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ਰੜਕਦੀ ਤਾਂ ਉਨਾਂ ਨੂੰ ਹਾਂ , ਜਿਥੇ ਮੈਂ ਝੁੱਕਦੀ ਨਹੀ , ਜਿਨ
#🙏ਸ੍ਰੀ ਰਾਮ ਭਗਤ ਹਨੂਮਾਨ🚩 #🙏 ਜੈ ਹਨੂਮਾਨ #🙏ਹਨੂਮਾਨ ਜੀ ਦੀਆਂ ਕਹਾਣੀਆਂ📖 #🚩ਹਨੂਮਾਨ ਜੀ ਸਪੈਸ਼ਲ ਆਰਟ🎨
🙏ਸ੍ਰੀ ਰਾਮ ਭਗਤ ਹਨੂਮਾਨ🚩 - हनुमान जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं हनुमान जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं - ShareChat
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🙏 ਜੈ ਹਨੂਮਾਨ - श्री हनुमान जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं श्री हनुमान जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं - ShareChat
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हनुमान जयंती विशेष हनुमान जी के बचपन की यह घटना जितनी रोमांचक है, उतनी ही सीख देने वाली भी है। यह कहानी हमें बताती है कि अत्यधिक शक्ति और चंचलता कभी-कभी संकट का कारण भी बन सकती है। जब देवताओं ने हनु #🙏 ਜੈ ਹਨੂਮਾਨ #🙏ਹਨੂਮਾਨ ਜੀ ਦੀਆਂ ਕਹਾਣੀਆਂ📖 #🙏ਸ੍ਰੀ ਰਾਮ ਭਗਤ ਹਨੂਮਾਨ🚩 #🚩ਹਨੂਮਾਨ ਜੀ ਸਪੈਸ਼ਲ ਆਰਟ🎨 मान जी को अजेय होने के वरदान दिए, तो उनकी शक्ति और ऊर्जा असीमित हो गई। अब वह केवल एक साधारण वानर बालक नहीं थे, बल्कि ब्रह्मांड के सबसे शक्तिशाली प्राणी बन चुके थे। लेकिन थे तो वह आखिर एक बालक ही, और स्वभाव से अत्यंत चंचल! हनुमान जी अक्सर ऋषियों के आश्रमों में चले जाते थे। वहाँ ऋषि-मुनि शांति से यज्ञ और तपस्या में लीन रहते थे। नन्हे हनुमान अपनी शक्तियों का प्रयोग करके कभी ऋषियों की दाढ़ी खींच देते, कभी उनके कमंडल का जल उलट देते, तो कभी उनके वल्कल (पेड़ों की छाल के वस्त्र) पेड़ों पर टांग देते। ऋषिगण जानते थे कि यह बालक भगवान शिव का अंश है और पवन देव का पुत्र है, इसलिए वे उन पर क्रोध नहीं करते थे। लेकिन हनुमान जी की शरारतें दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही थीं। वह अपनी शक्ति के मद में इतने मगन थे कि बड़े-बड़े पर्वतों को खिलौनों की तरह फेंक देते थे। एक बार हनुमान जी ने एक परम तपस्वी ऋषि के आश्रम में बहुत अधिक उत्पात मचाया। उन्होंने ऋषि के यज्ञ की वेदी को भंग कर दिया और उनके पवित्र कुश-आसन को आकाश में उड़ा दिया। ऋषि ने देखा कि यह बालक अपनी शक्तियों का सही उपयोग नहीं समझ पा रहा है। उन्हें आभास हुआ कि यदि हनुमान अपनी शक्तियों को इसी तरह अनियंत्रित रखेंगे, तो संसार में व्यवस्था बनाए रखना कठिन हो जाएगा। साथ ही, हनुमान जी का असली उद्देश्य प्रभु श्री राम की सेवा करना था, जिसके लिए उनमें विनम्रता और धैर्य का होना अनिवार्य था। तब उन तेजस्वी ऋषि ने हनुमान जी को एक 'हितकारी श्राप' दिया: "हे अंजनीपुत्र! तुम्हें अपनी इन शक्तियों का इतना अहंकार है कि तुम मर्यादा भूल रहे हो। जाओ, मैं तुम्हें श्राप देता हूँ कि तुम अपनी समस्त शक्तियों