Rebel_777
ShareChat
click to see wallet page
@rebel_777
rebel_777
Rebel_777
@rebel_777
"कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन"
#poetry #🥰Express Emotion #❤️जीवन की सीख #😍स्टेटस की दुनिया🌍 #📜 Whatsapp स्टेटस
poetry - गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इन्तज़ाम क्या क्या है फक़ीर शेख कलन्दर इमाम क्या क्या है तुझे पता नहीं तेरा गुलाम क्या क्या है अमीर-ए-शहर के कुछ कारोबार याद आए, मैं रात सोच रहा था हराम क्या-क्या है। गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इन्तज़ाम क्या क्या है फक़ीर शेख कलन्दर इमाम क्या क्या है तुझे पता नहीं तेरा गुलाम क्या क्या है अमीर-ए-शहर के कुछ कारोबार याद आए, मैं रात सोच रहा था हराम क्या-क्या है। - ShareChat
#poetry #🥰Express Emotion #❤️जीवन की सीख #😍स्टेटस की दुनिया🌍 #📜 Whatsapp स्टेटस
poetry - बशीर की उम्दा ग़ज़ल : बद्र खुद को इतना भी मत बचाया कर, बारिशें हो तो भीग जाया कर। चाँद लाकर कोई नहीं देगा, अपने चेहरे से जगमगाया कर। दर्द हीरा है, दर्द मोती है, दर्द आँखों से मत बहाया कर। काम लेे कुछ हसीन होंठो से, बातों बातों में मुस्कुराया कर। धूप मायूस लौट जाती है, छत पे किसी बहाने आया कर। कौन कहता है दिल मिलाने को, कम-से॰कम हाथ तो मिलाया कर ! बशीर की उम्दा ग़ज़ल : बद्र खुद को इतना भी मत बचाया कर, बारिशें हो तो भीग जाया कर। चाँद लाकर कोई नहीं देगा, अपने चेहरे से जगमगाया कर। दर्द हीरा है, दर्द मोती है, दर्द आँखों से मत बहाया कर। काम लेे कुछ हसीन होंठो से, बातों बातों में मुस्कुराया कर। धूप मायूस लौट जाती है, छत पे किसी बहाने आया कर। कौन कहता है दिल मिलाने को, कम-से॰कम हाथ तो मिलाया कर ! - ShareChat
#poetry #📜 Whatsapp स्टेटस #😍स्टेटस की दुनिया🌍 #🥰Express Emotion #❤️जीवन की सीख
poetry - आसान नर्हीं होता किसी प्रतिभाशाली स्त्री से प्रेम करा, क्योकि उसे पसंद नहीं होती जी हजूरी, नरहीं वो कभी झुकती  जब तकनहो रिश्तों में प्रेम की भावना 5#5,3K7#7க6 ி चो नर्हीं जानती क्योकि उसने सीखा ही नहीं झूट की डोर में रिश्तों को बाँधना की चाशनी में डुबो कर वो नहीं जानती स्वांग সপনী নান সনবানা; चो तो जानती है बेबाकी से सच बोल जाना फिजूल ` की बहस में पड़ना उसकी आदत में शुमार नहीं लेकिन वो जानती है तर्क के साथ अपनी बात रखना चो क्षण क्षण गहने कपड़ों की बात नहीं किया करती चो तो संवारती है स्वयं को अपने आत्मविश्वास से॰ निखारती है अपना व्यक्तित्व मासूमियत भरी ಔ೯# गलतियों पर तुम्हें टोकती है ரி तो तकलीफ़ मे तुम्हें संभालती भी है बख़ूबी आता है उसे घर संभालना a qI' तो अपने सपर्नों  1 अगर नहीं आता तो, किसी की अनर्गल बातों को मान लेना पौरुष के आगे वह नतमस्तक नहीं होती है तो निःस्वार्थ प्रेम के आगे तुम्हारे  झुकती | और इसी प्रेम