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#🌙 गुड नाईट
🌙 गुड नाईट - 747-؟ में अक्सर वही u 31d೯ 5i दिल के सबसे करीब होते हैं! शुभ सात्रि 747-؟ में अक्सर वही u 31d೯ 5i दिल के सबसे करीब होते हैं! शुभ सात्रि - ShareChat
#🌙 गुड नाईट
🌙 गुड नाईट - शुभ रात्री !! !! ईश्वर को कृपा आप पर सदा बनी रहे हर हादेव Good Night शुभ रात्री !! !! ईश्वर को कृपा आप पर सदा बनी रहे हर हादेव Good Night - ShareChat
☯️🕉️🌳🌻🛕🌝🛕🌹🌳🕉️☯️ *_!! रात्रि : कालीन वंदन !!_* *_आकाशे तारकं लिंग पाताले हाटकेश्वरम् !_* *_मृत्युलोके महाकालं त्रय लिंग नमोस्तुऽते !!_* *_ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृत तत्वाय धीमहि तन्नो चंद्र: प्रचोदयात् !_* *_यं त्वा सोम प्रभृध्रा मन्दसान मदिन्नम ! अभि यं तोशते मति र्धियं जनेषु गीर्यम् !!_* *_कर्पूरगौरं कररुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम् ! सदा वसन्तं हृदयारवृन्दे भवं भवानी सहितं नमामि !!_* *_!! स्वयं का मूल्य: एक संतुलन की कहानी !!_* *_✍🏻सुरेंद्र अरोडा की लेखनी द्वारा, चिंतन योग्य एक विचारोत्तेजक पोस्ट✍🏻_* *_👉🏻 मित्रों, सुबह मैंने "आत्म-सम्मान और जीवन मूल्यों " से संबंधित एक परिच्छेद ( पैराग्राफ ) लिखा था। निम्नलिखित पोस्ट उसी परिच्छेद का विस्तृत रूप है।अक्सर हम जीवन की इस भागदौड़ में किसी न किसी को खुश करने के चक्कर में लगे रहते हैं। "हम यह सोचकर व्याकुल हो जाते हैं कि फलाँ व्यक्ति हमें पसंद नहीं करता, फलाँ जगह हमारी कद्र नहीं होती।" लेकिन क्या वास्तव में यह चिंता का विषय है ? सोचिए, अगर कुछ लोग आपको पसंद नहीं करते, "तो शायद यह उनकी प्राथमिकताओं की सीमा है," आपकी योग्यता की नहीं। एक बहुत ही सटीक बात कही गई है, "हर किसी की पसंद बेहतरीन हो, ये ज़रूरी तो नहीं।" अगर किसी को अच्छी पेंटिंग पसंद नहीं, "तो पेंटिंग का मूल्य कम नहीं हो जाता।" ठीक उसी तरह, अगर किसी को आपके विचार, आपका व्यक्तित्व पसंद नहीं, तो आपका आत्म-मूल्य घटता नहीं है।_* *_मित्रों, इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि हम अपनी ऊर्जा और समय उन जगहों पर लगाएँ जहाँ हमारा स्वागत हो और हमारी कदर हो। "जहाँ आपकी कदर न हो, वहाँ रहना व्यर्थ है।" यह बात सिर्फ किसी भौतिक घर पर ही लागू नहीं होती, "बल्कि रिश्तों के दिलों पर भी उतनी ही सच्ची है।" अगर किसी रिश्ते के दिल में आपके लिए जगह नहीं, तो वहाँ टिके रहना सिर्फ आपको खोखला करेगा। लेकिन इसका यह मतलब कतई नहीं कि "हम दूसरों से अपनी तुलना करने लगें।" तुलना सबसे बड़ा चोर है "जो हमारी खुशियाँ चुरा लेती है।" आप इस धरती पर "एक अद्वितीय प्रयोग हैं, एक अनोखी रचना।" आपकी ताकत, आपकी कमज़ोरियाँ, आपके अनुभव—सब मिलकर एक ऐसा व्यक्तित्व बनाते हैं जो सिर्फ आपका है। "ईश्वर की हर रचना सर्वोत्तम है," तो खुद को दूसरों की नाप की कसौटी पर क्यों कसें ?_* *_मित्रों,"सबसे बड़ी कला है आत्म-सम्मान और विनम्रता के बीच संतुलन बनाना।" पोस्ट में एक गहरी शिक्षा दी गई है: "इतने महँगे भी मत बनिए कि लोग आपको बुला न सकें, और इतने सस्ते भी न बनिए कि लोग आपको नचाते रहें।" इसका मतलब यह है कि "अपनी गरिमा बनाए रखें, लेकिन अभिमान को अपने ऊपर हावी न होने दें।" एक ऐसा व्यक्तित्व विकसित करें जो सुलभ हो, सहज हो, "लेकिन जिसकी सीमाएँ स्पष्ट हों।" जिसे कोई भी अपनी सुविधानुसार झुका या तोड़ न सके।_*👌🏻 *_🙏🏻सोमवार रात्रि: काल की सुंदर, मधुर एवं सौम्य मंगल बेला में आप सभी मित्रजनों को भगवान चन्द्रशेखर जी का आशीर्वाद प्राप्त हो। भगवान भोले भंडारी आपके भंडारे भरपूर रखें, आपको सुख, शान्ति एवं समृद्धि प्रदान करें, आप सदैव खुश रहें। इन्हीं शुभकामनाओं सहित, सुमंगलम स्नेहिल रात्रि वंदन, मित्रों। यदि यह पोस्ट आपको अच्छी लगी हो, तो कृपया अपने सभी परिचितों के साथ अवश्य साझा करें। धन्यवाद सहित आपका अपना, डॉ० एस० एस० अरोड़ा 9877906419🙏🏻_* *_विशेष :-_* *_☝🏻तो मित्रों, आज ही यह संकल्प लीजिए:_* *_1) अपनी अद्वितीयता को पहचानिए और उसका जश्न मनाइए।_* *_2) उन लोगों और स्थानों से दूरी बनाइए जहाँ आपका मूल्य नहीं है।_* *_3) अपने आप को इतना सशक्त बनाइए कि आप किसी के इशारों पर न नाचें, और इतना सरल कि लोग आपसे जुड़ने में सहज महसूस करें।_* *_मित्रों, यही वह संतुलन है जो आपको न सिर्फ़ बेहतर इंसान बनाएगा, "बल्कि एक शांत और संतुष्ट जीवन भी देगा।" आप क्या सोचते हैं ? "क्या आपने कभी यह संतुलन पाया है ?" ज्यादा ना लिखते हुए, पोस्ट को यहीं समाप्त करता हूं। यदि पोस्ट लिखते समय भुलवश व्याकरण संबंधी या अन्य कोई त्रुटि रह गई हो, तो कृपया क्षमा कर दीजिएगा।_*👏🏻 *_!! ┈┉❀꧁ जय शिव शम्भो ꧂❀┉┈ !!_* ☯️🕉️🌴🌾🛕🌝🛕💐🌴🕉️☯️ #🌙 गुड नाईट
