तुम्हारी याद के जब ज़ख़्म भरने लगते हैं
किसी बहाने तुम्हें याद करने लगते हैं
– फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
#📓 हिंदी साहित्य#📖 कविता और कोट्स✒️#✍️ साहित्य एवं शायरी
दिन ढला जाता है शाम आती है घबराता हूँ मैं
डूबता जाता है सूरज डूबता जाता हूँ मैं
– नज़ीर बनारसी
#📖 कविता और कोट्स✒️#📓 हिंदी साहित्य#✍️ साहित्य एवं शायरी
सिर्फ़ व्यस्त रहना ही काफ़ी नहीं है, चीटियाँ भी व्यस्त हैं। सवाल यह है कि हम किस काम में व्यस्त हैं?
– हेनरी डेविड थोरो
#✍️ साहित्य एवं शायरी#📖 कविता और कोट्स✒️#📓 हिंदी साहित्य