#गरीब_किसान सोचता है अपनी हालत पर किसान अपने बेटे को सीने से लिपटा कर कहता महार बेटवा को पढईयो चाहे कुछ हो जाये पढाये पंडित जी बहुत होनहार बताउत रहे हमार बेटवा को
उम्मीद और आशाय ही जीने का साहस देती और कल की उम्मीद उस समय तक साथ नहीं छोड़ती जब तक देह थक न जाये समय बदलने के साथ दर्पण हकीकत को कहने वाला होता है बुंदेलखंड के किसान का तन मन उन कुनठाओं में घिर रहा है जो व्यक्ति क्षणिक सुख देने के लिए मदहोश रखती आदमी के जिस्म पर यदि पहरा लगा हो कोई बात नहीं किन्तु यदि आत्मबल टूट जाये व्यक्ति या तो मादक द्रव्यों का सहारा लेता है जीवन से लड़ने का सहारा न हो तो आत्महत्या या भावुकता के दुस्साहसी हो तो अपराध प्राय :
व्यक्ति के समूल व्यक्तित्व के विकास में कौन सरकार सहयोगी और कौनसी सरकार विनाश के दोषी कोई मेरी बात कोई सुनना नहीं चाहता और मै सुनाना नहीं चाहता
#उमंग_सुल्लेरे_लेखक
#जनपद_महोबा_उत्तर _प्रदेश
9277081255
#बुंदेलखंड #Bundelkhand #BundelkhandFarmers #Mahoba #UPFarmers #KisanAndolan
#🎙सामाजिक समस्या #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #🆕 ताजा अपडेट #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🌐 राष्ट्रीय अपडेट