५ से ११:३२* *विडाल योग 👉 ११:३२ से २९:४४+* *होमाहुति 👉 सूर्य* *दिशा शूल 👉 पूर्व* *नक्षत्र शूल 👉 पश्चिम (११:३२ तक )* *राहु काल वास 👉 उत्तर-पश्चिम* *अग्निवास 👉 आकाश (१७:५३ से पाताल)* *चन्द्रवास 👉 दक्षिण (२२:०५ से पश्चिम)* *शिववास 👉 गौरी के साथ (१७:५३ से सभा में)* *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *☄चौघड़िया विचार☄* *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *॥ दिन का चौघड़िया ॥* *१ - अमृत २ - काल* *३ - शुभ ४ - रोग* *५ - उद्वेग ६ - चर* *७ - लाभ ८ - अमृत* *॥ रात्रि का चौघड़िया॥* *१ - चर २ - रोग* *३ - काल ४ - लाभ* *५ - उद्वेग ६ - शुभ* *७ - अमृत ८ - चर* *नोट👉 दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।* *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *शुभ यात्रा दिशा* *🚌🚈🚗⛵🛫* *(दक्षिण) दर्पण देखकर या दुग्ध का सेवन करके यात्रा करें* *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *तिथि विशेष* *🗓📆🗓📆* *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *अधिक ज्येष्ठ शुक्ल प्रतिपदा, रोहिणी व्रत, आदि* *राणा जी खेड़ांवाली 🚩* *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *आज जन्मे शिशुओं का नामकरण* 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *आज २१:३२ तक जन्मे शिशुओं के नाम रोहिणी नक्षत्र के अनुसार क्रमशः (ओ, वा, वि, वु) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है॥* *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *उदय लग्न मुहूर्त* *वृषभ - ०५:३७ से ०७:३५* *मिथुन - ०७:३५ से ०९:४९* *कर्क - ०९:४९ से १२:०५* *सिंह - १२:०५ से १४:१७* *कन्या - १४:१७ से १६:२७* *तुला - १६:२७ से १८:४२* *वृश्चिक - १८:४२ से २०:५८* *धनु - २०:५८ से २३:०३* *मकर - २३:०३ से २४:५०+* *कुम्भ - २४:५०+ से २६:२३+* *मीन - २६:२३+ से २७:५३+* *मेष - २७:५३+ से २९:३३+* 〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *पञ्चक रहित मुहूर्त* *मृत्यु पञ्चक - ०५:४५ से ०७:३५* *अग्नि पञ्चक - ०७:३५ से ०९:४९* *शुभ मुहूर्त - ०९:४९ से ११:३२* *रज पञ्चक - ११:३२ से १२:०५* *शुभ मुहूर्त - १२:०५ से १४:१७* *चोर पञ्चक - १४:१७ से १६:२७* *शुभ मुहूर्त - १६:२७ से १७:५३* *रोग पञ्चक - १७:५३ से १८:४२* *शुभ मुहूर्त - १८:४२ से २०:५८* *मृत्यु पञ्चक - २०:५८ से २३:०३* *अग्नि पञ्चक - २३:०३ से २४:५०+* *शुभ मुहूर्त - २४:५०+ से २६:२३+* *रज पञ्चक - २६:२३+ से २७:५३+* *अग्नि पञ्चक - २७:५३+ से २९:३३+* *शुभ मुहूर्त - २९:३३+ से २९:४४+* 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ⭕नोट- पंचांग में जहां कहीं भी समय के साथ उपर्युक्त 👉(➕) चिन्ह का प्रयोग किया जा रहा है वहां उसका आशय अगले दिवस के समय के लिये समझा जाये॥😊🙏🏻 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *आज का सुविचार* ⛳🔱😊🙏🏻⚜️🕉️ *जीवन में सर्वाधिक सुख उस कार्य करने को में मिलता है, जिसको लोग कहते हैं आप नहीं कर सकते॥😊🙏🏻✅* *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *आज का राशिफल* *🐐🐂💏💮🐅👩* *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)* *आज भागदौड़ और तनाव आपको थोड़ा थका सकता है, लेकिन धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा। किसी पुराने रोग के दोबारा उभरने से परेशानी बढ़ सकती है, इसलिए सेहत को नजरअंदाज न करें। नया वाहन खरीदने की सोच रहे हैं तो पूरी सावधानी बरतें। दूसरों पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करना नुकसान दे सकता है। परिवार से किया गया कोई वादा आज हर हाल में निभाना पड़ सकता है।* *वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)* *आज का दिन खुशियों, मौज-मस्ती और नई शुरुआतों से भरा रहेगा। आपकी क्रिएटिव सोच लोगों को आकर्षित करेगी और नए दोस्त भी बन सकते हैं। खर्च बढ़ने से बजट थोड़ा बिगड़ सकता है, इसलिए समझदारी जरूरी होगी। अविवाहित लोगों के जीवन में प्यार की नई दस्तक दिल को खुश कर सकती है। परिवार में किसी को नई नौकरी मिलने से उत्सव जैसा माहौल बनेगा।* *मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)* *आज शब्दों पर नियंत्रण रखना ही आपकी सबसे बड़ी ताकत साबित होगा। किसी सामाजिक कार्यक्रम में कही गई बात गलत समझी जा सकती है, इसलिए सोच-समझकर बोलें। ऑनलाइन खरीदारी में सावधानी रखें, क्योंकि धोखे की संभावना है। प्रॉपर्टी से जुड़े फैसले पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही लें। मन बार-बार भटक सकता है, इसलिए खुद को फोकस में रखने की कोशिश करें।* *कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)* *आज सुख-सुविधाओं और खुशियों में बढ़ोतरी होने के संकेत हैं। परिवार के लोग आपकी उम्मीदों पर खरे उतरेंगे और दूर रहने वाले रिश्तेदार से कोई शुभ समाचार मिल सकता है। मेहनत के दम पर सफलता आपके करीब आएगी। पुराने लेन-देन का मामला थोड़ी चिंता बढ़ा सकता है। घर में नया वाहन खरीदने या किसी बड़ी सुविधा को जोड़ने का विचार बन सकता है।* *सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)* *आज किस्मत आपके पक्ष में रह सकती है और मनचाहा लाभ मिलने के संकेत हैं। सेहत पर ध्यान देना जरूरी होगा, वहीं विद्यार्थियों को पढ़ाई में अनुशासन बनाए रखना होगा। आपकी अच्छाई को कुछ लोग गलत समझ सकते हैं, लेकिन आप अपने रास्ते पर आगे बढ़ते रहें। भगवान की भक्ति से मन को सुकून मिलेगा। जीवनसाथी का सहयोग हर कदम पर आपका आत्मविश्वास बढ़ाएगा और धन से जुड़ी परेशानियाँ भी दूर हो सकती हैं।* *कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)* *आज मन की उलझनों को मां के साथ साझा करने से राहत मिलेगी। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें, क्योंकि दुर्घटना का योग बन रहा है। जीवनसाथी के लिए खरीदी गई कोई खास चीज रिश्तों में मिठास बढ़ाएगी। राजनीति या सामाजिक क्षेत्र में आपकी पहचान मजबूत हो सकती है। परिवार आपके सम्मान में कोई खास सरप्राइज प्लान कर सकता है।* *तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)* *आज घर-परिवार में खुशियों और शुभ कार्यों का माहौल बना रहेगा। आपकी मेहनत रंग लाएगी और रुका हुआ धन मिलने से राहत महसूस होगी। विरोधी आपको परेशान करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन आपकी समझदारी उन्हें शांत कर देगी। छोटे बच्चों की कोई प्यारी फरमाइश आपका दिल जीत लेगी। दिन कुल मिलाकर सकारात्मक और सुखद रहेगा।* *वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)* *आज आपके दिमाग में नए और शानदार आइडिया जन्म ले सकते हैं, जो बिजनेस में बड़ा फायदा दिला सकते हैं। विदेश से जुड़े व्यापार में अच्छी खबर मिलने की संभावना है। नए लोगों से मुलाकात भविष्य के लिए फायदेमंद साबित होगी। पिताजी की कोई बात दिल को चुभ सकती है, लेकिन आप संयम बनाए रखेंगे। खोई हुई प्रिय वस्तु मिलने से मन प्रसन्न हो जाएगा।