Dr.S.S.Arora
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ਸ਼ੇਅਰਚੈਟ ਦੇ ਨਾਲ ਬੱਲੇ ਬੱਲੇ
☯️🕉️🌳🌻🛕🌞🛕🌹🌳🕉️☯️ *_!! प्रातःकालीन वंदन !!_* *_प्रातः स्मरणीयं गणनाथमनाथबन्धुं सिन्दूरफालपरिशोभितगण्डयुग्मम्।_* *_उद्दण्डविघ्नपरिखण्डनचण्डदण्डं मार्कण्डेयादिसुरनायकवृन्दवन्दितम्॥_* *_गणपतिर्विघ्नराजो लम्बोदरो गजाननः।_* *_द्विमातुरश्च हेरम्ब एकदन्तो गणाधिपः।_* *_विनायकश्चारुकर्णः पशुपतिर्भवात्मजः॥_* *_प्रियङ्गुकलिकाश्यामं रूपेणाप्रतिमं भुवि। वायुभूतं समारुह्य भ्राम्यन्तं सर्वदा ग्रहैः॥_* *_सर्वदेवमयं देवं लोकानां हितकारकम्। नमामि बुधं सुरासुरैः स्तूयमानं सदा शुभम्॥_* *_ॐ गजध्वजाय विद्महे सुखहस्ताय धीमहि। तन्नो बुद्धिः प्रचोदयात्॥_* *_!! ༺꧁ प्रभात पुष्प ꧂༻ !!_* *_☝🏻मित्रों, पहले कर्म करो, फिर उसका आनंद पाओ। कर्म पहले, भोग बाद में। "अगर पहले भोग करोगे और बाद में कर्म करोगे, तो भोग की वासना से कर्म होगा और वह कर्म पाप वाला हो जाएगा।" अगर आप सेवक नहीं बनना चाहते, सीधे-सीधे सिद्ध बनना चाहते हो, तो यह तुम्हारा कर्म तुम्हें डुबो देगा। पहले सेवक बनो, सत्कर्म करो और कार्य को साकार करो। फिर जो सिद्धि मिलेगी, वह तुम्हें ही मिलेगी और उससे जो आदर मिलेगा, वही तुम्हारा आत्मसम्मान होगा।_*👌🏻 *_🙏🏻बुधवार प्रातःकाल की पवित्र "मंगल बेला" में, विधाता आपको सदैव अक्षय आरोग्य, धन और ऊर्जा प्रदान करें। सुरेंद्र अरोड़ा की ओर से आपके लिए मंगलमय शुभकामनाएँ। आपके स्वास्थ्य, सफलता एवं यश-कीर्ति की असीमित दुआओं के साथ, सुमंगलम स्नेहिल भोर वंदन, मित्रों। आप एवं आपके समस्त परिवारजनों को रोहिणी व्रत एवं लठमार होली की ढेरों बधाइयां और हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान श्री गणेश जी का स्नेहिल शुभ आशीर्वाद आप सभी मित्रजनों पर सदैव बना रहे ! मस्त रहें, व्यस्त रहें, स्वस्थ रहें, समस्त पाप-कर्मों से दूर रहें, तथा "प्रकृति के प्रति एहसानमंद और कृतज्ञ बने रहें !"🙏🏻_* *_!! ┈┉❀꧁ Զเधॆ Զเधॆ ꧂❀┉┈ !!_* ☯️🕉️🌴🌾🌈☀️🌈💐🌴🕉️☯️ #🌞 Good Morning🌞
☯️🕉️🌳🌻🛕🌝🛕🌹🌳🕉️☯️ *_!! रात्रि:कालीन वंदन !!_* *_ॐ अंजनी पुत्राय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि। तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥_* *_ॐ नमो भगवते पंचवदनाय सर्वदुष्टानां वशंकराय सर्वभूताद्म नमः स्वाहा।_* *_ॐ अंगारकाय विद्महे भूमिपुत्राय धीमहि। तन्नो मंगलः प्रचोदयात्॥_* *_ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥_* *_!! बहरापन: बाहरी शोर में खोई "आत्मा की पुकार " !!