#📃चंद्रनाथ मर्डर केस में बड़ा खुलासा, CCTV🫨 पश्चिम बंगाल पुलिस को इस केस में सबसे बड़ी सफलता आरोपियों की एक छोटी सी गलती की वजह से मिली. हत्या के बाद आरोपी जिस कार से भाग रहे थे, वह बाली टोल प्लाजा से होकर गुजरी. जहां आरोपियों ने टोल टैक्स का भुगतान UPI के जरिए कर दिया. यही पेमेंट पुलिस के लिए सबसे अहम सुराग साबित हुआ. जांच अधिकारियों ने उस UPI ट्रांजैक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर को ट्रैक किया. इसके बाद पुलिस सीधे आरोपियों तक पहुंच गई.
पुलिस ने बताया कि विशेष जांच टीम ने बिहार के बक्सर से मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को हिरासत में लिया. वहीं तीसरे आरोपी राज सिंह को उत्तर प्रदेश के बलिया से पकड़ा गया. रविवार को CID अधिकारियों ने तीनों से लंबी पूछताछ की. पूछताछ के बाद मध्यग्राम पुलिस ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया. अधिकारियों का मानना है कि ये तीनों बाहर से बुलाए गए पेशेवर शूटर थे. अब इनके नेटवर्क और संपर्कों की जांच की जा रही है.