Dr.S.S.Arora
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☯️🕉️🌳🌻🛕🌞🛕🌹🌳🕉️☯️ *_!! अक्षय तृतीया – केवल खरीदारी का दिन या सनातन चिंतन का अवसर ? !!_* *_✍🏻सुरेंद्र अरोडा की लेखनी द्वारा, अक्षय तृतीया पर विशेष।✍🏻_* *_👉🏻 मित्रों, अक्षय तृतीया का उल्लेख सर्वप्रथम वैदिक कालोत्तर ग्रंथों में मिलता है। "भविष्यपुराण, मत्स्यपुराण, पद्मपुराण, विष्णुधर्मोत्तर पुराण और स्कन्दपुराण में इस तिथि को ‘अक्षय’ ( अविनाशी ) फल देने वाला बताया गया है।" मान्यता है कि इसी दिन त्रेता युग में भगवान परशुराम का जन्म हुआ, द्वापर में सुदामा ने भगवान कृष्ण से भेंट की, और युधिष्ठिर को अक्षय पात्र की प्राप्ति हुई। कालांतर में यह तिथि शुभारंभ, दान और उपवास के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी गई।_* *_‘अक्षय’ का अर्थ है – जिसका क्षय या नाश न हो। "लेकिन क्या केवल दान-पूजा से ही यह अक्षयता प्राप्त होती है ?" स्कन्दपुराण के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन सूर्योदय से पूर्व स्नान, विष्णु पूजन और कथा श्रवण करने वाला मनुष्य "मोक्ष का भागी होता है।" जो मधुसूदन की प्रसन्नता के लिए दान देता है, वह पुण्य अक्षय फल देता है। वैशाख शुक्ल तृतीया को गंगा स्नान से पापों से मुक्ति मिलती है। यदि यह तृतीया स्वाती नक्षत्र ( वैशाख ), रोहिणी ( माघ ) या वृष राशि ( आश्विन ) से युक्त हो, "तो दान अक्षय होता है। विशेष रूप से हविष्यान्न, मोदक, गुड़-कर्पूर युक्त जलदान की प्रशंसा की गई है।" बुधवार एवं श्रवण नक्षत्र से युक्त तृतीया में स्नान-उपवास से अनंत फल बताया गया है।_* *_श्रीकृष्ण-युधिष्ठिर संवाद :- "अस्यां तिथौ क्षयं न याति हुतं न दत्तं। तेनाक्षयेति कथिता मुनिभिस्तृतीया।" अर्थ : इस तिथि पर किया गया हवन और दान नष्ट नहीं होता – इसलिए इसे ‘अक्षय तृतीया’ कहा गया। देवताओं और पितरों के उद्देश्य से की गई क्रियाएँ अविनाशी होती हैं।क्या यह ‘अक्षयता’ केवल बाह्य क्रियाओं का परिणाम है ? "या यह मनुष्य के संकल्प, श्रद्धा और करुणा की अविनाशी ऊर्जा का प्रतीक है ?" शास्त्र बार-बार ‘विधि’ से अधिक ‘भाव’ पर बल देते हैं। इस दिन यदि हम केवल लेन-देन की मानसिकता ( या यंत्रवत् अनुष्ठान ) करें, "तो क्या वह सचमुच ‘अक्षय’ होगा ?"_* *_मित्रों, अक्षय तृतीया हमें सिखाती है कि हर शुभ कार्य का फल संकल्प की शुद्धता पर निर्भर करता है, "न कि केवल तिथि के यांत्रिक पालन पर।" दान का अक्षय फल तभी मिलता है जब वह बिना अहंकार, बिना प्रत्याशा के किया जाए। इतिहास और पुराण हमें दिशा देते हैं, "परंतु विवेक हमें सच्चे अर्थों में अक्षय बनाता है।" क्या आपने कभी सोचा है कि कोई दान या कर्म ‘अविनाशी’ कैसे हो सकता है ? क्या वह संसार में अमिट छाप छोड़ने का नाम है, "या फिर दाता के हृदय पर अमिट संस्कार का ?" आइए, इस अक्षय तृतीया पर हम भौतिक उपलब्धियों के साथ-साथ "अपने आंतरिक परिवर्तन को भी अक्षय बनाने का संकल्प लें।"_* 👌🏻 *_विशेष :-_* *_☝🏻मित्रों, उपरोक्त प्रेरक पोस्ट का सार यह है कि अक्षय तृतीया केवल स्वर्ण, वस्त्र या भूमि खरीदने का पर्व नहीं, "बल्कि सनातन चिंतन का गहरा अवसर है।" शास्त्रों में वर्णित दान-हवन-पूजा का अक्षय फल तभी सार्थक होता है, "जब वह निष्काम भाव, शुद्ध संकल्प और करुणा से किया जाए।" यह तिथि हमें याद दिलाती है कि सच्ची अक्षयता भौतिक उपलब्धियों में नहीं, "बल्कि हृदय के आंतरिक परिवर्तन, विवेक और निःस्वार्थता के संस्कारों में छिपी है।" अतः इस बार अक्षय तृतीया पर खरीदारी के साथ-साथ अपने मन के अहंकार का दान कर, "भीतर की अमिट शुद्धता को अक्षय बनाने का संकल्प लें।" ज्यादा ना लिखते हुए, पोस्ट को यहीं समाप्त करता हूं। यदि पोस्ट लिखते समय भूलवश व्याकरण संबंधी या अन्य कोई त्रुटि रह गई हो, तो कृपया क्षमा कर दीजिएगा।_*👏🏻 ☯️🕉️🌴🌾🌈☀️🌈💐🌴🕉️☯️ #🌞 Good Morning🌞