☯️🕉️🌳🌻🛕🌞🛕🌹🌳🕉️☯️ *_!! प्रातः कालीन वंदन !!_* *_ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्। ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ।_* *_दधि शंख तुषाराभं क्षीरोदार्णव सम्भवम्। नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुट भूषणम्। रोहिणीशः सुधामूर्तिः सुधागात्रः सुधाशनः। विषमस्थानसम्भूतां पीडां हरतु मे विधुः।_* *_नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्। अजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं चिदाकारमाकाशवासं भजेऽहम्।_* *_तुषाराद्रिसंकाशं गौरं गम्भीरं मनोभूतकोटिप्रभासं शरीरम्।स्फुरन्मौलिकल्लोलिनी चारुगंगा लसद्भालबालेन्दु कण्ठे भुजंगा।_* *_!! ༺꧁ प्रभात पुष्प ꧂༻ !!_* *_☝🏻मित्रों, अगर कुछ लोग आपको पसंद नहीं करते, तो परेशान होने की ज़रूरत नहीं। "हर किसी की पसंद बेहतरीन हो, ये ज़रूरी तो नहीं।" जहाँ आपकी कदर न हो, वहाँ रहना व्यर्थ है। "चाहे वो किसी का घर हो, या फिर किसी का दिल।" जीवन में कभी किसी से अपनी तुलना मत कीजिए। आप जैसे हैं, अद्वितीय हैं। "ईश्वर की हर रचना सर्वोत्तम है।" इतने महँगे भी मत बनिए कि लोग आपको बुला न सकें, "और इतने सस्ते भी न बनिए कि लोग आपको नचाते रहें।"👌🏻_* *_🙏🏻सोमवार प्रातःकाल की पवित्र "मंगल बेला" पर, विधाता आपको सदैव अक्षय आरोग्य, धन एवं ऊर्जा प्रदान करें। सुरेंद्र अरोड़ा की आपके लिए यही मंगलकामनाएं हैं। आपके स्वास्थ्य, सफलता एवं यश-कीर्ति की असीमित दुआओं के साथ, सुमंगलम स्नेहिल भोर-वंदन, मित्रों। भगवान आशुतोष जी का स्नेहाशीष एवं शुभ आशीर्वाद आप सभी मित्रजनों पर सदैव बना रहे। मस्त रहें, व्यस्त रहें, स्वस्थ रहें, समस्त पाप-कर्मों से दूर रहें, तथा "प्रकृति के प्रति एहसानमंद और शुक्रगुज़ार रहें !"🙏🏻_* *_!! ┈┉❀꧁ जय शिव शम्भो ꧂❀┉┈ !!_* ☯️🕉️🌴🌾🌈☀️🌈💐🌴🕉️☯️ #🌞 Good Morning🌞
☯️🕉️🌳🌹🛕🌝🛕🌻🌳🕉️☯️ *_!! रात्रिकालीन वंदन !!_* *_नमस्ते देवि गायत्रि, सावित्रि त्रिपदेक्षरे ! अजरे अमरे मातस्त्राहि मां भवसागरात् !!_* *_नमस्ते सूर्यसंकाशे, सूर्यसावित्रिके शुभे ! ब्रह्मविद्ये महाविद्ये, वेदमातर्नमोऽस्तु ते !!_* *_आदिदेव नमस्तुभ्यं, प्रसीद मम भास्कर ! दिवाकर नमस्तुभ्यं, प्रभाकर नमोऽस्तु ते !!_* *_सप्ताश्वरथमारूढ़ं, प्रचण्डं कश्यपात्मजम्! श्वेतपद्मधरं देवं, तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् !!_* *_ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्। ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ।_* *_कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्! सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि !!_* *_!! जागृति का उत्सव: महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक गणित !!_* *_✍🏻सुरेंद्र अरोड़ा की लेखनी द्वारा महाशिवरात्रि पर्व पर विशेष✍🏻_* *_☝🏻मित्रों, आज महाशिवरात्रि का महापर्व समापन की ओर अग्रसर है। "रातभर का जागरण, मंत्रों की गूंज और भक्ति का उत्साह अब शांति में परिवर्तित हो रहा होगा।" लेकिन क्या हमने इस पर्व के पीछे छिपे "तर्क" को समझा ? महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, "बल्कि चेतना का एक वैज्ञानिक प्रयोग है।" हमारे शरीर में ऊर्जा का प्रवाह मौसम और प्रकृति के चक्रों से गहराई से जुड़ा है। फाल्गुन मास की यह रात वह क्षण है, "जब प्रकृति में तमस ( जड़ता ) और सत्व ( जागृति ) के बीच संतुलन का विशेष क्षण आता है।" रात-भर जागने का वैज्ञानिक आधार यह है कि इस विशेष रात में "ऊर्जा केंद्र ( चक्र ) अधिक सक्रिय हो जाते हैं।" जागरण का अर्थ है - अपनी आंतरिक चेतना को ऊर्जा के इस प्रवाह के प्रति सचेत रखना।_* *_मित्रों, शिव का अर्थ है "कल्याण" और शिवरात्रि का अर्थ है "अंधकार पर प्रकाश की विजय।" असली शिवरात्रि तो तब है, "जब हम अपने भीतर के अज्ञान, भय और नकारात्मकता के अंधकार को ज्ञान के प्रकाश से जला सकें।" जैसे भगवान शिव ने विषपान करके सृष्टि की रक्षा की, "वैसे ही आज के बाद हमें भी अपने मन के विष (क्रोध, लोभ, अहंकार) को पचाने और समाज के कल्याण के लिए कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए।" यह पर्व समाप्त नहीं हुआ है, अपितु यह हमारे अंदर एक नई चेतना के रूप में जागृत हुआ है।_* *_तो मित्रों, आइए, इस महाशिवरात्रि के आध्यात्मिक गणित को अपने जीवन में उतारें। जैसे यह रात समाप्त होकर एक नए दिन की शुरुआत कर रही है, "वैसे ही हमारे भीतर का अंधकार भी समाप्त हो और चेतना का प्रकाश सदैव जलता रहे।" भगवान शिव से प्रार्थना है कि वे हमें इतनी शक्ति और विवेक प्रदान करें कि हम अपने मन के विष को पचाकर समाज के लिए कल्याणकारी बन सकें। यह पर्व "हमारे भीतर एक नई ऊर्जा, नए विचार और नए संकल्प के रूप में जीवित रहे।" हर हर महादेव! आप सभी मित्रजनों को अरोड़ा परिवार की ओर से इस नई चेतना की अनंत शुभकामनाएं। भगवान भोलेनाथ आपके सभी मनोरथ पूर्ण करें। 👏🏻_* *_🙏🏻रविवार रात्रि: काल की सुंदर, मधुर एवं सौम्य मंगल बेला में, आप सभी मित्रजनों को भगवान भास्कर जी एवं माँ गायत्री जी का आशीर्वाद प्राप्त हो। मातेश्वरी आपके भंडारे भरपूर रखें, आपको सुख, शांति व समृद्धि प्रदान करें, आप हमेशा खुश रहें। इन्हीं शुभकामनाओं सहित सुमंगलम स्नेहिल रात्रि वंदन, मित्रों। आप एवं आपके समस्त परिवारजनों को महाशिवरात्रि पर्व की ढेरों बधाइयां और हार्दिक शुभकामनाएं। अगर पोस्ट अच्छी लगी हो, तो कृपया अपने सभी जानने वालों में प्रेषित करें। धन्यवाद सहित आपका अपना, डॉ० एस० एस० अरोड़ा 9877906419🙏🏻_* *_विशेष :-_* *_☝🏻मित्रों, विचार करें, क्या यह आध्यात्मिक गणित हमें यह नहीं सिखाता कि "प्रत्येक समाप्ति एक नई शुरुआत का ही दूसरा नाम है ?" जैसे इस रात के जागरण ने हमारी चेतना को ऊर्जा के प्रति सचेत किया, "वैसे ही आने वाला प्रत्येक दिन हमारे लिए एक नया जागरण लेकर आए।" असली चुनौती अब शुरू होती है – "इस जागृत चेतना को दिनचर्या में, व्यवहार में और संकल्पों में उतारने की।" महाशिवरात्रि का पर्व समाप्त हुआ, महाशिवरात्रि का जीवन शुरू!" ज्यादा ना लिखते हुए, पोस्ट को यहीं समाप्त करता हूं। यदि पोस्ट लिखते समय भुलवश व्याकरण संबंधी या अन्य कोई त्रुटि रह गई हो, तो कृपया क्षमा कर दीजिएगा।_*👏🏻 *_!! ┈┉❀꧁ जय शिव शम्भो ꧂❀┉┈ !!_* ☯️🕉️🌴🌾🛕😴🛕💐🌴🕉️☯️ #🌙 गुड नाईट