_* *_✍🏻सुरेंद्र अरोड़ा की लेखनी द्वारा, चिंतन योग्य एक विचारोत्तेजक पोस्ट✍🏻_* *_☝🏻मित्रों, "सुबह मैंने आत्मचिंतन से संबंधित एक परिच्छेद (पैराग्राफ) लिखा था। निम्नलिखित पोस्ट उसी परिच्छेद का विस्तृत रूप है।" गौर करने वाली बात है कि प्रकृति ने हमें जो सुनने की शक्ति दी है, वह कितनी विलक्षण है। हमारे कान इस ब्रह्मांड के कोलाहल को समेटने में सक्षम हैं—सुबह की चिड़ियों की चहचहाहट, समुद्र की लहरों का मधुर संगीत, किसी अपने की किलकारी और इस भागदौड़ भरी दुनिया की हर छोटी-बड़ी आवाज़। "लेकिन इसी अद्भुत क्षमता के बीच एक गहरा विरोधाभास छिपा है।" जब आत्मा की अंतर्ध्वनि हमें पुकारती है, जब हमारा अंतर्मन हमसे कुछ कहना चाहता है, तो वही कान मानो बहरे हो जाते हैं।_* *_यह हमारी मानवीय प्रवृत्ति की सबसे बड़ी विडंबना है। हम दूसरों की हर बात को बड़ी शिद्दत से सुनते हैं। समाज की अपेक्षाओं को, परिवार के दबावों को, दोस्तों की सलाह को और आलोचकों के तानों को—हम सब कुछ ध्यानपूर्वक ग्रहण करते हैं। पर जब वह आंतरिक वाणी हमें हमारे सच्चे मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती है, जब वह हमें हमारी कमजोरियों, हमारे डर और हमारी असली क्षमता का एहसास कराती है, "तो हम उसे अनसुना कर देते हैं।" हम उस आवाज़ को दबाने की कोशिश करते हैं, उसे शोर में खोने की कोशिश करते हैं।_* *_मित्रों, ऐसा क्यों है ? शायद इसलिए कि बाहरी शोर से बचना आसान है। हम कानों पर पर्दा बाँध सकते हैं, भीड़ से दूर जा सकते हैं या बस उपेक्षा कर सकते हैं। "लेकिन अपने भीतर की सच्चाइयों का सामना करना बेहद कठिन है।" उन सच्चाइयों में हमारी असफलताएँ हैं, हमारी महत्वाकांक्षाएँ हैं, हमारे वे सपने हैं जिन्हें हमने मार दिया और हमारे वे सवाल हैं जिनके जवाब हमें नहीं मिलते। "अपने भीतर झाँकना, अपनी आत्मा की पुकार को सुनना एक साहस का काम है।" यह हमें हमारे कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलने को मजबूर करता है।_* *_हम संसार की हर आवाज़ के प्रति इतने चौकन्ने क्यों हैं, "लेकिन अपने अंतर्मन के प्रति इतने बहरे ? क्योंकि संसार हमें प्रमाण चाहता है, मान्यता देता है और कभी-कभी भटकाता भी है।" वहीं अंतर्मन की पुकार हमें हमारे असली 'स्व' से जोड़ती है, जो निःस्वार्थ, निडर और शुद्ध होता है। उस पुकार को सुनने का मतलब है अपने जीवन की बागडोर खुद अपने हाथों में लेना। उस पुकार को सुनने का मतलब है अपनी ज़िंदगी को मौलिक रूप से बदलने के लिए तैयार होना। 🤔👌🏻_* *_🙏🏻मंगलवार रात्रि की सुंदर, मधुर एवं सौम्य मंगल बेला में, आप सभी मित्रजनों को भगवान बजरंगबली जी का आशीर्वाद प्राप्त हो। मंगलमय भगवान आपके भंडारे भरपूर रखें, आपको सुख, शांति व समृद्धि प्रदान करें तथा आप सदा खुश रहें। इन्हीं शुभकामनाओं के साथ, आप सभी को सुमंगलम स्नेहिल रात्रि वंदन, मित्रों। यदि यह पोस्ट अच्छी लगी हो, तो कृपया इसे अपने सभी परिचितों में प्रेषित करें।धन्यवाद सहित — आपका अपना, डॉ. एस.