* *धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)* *आज का दिन मिला-जुला असर देने वाला रहेगा। जीवनसाथी किसी बात से नाराज हो सकते हैं, इसलिए रिश्तों में प्यार और समझदारी बनाए रखें। आय के मामलों में सतर्क रहना जरूरी होगा। विद्यार्थियों को मानसिक तनाव से राहत मिलेगी और शिक्षकों का पूरा सहयोग मिलेगा। मन की कोई बड़ी इच्छा पूरी होने से खुशी दोगुनी हो जाएगी। घर में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन भी संभव है।* *मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)* *आज सकारात्मक बदलाव आपकी जिंदगी में नई ऊर्जा भर सकते हैं। संतान की ओर से कोई खुशखबरी मिलने के संकेत हैं। आपकी मेहनत रुके हुए कामों को पूरा करने में मदद करेगी। लाइफस्टाइल में सुधार लाने की कोशिश सफल हो सकती है। सेहत को नजरअंदाज न करें। परिवार में नए मेहमान का आगमन खुशियाँ लेकर आएगा और जीवनसाथी के साथ रोमांटिक पल रिश्तों में नई गर्माहट भर देंगे।* *कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)* *आज का दिन उतार-चढ़ाव के साथ आगे बढ़ सकता है। यात्रा या घूमने के दौरान कोई खास जानकारी मिल सकती है, जो भविष्य में फायदेमंद साबित होगी। कार्यक्षेत्र में विवाद की स्थिति बन सकती है, इसलिए धैर्य और समझदारी से काम लें। माता-पिता का आशीर्वाद लेकर शुरू किया गया काम सफलता दिला सकता है। घर के लिए कोई नया इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने का योग भी बन रहा है।* *मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)* *आज बिजनेस में कुछ चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं, लेकिन धैर्य से काम लेने पर रास्ते निकल आएंगे। दूसरों की सलाह पर आंख बंद करके भरोसा करने से बचें। सरकारी कामों को पूरा करने के लिए मेहनत करनी पड़ सकती है। वैवाहिक जीवन को समय और समझदारी की जरूरत होगी। पुराने दोस्त से मुलाकात दिल को खुश कर सकती है। पिता की सेहत, खासकर आंखों से जुड़ी समस्या, आपकी चिंता बढ़ा सकती है।* *विपदः संसारे बहुलाः, दुःखकथा च नित्यं।* *करुणामयि मां पालय, भवसागरं तरणाय॥* *बाबा महाकाल देव जी की जय* *राणा जी खेड़ांवाली 🚩* #🕉️सनातन धर्म🚩 #श्री हरि #आज का राशिफल / पंचाग ☀
🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺 *********|| जय श्री राधे ||********* 🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺 🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏 *********ll जय श्री राधे ll********* 🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺 *दिनाँक:-17/05/2026,रविवार* प्रतिपदा, शुक्ल पक्ष, अधिक ज्येष्ठ """""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल) तिथि-------- प्रतिपदा 21:40:20. तक पक्ष------------------------- शुक्ल नक्षत्र--------- कृत्तिका 14:31:16 योग------------ शोभन 06:14:32 योग----------- अतिगंड 25:58:51 करण------- किन्स्तुघ्न 11:35:38 करण-------------- बव 21:40:20 वार------------------------ रविवार माह------------------ अधिक ज्येष्ठ चन्द्र राशि----------------- वृषभ सूर्य राशि------------------ वृषभ रितु-------------------------- ग्रीष्म आयन------------------- उत्तरायण संवत्सर-------------------- पराभव संवत्सर (उत्तर) -------------------रौद्र विक्रम संवत---------------- 2083 गुजराती संवत-------------- 2082 शक संवत------------------ 1948 कलि संवत----------------- 5127 वृन्दावन सूर्योदय--------------- 05:30:44 सूर्यास्त---------------- 19:00:49 दिन काल------------- 13:30:04 रात्री काल------------- 10:29:25 चंद्रोदय--------------- 05:49:57 चंद्रास्त---------------- 19:58:26 लग्न---- वृषभ 1°54' , 31°54' सूर्य नक्षत्र---------------- कृत्तिका चन्द्र नक्षत्र---------------- कृत्तिका नक्षत्र पाया------------------- लोहा *🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩* उ----कृत्तिका 09:16:28 ए---- कृत्तिका 14:31:16 ओ---- रोहिणी 19:45:57 वा---- रोहिणी 25:00:43 *💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮* ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद ============================ सूर्य= वृषभ 01°12 , कृतिका 2 ई चन्द्र= मेष 04°30 , कृतिका 3 उ बुध = वृषभ 04°52 ' कृतिका 3 उ शु क्र= मिथुन 04°05, मृगशिरा 4 की मंगल= मेष 04°23 अश्वनी 2 चे गुरु= मिथुन 27°33 पुनर्वसु, 3 हा शनि=मीन 16°34 ' उoभा o , 4 ञ राहू=(व) कुम्भ 10°49 शतभिषा, 2 सा केतु= (व) सिंह 10°49 मघा 4 मे ============================ *🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩* राहू काल 17:20 - 19:01 अशुभ यम घंटा 12:16 - 13:57 अशुभ गुली काल 15:38 - 17:20 अशुभ अभिजित 11:49 - 12:43 शुभ दूर मुहूर्त 17:13 - 18:07 अशुभ वर्ज्यम 28:31* - 29:55* अशुभ प्रदोष 19:01 - 21:08 शुभ 💮चोघडिया, दिन उद्वेग 05:31 - 07:12 अशुभ चर 07:12 - 08:53 शुभ लाभ 08:53 10:35 शुभ अमृत 10:35 - 12:16 शुभ काल 12:16 13:57 अशुभ शुभ 13:57 - 15:38 शुभ रोग 15:38 - 17:20 अशुभ उद्वेग 17:20 - 19:01 अशुभ 🚩चोघडिया, रात शुभ 19:01 - 20:19 शुभ अमृत 20:19 - 21:38 शुभ चर 21:38 - 22:57 शुभ रोग 22:57 - 24:16* अशुभ काल 24:16* - 25:34* अशुभ लाभ 25:34* - 26:53* शुभ उद्वेग 26:53* - 28:12* अशुभ शुभ 28:12* - 29:30* शुभ 💮होरा, दिन सूर्य 05:31- 06:38 शुक्र 06:38 -07:46 बुध 07:46 -08:53 चन्द्र 08:53 -10:01 शनि 10:01 -11:08 बृहस्पति 11:08 -12:16 मंगल 12:16- 13:23 सूर्य 13:23- 14:31 शुक्र 14:31 -15:38 बुध 15:38- 16:46 चन्द्र 16:46 -17:53 शनि 17:53 -19:01 🚩होरा, रात बृहस्पति 19:01 -19:53 मंगल 19:53 -20:46 सूर्य 20:46 -21:38 शुक्र 21:38- 22:31 बुध 22:31 -23:23 चन्द्र 23:23 -24:16 शनि 24:16-25:08 बृहस्पति 25:08-26:00 मंगल 26:00 -26:53 सूर्य 26:53-27:45 शुक्र 27:45-28:38 बुध 28:38-29:30 *🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩* वृषभ > 05:22 से 07:22 तक मिथुन > 07:32 से 09:36 तक कर्क > 09:36 से 11:56 तक सिंह > 11:56 से 14:12 तक कन्या > 14:12 से 16:26 तक तुला > 16:26 से 18:44 तक वृश्चिक > 18:44 से 21:04 तक धनु > 21:04 से 23:08 तक मकर > 23:08 से 00:54 तक कुम्भ > 00:54 से 02:24 तक मीन > 02:24 से 03:50 तक मेष > 03:50 से 05:26 तक ======================= *🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार* (लगभग-वास्तविक समय के समीप) दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट *नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार । शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥ रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार । अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥ अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें । उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें । शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें । लाभ में व्यापार करें । रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें । काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है । अमृत में सभी शुभ कार्य करें । *💮दिशा शूल ज्ञान------------- पश्चिम* परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौंजी खाके यात्रा कर सकते है l इस मंत्र का उच्चारण करें-: *शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l* *भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll* *🚩 अग्नि वास ज्ञान -:* *यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,* *चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।