☯️🕉️🌳🌻🛕🌄🛕🌹🌳🕉️☯️ *_!! संध्या : कालीन वंदन !!_* *_कर्पूरगौरं कररुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम् ! सदा वसन्तं हृदयारवृन्दे भवं भवानी सहितं नमामि !!_* *_ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ_* *_ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥_* *_ॐ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्नो सूर्यः प्रचोदयात्॥_* *_!! महाशिवरात्रि: उपवास का आध्यात्मिक रहस्य और शिव तत्व से मिलन !!_* *_✍🏻सुरेंद्र अरोडा की लेखनी द्वारा, महाशिवरात्रि पर्व पर विशेष✍🏻_* *_☝🏻मित्रों, महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, "बल्कि आत्म-साक्षात्कार का अवसर है।" प्रस्तुत पोस्ट में मैंने भगवान शिव के वचनों के माध्यम से उपवास के "वास्तविक स्वरूप को स्पष्ट किया गया है, जो महज भोजन के त्याग से परे, आत्मा और परमात्मा के मिलन की प्रक्रिया है।" साथ ही मैंने महाशिवरात्रि की तात्त्विक व्याख्या, रात्रि-जागरण का वैज्ञानिक महत्व, और शिवपूजा के भीतर छिपे गूढ़ रहस्यों पर भी प्रकाश डालने प्रयास किया है , जो इस पावन पर्व को साधना और आंतरिक क्रांति का पर्व बनाते हैं।_* *_👉🏻 भगवान शिव कहते हैं :-_* *_न स्नानेन न वस्त्रेण न धूपेन न चार्चया। तुष्यामि न तथा पुष्पैर्यथा तत्रोपवासतः।।_* *_अर्थात् हे पार्वती ! महाशिवरात्रि के दिन जो उपवास करता है, "वह निश्चय ही मुझे संतुष्ट करता है।" उस दिन उपवास करने पर मैं जैसा प्रसन्न होता हूँ, वैसा स्नान, वस्त्र, धूप और पुष्प अर्पण करने से भी नहीं होता।_* *_👉🏻 उत्तम उपवास कौन-सा है ? :-_* *_'उप' का अर्थ है समीप और 'वास' का अर्थ है रहना। अर्थात् अपनी आत्मा के समीप जाने की क्रिया का नाम "उपवास" है। भगवान उपवास से जितने प्रसन्न होते हैं, उतने स्नान, वस्त्र, धूप-पुष्प आदि से नहीं होते।_* *_उप समीपे यो वासो जीवात्मपरमात्मनोः।_* *_अर्थात् 'जीवात्मा का परमात्मा के निकट वास ही उपवास है।' जप-ध्यान, स्नान, कथा-श्रवण आदि पवित्र सद्गुणों के साथ हमारी वृत्ति का वास ही 'उपवास' है। ऐसा नहीं कि अनाज न खाया, पर राजगीरा या कुट्टू के आटे की पूरियाँ, साबूदाने की खिचड़ी, आलू-गाजर का हलवा खा लिया और कह दिया 'उपवास है।' मेरी दृष्टि में यह उपवास का निम्नतम स्वरूप है। उपवास का उत्तम स्वरूप है कि "आत्मा के समीप जीवात्मा का वास हो।" मध्यम उपवास यह है कि सप्ताह में एक बार अथवा ऐसे पवित्र दिनों-पर्वों पर अन्न एवं भूनी हुई वस्तुओं का त्याग करके, "आवश्यक होने पर केवल थोड़ा-सा फल व दूध आदि ग्रहण करके नाड़ियों की शुद्धि करें और जप-ध्यान-भजन करें।" व्रत के दूसरे दिन पारण करके अत्यंत हल्का भोजन ग्रहण करें।_* *_👉🏻 महाशिवरात्रि का महत्व :-_* *_मित्रों, महाशिवरात्रि का अर्थ है – "कल्याण करने वाली रात्रि, मंगलकारी रात। फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी शिवरात्रि है, जो कल्याणकारी रात्रि है।" जो कि आज मनाईं जा रही है। यह तपस्या का पर्व है।_* *_शिवस्य प्रिया रात्रिर्यस्मिन् व्रते अंगत्वेन विहिता तद् व्रतं शिवरात्र्याख्यम्।_* *_शिवजी को प्रिय ऐसी रात्रि, सुख-शांति-माधुर्य देने वाली शिव की आनंदमयी प्रिय रात्रि, "जिसके साथ व्रत का विशेष संबंध है,वह शिवरात्रि है और वह व्रत शिवरात्रि का व्रत कहलाता है।" यदि जीवन में कोई व्रत नहीं रखा, तो जीवन में दृढ़ता नहीं आएगी, दक्षता नहीं आएगी, अपने-आप पर श्रद्धा नहीं बैठेगी और सत्यस्वरूप आत्मा-परमात्मा की प्राप्ति नहीं हो सकती। मित्रों, यजुर्वेद में आता है:_* *_व्रतेन दीक्षामाप्नोति दीक्षयाप्नोति दक्षिणाम्। दक्षिणा श्रद्धामाप्नोति श्रद्धया सत्यमाप्यते।।_* *_यह शिवरात्रि जैसा पवित्र व्रत आपके मन को "पुष्ट, पवित्र और मजबूत करने के लिए आता है।" यह आपको महान बनने और आध्यात्मिक उन्नति का अवसर देता है। महाशिवरात्रि की रात्रि में चार प्रहर की पूजा का विधान है। "प्रथम प्रहर की पूजा दूध से, दूसरी दही से, तीसरी घी से और चौथी शहद से संपन्न होती है।" इसका अपना "प्राकृतिक और मनोवैज्ञानिक रहस्य है।" हमारी शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक – चारों स्थितियाँ उन्नत हों, इसलिए पूजा का ऐसा विधान किया गया।_* *_मित्रों, यह पूजन रात्रि में इसलिए है, "क्योंकि एक ऋतु पूरी होती है और दूसरी ऋतु प्रारंभ होती है।" जैसे सृष्टिचक्र में सृष्टि की उत्पत्ति के बाद "नाश और नाश के बाद उत्पत्ति है," ठीक वैसे ही ऋतुचक्र में भी एक के बाद एक ऋतु आती रहती है। एक ऋतु का जाना और नई ऋतु का आरंभ होना – इसके बीच का काल मध्य दशा है। "महाशिवरात्रि शिशिर और वसंत ऋतुओं की मध्य दशा में आती है।" इस मध्य दशा में यदि जाग्रत रह जाएँ, तो उत्पत्ति और प्रलय के अधिष्ठान में बैठने की, उस अधिष्ठान में विश्रांति पाने की, आत्मा में विश्रांति पाने की व्यवस्था सुगम होती है। इसलिए इस तिथि की रात्रि "महाशिवरात्रि " कही गई है।