☯️🕉️🌳🌻🛕🌞🛕🌹🌳🕉️☯️ *_!! प्रातः कालीन वंदन !!_* *_ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ_* *_ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥_* *_ॐ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्नो सूर्यः प्रचोदयात्॥_* *_ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते। अनुकम्पयेमां भक्त्या गृहाणार्घ्यं नमोऽस्तु ते॥_* *_ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च। गुरुश्च शुक्रः शनिराहुकेतवः कुर्वन्तु सर्वे मम सुप्रभातम्॥_* *_!! ༺꧁ प्रभात पुष्प ꧂༻ !!_* *_☝🏻मित्रों, चढ़ावा चढ़ाने की सबसे अच्छी जगह "ग़रीब का घर है" और चादर चढ़ाने की सबसे अच्छी जगह "गरीब की बेटी का सिर है"—यह कथन हमें दान की सच्ची आत्मा पर पुनर्विचार करने को विवश करता है। अक्सर हम धार्मिक या सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए मंदिरों, मठों या भव्य आयोजनों में दान करते हैं, परन्तु वास्तविक आवश्यकता तो उन चुपचाप संघर्षरत घरों में होती है, "जहाँ भूख और लाज दोनों एक साथ दस्तक देते हैं।" एक गरीब बेटी के सिर पर ओढ़ाई गई चादर केवल वस्त्र नहीं, "बल्कि उसकी अस्मिता, सुरक्षा और भविष्य के सपनों की नींव बन जाती है।" इसलिए सच्चा चढ़ावा वही है जो दीन की देह पर, उसके आँगन में उतरकर मानवीय गरिमा को पुनर्स्थापित करे—क्योंकि ईश्वर वहाँ नहीं रहता जहाँ थाल सजे हों, "बल्कि वहाँ जहाँ एक अभावग्रस्त जीवन में रत्ती भर सुख पहुँचाया जाए। " 👌🏻_* *_🙏🏻रविवार की इस पवित्र प्रभात बेला में, मेरा स्नेहपूर्ण नमन आप सभी को। ईश्वर से यही विनम्र प्रार्थना है कि "वह आपको अक्षय आरोग्य, धन-संपदा और अपरिमित ऊर्जा प्रदान करें।" सुरेन्द्र अरोड़ा की ओर से आप सबके लिए हार्दिक मंगलकामनाएँ। आपके उत्तम स्वास्थ्य, हर क्षेत्र में सफलता और यश-कीर्ति की असीमित दुआओं के साथ, मैं आप सब मित्रों को सुमंगलम स्नेहिल भोर-वंदन अर्पित करता हूँ। आप एवं आपके समस्त पारिवारजनों को अक्षय तृतीय, भगवान परशुराम जन्मोत्सव, त्रेता युग दिवस तथा विश्व लीवर दिवस की ढेरों बधाइयां और हार्दिक शुभकामनाएं। मेरी विनम्र कामना है कि भगवान भास्कर जी का स्नेह-सिक्त आशीर्वाद आप सब पर सदा बरसता रहे। मस्त रहें, व्यस्त रहें, स्वस्थ रहें, और सभी पाप-कर्मों से सदा दूर रहें। "प्रकृति के प्रति सदैव अहसानमंद और शुक्रगुजार रहे।🙏🏻_* *_!! ┈┉❀꧁ Զเधॆ Զเधॆ ꧂❀┉┈ !!_* ☯️🕉️🌴🌾🌈☀️🌈💐🌴🕉️☯️ #🌞 Good Morning🌞
#🌙 गुड नाईट
🌙 गुड नाईट - खुशियों केलिए साधन की नहनीं संतोष की जरूरत होती है। ೧೦೫೦ आपको सुखद रात्रि की কামনা ক মাথ शुभख्व खुशियों केलिए साधन की नहनीं संतोष की जरूरत होती है। ೧೦೫೦ आपको सुखद रात्रि की কামনা ক মাথ शुभख्व - ShareChat
#🌙 गुड नाईट
🌙 गुड नाईट - जो नहीं मिला , बस उसी की चाहत रहती है, और जो पास है॰ उसकी कदर कहाँ होती है। इंसान की फितरत भी अजीब है, जो मिला उसे भूल जाता है, जो नहीं मिला उसी में दिल लगाता है। शूभ रात्रिः ईश्वर आपको शांत मन, मधुर स्वप्न और सुखद सुबह प्रदान करें। जो नहीं मिला , बस उसी की चाहत रहती है, और जो पास है॰ उसकी कदर कहाँ होती है। इंसान की फितरत भी अजीब है, जो मिला उसे भूल जाता है, जो नहीं मिला उसी में दिल लगाता है। शूभ रात्रिः ईश्वर आपको शांत मन, मधुर स्वप्न और सुखद सुबह प्रदान करें। - ShareChat
#🌙 गुड नाईट
🌙 गुड नाईट - समय, जब विपरीत sl84q प्रभाव और पैसा नहीं ೩್ स्वभाव और संबंध काम आते हैं समय, जब विपरीत sl84q प्रभाव और पैसा नहीं ೩್ स्वभाव और संबंध काम आते हैं - ShareChat
#🌙 गुड नाईट
🌙 गुड नाईट - !! ೩೫f ! Good NIGH है ध्राभ्नु अपना आशीर्वाद मेरे समस्न परिवार और मेरे मित्रों पर स्दैव बानाए रखना..!! !! ೩೫f ! Good NIGH है ध्राभ्नु अपना आशीर्वाद मेरे समस्न परिवार और मेरे मित्रों पर स्दैव बानाए रखना..!! - ShareChat