* *दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,* *नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्* *नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।* 1 + 1 + 1 = 3 ÷ 4 = 3 शेष पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l *🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩* सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है सूर्य ग्रह मुखहुति *💮 शिव वास एवं फल -:* 1 + 1 + 5 = 7 ÷ 7 = 0 शेष शमशान वास = मृत्यु कारक *🚩भद्रा वास एवं फल -:* *स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।* *मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।* *💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮* * ज्येष्ठ अधिक मास प्रारम्भ *रोहिणी व्रत *💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮* नास्ति कामसमो व्याधिर्नास्ति मोहसमो रिपुः । नास्ति कोपसमो वहि नर्नास्ति ज्ञानात्परं सुखम् ।। ।।चाoनीo।। जिसने अपने स्वरुप को जान लिया उसके लिए स्वर्ग तो तिनके के समान है. एक पराक्रमी योद्धा अपने जीवन को तुच्छ मानता है. जिसने अपनी कामना को जीत लिया उसके लिए स्त्री भोग का विषय नहीं. उसके लिए सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड तुच्छ है जिसके मन में कोई आसक्ति नहीं. *🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩* गीता -: ज्ञान-विज्ञान योग अo-7 दैवी ह्येषा गुणमयी मम माया दुरत्यया। मामेव ये प्रपद्यन्ते मायामेतां तरन्ति ते॥ क्योंकि यह अलौकिक अर्थात अति अद्भुत त्रिगुणमयी मेरी माया बड़ी दुस्तर है, परन्तु जो पुरुष केवल मुझको ही निरंतर भजते हैं, वे इस माया को उल्लंघन कर जाते हैं अर्थात्‌ संसार से तर जाते हैं ॥14॥ *💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮* देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।। विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।। 🐏मेष नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति होगी। यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। परीक्षा आदि में सफलता मिलेगी। पारिवारिक कष्ट एवं समस्याओं का अंत संभव है। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। आय से अधिक व्यय न करें। परोपकार में रुचि बढ़ेगी। 🐂वृष शत्रु सक्रिय रहेंगे। कुसंगति से हानि होगी। व्ययवृद्धि होगी। लेन-देन में सावधानी रखें, जोखिम न लें। किसी शुभचिंतक से मेल-मुलाकात का हर्ष होगा। संतान की आजीविका संबंधी समस्या का हल निकलेगा। लापरवाही से काम न करें। 👫मिथुन यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। डूबी हुई रकम प्राप्त होगी। आय में वृद्धि होगी। प्रमाद न करें। आकस्मिक लाभ व निकटजनों की प्रगति से मन में प्रसन्नाता रहेगी। परिश्रम से स्वयं के कार्यों में भी शुभ परिणाम आएँगे। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें। 🦀कर्क कार्यस्थल पर परिवर्तन लाभ में वृद्धि करेगा। योजना फलीभूत होगी। नए अनुबंध होंगे। कष्ट होगा। पारिवारिक जिम्मेदारी बढ़ने से व्यस्तता बढ़ेगी। कार्य में नवीनता के भी योग हैं। संतान के व्यवहार से समाज में सम्मान बढ़ेगा। स्वास्थ्य खराब हो सकता है। 🐅सिंह कानूनी अड़चन दूर होगी। अध्यात्म में रुचि रहेगी। यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। रुके धन के लिए प्रयत्न जरूर करें। कार्य का विस्तार होगा। दूसरे के कार्यों में हस्तक्षेप से बचें। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। विलासिता के प्रति रुझान बढ़ेगा। 🙍‍♀️कन्या चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें, बाकी सामान्य रहेगा। प्रयास अधिक करने पर भी उचित सफलता मिलने में संदेह है। कार्य में विलंब के भी योग हैं। आर्थिक हानि हो सकती है। पारिवारिक जीवन तनावपूर्ण रहेगा। ⚖️तुला जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। राजकीय बाधा दूर होगी। बेचैनी रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। अर्थ प्राप्ति के योग बनेंगे। विवादों से दूर रहना चाहिए। पिता से व्यापार में सहयोग मिल सकेगा। सरकारी मसले सुलझेंगे। सकारात्मक सोच बनेगी। 🦂वृश्चिक बेरोजगारी दूर होगी। विवाद न करें। संपत्ति की खरीद-फरोख्त हो सकती है। आय बढ़ेगी। मन में उत्साहपूर्ण विचारों के कारण समय सुखद व्यतीत होगा। मकान व जमीन संबंधी कार्य बनेंगे। अनायास धन लाभ के योग हैं। व्यापार में वांछित उन्नति होगी। 🏹धनु रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी बड़े कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। प्रसन्नता बनी रहेगी। नए कार्यों से जुड़ने का योग बनेगा। पारिवारिक जीवन सुखद नहीं रहेगा। पूजा-पाठ में मन लगेगा। इच्छित लाभ होगा। नौकरी में कार्य की प्रशंसा हो सकती है। 🐊मकर बुरी खबर मिल सकती है। विवाद को बढ़ावा न दें। भागदौड़ रहेगी। आय में कमी होगी। किसी कार्य में प्रतिस्पर्धात्मक तरीके से जुड़ने की प्रवृत्ति आपके लिए शुभ रहेगी। राज्यपक्ष से लाभ होगा। अपने काम से काम रखें। दांपत्य सुख प्राप्त होगा। 🍯कुंभ मेहनत का फल पूरा-पूरा मिलेगा। मान-सम्मान मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। दूर रहने वाले व्यक्तियों से संपर्क के कारण लाभ हो सकता है। नई योजनाओं का सूत्रपात होने के योग हैं। कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। व्यर्थ संदेह न करें। 🐟मीन मेहमानों का आवागमन होगा। व्यय होगा। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। अपने प्रयासों से उन्नति पथ प्रशस्त करेंगे। बुद्धि चातुर्य से कठिन कार्य भी आसानी से बनेंगे। व्यापार अच्छा चलेगा। 🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏 #🕉️सनातन धर्म🚩 #श्री हरि