अनेक उपासक "प्रति मास शिवरात्रि मनाते हैं," पूजा-उपासना करते हैं, पर बारह मासों में ( फाल्गुन मास की शिवरात्रि ) एक शिवरात्रि ऐसी है, "जिसे महाशिवरात्रि अथवा अहोरात्रि भी कहते हैं।" जन्माष्टमी, नरक चतुर्दशी, शिवरात्रि, होली, दीपावली, नवरात्रि – ये कुछ महारात्रियाँ हैं। इनमें किया गया जप-तप-ध्यान अनंत गुना पुण्यफल देता है।_* *_👉🏻 शिवपूजा का तात्त्विक रहस्य :-_* *_मित्रों, ऋषियों और संतों ने बताया है कि बिल्वपत्र का गुण है कि वह वायुजनित रोगों को दूर करता है। बिल्वपत्र चढ़ाने के साथ हम "रजोगुण, तमोगुण और सत्त्वगुण के अहं का अर्पण करते हैं।" पंचामृत का अर्थ है – पाँच भूतों से जो कुछ मिला है, वह "आत्मा-परमात्मा के प्रसाद से है," उसे प्रसादरूप में ग्रहण करना। महादेव की आरती का अर्थ है – "प्रकाश में जीना।" धूप-दीप करने का भाव है – अपने सुंदर स्वभाव की सुवास फैलाना। शिवजी त्रिशूल धारण करते हैं। "जाग्रत, स्वप्न और सुषुप्ति – ये तीनों शूल ( कष्ट ) देते हैं।" जाग्रत में चिंता, स्वप्न में अटपटी स्वप्न सृष्टि, और सुषुप्ति ( गहरी नींद ) में अज्ञानता – "इन तीनों शूलों से पार करने वाली महाशिवरात्रि है।" जाग्रत, स्वप्न और सुषुप्ति बदल जाती हैं, फिर भी जो नहीं बदलता – उस आत्मा में जाने की रीति सिखाने वाला शिवरात्रि का यह सत्संग जीव को तीनों गुणों से पार करा देता है।_*👌🏻 *_🙏🏻रविवार,संध्या :काल की सुंदर,मधुर व सौम्य मंगल बेला में आप सभी मित्रजनों को भगवान,भास्कर जी एवं मां गायत्री जी का आशीर्वाद प्राप्त हो,मातेश्वरी आपके भन्डारे भरपूर रखें,आपको सुख,शान्ति व समृद्धि प्रदान करें,आप हमेशा खुश रहे, इन्हीं शुभकामनाओं सहित सुमंगलम,स्नेहिल संध्या वंदन मित्रों। आप एवं आपके समस्त परिवारजनों को महाशिवरात्रि पर्व की ढेरों बधाइयां और हार्दिक शुभकामनाएं। अगर,पोस्ट अच्छी लगी हो तो कृपया अपने सभी जानने वालों में प्रेषित करें। धन्यवाद सहित आपका अपना, डॉ० एस०एस०अरोडा 9877906419🙏🏻_* *_विशेष :-_* *_☝🏻मित्रों, महाशिवरात्रि का व्रत केवल निराहार रहने का कर्मकांड नहीं, "बल्कि संपूर्ण सृष्टि के उस मूल स्रोत शिव तत्व से जुड़ने का वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक अवसर है।" उपवास का वास्तविक रहस्य शरीर को भूखा रखना नहीं, वरन् 'उप' ( समीप ) + 'वास' ( रहना ) "अर्थात् अपनी आत्मा को परमात्मा के समीप स्थापित करना है।" जब हम रात्रि-जागरण के माध्यम से ऋतुओं के संधिकाल में सजग रहते हैं, इंद्रियों के शूलों से ऊपर उठकर आत्मा के अविनाशी स्वरूप का साक्षात्कार करते हैं, "तब हम महज एक धार्मिक पर्व को आंतरिक क्रांति और आत्म-साक्षात्कार के पथ में परिवर्तित कर देते हैं।" ज्यादा ना लिखते हुए, पोस्ट को यहीं समाप्त करता हूं। यदि पोस्ट लिखते समय भुलवश व्याकरण संबंधी या अन्य कोई त्रुटि रह गई हो, तो कृपया क्षमा कर दीजिएगा।_*👏🏻 ☯️🕉️🌴🌾🛕🌝🛕💐🌴🕉️☯️ #🌙 गुड नाईट
☯️🕉️🌳🌹🌈🌄🌈🌻🌳🕉️☯️ *_!! संध्या: कालीन वंदन !!_* *_नमस्ते देवि गायत्रि, सावित्रि त्रिपदेक्षरे ! अजरे अमरे मातस्त्राहि मां भवसागरात् !!नमस्ते सूर्यसंकाशे, सूर्यसावित्रिके शुभे ! ब्रह्मविद्ये महाविद्ये, वेदमातर्नमोऽस्तु ते !!_* *_नमः पूर्वाय गिरये पश्चिमायाद्रये नमः ! ज्योतिर्गणानां पतये दिनाधिपतये नमः !!_* *_जयाय जयभद्राय हर्यश्वाय नमो नमः ! नमो नमः सहस्रांशो आदित्याय देवाय नमो नमः !!_* *_नम उग्राय वीराय सारंगाय नमो नमः ! नमः पद्मप्रबोधाय प्रचण्डाय नमोऽस्तु ते !!_* *_ब्रह्मेशानाच्युतेशाय सूर्यायादित्यवर्चसे ! भास्वते सर्वभक्षाय रौद्राय वपुषे नमः !!_* *_!! फाल्गुन: शिशिर की विदाई और बसंत की मादकता का संगम !!_* *_✍🏻सुरेंद्र अरोडा की लेखनी द्वारा, चिंतन योग्य एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जानकारीपरक लेख✍🏻_* *_☝🏻मित्रों, "भारतीय संस्कृति में समय का मापन मात्र तिथियों और महीनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति की सांसों से जुड़ा एक निरंतर प्रवाह है।" हिंदू पंचांग का अंतिम महीना फाल्गुन इसी दर्शन का जीवंत उदाहरण है। यह सिर्फ एक महीना नहीं, "बल्कि एक ऋतु से दूसरी ऋतु का संधिकाल है," जहाँ शिशिर ( पतझड़ ) की विरह वेदना और बसंत के आगमन का उल्लास एक साथ अनुभव किया जा सकता है। "फाल्गुनी पूर्णिमा पर फाल्गुनी नक्षत्र में चंद्रमा की उपस्थिति ने इस महीने को यह नाम दिया है," और यह महीना त्योहारों, आस्था और प्रकृति के अद्भुत समन्वय का प्रतीक बन जाता है।_* *_1👉🏻 प्रकृति का अलौकिक रूपांतरण :-_* *_मित्रों, फाल्गुन मास प्रकृति के महानाट्य का वह दृश्य है, जहाँ पुराना विदा लेता है और नवीन का आगमन होता है। जैसे कि :-_* *_1) शिशिर का अंतिम चरण: इस महीने की शुरुआत में शिशिर ऋतु का प्रभाव साफ दिखता है। वृक्षों के पत्ते झड़ कर प्रकृति को एक प्रकार का मौन विराग प्रदान करते हैं। "प्रातःकालीन कुहरा और हल्की ठंड हमें जीवन में विश्राम और अंतर्मुखी होने का संदेश देती है।" यह ऋतु चक्र के पूर्ण होने का प्रतीक है, जैसे जीवन में भी हर अंत एक नई शुरुआत की पूर्व पीठिका तैयार करता है।