भारत में हॉकी का इतिहास हिम्मत, मेहनत और कभी हार न मानने की कहानी है। गाँव के मैदानों से लेकर ओलंपिक के बड़े मंच तक, हर खिलाड़ी अपने साथ पिछले खिलाड़ियों की विरासत और पूरे देश के सपने लेकर चलता है। हर कदम के साथ यह कहानी आगे बढ़ती रहती है।
इस सफर में जमशेदपुर की नवल टाटा हॉकी एकेडमी (NTHA) मजबूती से खड़ी है। यह सिर्फ एक एकेडमी नहीं, बल्कि भारतीय हॉकी का एक जीवित अध्याय है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। यहाँ वे युवा खिलाड़ी आते हैं जिनका सपना राष्ट्रीय जर्सी पहनकर देश का नाम रोशन करना है।
इसका जमीनी स्तर का हॉकी कार्यक्रम कम उम्र में ही प्रतिभाशाली बच्चों को पहचानता है और उन्हें आगे बढ़ने, खेलने और बेहतरीन बनने का मौका देता है। यह छात्रों को नियमित और सही तरीके से खेल में भाग लेने का अवसर भी देता है, जिससे वे अच्छी आदतें सीखते हैं और खेल से जीवनभर जुड़ाव महसूस करते हैं।
बेहतरीन सुविधाओं और भारत को विश्व हॉकी में आगे देखने के लक्ष्य के साथ, नवल टाटा हॉकी एकेडमी आने वाले कल के सितारों को तैयार कर रही है—एक खिलाड़ी, एक सपना और एक जीत के साथ। भारतीय हॉकी का अगला अध्याय यहीं से शुरू होता है।
नवल टाटा हॉकी एकेडमी के बारे में अधिक जानने के लिए, दिए गए लिंक पर जाएँ: https://www.tatatrusts.org/our-stories/article/zid-hona-chahiye
#BuiltOnTrust #NavalTataHockeyAcademy #TataLegacy #SportsForDevelopment #TataTrusts
भारत में हॉकी का इतिहास हिम्मत, मेहनत और कभी हार न मानने की कहानी है। गाँव के मैदानों से लेकर ओलंपिक के बड़े मंच तक, हर खिलाड़ी अपने साथ पिछले खिलाड़ियों की विरासत और पूरे देश के सपने लेकर चलता है। हर कदम के साथ यह कहानी आगे बढ़ती रहती है।
इस सफर में जमशेदपुर की नवल टाटा हॉकी एकेडमी (NTHA) मजबूती से खड़ी है। यह सिर्फ एक एकेडमी नहीं, बल्कि भारतीय हॉकी का एक जीवित अध्याय है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। यहाँ वे युवा खिलाड़ी आते हैं जिनका सपना राष्ट्रीय जर्सी पहनकर देश का नाम रोशन करना है।
इसका जमीनी स्तर का हॉकी कार्यक्रम कम उम्र में ही प्रतिभाशाली बच्चों को पहचानता है और उन्हें आगे बढ़ने, खेलने और बेहतरीन बनने का मौका देता है। यह छात्रों को नियमित और सही तरीके से खेल में भाग लेने का अवसर भी देता है, जिससे वे अच्छी आदतें सीखते हैं और खेल से जीवनभर जुड़ाव महसूस करते हैं।
बेहतरीन सुविधाओं और भारत को विश्व हॉकी में आगे देखने के लक्ष्य के साथ, नवल टाटा हॉकी एकेडमी आने वाले कल के सितारों को तैयार कर रही है—एक खिलाड़ी, एक सपना और एक जीत के साथ। भारतीय हॉकी का अगला अध्याय यहीं से शुरू होता है।
नवल टाटा हॉकी एकेडमी के बारे में अधिक जानने के लिए, दिए गए लिंक पर जाएँ: https://www.tatatrusts.org/our-stories/article/zid-hona-chahiye
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नशे की शुरुआत ज़रूरी नहीं कि किसी बड़े संकट से हो। कई बार यह एक ‘छोटी-सी’ राहत से शुरू होती है, जो धीरे-धीरे हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन जाती है।