🌞~ *श्री गणेशाय नमः*~🌞 🔱~ *हर हर महादेव*~🔱 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग* ~🌞 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 🌈 *दिनांक - 17 मई 2026* 🌈 *दिन - रविवार* 🌈 *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)* 🌈 *शक संवत -1948* 🌈 *अयन - उत्तरायण* 🌈 *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु* 🌈 *मास - अधिक ज्येष्ठ* 🌈 *पक्ष - शुक्ल* 🌈 *तिथि - प्रतिपदा रात्रि 09:40 तक तत्पश्चात द्वितीया* 🌈 *नक्षत्र - कृत्तिका दोपहर 02:32 तक तत्पश्चात रोहिणी* 🌈 *योग - शोभन सुबह 06:15 तक तत्पश्चात अतिगण्ड* 🌈*राहुकाल - शाम 05:32 से शाम 07:10 तक* 🌈 *सूर्योदय - 06:01* 🌈 *सूर्यास्त - 07:09* 🕉️⏭️ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे* 🚩 *व्रत पर्व विवरण- अधिक ज्येष्ठ मास प्रारंभ,चंद्र-दर्शन (रात्रि 07:02 से रात्रि 07:50 तक)* ✨ *विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग* ~🌞 🍁 *अमिट पुण्य अर्जित करने का अवसर-पुरुषोत्तम मास* 🍁 ⏩ *17 मई से 15 जून तक पुरुषोत्तम/अधिक मास* 🙏🏻 *अधिक मास में सूर्य की सक्रांति (सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश) न होने से इसे ‘मल मास’ (मलिन मास) कहा गया है। स्वामीरहित होने से यह मास देव-पितर आदि की पूजा तथा मंगल कर्मों के लिए त्याज्य माना गया। इससे लोग इसकी घोर निंदा करने लगे।* 🙏🏻 *मल मास ने भगवान को प्रार्थना की, भगवान बोले- “मल मास नहीं, अब से इसका नाम पुरुषोत्तम मास होगा। इस महीने जो जप, सत्संग, ध्यान, पुण्य आदि करेंगे, उन्हें विशेष फायदा होगा। अंतर्यामी आत्मा के लिए जो भी कर्म करेंगे, तेरे मास में वह विशेष फलदायी हो जायेगा। तब से मल मास का नाम पड़ गया ‘पुरुषोत्तम मास’।”* ✨ *विशेष लाभकारी* 🙏🏻 *अधिक मास में आँवला और तिल के उबटन से स्नान पुण्यदायी है और स्वास्थ्य प्रसन्नता में बढ़ोतरी करने वाला है अथवा तो आँवला, जौ तिल का मिश्रण बनाकर रखो और स्नान करते समय थोड़ा मिश्रण बाल्टी में डाल दिया। इससे भी स्वास्थ्य और प्रसन्नता पाने में मदद मिलती है। इस मास में आँवले के पेड़ के नीचे बैठकर भोजन करना अधिक प्रसन्नता और स्वास्थ्य देता है।* 🙏🏻 *आँवले व पीपल के पेड़ को स्पर्श करने से स्नान करने का पुण्य होता है, सात्त्विकता और प्रसन्नता की बढ़ोतरी होती है। इन्हें स्नान करने के बाद स्पर्श करने से दुगुना पुण्य होता है। पीपल और आँवला सात्विकता के धनी हैं।* 🙏🏻 *इस मास में धरती पर (बिस्तर बिछाकर) शयन व पलाश की पत्तल पर भोजन करे और ब्रह्मचर्य व्रत पाले तो पापनाशिनी ऊर्जा बढ़ती है और व्यक्तित्व में निखार आता है। इस पुरुषोत्तम मास को कई वरदान प्राप्त हैं और शुभ कर्म करने हेतु इसकी महिमा अपरम्पार है।* ❌ *अधिक मास में वर्जित* ❌ ⏩ *पुरुषोत्तम मास व चतुर्मास में नीच कर्मों का त्याग करना चाहिए। वैसे तो सदा के लिए करना चाहिए लेकिन आरम्भ वाला भक्त इन्हीं महीनों में त्याग करे तो उसका नीच कर्मों के त्याग का सामर्थ्य बढ़ जायेगा। इस मास में शादी-विवाह अथवा सकाम कर्म एवं सकाम व्रत वर्जित हैं। जैसे कुएँ, बावली, तालाब और बाग़ आदि का आरम्भ तथा प्रतिष्ठा, नवविवाहिता वधू का प्रवेश, देवताओं का स्थापन (देव-प्रतिष्ठा), यज्ञोपवीत संस्कार, नामकरण, मकान बनाना, नये वस्त्र एवं अलंकार पहनना आदि। इस मास में किये गये निष्काम कर्म कई गुना विशेष फल देते हैं।* ✅ *अधिक मास में करने योग्य* ✅ ⏩ *जप, कीर्तन, स्मरण, ध्यान, दान, स्नान आदि तथा पुत्रजन्म के कृत्य, पितृस्मरण के श्राद्ध आदि एवं गर्भाधान, पुंसवन जैसे संस्कार किये जा सकते हैं।* 🙏🏻 *देवी भागवत के अनुसार यदि आदि की सामर्थ्य न हो तो संतों-महापुरुषों की सेवा (उनके दैवी कार्य में सहभागी होना) सर्वोत्तम है। इससे तीर्थ, तप आदि के समान फल प्राप्त होता है। इस माह में दीपकों का दान करने से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। दुःख-शोकों का नाश होता है। वंशदीप बढ़ता है, ऊँचा सान्निध्य मिलता है, आयु बढ़ती है। इस मास में गीता के 15वें अध्याय का अर्थसहित प्रेमपूर्वक पाठ करना चाहिए। भक्तिपूर्वक सदगुरु से अध्यात्म विद्या का श्रवण करने से ब्रह्महत्याजनित पाप नष्ट हो जाते हैं तथा दिन प्रतिदिन अश्वमेध यज्ञ का फल प्राप्त होता है। निष्काम भाव से यदि श्रवण किया जाय तो जीव मुक्त हो जाता है।* 🍁 *व्रत विधि* 🍁 🙏🏻 *भगवान श्रीकृष्ण इस मास की व्रत विधि एवं महिमा बताते हुए कहते हैं- “इस मास में मेरे उद्देश्य से जो स्नान (ब्राह्ममुहूर्त में उठकर भगवत्स्मरण करते हुए किया गया स्नान), दान, जप, होम, गुरु-पूजन, स्वाध्याय, पितृतर्पण, देवार्चन तथा और जो भी शुभ कर्म किये जाते हैं, वे सब अक्षय हो जाते हैं। जो प्रमाद से इस मास को खाली बिता देते हैं, उनका जीवन मनुष्यलोक में दारिद्र्य पुत्रशोक तथा पाप के कीचड़ से निंदित हो जाता है, इसमें संदेह नहीं।* 🙏🏻 *शंख की ध्वनि के साथ कपूर से आरती करें। ये न हों तो रूई की बाती से ही आरती कर लें। इससे अनंत फल की प्राप्ति होती है। चंदन, अक्षत और पुष्पों के साथ ताँबे के पात्र में पानी रखकर भक्ति से प्रातःपूजन के पहले या बाद में अर्घ्य दें।* 🙏🏻 *पुरुषोत्तम मास का व्रत दारिद्र्य, पुत्रशोक और वैधव्य का नाशक है। इसके व्रत से ब्रह्महत्या आदि सब पाप नष्ट हो जाते हैं।* ⚜️ *विधिवत सेवते यस्तु पुरुषोत्तममादरात्।* *कुलं स्वकीयमुद्धृत्य मामेवैष्यत्यसंशयम्।।* 🙏🏻 *पुरुषोत्तम मास के आगमन पर जो व्यक्ति श्रद्धा-भक्ति के साथ व्रत, उपवास, पूजा आदि शुभ कर्म करता है, वह निःसंदेह अपने समस्त परिवार के साथ मेरे लोक में पहुँचकर मेरा सान्निध्य प्राप्त कर लेता है।* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग* ~🌞 *☀!! श्री हरि: शरणम् !!☀* *📖 राणा जी खेड़ांवाली 🚩* 🌸♥️🌺🍏🥭🥦🥏☘️🔵🏹🟡🪵🍃🌼🌹☀️❤️🥀💕📖🚩🙏 #🕉️सनातन धर्म🚩 #आज का राशिफल / पंचाग ☀ #श्री हरि
*ॐ श्री हरिहरो विजयतेतरामॐ* *📖आज का पञ्चाङ्ग 📖* *🌸रविवार, १७ मई २०२६🌸* 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 *सूर्योदय: 🌞 ०५:४५* *सूर्यास्त: ☀️ १९:०२* *चन्द्रोदय: 🌝 ❌❌❌* *चन्द्रास्त: 🌜 १९:५५* *अयन 🌖 उत्तरायण* *ऋतु: ☀️ग्रीष्म* *शक सम्वत: 👉 १९४८ (पराभव)* *विक्रम सम्वत: 👉 २०८३ (रौद्र)* *युगाब्द (कलि संवत) 👉 ५१२७* *मास 👉 ज्येष्ठ (अधिक)* *पक्ष 👉 शुक्ल* *तिथि 👉 प्रतिपदा (२१:४०+ से द्वितीया)* *नक्षत्र 👉 कृतिका (१४:३२ से रोहिणी)* *योग 👉 शोभन (०६:१५ से अतिगंड, २६:००+ से सुकर्मा)* *प्रथम करण 👉 किंस्तुघ्न (११:३६ तक)* *द्वितीय करण 👉 बव (२१:४० तक)* *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *॥ गोचर ग्रहा: ॥