और पराक्रम को भूल जाओगे। तुम्हें अपनी शक्ति का आभास तब तक नहीं होगा, जब तक कोई अन्य तुम्हें तुम्हारी शक्तियों की याद न दिलाए।" श्राप मिलते ही हनुमान जी एक साधारण वानर बालक की तरह शांत हो गए। उनके भीतर का सारा कोलाहल थम गया। उन्हें याद ही नहीं रहा कि वह सूर्य को निगल सकते हैं या समुद्र लांघ सकते हैं। यही कारण था कि जब रावण माता सीता का हरण करके ले गया, तब भी हनुमान जी चुपचाप ऋष्यमूक पर्वत पर सुग्रीव के साथ बैठे रहे। उन्हें नहीं पता था कि वह अकेले ही पूरी लंका को भस्म करने का सामर्थ्य रखते हैं। सालों बाद, जब वानर सेना समुद्र तट पर पहुँची और विशाल समुद्र को देख कर सब हताश हो गए, तब वृद्ध और बुद्धिमान जामवंत जी ने हनुमान जी को एकांत में बुलाया। जामवंत जी हनुमान जी के जन्म और उनके पराक्रम के साक्षी थे। उन्होंने हनुमान जी से कहा: "कवन सो काज कठिन जग माहीं, जो नहीं होइ तात तुम्ह पाहीं।" (हे तात! संसार में ऐसा कौन सा कठिन कार्य है जो आप नहीं कर सकते?) जैसे ही जामवंत जी ने हनुमान जी को उनके बचपन की कहानियाँ सुनाईं और उनके 'पवनपुत्र' होने की याद दिलाई, ऋषि का श्राप समाप्त हो गया। हनुमान जी का शरीर पर्वत जैसा विशाल होने लगा, उनकी आँखों में तेज आ गया और उन्होंने गर्जना करते हुए समुद्र लांघने की तैयारी की। यह श्राप वास्तव में एक वरदान साबित हुआ, क्योंकि इसने हनुमान जी को अहंकार से मुक्त कर दिया और उन्हें 'परम भक्त' बनने के योग्य बनाया।
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#🙏God Bless You🙏 #🌅 ਗੁੱਡ ਮੋਰਨਿੰਗ #🙏 ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ 🙏 #🌺 ਵਧਾਈਆਂ ਜੀ ਵਧਾਈਆਂ #🙏 ਧਾਰਮਿਕ ਤਸਵੀਰਾਂ
🙏God Bless You🙏 - ढा्ठगुनु झग्ग्गे मुथ भेठे भॅंगा प्टे झ्ले पुउठे पुंष्ू वीडा )ভi সমভ ठढवम्ण्णी मभेउ ५५६, रेउ 1 পন্ ঔনত সবীই ভী সবাব elt afs eaemt ढा्ठगुनु झग्ग्गे मुथ भेठे भॅंगा प्टे झ्ले पुउठे पुंष्ू वीडा )ভi সমভ ठढवम्ण्णी मभेउ ५५६, रेउ 1 পন্ ঔনত সবীই ভী সবাব elt afs eaemt - ShareChat
#🙏 ਧਾਰਮਿਕ ਤਸਵੀਰਾਂ #🙏 ਜੈ ਹਨੂਮਾਨ #ਜੈ ਸ਼੍ਰੀ ਰਾਮ ਚੰਦਰ ਜੀ ਜੈ ਹਨੂੰਮਾਨ ਜੀ #🙏🔱🕉️ਜੈ ਸ਼੍ਰੀ ਰਾਮ ਜੀ ਜੈ ਸ਼੍ਰੀ ਹਨੂੰਮਾਨ ਜੀ🕉️🔱🙏 #🙏ਜੈ ਹਨੂੰਮਾਨ ਜੀ
🙏 ਧਾਰਮਿਕ ਤਸਵੀਰਾਂ - सब सुख लहै तुम्हारी सरना | तुम रच्छक काहू को डर ना Il संकट तें हनुमान छुड़ावै  मन क्रम बचन ध्यान जों लावै Il Al GENERATED सब सुख लहै तुम्हारी सरना | तुम रच्छक काहू को डर ना Il संकट तें हनुमान छुड़ावै  मन क्रम बचन ध्यान जों लावै Il Al GENERATED - ShareChat
#💪🏻ਨਾਰੀ ਸ਼ਕਤੀ👩🏻‍🦰 #👩‍🦱ਮਹਿਲਾ ਦਿਵਸ ਸਟੇਟਸ📱 #👩ਮਹਿਲਾ ਦਿਵਸ ਮੁਬਾਰਕ🥰 #👩ਮਹਿਲਾ ਦਿਵਸ ਕੋਟਸ✍ #🤩ਮੈਨੂੰ ਪ੍ਰੇਰਿਤ ਕਰਨ ਵਾਲੀਆਂ ਔਰਤਾਂ🙏
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#🙏 ਧਾਰਮਿਕ ਤਸਵੀਰਾਂ #😇ਸਿੱਖ ਧਰਮ 🙏 #🙏ਗੁਰਬਾਣੀ ਦੀਆਂ ਤੁਕਾਂ #📖ਗੁਰੂ ਮਾਨਿਓ ਗ੍ਰੰਥ 😇 #baba deep