_* *_2) बसंत की आहट: धीरे-धीरे ठंड कम होने लगती है और वातावरण में "बसंत की मंद-मंद गुनगुनी आहट सुनाई देने लगती है।" पेड़ों पर नए पत्ते आना शुरू हो जाते हैं और खेतों में सरसों के पीले फूल मानो बसंत के दूत बनकर झूमते हैं। "यह ऋतु संधि ही फाल्गुन की सबसे बड़ी विशेषता है," जो हमें सिखाती है कि हर परिवर्तन में एक सौंदर्य और एक आशा छिपी होती है।_* *_2👉🏻 देवताओं की आराधना: शिव से कृष्ण तक :-_* *_मित्रों, "फाल्गुन मास में आध्यात्मिक ऊर्जा का एक अलग ही संचार होता है," जो विभिन्न देवताओं के स्वरूपों की पूजा के माध्यम से प्रकट होता है। जैसे कि :-_* *_1) चंद्र देव और शिव का अटूट संबंध: इस महीने की सबसे अनोखी बात यह है कि इसी मास में "चंद्रमा का जन्म हुआ था।" चूँकि भगवान शिव चंद्रमा के देवता हैं और उन्हें अपने मस्तक पर धारण करते हैं, इसलिए फाल्गुन में "चंद्र देव और भगवान शिव की उपासना का विशेष महत्व है।" महाशिवरात्रि का पर्व, जो इसी माह पड़ता है, शिव और चंद्रमा के इस संबंध को और गहरा कर देता है।_* *_2) कामदेव और भस्मासुर की कथा: "यह महीना प्रेम के देवता कामदेव और वैराग्य के प्रतीक भगवान शिव की रोचक कथा से भी जुड़ा है।" कामदेव द्वारा शिव जी की तपस्या भंग करने पर उनका भस्म हो जाना और फिर रति को दिए गए वरदान के रूप में प्रद्युम्न के रूप में पुनर्जन्म की कथा, हमें सिखाती है कि "प्रेम और त्याग," दोनों ही सृष्टि के लिए अनिवार्य हैं।_* *_3) श्रीकृष्ण के तीन रूप: फाल्गुन में "भगवान श्रीकृष्ण की आराधना भी अत्यंत फलदायी मानी गई है।" इस माह विशेष रूप से उनके तीन स्वरूपों की पूजा का विधान है :- बाल कृष्ण: "संतान सुख और मासूमियत के लिए।" युवा कृष्ण: "दांपत्य जीवन में माधुर्य और प्रेम के लिए।" तथा गुरु कृष्ण: "मोक्ष, ज्ञान और वैराग्य" की प्राप्ति के लिए।_* *_3👉🏻 त्योहारों का उल्लास और जीवन शैली :-_* *_फाल्गुन का महीना अपने साथ रंगों और उमंगों की बाढ़ लेकर आता है।_* *_1) फाग उत्सव और होली: "यह महीना राधा-कृष्ण की फाग लीला का साक्षी बनता है।" फाल्गुन के इस उल्लास को ही "होली के रूप में पूरे देश में मनाया जाता है।" रंगों का यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की विजय और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। होलाष्टक, जो इसी महीने के आठ दिन होते हैं, सभी शुभ कार्यों पर विराम लगाकर हमें पूरी तरह से भक्ति और इस उत्सव की तैयारी में डूब जाने का संकेत देते हैं।_* *_2) नृसिंह अवतार की कथा: "भगवान विष्णु के नृसिंह अवतार की कथा भी इसी माह से जुड़ी है," जहाँ उन्होंने भक्त प्रहलाद की रक्षा के लिए हिरण्यकश्यप का वध किया था। यह हमें बताता है कि सत्य और भक्ति की हमेशा विजय होती है।_* *_3) दान और पितृ तर्पण का महत्व: "इस माह में दान-पुण्य का विशेष महत्व है।" जरूरतमंदों को घी, तेल, मौसमी फल, अन्न और वस्त्र का दान करना पुण्यदायी माना जाता है। साथ ही, पितरों का तर्पण करने से भी अक्षय फल की प्राप्ति होती है।_* *_4) आहार और जीवनचर्या में बदलाव: फाल्गुन में ऋतु परिवर्तन के कारण हमारे शरीर को भी बदलाव की आवश्यकता होती है। "इसीलिए इस माह अनाज का सेवन कम करके मौसमी फलों का सेवन अधिक करने की परंपरा है।" यह हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है और शरीर को नई ऋतु के लिए तैयार करता है।_* 👌🏻 *_🙏🏻रविवार,संध्या :काल की सुंदर,मधुर व सौम्य मंगल बेला में आप सभी मित्रजनों को भगवान,भास्कर जी एवं मां गायत्री जी का आशीर्वाद प्राप्त हो,मातेश्वरी आपके भन्डारे भरपूर रखें,आपको सुख,शान्ति व समृद्धि प्रदान करें,आप हमेशा खुश रहे, इन्हीं शुभकामनाओं सहित सुमंगलम,स्नेहिल संध्या वंदन मित्रों। अगर,पोस्ट अच्छी लगी हो तो कृपया अपने सभी जानने वालों में प्रेषित करें। धन्यवाद सहित आपका अपना, डॉ० एस०एस०अरोडा 9877906419🙏🏻_* *_विशेष :-_* *_☝🏻मित्रों, फाल्गुन मास सिर्फ एक कैलेंडर माह नहीं, "बल्कि एक भावना है। यह हमें सिखाता है कि जीवन में हर अंत एक नई शुरुआत का द्वार खोलता है।" पुराने पत्तों के झड़ने से नए पल्लवों को स्थान मिलता है, ठंड के जाने से बसंत की मादकता आती है, "और भस्म से नए प्रेम का जन्म होता है।" तो आइए, इस फाल्गुन में हम भी पुरानी कटुताओं को विदा करें और नए जोश, नए उत्साह और रंगों से भरे जीवन का स्वागत करें। ज्यादा ना लिखते हुए, पोस्ट को यहीं समाप्त करता हूं। यदि पोस्ट लिखते समय भुलवश व्याकरण संबंधी या अन्य कोई त्रुटि रह गई हो, तो कृपया क्षमा कर दीजिएगा।_*👏🏻 *_!! ┈┉❀꧁ Զเधॆ Զเधॆ ꧂❀┉┈ !!_* ☯️🕉️🌴🌾🛕🌝🛕💐🌴🕉️☯️ #🌜 शुभ संध्या🙏