* *🌖🌗🌖🌗* *सूर्य 🌟 वृषभ* *चंद्र 🌟 वृषभ* *मंगल 🌟 मेष (उदित, पूर्व, मार्गी)* *बुध 🌟 वृषभ (अस्त, पूर्व , मार्गी)* *गुरु 🌟 मिथुन (उदित, पूर्व, मार्गी)* *शुक्र 🌟 मिथुन (उदित, पूर्व, मार्गी)* *शनि 🌟 मीन (उदित, पूर्व, मार्गी)* *राहु 🌟 कुम्भ* *केतु 🌟 सिंह* *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *शुभाशुभ मुहूर्त विचार* *⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳* *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *अभिजित मुहूर्त 👉 ११:५७ से १२:५०* *अमृत काल 👉 १२:२६ से १३:५०* *विजय मुहूर्त 👉 १४:३६ से १५:२९* *गोधूलि मुहूर्त 👉 १९:०१ से १९:२२* *सायाह्न सन्ध्या 👉 १९:०२ से २०:०६* *निशिता मुहूर्त 👉 २४:०२+ से २४:४५+* *ब्रह्म मुहूर्त 👉 २८:१९+ से २९:०२+* *राहुकाल 👉 १७:२२ से १९:०२* *गुलिक काल 👉 १५:४३ से १७:२२* *यमगण्ड 👉 १२:२३ से १४:०३* *दुर्मुहूर्त 👉 १७:१६ से १८:०९* *वर्ज्य 👉 २८:३२+ से २९:५६+* *आडल योग 👉 १४:३२ से २९:४५+* *होमाहुति 👉 सूर्य* *दिशा शूल 👉 पश्चिम* *नक्षत्र शूल 👉 पश्चिम (१४:३२ से पूर्ण रात्रि )* *राहु काल वास 👉 उत्तर* *अग्निवास 👉 पृथ्वी* *चन्द्रवास 👉 दक्षिण* *शिववास 👉 श्मशान में (२१:४० से गौरी के साथ)* *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *☄चौघड़िया विचार☄* *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *॥ दिन का चौघड़िया ॥* *१ - उद्वेग २ - चर* *३ - लाभ ४ - अमृत* *५ - काल ६ - शुभ* *७ - रोग ८ - उद्वेग* *॥ रात्रि का चौघड़िया॥* *१ - शुभ २ - अमृत* *३ - चर ४ - रोग* *५ - काल ६ - लाभ* *७ - उद्वेग ८ - शुभ* *नोट👉 दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।* *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *शुभ यात्रा दिशा* *🚌🚈🚗⛵🛫* *(पूर्व) दलिया या पान का दाल का सेवन करके यात्रा करें* *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *तिथि विशेष* *🗓📆🗓📆* *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *पुरूषोत्तम मास प्रारंभ, अधिकमास प्रारंभ, अधिक ज्येष्ठ शुक्ल प्रतिपदा, विश्व दूरसंचार दिवस, अधिक चन्द्र दर्शन, इष्टि आदि* *राणा जी खेड़ांवाली 🚩* *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *आज जन्मे शिशुओं का नामकरण* 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *आज १४:३२ तक जन्मे शिशुओं के नाम कृतिका नक्षत्र के अनुसार क्रमशः (अ, इ, उ, ए) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है॥* *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *उदय लग्न मुहूर्त* *वृषभ - ०४:४१ से ०७:३९* *मिथुन - ०७:३९ से ०९:५३* *कर्क - ०९:५३ से १२:०९* *सिंह - १२:०९ से १४:२१* *कन्या - १४:२१ से १६:३१* *तुला - १६:३१ से १८:४६* *वृश्चिक - १८:४६ से २१:०२* *धनु - २१:०२ से २३:०७* *मकर - २३:०७ से २४:५४+* *कुम्भ - २४:५४+ से २६:२७+* *मीन - २६:२७+ से २७:५७+* *मेष - २७:५७+ से २९:३७+* 〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *पञ्चक रहित मुहूर्त* *शुभ मुहूर्त - ०५:४५ से ०७:३९* *रोग पञ्चक - ०७:३९ से ०९:५३* *शुभ मुहूर्त - ०९:५३ से १२:०९* *मृत्यु पञ्चक - १२:०९ से १४:२१* *अग्नि पञ्चक - १४:२१ से १४:३२* *शुभ मुहूर्त - १४:३२ से १६:३१* *रज पञ्चक - १६:३१ से १८:४६* *शुभ मुहूर्त - १८:४६ से २१:०२* *चोर पञ्चक - २१:०२ से २१:४०* *शुभ मुहूर्त - २१:४० से २३:०७* *रोग पञ्चक - २३:०७ से २४:५४+* *शुभ मुहूर्त - २४:५४+ से २६:२७+* *मृत्यु पञ्चक - २६:२७+ से २७:५७+* *रोग पञ्चक - २७:५७+ से २९:३७+* *शुभ मुहूर्त - २९:३७+ से २९:४५+* 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ⭕नोट- पंचांग में जहां कहीं भी समय के साथ उपर्युक्त 👉(➕) चिन्ह का प्रयोग किया जा रहा है वहां उसका आशय अगले दिवस के समय के लिये समझा जाये॥😊🙏🏻 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ *आज का सुविचार* ⛳🔱😊🙏🏻⚜️🕉️ *सब अच्छे होते हैं,बस समय आने पर पता चलता है कौन अपना था॥😊🙏🏻✅* *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *आज का राशिफल* *🐐🐂💏💮🐅👩* *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* *मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)* *आज किस्मत आपके अधूरे सपनों को पूरा करने के मूड में नजर आ रही है। रुके हुए काम पूरे होने से मन खुशी से भर जाएगा। पैसों से जुड़ी परेशानियां धीरे-धीरे खत्म होती दिखाई देंगी। सामाजिक क्षेत्र में आपकी लोकप्रियता बढ़ेगी और आपकी सोच लोगों को आकर्षित करेगी। घर की सजावट या रेनोवेशन का प्लान मन में उत्साह जगा सकता है। संतान की तरक्की देखकर दिल गर्व से भर उठेगा।* *वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)* *आज सेवा और दान-पुण्य के कामों में मन खूब लगेगा। पुराने साथी से मुलाकात बीती यादों को ताजा कर सकती है। वैवाहिक जीवन में चल रही दूरियां खत्म होकर रिश्तों में मिठास लौटेगी। रुका हुआ पैसा वापस मिलने से राहत मिलेगी। परिवार के मामलों को घर तक ही सीमित रखें, क्योंकि बाहरी लोगों की दखल परेशानी बढ़ा सकती है। आपकी मेहनत आपको सफलता की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।* *मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)* *आज का दिन लाभ और खुशियों से भरा रहेगा। जीवनसाथी के साथ बिताए गए रोमांटिक पल आपके रिश्ते को और मजबूत करेंगे। सेहत में सुधार आने से मन हल्का महसूस करेगा। पुरानी गलती से मिली सीख आज आपको सही दिशा दिखाएगी। विवादों से दूरी बनाकर रखें और वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। भाई-बहनों के साथ कोई महत्वपूर्ण चर्चा भविष्य के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।* *कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)* *आज तरक्की की नई राहें आपके सामने खुल सकती हैं। दोस्तों का सहयोग आपको हर मुश्किल से बाहर निकाल देगा। अविवाहित लोगों के जीवन में प्यार की नई दस्तक दिल को खुश कर सकती है। सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी, लेकिन जल्दबाजी नुकसान भी दे सकती है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को बड़ा मौका मिलने के संकेत हैं। मां की सलाह आज आपके लिए बेहद खास साबित होगी।* *सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)* *आज कुछ उलझनें आपका ध्यान भटका सकती हैं, लेकिन धैर्य से काम लेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी। लंबे समय से रुके कामों को पूरा करने का सही समय आ गया है। भगवान की भक्ति में मन लगने से मानसिक शांति मिलेगी। जरूरतमंद की मदद करके आपको आत्मिक संतोष मिलेगा। पार्टनरशिप में कोई बड़ा कदम उठाने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना जरूरी होगा। पैसों के मामलों में सावधानी बनाए रखें।* *कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)* *आज आय और खर्च के बीच संतुलन बनाना बेहद जरूरी रहेगा। बढ़ते खर्च आपको थोड़ा परेशान कर सकते हैं, लेकिन समझदारी से स्थिति संभल जाएगी। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को नया ऑफर मिल सकता है। माता-पिता की सेवा और आशीर्वाद आपके लिए भाग्य के द्वार खोल सकते हैं। कुछ नया करने की आपकी कोशिश रंग लाएगी और आत्मविश्वास बढ़ाएगी।