विज्ञान पहले ही बता चुका है कि शराब और तंबाकू जैसे पदार्थ रोके जा सकने वाले कैंसर के बड़े कारणों में से हैं। अकेला तंबाकू ही मुँह, गले, फेफड़ों और पेट के कैंसर से जुड़ा है। वहीं शराब इन ख़तरों को और बढ़ा देती है—जिससे अन्ननली, लिवर, कोलन, रेक्टम और स्तन कैंसर का जोखिम बढ़ता है।
ये फैसले अक्सर सिर्फ़ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहते। इसलिए #LookAgain। टाटा ट्रस्ट्स हर किसी से अपील करते हैं कि आज जो आदतें छोटी लगती हैं, उन्हें पहचानें—क्योंकि उनके नतीजे कभी छोटे नहीं होते।
#WorldCancerDay #CancerSeJeetnaSambhavHai #CancerCare #FightCancer #SDG3 #TataTrusts
दालें दुनिया की सबसे पुरानी उगाई जाने वाली फसलों में से एक हैं। सदियों से ये खेतों का सहारा रही हैं और आज भी भारत के पहाड़ी और जलवायु परिवर्तन से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिरता देती हैं।
उत्तराखंड, लद्दाख, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में, टाटा ट्रस्ट्स की दाल आधारित आजीविका पहल छोटे और सीमांत किसानों को जलवायु के अनुकूल खेती अपनाने में मदद कर रही है।
खेती से लेकर कटाई के बाद की प्रक्रिया, प्रसंस्करण, संग्रहण और बाज़ार तक पहुंच—पूरी प्रक्रिया को मजबूत करके छोटे किसान, समुदाय द्वारा संचालित किसान उत्पादक संगठन (FPOs) और किसान उत्पादक कंपनियां (FPCs) अब टिकाऊ विकास की अगुवाई कर रहे हैं।
खेत से लेकर बाजार तक, दालें किसानों को मजबूत और टिकाऊ खेती बनाने में मदद कर रही हैं। इस #WorldPulsesDay पर, ट्रस्ट्स ऐसी खेती प्रणाली का समर्थन जारी रखे हुए हैं जो लोगों, आजीविका और प्रकृति — तीनों का पोषण करती है।
#WorldPulsesDay #Livelihood #SustainableLivelihoods #SDG8 #TataTrusts
हम में से ज़्यादातर लोग यह सोचकर नहीं खाते कि हम क्या खा रहे हैं। हम वही खाते हैं जो हमारे दिनचर्या में आसानी से फिट हो जाए — और जो फिट हो जाए, वह हमेशा पौष्टिक हो, ऐसा ज़रूरी नहीं। धीरे-धीरे, ये रोज़मर्रा की छोटी-छोटी पसंद हमारे सोच से ज़्यादा असर डालने लगती हैं।
भारत में आज १५–४९ वर्ष की उम्र की लगभग २४% महिलाएँ और २३% पुरुष ओवरवेट या मोटापे का सामना कर रहे हैं। बात सिर्फ़ वज़न की नहीं है—यह असंतुलन शरीर को ठीक से काम करने से भी रोकता है और पैंक्रियाटिक, कोलोरेक्टल और पेट के कैंसर जैसे कई कैंसर का ख़तरा बढ़ाता है। ये आँकड़े उन आदतों का नतीजा हैं जो हम हर दिन दोहराते हैं, क्योंकि शरीर सब याद रखता है—जिसे हम नज़रअंदाज़ करते हैं, जिस पर समझौता करते हैं, और जिसकी हम अनदेखी कर देते हैं।
पोषण सिर्फ़ थाली भरने तक सीमित नहीं है, यह उस ज़िंदगी को संभालता है जो उससे आगे चलती है। आज जो फैसले ‘छोटे’ लगते हैं, उन पर #LookAgain करें—क्योंकि वही आपके कल को आकार दे रहे हैं।
#WorldCancerDay #CancerSeJeetnaSambhavHai #FightCancer #SDG3 #TataTrusts
भारत में कैंसर की बढ़ती चुनौती पर बात करते हुए, टाटा ट्रस्ट्स के सी.ई.ओ सिद्धार्थ शर्मा कहते हैं कि इस समस्या से निपटने के लिए बीमारी से बचाव, समय पर जाँच और इलाज को सस्ता व सुलभ बनाना बहुत ज़रूरी है। इसके लिए सरकार का ज़्यादा निवेश और पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप अहम भूमिका निभा सकती है। यह बातचीत मनीकंट्रोल के विश्वनाथ पिल्ला के साथ हुई।