☯️🕉️🌳🌹🌈🌄🌈🌻🌳🕉️☯️ *_!! संध्या: कालीन वंदन !!_* *_नमस्ते देवि गायत्रि, सावित्रि त्रिपदेक्षरे ! अजरे अमरे मातस्त्राहि मां भवसागरात् !!नमस्ते सूर्यसंकाशे, सूर्यसावित्रिके शुभे ! ब्रह्मविद्ये महाविद्ये, वेदमातर्नमोऽस्तु ते !!_* *_नम उग्राय वीराय सारंगाय नमो नमः ! नमः पद्मप्रबोधाय प्रचण्डाय नमोऽस्तु ते !!_* *_ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्। ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ।_* *_कर्पूरगौरं कररुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम् ! सदा वसन्तं हृदयारवृन्दे भवं भवानी सहितं नमामि !!_* *_!! फरवरी: प्यार का महीना या एहसासों की मंडी ? !!_* *_✍🏻सुरेंद्र अरोडा की लेखनी द्वारा, व्यंग्यात्मक शैली में एक विचारोत्तेजक पोस्ट✍🏻_* *_👉🏻 मित्रों, प्रस्तुत है प्रेम के उस दौर का आईना, "जहाँ फरवरी का महीना भावनाओं के बाज़ार में बदल जाता है।" यहाँ असली एहसास नहीं, बल्कि गुलाब, टेडी और चॉकलेट के सात रंगीन दिन बिक रहे हैं। जेबें चाहे खाली हों, "पर इन दिनों प्यार ने महँगी कालाबाज़ारी का रूप ले लिया है।" यह व्यंग्य उस सच्चाई को उजागर करता है कि जहाँ एक ओर युवा वादों के पुल बाँधते हैं, "वहीं दूसरी ओर फरवरी का दूसरा हफ्ता आते ही थप्पड़ और ब्रेकअप की लात इन सबको धूल चटा देती है।" प्रस्तुत है, प्यार के इस साप्ताहिक मेले पर एक करारा व्यंग्य।_* *_!! फरवरी आते ही मजनू, गलियों में मँडराते हैं, जेबें खाली होती हैं, पर ख्वाब बड़े सजाते हैं !!_* *_रोज़ डे :-_* *_वो अस्सी रुपये का गुलाब, कल दस का बिकता था, पहले उसी के दम पर सच्चा प्यार टिकता था।_* *_काँटे तो मुफ्त मिलते हैं, फूलों के दाम भारी हैं, ये प्यार है या शायद फूलों की कालाबाज़ारी है।_* *_प्रपोज़ डे :-_* *_दूसरे दिन घुटनों के बल, सब "हाँ " सुनने को मरते हैं, कल किसी और से, आज किसी और से कसमें भरते हैं।_* *_रिजेक्शन का डर ऐसा है, जैसे बोर्ड का कोई पर्चा हो, डर बस इस बात का है कि फालतू में कहीं खर्चा न हो।_* *_चॉकलेट डे :-_* *_तीसरे दिन तो मिठास का, ऐसा सैलाब आता है, शुगर की फिक्र छोड़ो, बस कैडबरी का राज आता है।_* *_अजीब विडंबना है देखिए, कड़वे रिश्तों के दौर में, लोग वफ़ा ढूँढ रहे हैं, डार्क चॉकलेट के शोर में।_* *_टेडी डे :-_* *_चौथे दिन वह रुई का भालू, सोफे की शोभा बढ़ाता है, दो दिन बाद वही टेडी, धूल की चादर ओढ़ सो जाता है।_* *_इंसान को वक़्त नहीं देते, खिलौनों से दिल बहलाते हैं, आशिक अपनी सारी कमाई, रुई के ढेर में लुटाते हैं।_* *_प्रॉमिस डे :-_* *_पाँचवें दिन वादों की, झड़ी ज़ोरों से लगती है, चाँद-तारे तोड़ लाऊँगा, यह बात सच्ची लगती है।_* *_पर हकीकत तो यह है कि वफ़ा निभाने का वादा नहीं होता, और सात समंदर पार जाने का इरादा नहीं होता।_* *_हग डे और किस डे :-_* *_छठे और सातवें दिन, नज़ाकत और बढ़ जाती है, मर्यादा और शर्म की रेखा, थोड़ी सी थरथराती है।_* *_बजरंग दल के खौफ में, पार्कों में जो छिपते हैं, वही वीर योद्धा फिर, सिंगल होने पर लिखते हैं।_* *_एंटी-वैलेंटाइन वीक :-_* *_जब गुलाबी बुखार उतरता है, तब असली होश आता है, फरवरी का दूसरा हफ्ता, हकीकत से मिलाता है।_* *_कल तक जो बाबू-शोना थे, अब वे केस लगते हैं, वैलेंटाइन के बाद वाले दिन, थोड़े क्लेश-से लगते हैं।_* *_स्लैप डे :-_* *_पंद्रह तारीख को सारा रोमांस, हवा हो जाता है, इश्क़ का भूत थप्पड़ खाकर, फना हो जाता है।_* *_यह थप्पड़ गाल पर नहीं, गुमराह यादों पर पड़ता है, जो कल तक सर चढ़ा था, वह अब पैरों में पड़ा रहता है।_* *_किक डे :-_* *_सोलह को लात मारो, उन पुरानी कड़वी बातों को, जो नींद उड़ा ले जाती थीं, उन लंबी काली रातों को।_* *_गिफ्ट वापस करने का कष्ट, अब उठाना छोड़ दो, यादों को फुटबॉल बनाओ, और किक मार कर तोड़ दो।_* *_परफ्यूम डे :-_* *_सत्रह को आती है महक, ज़रा खुद की शख्सियत की, अब ज़रूरत नहीं रही, किसी गैर की अहमियत की।_* *_खुद को इतना महकाओ कि एक्स को भी जलन हो जाए, तुम्हारी खुशबू देखकर, उसका नया वाला मौन हो जाए।_* *_फ्लर्टिंग डे :-_* *_अठारह को फिर से पंख, ज़रा फड़फड़ाने लगते हैं, मजनू पुराने पिंजरे से, बाहर आने लगते हैं।_* *_यह रियल वाला इश्क़ नहीं, बस हल्की-फुल्की मस्ती है, क्योंकि आज के दौर में, वफ़ा थोड़ी सस्ती है।_* *_कन्फेशन डे :-_* *_उन्नीस को सच बोलने का, एक दौरा-सा पड़ता है, "हमसे गलती हुई", यह मानने को दिल करता है।_* *_कोई कहता है "सॉरी", कोई कहता है "तुम बेमिसाल हो", कोई कहना चाहता है, "ए करेजा ! तुम बड़ी बवाल हो।"_* *_मिसिंग डे :-_* *_बीस तारीख को थोड़ी, पुरानी टीस जागती है, तन्हाई के साए में, याद फिर से भागती है।_* *_पर यह याद प्यार की नहीं, बस खालीपन का बहाना है, पुराने जख्मों को कुरेदकर, खुद को फिर रुलाना है।_* *_ब्रेकअप डे :-_* *_इक्कीस को अंततः, आज़ादी का बिगुल बजता है, बिना किसी रिलेशनशिप के, अब चेहरा खिलता है।_* *_न कॉल्स का झंझट, न मैसेज का है इंतज़ार, मुबारक हो आपको, आप जीत गए यह जंग-ए-प्यार।_* 😍 *_!! फरवरी बीतते-बीतते, जेब और दिल दोनों खाली हैं, आशिकों के चेहरों पर, अब आई थोड़ी लाली है !! 