* *तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)* *आज आलस्य छोड़कर आगे बढ़ेंगे तो सफलता आपके कदम चूमेगी। जरूरत के हिसाब से खर्च करना ही समझदारी होगी, वरना बाद में आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है। जीवनसाथी नौकरी के सिलसिले में यात्रा पर जा सकते हैं। आपकी कला और प्रतिभा लोगों को प्रभावित करेगी। किसी विरोधी के सामने अपनी निजी या जरूरी बातें शेयर करने से बचें।* *वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)* *आज कमाई और खुशियों दोनों में बढ़ोतरी होने के संकेत हैं। घर की सजावट या नई खरीदारी मन को उत्साहित करेगी। परिवार में चल रही गलतफहमियां बातचीत से दूर हो सकती हैं। लंबे समय से रुका हुआ काम पूरा होने से राहत मिलेगी। विवादों से दूरी बनाए रखें और शांत रहना ही आपके लिए फायदेमंद रहेगा। घर में किसी शुभ कार्य की तैयारी माहौल को खुशनुमा बना सकती है।* *धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)* *आज सकारात्मक ऊर्जा आपके हर काम में दिखाई देगी। दोस्तों और परिवार का साथ आपको नई ताकत देगा। लंबी यात्रा की योजना बन सकती है, जो यादगार साबित होगी। बोलने से पहले शब्दों को तौलना जरूरी रहेगा, वरना रिश्तों में तनाव आ सकता है। मां की दी गई जिम्मेदारी को गंभीरता से लें। दूसरों की बातों में आकर कार्यक्षेत्र में विवाद खड़ा हो सकता है।* *मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)* *आज आप अपने अधूरे कामों को पूरा करने के लिए पूरी ताकत लगा देंगे। समाज सेवा और परोपकार के कार्यों से आपकी छवि और निखरेगी। भाई-बहनों का सहयोग आपको हर कदम पर मिलेगा। पुरानी गलती से मिली सीख आज बड़ी परेशानी से बचा सकती है। प्रेम जीवन में साथी के साथ बिताया गया समय रिश्तों में नई मिठास घोल देगा।* *कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)* *आज का दिन थोड़ा संतुलन और धैर्य मांग सकता है। अचानक आए खर्च आपके बजट को बिगाड़ सकते हैं, इसलिए सोच-समझकर खर्च करें। छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करना परिवार में तनाव बढ़ा सकता है। कोई बड़ा फैसला लेने से पहले पूरी तरह सोच-विचार जरूर करें। किसी अनजान व्यक्ति पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करना नुकसानदायक हो सकता है। मन की उलझनों को शांत दिमाग से सुलझाने की कोशिश करें।* *मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)* *आज आर्थिक मामलों में भाग्य आपका पूरा साथ देगा। बिजनेस में अच्छी कमाई होने से मन प्रसन्न रहेगा और पार्टनरशिप भी शानदार चलेगी। व्यापार को नए स्तर तक ले जाने की आपकी कोशिश सफल हो सकती है। रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है। दोस्तों और परिवार के साथ बिताया गया समय दिन को यादगार बना देगा। धार्मिक और मनोरंजन से जुड़े कार्यों में मन खूब लगेगा।* *राणा जी खेड़ांवाली 🚩* #🕉️सनातन धर्म🚩 #श्री हरि #आज का राशिफल / पंचाग ☀
🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺 *********|| जय श्री राधे ||********* 🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺 🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏 *********ll जय श्री राधे ll********* 🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺 *दिनाँक:-17/05/2026,रविवार* प्रतिपदा, शुक्ल पक्ष, अधिक ज्येष्ठ """""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल) तिथि-------- प्रतिपदा 21:40:20. तक पक्ष------------------------- शुक्ल नक्षत्र--------- कृत्तिका 14:31:16 योग------------ शोभन 06:14:32 योग----------- अतिगंड 25:58:51 करण------- किन्स्तुघ्न 11:35:38 करण-------------- बव 21:40:20 वार------------------------ रविवार माह------------------ अधिक ज्येष्ठ चन्द्र राशि----------------- वृषभ सूर्य राशि------------------ वृषभ रितु-------------------------- ग्रीष्म आयन------------------- उत्तरायण संवत्सर-------------------- पराभव संवत्सर (उत्तर) -------------------रौद्र विक्रम संवत---------------- 2083 गुजराती संवत-------------- 2082 शक संवत------------------ 1948 कलि संवत----------------- 5127 वृन्दावन सूर्योदय--------------- 05:30:44 सूर्यास्त---------------- 19:00:49 दिन काल------------- 13:30:04 रात्री काल------------- 10:29:25 चंद्रोदय--------------- 05:49:57 चंद्रास्त---------------- 19:58:26 लग्न---- वृषभ 1°54' , 31°54' सूर्य नक्षत्र---------------- कृत्तिका चन्द्र नक्षत्र---------------- कृत्तिका नक्षत्र पाया------------------- लोहा *🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩* उ----कृत्तिका 09:16:28 ए---- कृत्तिका 14:31:16 ओ---- रोहिणी 19:45:57 वा---- रोहिणी 25:00:43 *💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮* ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद ============================ सूर्य= वृषभ 01°12 , कृतिका 2 ई चन्द्र= मेष 04°30 , कृतिका 3 उ बुध = वृषभ 04°52 ' कृतिका 3 उ शु क्र= मिथुन 04°05, मृगशिरा 4 की मंगल= मेष 04°23 अश्वनी 2 चे गुरु= मिथुन 27°33 पुनर्वसु, 3 हा शनि=मीन 16°34 ' उoभा o , 4 ञ राहू=(व) कुम्भ 10°49 शतभिषा, 2 सा केतु= (व) सिंह 10°49 मघा 4 मे ============================ *🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩* राहू काल 17:20 - 19:01 अशुभ यम घंटा 12:16 - 13:57 अशुभ गुली काल 15:38 - 17:20 अशुभ अभिजित 11:49 - 12:43 शुभ दूर मुहूर्त 17:13 - 18:07 अशुभ वर्ज्यम 28:31* - 29:55* अशुभ प्रदोष 19:01 - 21:08 शुभ 💮चोघडिया, दिन उद्वेग 05:31 - 07:12 अशुभ चर 07:12 - 08:53 शुभ लाभ 08:53 10:35 शुभ अमृत 10:35 - 12:16 शुभ काल 12:16 13:57 अशुभ शुभ 13:57 - 15:38 शुभ रोग 15:38 - 17:20 अशुभ उद्वेग 17:20 - 19:01 अशुभ 🚩चोघडिया, रात शुभ 19:01 - 20:19 शुभ अमृत 20:19 - 21:38 शुभ चर 21:38 - 22:57 शुभ रोग 22:57 - 24:16* अशुभ काल 24:16* - 25:34* अशुभ लाभ 25:34* - 26:53* शुभ उद्वेग 26:53* - 28:12* अशुभ शुभ 28:12* - 29:30* शुभ 💮होरा, दिन सूर्य 05:31- 06:38 शुक्र 06:38 -07:46 बुध 07:46 -08:53 चन्द्र 08:53 -10:01 शनि 10:01 -11:08 बृहस्पति 11:08 -12:16 मंगल 12:16- 13:23 सूर्य 13:23- 14:31 शुक्र 14:31 -15:38 बुध 15:38- 16:46 चन्द्र 16:46 -17:53 शनि 17:53 -19:01 🚩होरा, रात बृहस्पति 19:01 -19:53 मंगल 19:53 -20:46 सूर्य 20:46 -21:38 शुक्र 21:38- 22:31 बुध 22:31 -23:23 चन्द्र 23:23 -24:16 शनि 24:16-25:08 बृहस्पति 25:08-26:00 मंगल 26:00 -26:53 सूर्य 26:53-27:45 शुक्र 27:45-28:38 बुध 28:38-29:30 *🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩* वृषभ > 05:22 से 07:22 तक मिथुन > 07:32 से 09:36 तक कर्क > 09:36 से 11:56 तक सिंह > 11:56 से 14:12 तक कन्या > 14:12 से 16:26 तक तुला > 16:26 से 18:44 तक वृश्चिक > 18:44 से 21:04 तक धनु > 21:04 से 23:08 तक मकर > 23:08 से 00:54 तक कुम्भ > 00:54 से 02:24 तक