🙏 ਧਾਰਮਿਕ ਤਸਵੀਰਾਂ - HBತe ಂ8aತamaa 1133` মিতরপeব্র ঠ ৯ধী ೆ೧ಶ೧ಣಞ ಈಂಿuಗೆ HBತe ಂ8aತamaa 1133` মিতরপeব্র ঠ ৯ধী ೆ೧ಶ೧ಣಞ ಈಂಿuಗೆ - ShareChat
#🌈ਹੋਲੀ ਸਟੇਟਸ🤩 #🌈ਹੈਪੀ ਹੋਲੀ🥳 #♦️ਹੋਲੀ ਦੇ ਕੋਟਸ✍️ #🌈ਹੋਲੀ ਦਾ ਸੈਲੀਬ੍ਰੇਸ਼ਨ🥳
🌈ਹੋਲੀ ਸਟੇਟਸ🤩 - पूरा साल आपकी जेब इन रंगों से भरी रहे HAPPy HOLI पूरा साल आपकी जेब इन रंगों से भरी रहे HAPPy HOLI - ShareChat
#🙏 ਭਗਵਤ ਗੀਤਾ #🙏ਧਾਰਮਿਕ ਗੱਲਾਂ #🙏 ਧਾਰਮਿਕ ਤਸਵੀਰਾਂ #🙏 ਭਜਨ ਕੀਰਤਨ🪕🎶
🙏 ਭਗਵਤ ਗੀਤਾ - संकेत तो मिल गए थे, पर सुना किसने? गांधारी ने संतान की जगह एक मांस के पिंड को जन्म दिया था। ने उस मांस के पिंड के टुकड़े करके १०१ घड़ों में रख दिया था।  ऋषि वेदव्यास दो साल बाद उन घड़ों से कौरवों का जन्म हुआ। जिनमें बेटी दुशला और १०० बेटे थे।  कहते है जन्म के समय दुर्योधन गधे की कर्कश आवाज में रोया था। कहा जाता कि दुर्योधन के जन्म लेते ही सियार, कौवे और उल्लू जोर जोर से चिल्लाने लगे थे आसमान काला पड़ गया था। तब भीष्म, विदुर और ज्योतिषों ने धृतराष्ट्र को सलाह दी थी कि ये बच्चा कुल का नाश कर देगा। इसका परित्याग कर के जंगल के फेंक दो। मगर पुत्र मोह में अंधे धृतराष्ट्र ने किसी की बात नही मानी। आगे चलकर इसी बालक के कारण भारत वर्ष कि ८० प्रतिशत की आबादी खत्म होे गई पुरुषों  लाखो औरते विधवा हो गई। दुर्योधन में एक बात अच्छी थी कि जन्म से ही उसने अपना असली रूप दिखा सुथरे दिखते है और उनके | दिखा दिया था। आजकल के लोग बाहर से सा़फ भीतर दुर्योधन छुपा रहता है। सीख पुत्र मोह या किसी भी प्रकार की अंधभक्ति विनाश का कारण बन सकती है। सत्य और धर्म का पालन ही सर्वोपरि होना चाहिए। संकेत तो मिल गए थे, पर सुना किसने? गांधारी ने संतान की जगह एक मांस के पिंड को जन्म दिया था। ने उस मांस के पिंड के टुकड़े करके १०१ घड़ों में रख दिया था।  ऋषि वेदव्यास दो साल बाद उन घड़ों से कौरवों का जन्म हुआ। जिनमें बेटी दुशला और १०० बेटे थे।  कहते है जन्म के समय दुर्योधन गधे की कर्कश आवाज में रोया था। कहा जाता कि दुर्योधन के जन्म लेते ही सियार, कौवे और उल्लू जोर जोर से चिल्लाने लगे थे आसमान काला पड़ गया था। तब भीष्म, विदुर और ज्योतिषों ने धृतराष्ट्र को सलाह दी थी कि ये बच्चा कुल का नाश कर देगा। इसका परित्याग कर के जंगल के फेंक दो। मगर पुत्र मोह में अंधे धृतराष्ट्र ने किसी की बात नही मानी। आगे चलकर इसी बालक के कारण भारत वर्ष कि ८० प्रतिशत की आबादी खत्म होे गई पुरुषों  लाखो औरते विधवा हो गई। दुर्योधन में एक बात अच्छी थी कि जन्म से ही उसने अपना असली रूप दिखा सुथरे दिखते है और उनके | दिखा दिया था। आजकल के लोग बाहर से सा़फ भीतर दुर्योधन छुपा रहता है। सीख पुत्र मोह या किसी भी प्रकार की अंधभक्ति विनाश का कारण बन सकती है। सत्य और धर्म का पालन ही सर्वोपरि होना चाहिए। - ShareChat