एस. अरोड़ा 9877906419🙏🏻_* *_विशेष :-_* *_☝🏻तो मित्रों, आज थोड़ा रुकिए। इस भागदौड़ से सन्नाटे में जाइए। बस एक पल के लिए बाहरी दुनिया के शोर को बंद कर दीजिए। सुनिए... गहराई से सुनिए। "क्या आपकी आत्मा आपसे कुछ कह रही है ? क्या वह कोई सपना दोहरा रही है ? कोई पछतावा ? कोई रास्ता ? क्योंकि जब तक हम अपने अंतर्मन की पुकार के प्रति बहरे रहेंगे, हम अधूरे ही रहेंगे।" और जिस दिन हम उसे सुनना शुरू कर देंगे, उस दिन हम सिर्फ सुनने वाले नहीं, "बल्कि जीवन के सच्चे अनुभवकर्ता बन जाएँगे।" क्या आप अपने अंदर की आवाज़ सुनने के लिए तैयार हैं ? ज्यादा न लिखते हुए, पोस्ट को यहीं समाप्त करता हूँ। यदि पोस्ट लिखते समय भूलवश व्याकरण संबंधी या अन्य कोई त्रुटि रह गई हो, तो कृपया क्षमा कर दीजिएगा।_*👏🏻 *_!! ┈┉❀꧁ Զเधॆ Զเधॆ ꧂❀┉┈ !!_* ☯️🕉️🌴🌾🛕😴🛕💐🌴🕉️☯️ #🌙 गुड नाईट
☯️🕉️🌳🌹🛕🌄🛕🌻🌳🕉️☯️ *_!! संध्या: कालीन वंदन !!_* *_वामे करे वैरिभिदं वहन्तं शैलं परिश्रिंखलहारटंकम् ! दधानमच्छं तु सुवर्णवर्णं भजे ज्वलत्कुण्डलमाञ्जनेयम् !!_* *_उद्यदादित्यसंकाशमुदारभुजविक्रमम् ! कन्दर्पकोटिलावण्यं सर्वविद्याविशारदम् !!_* *_ॐ भौमाय विद्महे, लोहितांगाय धीमहि, तन्नो मंगलः प्रचोदयात्।_* *_!! वाल्मीकि रामायण और तुलसीदास रचित रामचरितमानस: अंतर का चिंतन !!_* *_✍🏻सुरेंद्र अरोडा की लेखनी द्वारा, चिंतन योग्य एक विचारोत्तेजक पोस्ट✍🏻_* *_☝🏻मित्रों, पिछले कई महीनों से मैं देख रहा हूँ कि मेरे अनेक बौद्ध धर्मावलंबी मित्र सोशल मीडिया पर "वाल्मीकि रामायण और तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के बीच की विभिन्नताओं" को लेकर काफी अनर्गल टिप्पणियाँ कर रहे हैं। यह पोस्ट उन्हीं मित्रों को सादर समर्पित है। आइए, संक्षेप में समझाने का प्रयास करता हूँ। हमारा धर्म श्रेष्ठ है, यह गर्व की बात है, लेकिन यह गलतफहमी कि केवल हमारा धर्म ही सर्वश्रेष्ठ है, अक्सर कट्टरपंथियों ने अपने मन में पाल रखी है। भारतीय साहित्य की अमूल्य धरोहर वाल्मीकि रामायण और तुलसीदास कृत रामचरितमानस में जो भिन्नता दिखती है, "वह न केवल साहित्यिक अपितु सांस्कृतिक, कालिक एवं दार्शनिक विविधता का सजीव उदाहरण है।" यह अंतर हमें यह चिंतन करने को विवश करता है कि आखिर एक ही कथा को दो महान कवियों ने इतने भिन्न ढंग से क्यों प्रस्तुत किया ? इसके मूल अंतर के कारण निम्नलिखित हैं।_* *_1👉🏻 काल भेद :-_* *_मित्रों वाल्मीकि रामायण "संस्कृत भाषा में लिखी गई और इसकी रचना त्रेतायुग के आसपास मानी जाती है।" जबकि तुलसीदास जी ने "16वीं शताब्दी में अवधी भाषा में रामचरितमानस की रचना की।" इन दोनों के बीच हजारों वर्षों का अंतराल है, जिससे सामाजिक, सांस्कृतिक और भाषिक बदलाव स्वाभाविक थे।_* *_2👉🏻 उद्देश्य में भिन्नता :-_* *_मित्रों, वाल्मीकि ने "आदिकाव्य" की रचना की - जो मानवीय भावनाओं, राजनीति, संवाद और करुणा का महाकाव्य है। तुलसीदास का उद्देश्य भक्ति आंदोलन को गति देना और राम भक्ति को जन-जन तक पहुंचाना था। इसलिए मानस में भक्ति रस की प्रधानता है।_* *_3👉🏻 भाषा और शैली :-_* *_मित्रों, "संस्कृत में रचित वाल्मीकि रामायण श्लोकबद्ध है, जबकि मानस अवधी में लिखी गई " और इसमें चौपाई, दोहा, छंद आदि का सम्मिश्रण है।