मीन > 02:24 से 03:50 तक मेष > 03:50 से 05:26 तक ======================= *🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार* (लगभग-वास्तविक समय के समीप) दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट *नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार । शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥ रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार । अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥ अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें । उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें । शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें । लाभ में व्यापार करें । रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें । काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है । अमृत में सभी शुभ कार्य करें । *💮दिशा शूल ज्ञान------------- पश्चिम* परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौंजी खाके यात्रा कर सकते है l इस मंत्र का उच्चारण करें-: *शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l* *भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll* *🚩 अग्नि वास ज्ञान -:* *यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,* *चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।* *दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,* *नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्* *नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।* 1 + 1 + 1 = 3 ÷ 4 = 3 शेष पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l *🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩* सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है सूर्य ग्रह मुखहुति *💮 शिव वास एवं फल -:* 1 + 1 + 5 = 7 ÷ 7 = 0 शेष शमशान वास = मृत्यु कारक *🚩भद्रा वास एवं फल -:* *स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।* *मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।* *💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮* * ज्येष्ठ अधिक मास प्रारम्भ *रोहिणी व्रत *💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮* नास्ति कामसमो व्याधिर्नास्ति मोहसमो रिपुः । नास्ति कोपसमो वहि नर्नास्ति ज्ञानात्परं सुखम् ।। ।।चाoनीo।। जिसने अपने स्वरुप को जान लिया उसके लिए स्वर्ग तो तिनके के समान है. एक पराक्रमी योद्धा अपने जीवन को तुच्छ मानता है. जिसने अपनी कामना को जीत लिया उसके लिए स्त्री भोग का विषय नहीं. उसके लिए सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड तुच्छ है जिसके मन में कोई आसक्ति नहीं. *🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩* गीता -: ज्ञान-विज्ञान योग अo-7 दैवी ह्येषा गुणमयी मम माया दुरत्यया। मामेव ये प्रपद्यन्ते मायामेतां तरन्ति ते॥ क्योंकि यह अलौकिक अर्थात अति अद्भुत त्रिगुणमयी मेरी माया बड़ी दुस्तर है, परन्तु जो पुरुष केवल मुझको ही निरंतर भजते हैं, वे इस माया को उल्लंघन कर जाते हैं अर्थात्‌ संसार से तर जाते हैं ॥14॥ *💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮* देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।। विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।। 🐏मेष नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति होगी। यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। परीक्षा आदि में सफलता मिलेगी। पारिवारिक कष्ट एवं समस्याओं का अंत संभव है। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। आय से अधिक व्यय न करें। परोपकार में रुचि बढ़ेगी। 🐂वृष शत्रु सक्रिय रहेंगे। कुसंगति से हानि होगी। व्ययवृद्धि होगी। लेन-देन में सावधानी रखें, जोखिम न लें। किसी शुभचिंतक से मेल-मुलाकात का हर्ष होगा। संतान की आजीविका संबंधी समस्या का हल निकलेगा। लापरवाही से काम न करें। 👫मिथुन यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। डूबी हुई रकम प्राप्त होगी। आय में वृद्धि होगी। प्रमाद न करें। आकस्मिक लाभ व निकटजनों की प्रगति से मन में प्रसन्नाता रहेगी। परिश्रम से स्वयं के कार्यों में भी शुभ परिणाम आएँगे। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें। 🦀कर्क कार्यस्थल पर परिवर्तन लाभ में वृद्धि करेगा। योजना फलीभूत होगी। नए अनुबंध होंगे। कष्ट होगा। पारिवारिक जिम्मेदारी बढ़ने से व्यस्तता बढ़ेगी। कार्य में नवीनता के भी योग हैं। संतान के व्यवहार से समाज में सम्मान बढ़ेगा। स्वास्थ्य खराब हो सकता है। 🐅सिंह कानूनी अड़चन दूर होगी। अध्यात्म में रुचि रहेगी। यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। रुके धन के लिए प्रयत्न जरूर करें। कार्य का विस्तार होगा। दूसरे के कार्यों में हस्तक्षेप से बचें। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। विलासिता के प्रति रुझान बढ़ेगा। 🙍‍♀️कन्या चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें, बाकी सामान्य रहेगा। प्रयास अधिक करने पर भी उचित सफलता मिलने में संदेह है। कार्य में विलंब के भी योग हैं। आर्थिक हानि हो सकती है। पारिवारिक जीवन तनावपूर्ण रहेगा। ⚖️तुला जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। राजकीय बाधा दूर होगी। बेचैनी रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। अर्थ प्राप्ति के योग बनेंगे। विवादों से दूर रहना चाहिए। पिता से व्यापार में सहयोग मिल सकेगा। सरकारी मसले सुलझेंगे। सकारात्मक सोच बनेगी। 🦂वृश्चिक बेरोजगारी दूर होगी। विवाद न करें। संपत्ति की खरीद-फरोख्त हो सकती है। आय बढ़ेगी। मन में उत्साहपूर्ण विचारों के कारण समय सुखद व्यतीत होगा। मकान व जमीन संबंधी कार्य बनेंगे। अनायास धन लाभ के योग हैं। व्यापार में वांछित उन्नति होगी। 🏹धनु रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी बड़े कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। प्रसन्नता बनी रहेगी। नए कार्यों से जुड़ने का योग बनेगा। पारिवारिक जीवन सुखद नहीं रहेगा। पूजा-पाठ में मन लगेगा। इच्छित लाभ होगा। नौकरी में कार्य की प्रशंसा हो सकती है। 🐊मकर बुरी खबर मिल सकती है। विवाद को बढ़ावा न दें। भागदौड़ रहेगी। आय में कमी होगी। किसी कार्य में प्रतिस्पर्धात्मक तरीके से जुड़ने की प्रवृत्ति आपके लिए शुभ रहेगी। राज्यपक्ष से लाभ होगा। अपने काम से काम रखें। दांपत्य सुख प्राप्त होगा। 🍯कुंभ मेहनत का फल पूरा-पूरा मिलेगा। मान-सम्मान मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। दूर रहने वाले व्यक्तियों से संपर्क के कारण लाभ हो सकता है। नई योजनाओं का सूत्रपात होने के योग हैं। कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। व्यर्थ संदेह न करें। 🐟मीन मेहमानों का आवागमन होगा। व्यय होगा। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। अपने प्रयासों से उन्नति पथ प्रशस्त करेंगे। बुद्धि चातुर्य से कठिन कार्य भी आसानी से बनेंगे। व्यापार अच्छा चलेगा। 🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏 #🕉️सनातन धर्म🚩 #आज का राशिफल / पंचाग ☀