#WorldCancerDay पर प्रकाशित यह लेख बताता है कि टाटा ट्रस्ट्स कैसे सरकारों और सार्वजनिक संस्थानों के साथ मिलकर लोगों को केंद्र में रखकर कैंसर के इलाज की व्यवस्था को बेहतर बनाने पर काम कर रहे हैं—ताकि समय पर जाँच हो, इलाज लोगों के लिए आसान हो और देखभाल उनके घरों के क़रीब मिल सके, खासकर उन इलाक़ों में जहाँ सुविधाएँ कम हैं।
क्योंकि कैंसर से लड़ने में असली बदलाव तभी आएगा, जब अच्छी और भरोसेमंद इलाज की सुविधा हर व्यक्ति तक पहुँच सके।
पूरा लेख पढ़ने के लिए: https://tatatrusts.ticuat.com/media/media-reports/on-world-cancer-day-tata-trusts-ceo-flags-late-diagnosis-crisis-as-india-s-cancer-cases-set-to-surge-24-by-2030
#WorldCancerDay #CancerSeJeetnaSambhavHai #CancerCare #FightCancer #SDG3 #TataTrusts
अक्सर हम आसान रास्ता चुन लेते हैं—क्योंकि समय कम होता है, थकान होती है, या जो सबसे पास होता है वही ठीक लगता है। लेकिन रोज़ के ये छोटे फैसले धीरे-धीरे असर दिखाते हैं। कभी सोफ़े से उठना भारी लगने लगता है, तो कभी रोज़ का चलना-फिरना पहले जितना सहज नहीं रहता।
रिसर्च बताती है कि सीढ़ियाँ चढ़ना जैसे छोटे कदम भी उतने ही असरदार हो सकते हैं जितना रोज़ १०,००० कदम चलना। बदलाव बहुत बड़ा होना ज़रूरी नहीं, बस सोच-समझकर किया गया होना चाहिए।
इस #वर्ल्डकैंसरडे, #लुकअगेन—क्योंकि आपका शरीर आपके हर छोटे फैसले को याद रखता है। जो फैसले आज मामूली लगते हैं, वही कल बड़ी सेहत से जुड़ी परेशानियों की वजह बन सकते हैं।
और पढ़ने के लिए: https://www.tatatrusts.org/cancer-care-awareness-the-first-line-of-defence
#WorldCancerDay #CancerSeJeetnaSambhavHai #CancerCare #FightCancer #SDG3 #TataTrusts
“ग्रामीण कनेक्टिविटी, स्किलिंग कार्यक्रम और कर्ज़ तक पहुंच पहले से ही नीति के एजेंडे में हैं। यह बजट गैर-कृषि रोजगार के लिए साफ़ लक्ष्य और फंडिंग तय कर सकता है, ताकि पलायन मजबूरी नहीं, बल्कि एक विकल्प बने,” ऐसा कहना है टाटा ट्रस्ट्स के सीईओ, श्री सिद्धार्थ शर्मा का।
केंद्रीय बजट से पहले, वे ग्रामीण भारत में आजीविका को मज़बूत करने के अवसर पर ज़ोर देते हैं। फसल विविधीकरण, किसान समूहों, सहायक आजीविकाओं और गैर-कृषि उद्यमों को समर्थन देकर, बजट स्थिर और सम्मानजनक रोज़गार पैदा कर सकता है। इससे समुदायों को मज़बूती मिलेगी और वे अपने भविष्य की बेहतर योजना बना सकेंगे।
पूरा लेख यहां पढ़ें:
https://tatatrusts.org/insights/opinions/putting-livelihoods-at-the-heart-of-the-union-budget-2026
#Budget2026 #UnionBudget #Development #SocialGood #TataTrusts
टाटा ट्रस्ट्स सुरक्षित पानी, स्वच्छता और साफ-सफाई तक बेहतर पहुँच सुनिश्चित कर रहे हैं, ताकि स्वस्थ और मजबूत समुदायों का निर्माण हो सके।
#InServiceOfTheNation #AnnualReport #WaSH #SDG6 #TataTrusts
जागरूकता से लेकर कार्य तक, टाटा ट्रस्ट्स अपने पोषण कार्यक्रमों के माध्यम से सभी तक स्वस्थ और विविध आहार की पहुँच सुनिश्चित कर रहे हैं और कुपोषण से लड़ते हुए एक स्वस्थ भारत की दिशा में काम कर रहे हैं।
#InServiceOfTheNation #AnnualReport #Nutrition #SDG2 #TataTrusts