_* *_4👉🏻 प्रमुख भिन्नताएँ, चरित्र चित्रण में अंतर :-_* *_1) राम: "वाल्मीकि में राम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं किंतु मानवीय संवेदनाओं से युक्त" - वे दुखी होते हैं, क्रोधित होते हैं। तुलसी के राम "सर्वशक्तिमान ईश्वर हैं," उनमें दैवीयता कूट-कूटकर भरी है।_* *_2) सीता: "वाल्मीकि में सीता का स्वतंत्र व्यक्तित्व है," वे राम को उनकी गलतियों पर टोकती हैं। तुलसी के सीता "पतिव्रता धर्म की " आदर्श प्रतिमा हैं।_* *_3) रावण: "वाल्मीकि में रावण एक महान पंडित, तपस्वी और पराक्रमी राजा है," जिसके दोष भी हैं और गुण भी। तुलसी के रावण पूर्णतः "अधर्मी, अहंकारी और राक्षसी प्रवृत्ति के हैं। "_* *_5👉🏻 प्रमुख प्रसंगों में भिन्नता :-_* *_1) सीता स्वयंवर: "वाल्मीकि में यह एक सामान्य स्वयंवर है," तुलसी में शिव धनुष तोड़ने के बाद परशुराम संवाद का अद्भुत प्रसंग जुड़ता है। "_* *_2) राम का वनवास: "वाल्मीकि में कैकेयी के दो वरदान और मंथरा की भूमिका विस्तार से है।" तुलसी में इसे "संक्षेप में किंतु भावप्रवणता " से प्रस्तुत किया गया।_* *_3) सीता परीक्षा: "वाल्मीकि में सीता को दो बार अग्नि परीक्षा देनी पड़ती है" और अंत में उनका धरती में समा जाना वर्णित है। "तुलसी में सीता की छाया का प्रसंग है और उनका पृथ्वी में समाना नहीं है। "_* *_4) हनुमान: "वाल्मीकि में हनुमान एक कुशल दूत और वीर योद्धा हैं।" तुलसी में वे राम भक्ति के "सर्वोच्च " प्रतीक हैं - जिनकी "भक्ति " ही उनकी सबसे बड़ी "शक्ति " है।_* *_6👉🏻 दार्शनिक भिन्नता :-_* *_मित्रों, वाल्मीकि का राम धर्म के प्रति "प्रतिबद्ध " एक आदर्श मानव हैं - "रामो विग्रहवान् धर्मः"। तुलसीदास का राम साक्षात् ब्रह्म हैं - "राम सिया रम्य संजोग"। वाल्मीकि की रामायण कर्म प्रधान है, मानस भक्ति प्रधान।_* *_7👉🏻 चिंतन के बिंदु :-_* *_1) क्या यह भिन्नता "विरोधाभास है या पूरकता ?" - दोनों रचनाएँ एक ही सत्य के दो पहलू हैं - एक मानवीय पक्ष को उजागर करता है, दूसरा दैवीय पक्ष को।_* *_2) काल और समाज का प्रभाव - तुलसीदास ने मध्यकालीन भारत के सामाजिक-धार्मिक संदर्भ में रामकथा को ढाला, जहाँ भक्ति आंदोलन अपने चरम पर था।_* *_3) भाषा और पहुँच - तुलसी ने "जानबूझकर स्थानीय भाषा को चुना " ताकि रामकथा आम जन तक पहुँच सके।_* *_4) आस्था और इतिहास - "क्या रामायण इतिहास है या आस्था का ग्रंथ ?" वाल्मीकि में इतिहास बोध प्रबल है, मानस में आस्था।_* 🤔👌🏻 *_🙏🏻मंगलवार संध्या: काल की सुंदर, मधुर एवं सौम्य मंगल बेला में, आप सभी मित्रजनों को भगवान बजरंगबली जी का आशीर्वाद प्राप्त हो। मंगलमय भगवान आपके भंडारे भरपूर रखें, आपको सुख, शांति व समृद्धि प्रदान करें तथा आप सदा खुश रहें। इन्हीं शुभकामनाओं के साथ, आप सभी को सुमंगलम स्नेहिल संध्या वंदन, मित्रों ! यदि यह पोस्ट अच्छी लगी हो, तो कृपया इसे अपने सभी परिचितों में प्रेषित कर पुण्य लाभ अर्जित करें। धन्यवाद सहित — आपका अपना, डॉ. एस.