कवि सुमित मानधना 'गौरव'   ( "कुछ मेरी कलम से ")
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@sumit_a_poet_by_passion
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कवि सुमित मानधना 'गौरव' ( "कुछ मेरी कलम से ")
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जोधपुर मेरी जन्मभूमि है, सूरत मेरी कर्म भूमि है।
गोरे गालों पर लगाना चाहता हूं रंग। भिगो देना चाहता हूँ आपका हर अंग। जीवन में बन जाए यह सबसे यादगार, चलो होली मनाए हम दोनों मिल संग। ✍🏻सुमित मानधना 'गौरव'😎 हैप्पी होली *होली की शुभकामनाएँ #sumitgaurav
sumitgaurav - गोरे गालों पर लगाना चाहता हूं रंग। भिगो देना चाहता हूँ आपका हर अंग। जीवन में बन जाए यह सबसे यादगार, चलो होली मनाए हम दोनों मिल संग। सुमित मानधना ' गौरव हैप्पी होली *होली की शुभकामनाएँ गोरे गालों पर लगाना चाहता हूं रंग। भिगो देना चाहता हूँ आपका हर अंग। जीवन में बन जाए यह सबसे यादगार, चलो होली मनाए हम दोनों मिल संग। सुमित मानधना ' गौरव हैप्पी होली *होली की शुभकामनाएँ - ShareChat
Happy Holi In Advance.. #laughterkefatke #📚कविता-कहानी संग्रह #funny #holi
laughterkefatke - हमने पीकर खूब ठंडाई पडोसन संग होली मनाई। भांग के नशे में बीवी समझ, हमने उसे मिठाई खिलाई। गालों परमल दिया गुलाल प्यार की शहनाई बजाई। जब पता चला पत्नी को, हो गई हमारी खूब पिटाई। देख न पाया कितने ही दिन, औँखों में इतनी सूजन आई। अस्पताल से घर आने पर होली से तौबा कर ली भाई। भांग के नशे में इंसान , Holil गलती कर बैठता है। अपनी पडोसन को ही, Happy पत्नी समझ बैठता है। सुमित मानधना ' गौरव #laughterkefatke हमने पीकर खूब ठंडाई पडोसन संग होली मनाई। भांग के नशे में बीवी समझ, हमने उसे मिठाई खिलाई। गालों परमल दिया गुलाल प्यार की शहनाई बजाई। जब पता चला पत्नी को, हो गई हमारी खूब पिटाई। देख न पाया कितने ही दिन, औँखों में इतनी सूजन आई। अस्पताल से घर आने पर होली से तौबा कर ली भाई। भांग के नशे में इंसान , Holil गलती कर बैठता है। अपनी पडोसन को ही, Happy पत्नी समझ बैठता है। सुमित मानधना ' गौरव #laughterkefatke - ShareChat
तलाक हो जाने के बाद शख्स क्या कह रहा है.... #broken #broken heart #sad #Sad Shayari #sad status
broken - तलाक हो जाने के बाद एक शख़्स ये कह रहा है.. ज़िंदगी की हो गई ऐसी की तैसी। जब से बना शादीशुदा से डिवोर्सी। रिश्ता निभाया मैंने  शिद्दत के साथ, तू ने आखिर वफा दिखाई यह कैसी! नशा तो नहीं किया था कभी भी मैंने, चाहा तू ने मुझे चरसी! साबित करना सीधा और सामान्य था जीवन मेरा, तू ने बताया मुझे मुर्ख गँवार व देसी। सुमित मानधना ' गौरव' तलाक हो जाने के बाद एक शख़्स ये कह रहा है.. ज़िंदगी की हो गई ऐसी की तैसी। जब से बना शादीशुदा से डिवोर्सी। रिश्ता निभाया मैंने  शिद्दत के साथ, तू ने आखिर वफा दिखाई यह कैसी! नशा तो नहीं किया था कभी भी मैंने, चाहा तू ने मुझे चरसी! साबित करना सीधा और सामान्य था जीवन मेरा, तू ने बताया मुझे मुर्ख गँवार व देसी। सुमित मानधना ' गौरव' - ShareChat
मेरा नया हास्य व्यंग गीत ✍🏻सुमित मानधना 'गौरव'😎 #sumitgaurav
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एकलव्य सच में महान था... #sumitgaurav
sumitgaurav - जिसे सीखना होता है वह मूर्ति से भी सीख जाता हैंा बिना गुरु द्रोणाचार्य के भी वो एकलव्य बन जाता हैं। योद्धा  स्वयं जानता हैं 46 श्रेष्ठ धनुर्धर है अर्जुन से भी, फिर भी अपना अंगूठा काट कर गुरु दक्षिणा दे जाता हैं। सुमित मानधना ' गौरव जिसे सीखना होता है वह मूर्ति से भी सीख जाता हैंा बिना गुरु द्रोणाचार्य के भी वो एकलव्य बन जाता हैं। योद्धा  स्वयं जानता हैं 46 श्रेष्ठ धनुर्धर है अर्जुन से भी, फिर भी अपना अंगूठा काट कर गुरु दक्षिणा दे जाता हैं। सुमित मानधना ' गौरव - ShareChat
मेरी कविता "कोल्हू का बैल" #📚कविता-कहानी संग्रह #kavita #कविता
📚कविता-कहानी संग्रह - "कोल्हू का बैल" दिन-रात जी तोड़ मेहनत करता रहा। परिश्रम की भट्टी में हर पल तपता रहा। बनाने के लिए, तुम्हारा भविष्य तु्महनेरसे कुदृष्य मुनहया तिना हो ता र्लाए जैसा तुम बोली मैं वैसा ही करता रहा। अपनी दिल ओ-्जां लुटाता रहा। तुम पे कभी कभी अपने बच्चों की, तुम्हारी सबकी ख्व़ाहिशें मैं पूरी करता रहा। ज़िम्मेदारियों के नाम पेर मैं छलता रहा। कोल्हू के बैल की तरह मैं चलता रहा। एक बार भी मैने पलट कर नहीं देखा, जब चला गया सब कुछ हाथ मलता रहा! रसुमित मानधॅना ' गौरव , सूरत. समित मानधना गोरव सूरत 'गौरव' ஈf सुमित मानधना Sum naurnv2005 ` ( "कुछ मेरी कलम से ") [ು 860` 99Cr ' 1u "कोल्हू का बैल" दिन-रात जी तोड़ मेहनत करता रहा। परिश्रम की भट्टी में हर पल तपता रहा। बनाने के लिए, तुम्हारा भविष्य तु्महनेरसे कुदृष्य मुनहया तिना हो ता र्लाए जैसा तुम बोली मैं वैसा ही करता रहा। अपनी दिल ओ-्जां लुटाता रहा। तुम पे कभी कभी अपने बच्चों की, तुम्हारी सबकी ख्व़ाहिशें मैं पूरी करता रहा। ज़िम्मेदारियों के नाम पेर मैं छलता रहा। कोल्हू के बैल की तरह मैं चलता रहा। एक बार भी मैने पलट कर नहीं देखा, जब चला गया सब कुछ हाथ मलता रहा! रसुमित मानधॅना ' गौरव , सूरत. समित मानधना गोरव सूरत 'गौरव' ஈf सुमित मानधना Sum naurnv2005 ` ( "कुछ मेरी कलम से ") [ು 860` 99Cr ' 1u - ShareChat
देखा हम लड़के कभी झूठ नहीं बोलते.. #comedy video #😂😂 Comdiy Gurup 😂😂 #comedy #funny #😄ꜰᴜɴɴy🤣ᴊᴏᴋᴇꜱ😄
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