Shambhu Agarwal
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@shambhuccdf4801
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Shambhu Agarwal
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Jai Sri Shyam baba
#🌸शुभ शुक्रवार🙏
🌸शुभ शुक्रवार🙏 - @ar0026 जिय माता दी सुप्रभात @ar0026 जिय माता दी सुप्रभात - ShareChat
#🙏 माँ वैष्णो देवी #🕉️सनातन धर्म🚩
🙏 माँ वैष्णो देवी - ShareChat
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#🌸 जय श्री कृष्ण😇
🌸 जय श्री कृष्ण😇 - 05& %कृषग எச 9pd 35 वाशुदेवाय श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे। वासुदेवाय।। ৪ নাথ নাযযতা सुप्रभात 05& %कृषग எச 9pd 35 वाशुदेवाय श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे। वासुदेवाय।। ৪ নাথ নাযযতা सुप्रभात - ShareChat
#🌸शुभ शुक्रवार🙏 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🕉️सनातन धर्म🚩
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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - में सब से भाग्यवान वही है, दुनिया जिस के पास भोजन के साथ भूख है बिश्तर के साथ नींद है, और धन के साथ धर्म है॰ में सब से भाग्यवान वही है, दुनिया जिस के पास भोजन के साथ भूख है बिश्तर के साथ नींद है, और धन के साथ धर्म है॰ - ShareChat
#💓 दिल के अल्फ़ाज़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #☝ मेरे विचार
💓 दिल के अल्फ़ाज़ - इन आँखों में बसे सपने इन आँखों में बसे सपने - ShareChat
#💓 दिल के अल्फ़ाज़ #☝ मेरे विचार
💓 दिल के अल्फ़ाज़ - मेरे शुकून की इंतहा बस इतनी है तेरे चेहरे पर मुस्कान जितनी है हर लम्हे की अपनी अलग कहानी है थोड़ी থাড়া ওঁসা ম পার্লী & खुशी सेर करता हूँ दूर तक ख़ुद ही ख़ुद में खोकर ज़मीं से आसमाँ की गुफ़्तगू पुरानी है खुला आसमान है अरमानों की उड़ान के लिए ऐसे जैसे दरिया में पानी है সঙনান यह ज़मीं यह दरख़्त यह हवाओं की रवानी ज़िंदगी हसीन है और उसमे थोड़ी जवानी है व्योम यह बहारें हमेशा मुस्तेद नहीं रहेंगी जज्बातों की सब कहानी है बदलते ~সস~ Your uote.in मेरे शुकून की इंतहा बस इतनी है तेरे चेहरे पर मुस्कान जितनी है हर लम्हे की अपनी अलग कहानी है थोड़ी থাড়া ওঁসা ম পার্লী & खुशी सेर करता हूँ दूर तक ख़ुद ही ख़ुद में खोकर ज़मीं से आसमाँ की गुफ़्तगू पुरानी है खुला आसमान है अरमानों की उड़ान के लिए ऐसे जैसे दरिया में पानी है সঙনান यह ज़मीं यह दरख़्त यह हवाओं की रवानी ज़िंदगी हसीन है और उसमे थोड़ी जवानी है व्योम यह बहारें हमेशा मुस्तेद नहीं रहेंगी जज्बातों की सब कहानी है बदलते ~সস~ Your uote.in - ShareChat
#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - पत्तों ने रंग बदला और वो गिर गए, वरना पेड़ को संभालने में कोई दिक्कत नहीं थी। हवा भी वही थी, मौसम भी वही, बस इरादों में पहले जैसी शिद्दत नहीं थी। जड़ें आज भी चुपचाप थामे खडी हैं पर शाखों में अब वो हिम्मत नहीं थी। गिरना उनका क़सूर भी नहीं था शायद, रुकने की उनमें अब आदत नहीं थी। पत्तों ने रंग बदला और वो गिर गए, वरना पेड़ को संभालने में कोई दिक्कत नहीं थी। हवा भी वही थी, मौसम भी वही, बस इरादों में पहले जैसी शिद्दत नहीं थी। जड़ें आज भी चुपचाप थामे खडी हैं पर शाखों में अब वो हिम्मत नहीं थी। गिरना उनका क़सूर भी नहीं था शायद, रुकने की उनमें अब आदत नहीं थी। - ShareChat
#🙏 श्री राम #जय सियाराम 🚩 #🙏 जय हनुमान
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