एस. अरोड़ा 9877906419🙏🏻_* *_विशेष :-_* *_☝🏻मित्रों, "वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में भिन्नता होना स्वाभाविक ही नहीं, आवश्यक भी था।" यह भिन्नता ही भारतीय संस्कृति की "जीवंतता और विविधता को दर्शाती है।" वाल्मीकि ने राम को धरती पर उतारकर "मानवीय संघर्षों से जोड़ा," तुलसी ने उन्हें आकाश में बिठाकर "भक्ति का मार्ग प्रशस्त किया। " दोनों रचनाएँ अपने-अपने स्थान पर "अद्वितीय हैं" और दोनों ने मिलकर राम कथा को ऐसी अमरता दी जो "सहस्राब्दियों तक भारतीय मानस को आलोकित करती रहेगी।" यह भिन्नता हमें सिखाती है कि सत्य को देखने के अनेक दृष्टिकोण हो सकते हैं "और हर दृष्टिकोण अपने ढंग से सत्य ही है।" आखिर में एक प्रश्न - "क्या यह भिन्नता हमें यह नहीं सोचने पर विवश करती कि जीवन के सत्य को समझने के लिए एक से अधिक दृष्टिकोण अपनाना कितना आवश्यक है ? ज्यादा ना लिखते हुए, पोस्ट को यहीं समाप्त करता हूं। यदि पोस्ट लिखते समय भुलवश व्याकरण संबंधी या अन्य कोई त्रुटि रह गई हो, तो कृपया क्षमा कर दीजिएगा।_*👏🏻 *_!! ┈┉❀꧁ Զเधॆ Զเधॆ ꧂❀┉┈ !!_* ☯️🕉️🌴🌾🛕🌝🛕💐🌴🕉️☯️ #🌜 शुभ संध्या🙏
#🌞 Good Morning🌞
🌞 Good Morning🌞 - हौली Comuing Soon 0 हैप्पी होली होली की हार्दिक शुभकामनाएँ ٥PPV٥٥٧ हैष्वी हौली  की हादिक शुभकामनाए होली  रँगोँ का पर्व खुशियाँ CC 33EY @ Dhameyan ouhamgy हौली Comuing Soon 0 हैप्पी होली होली की हार्दिक शुभकामनाएँ ٥PPV٥٥٧ हैष्वी हौली  की हादिक शुभकामनाए होली  रँगोँ का पर्व खुशियाँ CC 33EY @ Dhameyan ouhamgy - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞
🌞 Good Morning🌞 - २४ फरवरी आप सभी को केंद्रीय उत्पाद 577 ؟ CENTRAL . గ్గే ಕ್ಕಿ AND | ؟ शुल्क दिवस GOVERNMEN মাব सरकार INDIA Of एवं विश्व देशसेवार्थ करसंचय मुद्रण दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं २४ फरवरी आप सभी को केंद्रीय उत्पाद 577 ؟ CENTRAL . గ్గే ಕ್ಕಿ AND | ؟ शुल्क दिवस GOVERNMEN মাব सरकार INDIA Of एवं विश्व देशसेवार्थ करसंचय मुद्रण दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞
🌞 Good Morning🌞 - कर्म और ईश्वर कर्म का धर्म सबसे बडा है। जो इंसान साफ नीयत और निष्काम भाव से कर्म करता है, ईश्वर स्वयं उसके हर कदम पर मार्गदर्शक बन जाते हैं। कर्म और ईश्वर कर्म का धर्म सबसे बडा है। जो इंसान साफ नीयत और निष्काम भाव से कर्म करता है, ईश्वर स्वयं उसके हर कदम पर मार्गदर्शक बन जाते हैं। - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞
🌞 Good Morning🌞 - शुभ मंगलवारू 24 जय बजरंग बली फरवरी जय सियाराम जय माता दी y छँ हं हनुमते नम४ आप सभी को ಈಸಹ ಕಾದಾೆ की हार्दिक शुभकामनाएँ रम रम जी शुभ मंगलवारू 24 जय बजरंग बली फरवरी जय सियाराम जय माता दी y छँ हं हनुमते नम४ आप सभी को ಈಸಹ ಕಾದಾೆ की हार्दिक शुभकामनाएँ रम रम जी - ShareChat
