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जब आप अपनी यादों के दायरे में जीते हैं, तो आप उसे नहीं देख पाते जो ठीक आपके सामने है। #sadhguru #sadhguruhindi
sadhguru - जब आप अपनी यादों के दायरे में जीते हैँ, तो आप उसे नहीं देख पाते जो ठीक आपके सामने है। S ەdgم जब आप अपनी यादों के दायरे में जीते हैँ, तो आप उसे नहीं देख पाते जो ठीक आपके सामने है। S ەdgم - ShareChat
इस पृथ्वी दिवस पर - 'भूमित्र' बनें और दुनिया की मिट्टी को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक कदम बढ़ाएं - जो समस्त जीवन का आधार है। 'मिट्टी बचाओ' की वेबसाइट पर जाएँ और 'भूमित्र' के रूप में अपना रजिस्ट्रेशन करें। #EarthDay #sadhguru #sadhguruhindi
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यह शरीर पृथ्वी का ही एक अंश है। एक स्वस्थ धरती के बिना खुशहाल जीवन संभव नहीं है। #sadhguru #sadhguruhindi
sadhguru - का ही एक अंश है। एक स्वस्थ धरती यह शरीर पृथ्वी के बिना खुशहाल जीवन संभव नहीं है। Jaulzh का ही एक अंश है। एक स्वस्थ धरती यह शरीर पृथ्वी के बिना खुशहाल जीवन संभव नहीं है। Jaulzh - ShareChat
भरोसे का मतलब यह नहीं है कि दूसरे आपकी उम्मीदों के हिसाब से चलें। भरोसे का मतलब है पूरी जागरूकता के साथ खुद को असुरक्षित बनाए रखना।. #sadhguru #sadhguruhindi
sadhguru - भरोसे का मतलब यह नहीं है कि आपकी उम्मीदों के दूसरे हिसाब से चलें। भरोसे का मतलब है पूरी जागरूकता के साथ खुद को असुरक्षित बनाए रखना। _4ulatL भरोसे का मतलब यह नहीं है कि आपकी उम्मीदों के दूसरे हिसाब से चलें। भरोसे का मतलब है पूरी जागरूकता के साथ खुद को असुरक्षित बनाए रखना। _4ulatL - ShareChat
शादी में लोगों की सबसे बड़ी भूल | One Mistake That Can Ruin Your Marriage इंसान की अपनी जरूरतें होती हैं - शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, सामाजिक और आर्थिक। इन जरूरतों को पूरा करने के लिए आप किसी एक इंसान पर निर्भर होते हैं - यही शादी है। अगर आप और वो इंसान इस बात को समझते हैं, और इस बात के लिए एक दूसरे के शुक्रगुज़ार हैं कि दूसरा आपकी जरूरत पूरी कर रहा है, तो आप इस रिश्ते को जिम्मेदारी से निभाएंगे। #sadhguru #sadhguruhindi
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यदि एक ही समस्या बार-बार सामने आ रही है, तो इसका अर्थ है कि समस्या आप स्वयं हैं। #sadhguru
sadhguru - 66 यदि एक ही समस्या बार-बार सामने आ रही है॰ तो इसका अर्थ है कि समस्या आप स्वयं हैं। Jaulzh 66 यदि एक ही समस्या बार-बार सामने आ रही है॰ तो इसका अर्थ है कि समस्या आप स्वयं हैं। Jaulzh - ShareChat
पानी पीने का सही तरीका क्या है? | Right Way to Drink Water आजकल मार्केटिंग या विज्ञापनों के असर की वजह से, बहुत से लोग पानी की बोतल अपने साथ रखते हैं, और उसमें से लगातार थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहते हैं। अगर आप एक ही बार में बहुत पानी पी लेते हैं, तो शरीर यह फैसला करेगा कि उसे कितना ग्रहण करना है, और कितना बाहर फेंकना है। लेकिन अगर आप दिन भर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहते हैं, तो शरीर भ्रमित हो जाता है, और जरूरत से ज्यादा पानी सोखने लगता है। अब, सोडियम का सूक्ष्म संतुलन बिगड़ जाएगा, और सोडियम का स्तर कम हो जाएगा। जब मस्तिष्क में सोडियम का स्तर कम हो जाता है, तब सोडियम की कमी को पूरा करने के लिए मस्तिष्क में अधिक पानी प्रवेश करने लगता है। इससे मस्तिष्क में सूजन आने लगती है, और मानसिक असंतुलन पैदा हो जाता है। जब भी आपको प्यास महसूस हो, पानी जरूर पिएं। यह पक्का करने के लिए कि पानी की कमी न हो, अपनी वास्तविक जरूरत से दस प्रतिशत ज्यादा पानी पिएं। जब शरीर संकेत दे कि पानी की जरूरत है, तब आपको बीस मिनट या ज्यादा से ज्यादा आधे घंटे के अंदर उसे पानी देना चाहिए। आपका शरीर खुद तय कर लेगा कि उसे कितना पानी ग्रहण करना है, और कितना त्यागना है। लेकिन अगर आपको प्यास महसूस नहीं हो रही है, तो पानी पीने की कोई जरूरत नहीं है। सेहत का एक और अहम पहलू यह है कि सिर्फ पानी पीना ही काफी नहीं है; आपको ऐसा भोजन भी करना चाहिए जिसमें पानी की मात्रा अधिक हो। आप जो खाना खाते हैं, उसका जल स्तर कम से कम आपके शरीर के जल स्तर के बराबर होना चाहिए। इसीलिए आपके भोजन में फल और सब्जियों का होना जरूरी है। - सद्‌गुरु #sadhguru #sadhguruhindi
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इधर-उधर की बातों से केवल मूर्ख आहत होते हैं। असल में गपशप करने वाले खुद को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा रहे होते हैं। #sadhguru #sadhguruhindi
sadhguru - इधर -उधर की बातों से केवल मूर्ख आहत होते हैं। असल में गपशप करने वाले खुद को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा रहे होते हैं। Juzh इधर -उधर की बातों से केवल मूर्ख आहत होते हैं। असल में गपशप करने वाले खुद को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा रहे होते हैं। Juzh - ShareChat
साधनापाद: 7 महीनों में बदलें अपना जीवन | Sadhanapada भारत के ईशा योग केंद्र में 'साधनापाद' एक 7 महीने का आवासीय कार्यक्रम है, साधनापद उन लोगों के आंतरिक रूपांतरण के लिए है जो अपने जीवन में संतुलन, स्पष्टता और भावनात्मक स्थिरता लाना चाहते हैं - जो लोग आध्यात्मिक विकास की तलाश में हैं, या एक गहन और ऊर्जावान जीवन जीना चाहते हैं। - सद्‌गुरु #sadhguru #sadhguruhindi
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टेक्नोलॉजी मनुष्यों की तुलना में अधिक तेजी से विकसित हो रही है। जब तक हम टेक्नोलॉजी से तेज विकसित नहीं होंगे, हम इसका विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग नहीं कर पाएंगे। #sadhguru #sadhguruhindi
sadhguru - (1 टेक्नोलॉजी मनुष्यों की तुलना में अधिक तेजी से विकसित हो रही है। जब तक हम टेक्नोलॉजी से तेज विकसित नहीं होंगे, हम इसका विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग नहीं कर पाएंगे। _JlకgL  (1 टेक्नोलॉजी मनुष्यों की तुलना में अधिक तेजी से विकसित हो रही है। जब तक हम टेक्नोलॉजी से तेज विकसित नहीं होंगे, हम इसका विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग नहीं कर पाएंगे। _JlకgL - ShareChat