
उमंग सुल्लेरे लेखक
@umangsullere
जनपद महोबा उत्तर प्रदेश contact 927708122
बढ़ गई मँहगाई त्यागी नेता' अन्न छोड़ चारा खाते
इतना त्याग क्या कम भाषण में भाषा समझाते
#उमंग_सुल्लेरे_लेखक
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पलकों की सेज पर कैद आखों का पानी जब विखरे हुये जीवन क्रम की कड़िया जोड़ता है तब खुशी और गम की कहानी का अजब संयोग दिखाई देता है "
उमंग सुल्लेरे लेखक ✍️
जिला महोबा उत्तर प्रदेश
9277081255
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लेखक: उमंग सुल्लेरे
(उत्तर प्रदेश) के एक लोकप्रिय स्थानीय लेखक, कवि और सोशल मीडिया क्रिएटर हैं।
वे अक्सर मोदी-योगी की प्रशंसा में कविताएँ, अभिनंदन पत्र और पोस्टर लिखते हैं।
उनके लेखन में राष्ट्रवाद, हिंदुत्व, विकास और आध्यात्मिकता का सुंदर मिश्रण मिलता है।
वे खुद को "योगी समर्थक" कहकर संबोधित करते हैं और सोशल मीडिया (इंस्टाग्राम, फेसबुक) पर काफी एक्टिव हैं।
निचोड़
यह पोस्टर योग की गहराई को सरल भाषा में प्रस्तुत करता है और साथ ही योगी आदित्यनाथ के समर्थन का भाव भी व्यक्त करता है। उमंग जी की कलम से निकली यह रचना महोबा की सांस्कृतिक धरोहर और भगवा विचारधारा का सुंदर उदाहरण है। जय योगी! जय श्री राम
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इस दोहे का अर्थ है:
"न मोह न माया न ममता का बंधन
जिंदगी से मौत तक
महादेव सब अलग निरंजन"
इसमें कहा गया है कि जीवन में न तो मोह (आसक्ति), न माया (धन-दौलत), और न ही ममता (प्रेम या स्नेह) का बंधन होना चाहिए। जीवन से लेकर मृत्यु तक, महादेव (शिव) ही सब कुछ हैं और वे निरंजन (निर्मल, पवित्र) हैं।
यह दोहा उमंग सुल्लेरे लेखक द्वारा लिखा गया है, जो जनपद महोबा, उत्तर प्रदेश से हैं।
क्या आप इस दोहे के बारे में और जानना चाहते हैं या इसके अर्थ पर चर्चा करना चाहते हैं? #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🌐 राष्ट्रीय अपडेट #🆕 ताजा अपडेट