☯️🕉️🌳🌹🛕🌞🛕🌻🌳🕉️☯️ *_!! प्रातः कालीन वंदन !!_* *_मनोजवं मारुतुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥_* *_धरणीगर्भसंभूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम्। कुमारं शक्तिहस्तं तं मङ्गलं प्रणमाम्यहम्॥_* *_भूमिपुत्रो महातेजा जगतां भयकृत् सदा। वृष्टिकृद् वृष्टिहर्ता च पीडां हरतु मे कुजः॥_* *_सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोऽस्तु ते॥_* *_देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।_* *_नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमो नमः।।_* *_पद्मरागमणि कुण्डलत्विषा पाटलीकृत कपोल मस्तकम्। दिव्य हेम कदलीवनान्तरे भावयामि पवमाननन्दनम्।।_* *_!! ༺꧁ प्रभात चिंतन ꧂༻ !!_* *_☝🏻मित्रों, यह विचारणीय है कि हमारे कान संसार की समस्त ध्वनियों को ग्रहण कर सकते हैं—पक्षियों का कलरव, सागर की लहरें, मित्रों की हँसी और संसार का कोलाहल—"किंतु जब आत्मा की अंतर्ध्वनि हमें पुकारती है, तब वही कान बहरे हो जाते हैं।" यह मानवीय प्रवृत्ति का अद्भुत "विरोधाभास " है कि हम दूसरों की बातें अत्यंत ध्यान से सुनते हैं, परंतु जब जीवन को मौलिक रूप से बदलने वाली आंतरिक वाणी हमसे कुछ कहती है, तो हम उसे अनसुनी कर देते हैं। शायद इसलिए कि बाहरी शोर से बचना आसान है, "पर अपने भीतर की सच्चाइयों का सामना करना कठिन।" हम संसार की हर आवाज़ के प्रति चौकन्ने हैं, बस अपने अंतर्मन की पुकार के प्रति बहरे।_* 🤔👌🏻 *_🙏🏻मंगलवार प्रातःकाल की पवित्र "मंगल बेला" में, विधाता आपको सदैव अक्षय आरोग्य, धन और ऊर्जा प्रदान करें। सुरेंद्र अरोड़ा की ओर से आपके लिए मंगलमय शुभकामनाएँ ! आपके स्वास्थ्य, सफलता एवं यश-कीर्ति की असीमित दुआओं के साथ, सुमंगलम स्नेहिल भोर वंदन, मित्रों। आप एवं आपके समस्त परिवारजनों को "मासिक दुर्गाष्टमी " की ढेरों बधाइयां और हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान तथा बजरंगबली जी का स्नेहिल शुभ आशीर्वाद आप सभी मित्रजनों पर सदैव बना रहे ! मस्त रहें, व्यस्त रहें, स्वस्थ रहें, समस्त पाप-कर्मों से दूर रहें, तथा "प्रकृति के प्रति एहसानमंद और कृतज्ञ बने रहें !"🙏🏻_* *_!! ┈┉❀꧁ Զเधॆ Զเधॆ ꧂❀┉┈ !!_* ☯️🕉️🌴🌾🌈☀️🌈💐🌴🕉️☯️ #🌞 Good Morning🌞
#🌙 गुड नाईट
🌙 गुड नाईट - यादें॰. हीतो जिंदगी का खजाना है, बाकी तो सबको खाली हाथ Good ही जाना है। Night सत्यमेव जयते यादें॰. हीतो जिंदगी का खजाना है, बाकी तो सबको खाली हाथ Good ही जाना है। Night सत्यमेव जयते - ShareChat
#🌙 गुड नाईट
🌙 गुड नाईट - शुभ रात्रि Good शुभ रात्रि Night 89[ कृष्ण राधे राधे ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय आपकी रात्रि आनंदमय हो शुभ रात्रि जय श्री कृष्णा शुभ रात्रि Good शुभ रात्रि Night 89[ कृष्ण राधे राधे ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय आपकी रात्रि आनंदमय हो शुभ रात्रि जय श्री कृष्णा - ShareChat