😜_* *_🙏🏻रविवार,संध्या :काल की सुंदर,मधुर व सौम्य मंगल बेला में आप सभी मित्रजनों को भगवान,भास्कर जी एवं मां गायत्री जी का आशीर्वाद प्राप्त हो,मातेश्वरी आपके भन्डारे भरपूर रखें,आपको सुख,शान्ति व समृद्धि प्रदान करें,आप हमेशा खुश रहे, इन्हीं शुभकामनाओं सहित सुमंगलम,स्नेहिल संध्या वंदन मित्रों। आप एवं आपके समस्त परिवारजनों को महाशिवरात्रि पर्व की ढेरों बधाइयां और हार्दिक शुभकामनाएं। बाबा बर्फानी आपके सभी मनोरथ पूर्ण करें। अगर,पोस्ट अच्छी लगी हो तो कृपया अपने सभी जानने वालों में प्रेषित करें। धन्यवाद सहित आपका अपना, डॉ० एस०एस०अरोडा 9877906419🙏🏻_* *_विशेष :-_* *_☝🏻मित्रों, उपरोक्त पोस्ट के माध्यम से मैंने फरवरी के "प्यार भरे" महीने की एक सटीक और मार्मिक "व्यंग्यात्मक" तस्वीर पेश करने की कोशिश की है। मैं कहाँ तक सफल हुआ हूँ, "कृपया अपनी प्रतिक्रिया देकर कृतार्थ अवश्य करें।" यह पोस्ट दिखाती है कि "कैसे वैलेंटाइन वीक के नाम पर बाज़ार ने प्यार को दिखावे और महँगे उपहारों का एक फॉर्मूला बना दिया है।" जहाँ एक ओर गुलाब, चॉकलेट और टेडी जैसी चीज़ें प्यार का पर्याय बन गई हैं, "वहीं दूसरी ओर एंटी-वैलेंटाइन वीक सिर्फ एक दिन में बदल जाने वाली भावनाओं की सच्चाई उजागर करता है।" असल में, यह पूरा सफर हमें यही सीख देता है कि "प्यार को किसी खास दिन या तोहफे की ज़रूरत नहीं होती," बल्कि वह एहसासों की वह मिठास है जो रोज़मर्रा की ज़िंदगी में बिना किसी कीमत के बिखरी रहती है। ज़्यादा न लिखते हुए, पोस्ट को यहीं समाप्त करता हूँ। यदि पोस्ट लिखते समय भूलवश व्याकरण संबंधी या अन्य कोई त्रुटि रह गई हो, तो कृपया क्षमा कर दीजिएगा। 👏🏻_* *_!! ┈┉❀꧁ Զเधॆ Զเधॆ ꧂❀┉┈ !!_* ☯️🕉️🌴🌾🛕🌝🛕💐🌴🕉️☯️ #🌜 शुभ संध्या🙏
☯️🕉️🌳🌻🛕🌞🛕🌹🌳🕉️☯️ *_!! प्रातः कालीन वंदन !!_* *_ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥_* *_ॐ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्नो सूर्यः प्रचोदयात्॥_* *_ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्। ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ।_* *_कर्पूरगौरं कररुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम् ! सदा वसन्तं हृदयारवृन्दे भवं भवानी सहितं नमामि !!_* *_ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च। गुरुश्च शुक्रः शनिराहुकेतवः कुर्वन्तु सर्वे मम सुप्रभातम्॥_* *_!! आज सजी है शिव की बारात, गोरा का है मन हर्षाया। धन्य हुए हम भक्त सभी, जो शिव रात्रि का पावन दिन आया !!_* *_✍🏻सुरेंद्र अरोडा की लेखनी द्वारा महाशिवरात्रि पर्व पर विशेष✍🏻_* *_मित्रों, "यह केवल एक रात नहीं, बल्कि वह अमृत क्षण है जब समस्त सृष्टि की चेतना शिव के शाश्वत सत्य से जुड़ने को आकुल रहती है।" कल वह दिन है "जब तपस्या और सौंदर्य, त्याग और समर्पण, भक्ति और शक्ति का पवित्र मिलन हुआ।" गोरा यानि पार्वती का मन हर्षाया है, क्योंकि उनकी तपस्या ने साकार रूप ले लिया। उनका यह हर्ष केवल एक वर पाने का हर्ष नहीं, बल्कि उस परम ब्रह्म से एकाकार होने की अनुभूति का हर्ष है।_* *_जब शिव बारात लेकर चले, तो समस्त कैलाश ही नहीं, "बल्कि समस्त ब्रह्मांड में उल्लास की लहर दौड़ गई।" भूत-प्रेत, गण-गणाध्यक्ष सभी इस अद्भुत उत्सव में सम्मिलित हुए। "यह बारात हमें यह सिखाती है कि सच्चा प्रेम वही है जो दिखावे से परे हो, जो बाहरी आडंबरों को नहीं, बल्कि आत्मिक गुणों को महत्व देता है।" शिव ने किसी राजसी ठाट-बाट से नहीं, बल्कि अपनी साधना और सरलता से पार्वती का मन जीता। आप सभी मित्रजनों को "महाशिवरात्रि के महापर्व की ढेरों बधाइयाँ और हार्दिक शुभकामनाएँ।" आप सभी के जीवन में यह पर्व अपार खुशियाँ, सुख-समृद्धि और शांति लेकर आए। ईश्वर से मेरी यही प्रार्थना है।_* *_मित्रों, शिव रात्रि का यह पावन दिन केवल रात्रि जागरण या पूजा-अर्चना का पर्व नहीं है, "यह अंतर्मन की गहराइयों में उतरकर आत्मचिंतन का दिन है।" यह हमें जीवन के प्रति सकारात्मकता का संदेश देता है। शिव का रूप हमें सिखाता है कि "विनाश के बाद ही सृजन संभव है।" उनका तांडव हमें बुराइयों को नष्ट करने की प्रेरणा देता है, तो उनका ध्यान हमें आंतरिक शांति का मार्ग दिखाता है।_* *_पार्वती का संघर्ष हमें यह बताता है कि सच्ची भक्ति और दृढ़ इच्छा शक्ति के सामने कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। शिव-पार्वती का यह अद्भुत मिलन, "शक्ति" और "शिव" का मिलन है, अर्थात "ऊर्जा" और "चेतना" का समागम है। यह वह दार्शनिक सत्य है जो हमें जीवन के हर क्षेत्र में संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देता है।_*👌🏻 *_🙏🏻रविवार प्रातःकाल की पवित्र "मंगल बेला" पर, विधाता आपको सदैव अक्षय आरोग्य, धन और ऊर्जा प्रदान करें। यही सुरेंद्र अरोड़ा की ओर से आपके लिए मंगलमय शुभकामनाएं हैं। आपके स्वास्थ्य, सफलता एवं यश-कीर्ति की असीमित शुभकामनाओं के साथ, सुमंगल एवं स्नेहिल भोर वंदन, मित्रों। भगवान, भास्कर जी एवं मां गायत्री जी का स्नेहिल शुभाशीर्वाद आप सभी मित्रजनों पर सदैव बना रहे। मस्त रहें, व्यस्त रहें, स्वस्थ रहें, समस्त पाप-कर्मों से दूर रहें,तथा प्रकृति के "एहसानमंद और शुक्रगुज़ार " रहें।🙏🏻_* *_विशेष :-_* *_☝🏻मित्रों, उपरोक्त गद्यांश हमें केवल शिव रात्रि के महत्व को समझने के लिए ही प्रेरित नहीं करता, "बल्कि यह भी सिखाता है कि कैसे हम अपने जीवन को शिव के आदर्शों - सरलता, त्याग, करुणा और न्याय पर चलकर सफल बना सकते हैं।" आइए, इस पवित्र अवसर पर हम सब मिलकर भोले बाबा से यही प्रार्थना करें कि वे हमें "भौतिक सुखों से परे, आत्मिक आनंद और ज्ञान का वरदान प्रदान करें।" ज्यादा ना लिखते हुए, पोस्ट को यहीं समाप्त करता हूं। यदि पोस्ट लिखते समय भुलवश व्याकरण संबंधी या अन्य कोई त्रुटि रह गई हो, तो कृपया क्षमा कर दीजिएगा। हर हर महादेव !👏🏻_* *_!! जय बाबा अमरनाथ बर्फानी, भूखों को अन्न प्यासों को पानी !!_* ☯️🕉️🌴🌾🌈☀️🌈💐🌴🕉️☯️ #🌞 Good Morning🌞