*आनन्दरामायणम्* *श्रीसीतापतये नमः* *श्रीवाल्मीकि महामुनि कृत शतकोटि रामचरितान्तर्गतं ('ज्योत्स्ना' हृया भाषा टीकयाऽटीकितम्)* *(विलासकाण्डम्)नवम सर्गः* 🟡🟡🟡🟡🟡🟡🟡🟡🟡🟡🟡🟡🟡🟡🟡 *(राम के द्वारा देवांगनाओं को वरदान)...(दिन 234)* 🏹🏹🏹🏹🏹🏹🏹🏹🏹🏹🏹🏹🏹🏹🏹 श्रीरामदास ने कहा-एक बार रामचन्द्रजी सीता तथा अपने समस्त भ्राताओं के साथ पुष्पक विमान पर सवार होकर सूर्यग्रह्नण के समय कुरुक्षेत्र गये ॥ १ ॥ वहाँ समस्त देवता, गन्धर्व, किन्नर, पन्नग तथा कितने ही आश्रमों के मुनि और हजारों राजे आये हुए थे ।। २ ।। जब सूर्यग्रहण लगा, उस समय सीता के साथ राम ने स्नान किया तथा हाथी-घोड़े ऊँट और रथ आदि दान दिया ।। ३ ।। इसके अनन्तर वहाँ आये हुए राजे अनेक प्रकार के उपहार ले-लेकर राम का दर्शन करने आये और रानियाँ भी सीता को देखने के लिए उनके साथ आयीं ॥ ४ ॥ जब रानियाँ सीता के पास पहुंचीं तो उन्होंने बड़े आदर के साथ उन्हें उनकी सखियों और मुनिपत्नियों के साथ एक सुन्दर आसन पर बिठलाया ॥ ५ ॥ सीता के विधिवत् पूजन कर लेने के बाद मुनिपत्नियों में से आगस्त्य पत्नी लोपामुद्रा सीता को प्रसन्न करती हुई कहने लगीं--॥६ ।। हे कमलनेत्रे सीते ! हे गजगामिनि ! तुम धन्य हो। हमारे कानों को आनन्द देने वाले रामजी के किसी पौरुष का तो वर्णन करो ।। ७ ।। लोपामुद्रा के यह कहने पर सीता ने अपने विवाह से लेकर कुरुक्षेत्र की यात्रा पर्यन्त का समस्त वृत्तान्त कह सुनाया ॥ ८॥ लोपामुद्रा ने कथा सुनकर सीता से कहा है सीते। महात्मा रामचन्द्र ने अवतक जो कुछ किया, वह बहुत ठीक किया। केवल एक बात में चूक गये और उन्होंने इतना क्लेश उठाया। मैं नहीं समझ पाती कि लङ्का पर चढ़ाई करते समय राम ने समुद्र में सेतु बनाने का कष्ट क्यों किया ॥ ६ ॥ १० ॥ उन्होंने अगस्त्यजी से क्यों नहीं कह दिया। वे एक अंजली में भरकर क्षणभर में उस खारे समुद्र को पी जाते ।। ११ ।। समुद्र सुख जाता और कपियों को लङ्का जाने के लिए मार्ग मिल जाता। नाहक सेतु बाँधने के लिए उन्होंने उन वानरों को कष्ट दिया ॥ १२ ॥ इस प्रकार लोपामुद्रा की बात सुनकर सगर्व वाणी में सीताजी कहने लगीं- है पतिव्रते लोपामुद्रे । राम ने जो सेतु बाँधा, वह बहुत अच्छा किया। मैं उनका कारण भी बतलाती हूँ, आप सावधान होकर सुनें ॥ १३ ॥ १४ ॥ यहाँ आयी हुई ये राजरानियाँ भी शान्तचित्त से मेरी बात सुनें। यदि राम अपने बाण से समुद्र को सुखाते तो वहुत से प्राणियों की हत्या होने की आशङ्का थी। यदि राम आकाशमार्ग से समुद्र को लांघ जाते तो रावण और वानर यह कैसे जानते कि राम मनुष्य हैं। यदि हनुमान की पीठ पर बैठकर चले जाते ।। १५-१७ ॥ तब राम का क्या पराक्रम देख पड़ता ? यदि हाथों से तैरते हुए उस पार चले जाते ।। १८ ।। तब उन्हें यह ख्याल होता कि ब्राह्मण के मुत्र को कैसे लाँधू । यदि आपके पति अगस्त्य से उसे पीने को प्रार्थना करने की सोचते तो यह विचार होता कि एक बार अगस्त्य इस समुद्र को पी चुके हैं और मूत्रमार्ग से बाहर निकाला है। इसीसे यह खारा है ।। १६-२१ ॥ उसी मुत्र के समान खारे समुद्र को अगस्त्यजी कैसे पियेंगे। मान लिया जाय कि राम के कहने से अगस्त्यजी समुद्र को पी जाते तो संसार में राम का बड़ा अपयश होता कि राम ने अपना मतलब साधने के लिए एक ब्राह्मण को मूत्र पिलाया। इन्हीं बातों को सोचकर धर्मात्मा राम ने अगस्त्य से समुद्र पीने को नहीं कहा ॥ २२-२४ ॥ क्रमशः... जय सिया राम राणा जी खेड़ांवाली 🚩 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏श्री राम भक्त हनुमान🚩 #🌸जय सिया राम #🙏रामायण🕉
*श्रीमद्भागवत महापुराण* *द्वीतीय स्कंध - अद्याय एक - ध्यान-विधि और भगवान्‌के विराट्स्वरूपका वर्णन* *ॐ नमो भगवते वासुदेवाय* 🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞 श्रीशुकदेवजीने कहा — परीक्षित्! तुम्हारा लोकहित के लिये किया हुआ यह प्रश्न बहुत ही उत्तम है⁠। मनुष्यों के लिये जितनी भी बातें सुनने, स्मरण करने या कीर्तन करने की हैं, उन सबमें यह श्रेष्ठ है⁠। आत्मज्ञानी महापुरुष ऐसे प्रश्न का बड़ा आदर करते हैं ⁠।⁠।⁠ 1 ।⁠। राजेन्द्र! जो गृहस्थ घर के काम-धंधों में उलझे हुए हैं, अपने स्वरूपको नहीं जानते, उनके लिये हजारों बातें कहने-सुनने एवं सोचने, करने की रहती हैं ⁠।⁠।⁠ 2 ।⁠। उनकी सारी उम्र यों ही बीत जाती है⁠। उनकी रात नींद या स्त्री-प्रसंग से कटती है और दिन धन की हाय-हाय या कुटुम्बियों के भरण-पोषण में समाप्त हो जाता है ⁠।⁠।⁠ 3 ।⁠। संसार में जिन्हें अपना अत्यन्त घनिष्ठ सम्बन्धी कहा जाता है, वे शरीर, पुत्र, स्त्री आदि कुछ नहीं हैं, असत् हैं; परन्तु जीव उनके मोह में ऐसा पागल-सा हो जाता है कि रात-दिन उनको मृत्यु का ग्रास होते देख कर भी चेतता नहीं ⁠।⁠।⁠ 4 ⁠।⁠। इसलिये परीक्षित्! जो अभय पद को प्राप्त करना चाहता है, उसे तो सर्वात्मा, सर्वशक्तिमान् भगवान् श्रीकृष्ण की ही लीलाओं का श्रवण, कीर्तन और स्मरण करना चाहिये ⁠।⁠। 5 ⁠।⁠। मनुष्य-जन्म का यही — इतना ही लाभ है कि चाहे जैसे हो — ज्ञान से, भक्ति से अथवा अपने धर्म की निष्ठा से जीवन को ऐसा बना लिया जाय कि मृत्यु के समय भगवान्‌ की स्मृति अवश्य बनी रहे ⁠।⁠।⁠ 6 ⁠।⁠। शेष्ट अगली पोस्ट में .. भागवत महापुराण गीता प्रेस राणा जी खेड़ांवाली 🚩 032 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🕉️सनातन धर्म🚩
*श्रीमद्भागवत महापुराण* *प्रथम स्कंध - अद्याय उन्नीस - परीक्षित्‌का अनशनव्रत और शुकदेवजीका आगमन* 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 आप योगियों के परम गुरु हैं, इसलिये मैं आपसे परम सिद्धि के स्वरूप और साधन के सम्बन्ध में प्रश्न कर रहा हूँ⁠। जो पुरुष सर्वथा मरणासन्न है, उसको क्या करना चाहिये? ⁠।⁠।⁠ 37 ।⁠। भगवन्! साथ ही यह भी बतलाइये कि मनुष्य मात्र को क्या करना चाहिये⁠। वे किसका श्रवण, किसका जप, किसका स्मरण और किसका भजन करें तथा किसका त्याग करें? ⁠।⁠।⁠ 38 ⁠।⁠। भगवत्स्वरूप मुनिवर! आपका दर्शन अत्यन्त दुर्लभ है; क्योंकि जितनी देर एक गाय दुही जाती है, गृहस्थों के घर पर उतनी देर भी तो आप नहीं ठहरते ⁠।⁠।⁠ 39 ।⁠। सूतजी कहते हैं — जब राजा ने बड़ी ही मधुर वाणी में इस प्रकार सम्भाषण एवं प्रश्न किये, तब समस्त धर्मों के मर्मज्ञ व्यासनन्दन भगवान् श्रीशुकदेवजी उनका उत्तर देने लगे ⁠।⁠।⁠ 40 ।⁠। इति श्रीमद्भागवते महापुराणे वैयासिक्यामष्टादशसाहस्र‍यां पारमहंस्यां संहितायां प्रथमस्कन्धे शुकागमनं नामैकोनविंशोऽध्यायः ⁠।⁠।⁠ 19 ⁠।⁠। ।⁠। इति प्रथमः स्कन्धः समाप्तः ⁠।⁠।⁠ ।⁠। हरिः ॐ तत्सत् ⁠।⁠। भागवत महापुराण गीता प्रेस राणा जी खेड़ांवाली 🚩 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌸 जय श्री कृष्ण😇