की ख़ातिर अपना सर्वस्व न्यौछावर कर देती है हौसला हो निभाने का तभी ऐसी स्त्री से प्रेम কামা; क्योकि टूट जाती है वो धोखे से, छलावे से, पुरुष अहंकार से॰ जुड़ नहीं पाती किसी प्रेम की ख़ातिर.. फिर आसान नर्हीं होता किसी प्रतिभाशाली स्त्री से प्रेम करा, क्योकि उसे पसंद नहीं होती जी हजूरी, नरहीं वो कभी झुकती  जब तकनहो रिश्तों में प्रेम की भावना 5#5,3K7#7க6 ி चो नर्हीं जानती क्योकि उसने सीखा ही नहीं झूट की डोर में रिश्तों को बाँधना की चाशनी में डुबो कर वो नहीं जानती स्वांग সপনী নান সনবানা; चो तो जानती है बेबाकी से सच बोल जाना फिजूल ` की बहस में पड़ना उसकी आदत में शुमार नहीं लेकिन वो जानती है तर्क के साथ अपनी बात रखना चो क्षण क्षण गहने कपड़ों की बात नहीं किया करती चो तो संवारती है स्वयं को अपने आत्मविश्वास से॰ निखारती है अपना व्यक्तित्व मासूमियत भरी ಔ೯# गलतियों पर तुम्हें टोकती है ரி तो तकलीफ़ मे तुम्हें संभालती भी है बख़ूबी आता है उसे घर संभालना a qI' तो अपने सपर्नों  1 अगर नहीं आता तो, किसी की अनर्गल बातों को मान लेना पौरुष के आगे वह नतमस्तक नहीं होती है तो निःस्वार्थ प्रेम के आगे तुम्हारे  झुकती | और इसी प्रेम की ख़ातिर अपना सर्वस्व न्यौछावर कर देती है हौसला हो निभाने का तभी ऐसी स्त्री से प्रेम কামা; क्योकि टूट जाती है वो धोखे से, छलावे से, पुरुष अहंकार से॰ जुड़ नहीं पाती किसी प्रेम की ख़ातिर.. फिर - ShareChat
#poetry #🥰Express Emotion #😍स्टेटस की दुनिया🌍 #📜 Whatsapp स्टेटस #❤️जीवन की सीख
poetry - धर्मवीर भारती সুনা্া ক্া ঐবনা 82 पुरुष और नारी के क्य एकही रास्ता सम्बन्धका - qua fas3iK qfaadl నగా নৃদি! और दूरी क्या सम्बन्धों को, विश्वासों को जिन्दा नहीं रहने दे सकते? कौननसा गुनाह? कसा गनाह? किसीसे जिन्दगी भर लेह रखने, प्रेम करने का गुनाह सह ओर प्रेप जव अपनी पराकाष्ठा पर पहचन लगेतो उसका त्याग करने का गूनाह . नी अजीव गातः धर्मवीर भारती সুনা্া ক্া ঐবনা 82 पुरुष और नारी के क्य एकही रास्ता सम्बन्धका - qua fas3iK qfaadl నగా নৃদি! और दूरी क्या सम्बन्धों को, विश्वासों को जिन्दा नहीं रहने दे सकते? कौननसा गुनाह? कसा गनाह? किसीसे जिन्दगी भर लेह रखने, प्रेम करने का गुनाह सह ओर प्रेप जव अपनी पराकाष्ठा पर पहचन लगेतो उसका त्याग करने का गूनाह . नी अजीव गातः - ShareChat
#poetry #🥰Express Emotion #😍स्टेटस की दुनिया🌍 #📜 Whatsapp स्टेटस #❤️जीवन की सीख
poetry - 66 क़ैद में गुज़रेगी जो उम्र काम की थी पर मैं क्या करती कि ज़ंजीर तेरे नाम की थी परवीन शाकिर rekhta 66 क़ैद में गुज़रेगी जो उम्र काम की थी पर मैं क्या करती कि ज़ंजीर तेरे नाम की थी परवीन शाकिर rekhta - ShareChat
#poetry #🌸 सत्य वचन #📜 Whatsapp स्टेटस #🥰Express Emotion #😍स्टेटस की दुनिया🌍