☯️🕉️🌳🌹🛕🌝🛕🌻🌳🕉️☯️ *_!! रात्रि: कालीन वंदन !!_* *_मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥_* *_कोणस्थः पिंगलो बभ्रुः कृष्णो रौद्रान्तको यमः। सौरिः शनैश्चरो मन्दः पिप्पलाश्रयसंस्थितः॥_* *_ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोगहराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।_* *_ॐ काकध्वजाय विद्महे खड्गहस्ताय धीमहि। तन्नो सौरिः प्रचोदयात्॥_* *_!! महाशिवरात्रि: अंतर्मन के अंधकार को मिटाकर, चेतना के प्रकाश में जीने का पर्व !!_* *_✍🏻सुरेंद्र अरोडा की लेखनी द्वारा, महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर विशेष✍🏻_* *_☝🏻मित्रों, कल महाशिवरात्रि का पावन पवित्र पर्व है। "यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, आध्यात्मिक जागरण एवं आंतरिक शांति का दिन है।" अक्सर हम इस दिन को केवल मंदिरों के बाहर लंबी कतारों, भोले के जयकारों और रात्रि जागरण के रूप में देखते हैं, "लेकिन क्या हमने कभी इस पर्व के गहरे, तर्कसंगत और वैज्ञानिक पक्ष पर विचार किया है ?" आइए,आपको संक्षेप में बताता हूं।_* *_1👉🏻 अमावस्या की रात का आध्यात्मिक विज्ञान :-_* *_मित्रों, महाशिवरात्रि फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है, "जो अमावस्या की पूर्व संध्या है।" यह वह रात है जब प्रकृति में तमोगुण ( अंधकार, जड़ता ) अपने चरम पर होता है। "योग परंपरा में इस रात को मनुष्य की ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है।" इस रात जागरण करने का तात्पर्य केवल नींद न आना नहीं है, बल्कि अपने भीतर की जड़ता ( अलस्य ) को जागरूकता ( चेतना ) में बदलना है।_* *_2👉🏻 शिव का अर्थ :-_* *_मित्रों, शिव का अर्थ है "कल्याण, मंगल।" वे कोई व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार हैं - एक आदर्श। "वे वह चेतना हैं, जो संसार की समस्त विषमताओं के बीच स्थिर और शांत रहती है।" गंगा को जटाओं में धारण करना सिखाता है कि "ज्ञान की धारा को नियंत्रित रखना चाहिए, बहकर नहीं बहना चाहिए।" विष पीना सिखाता है कि "संकटों को आत्मसात करो, लेकिन उन्हें समाज या अपने मन में न फैलने दो" ( कंठ में रोक लो )।_* *_3👉🏻 लिंगोद्भव का रहस्य :-_* *_मित्रों, ज्योतिर्लिंग की पूजा का अर्थ है "उस निराकार, अनंत ऊर्जा स्रोत को नमन करना जिसका न तो आदि है और न ही अंत।" विज्ञान भी कहता है कि यह ब्रह्मांड एक अनंत ऊर्जा से बना है। "शिवलिंग उसी सृष्टि के स्तंभ का प्रतीक है," जहाँ सृष्टिकर्ता ( ब्रह्मा ) और पालनकर्ता ( विष्णु ) भी उसके आदि-अंत का पता नहीं लगा पाए।_* *_4👉🏻 प्रकृति का पर्व :-_* *_मित्रों, "महाशिवरात्रि वसंत ऋतु के आगमन का भी सूचक है।" सर्दी समाप्त हो रही है और प्रकृति में नवजीवन का संचार हो रहा है। यह पर्व हमें प्रकृति के इस परिवर्तन के साथ तालमेल बिठाने और अपने भीतर भी एक नवीन ऊर्जा का अनुभव करने का अवसर देता है।_*👌🏻 *_🙏🏻शनिवार, सप्ताहांत रात्रि की सुंदर, मधुर एवं सौम्य मंगलमय बेला में, आप सभी मित्रजनों को भगवान बजरंगबली जी तथा श्री शनिदेव जी का आशीर्वाद प्राप्त हो। भगवान आपके भंडारे भरपूर रखें, आपको सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करें तथा आप सदैव खुश रहें। इन्हीं शुभकामनाओं के साथ – सुमंगलम, स्नेहिल रात्रि वंदन, मित्रों। आप एवं आपके समस्त परिवारजनों को महाशिवरात्रि के पावन पर्व की अग्रिम ढेरों बधाइयां और हार्दिक शुभकामनाएं। यदि यह पोस्ट आपको अच्छी लगी हो, तो कृपया इसे अपने सभी परिचितों के साथ साझा कर पुण्य लाभ अर्जित करें। धन्यवाद सहित, आपका अपना, डॉ० एस० एस० अरोडा 9877906419🙏🏻_* *_विशेष :-_* *_☝🏻मित्रों, "इसलिए इस महाशिवरात्रि पर, मात्र बाहरी आडंबरों में न उलझें।" मंदिर जाएँ, जल चढ़ाएँ, लेकिन साथ ही यह संकल्प भी लें: अपने मन के कल्पना के वृक्ष ( काम, क्रोध, लोभ ) को जड़ से उखाड़ फेंकें। अपने अहंकार का दमन करें, "क्योंकि सच्चा शिव वही है जिसने अहंकार को भस्म कर दिया।" समाज में व्याप्त "अंधविश्वास और नकारात्मकता के विष को अपने कंठ में रोकें और सत्य एवं ज्ञान की गंगा प्रवाहित करें।" आप सभी मित्रजनों को एक बार पुनः महाशिवरात्रि की अग्रिम ढेरों बधाइयां और हार्दिक शुभकामनाएं। प्रभु शिव की यह अमावस्या की रात आपके जीवन से सभी प्रकार के अंधकार ( दुख, अज्ञान, भय ) को मिटाकर अनंत प्रकाश ( साहस, ज्ञान, प्रेम ) का संचार करे। तथा "ॐ नमः शिवाय" का नाद आपके अंतर्मन में गूंजता रहे और आपको सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहे। ज्यादा ना लिखते हुए, पोस्ट को यहीं समाप्त करता हूं। यदि पोस्ट लिखते समय भुलवश व्याकरण संबंधी या अन्य कोई त्रुटि रह गई हो, तो कृपया क्षमा कर दीजिएगा। हर हर महादेव !_*👏🏻 *_!! जय बाबा अमरनाथ बर्फानी, भूखों को अन्न प्यासों को पानी !!_* ☯️🕉️🌴🌾🛕😴🛕💐🌴🕉️☯️ #🌙 गुड नाईट