poetry - मछलियाँ को लगता था मछलियों को लगता था कि जैसे वे तड़पती हैं पानी के लिए पानी भी उनके लिए वैसे ही तड़पता होगा लेकिन जब खींचा जाता है जाल तो पानी मछलियों को छोड़कर जाल से निकल भागता है पानी मछलियों का देश है लेकिन मछलियाँ देश के बारे में कुछ नहीं जानतीं. .. 3197 मछलियाँ को लगता था मछलियों को लगता था कि जैसे वे तड़पती हैं पानी के लिए पानी भी उनके लिए वैसे ही तड़पता होगा लेकिन जब खींचा जाता है जाल तो पानी मछलियों को छोड़कर जाल से निकल भागता है पानी मछलियों का देश है लेकिन मछलियाँ देश के बारे में कुछ नहीं जानतीं. .. 3197 - ShareChat
#poetry #🌸 सत्य वचन #😍स्टेटस की दुनिया🌍 #🥰Express Emotion #📜 Whatsapp स्टेटस
poetry - खुद को ढाल लेता  ಕ್ಕೆ के मुताबिक़ तजुरबे जताये तो जेब सम्भाल लेता कोई प्यार थप्पड़ के बाद नहीं करता, दूसरा गाल आगे, खंजर खींचें कोईतो तलवार निकाल लेता हूँ तस्सवुर डरा देता था, था सांप वक़्त का अबएक आध , मैं आस्तीन में पाल लेता हूँ মুহী ক্ামন  की॰  कहीं साज़िश तो  नहीं हर   मुस्कान को ठीक से पड़ताल लेता हूँ | बहुत जला चुका ऊंगलियाँ , पराई आग में॰ अपने मसले में कोई तो टाल   लेता हूँ बुलाये, सहेज के रखा থা নিল  जब शीशे का था का हो चुका, अब मज़े से उछाल लेता हूँ पत्थर खुद को ढाल लेता  ಕ್ಕೆ के मुताबिक़ तजुरबे जताये तो जेब सम्भाल लेता कोई प्यार थप्पड़ के बाद नहीं करता, दूसरा गाल आगे, खंजर खींचें कोईतो तलवार निकाल लेता हूँ तस्सवुर डरा देता था, था सांप वक़्त का अबएक आध , मैं आस्तीन में पाल लेता हूँ মুহী ক্ামন  की॰  कहीं साज़िश तो  नहीं हर   मुस्कान को ठीक से पड़ताल लेता हूँ | बहुत जला चुका ऊंगलियाँ , पराई आग में॰ अपने मसले में कोई तो टाल   लेता हूँ बुलाये, सहेज के रखा থা নিল  जब शीशे का था का हो चुका, अब मज़े से उछाल लेता हूँ पत्थर - ShareChat
#👉 लोगों के लिए सीख👈 #❤️जीवन की सीख #🌸 सत्य वचन #📹 वायरल वीडियो #🙏 प्रेरणादायक विचार
👉 लोगों के लिए सीख👈 - ShareChat
01:18
#📜 Whatsapp स्टेटस #🌸 सत्य वचन #❤️जीवन की सीख #👉 लोगों के लिए सीख👈 #😍स्टेटस की दुनिया🌍
📜 Whatsapp स्टेटस - टूटकर बिखरी स्त्रियां अपनी किरचों को सहेज संभालकर गढ़ लेती हैं हरबार नई सुंदर मूरत कि देखने वाला बाल बराबर जोड़ भी खोज नहीं पाता. Ftaq SJI Image Sharmistha टूटकर बिखरी स्त्रियां अपनी किरचों को सहेज संभालकर गढ़ लेती हैं हरबार नई सुंदर मूरत कि देखने वाला बाल बराबर जोड़ भी खोज नहीं पाता. Ftaq SJI Image Sharmistha - ShareChat
#😍स्टेटस की दुनिया🌍 #📜 Whatsapp स्टेटस #❤️क्यूट व्हाट्सएप स्टेटस #🥰Express Emotion #💔 I am Sorry
😍स्टेटस की दुनिया🌍 - एक सच था तुझसे जो बोला नहीं कभी, इश्क जो बहुत  इश्क अब वो झूठ है बोलता हूँ मैं। जौन एलिया एक सच था तुझसे जो बोला नहीं कभी, इश्क जो बहुत  इश्क अब वो झूठ है बोलता हूँ मैं। जौन एलिया - ShareChat