विजय नगरकर Vijay Nagarkar
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हिंदी,मराठी, साहित्य, अनुवाद, संगीत, संस्कृत
#📓 हिंदी साहित्य #सुविचार #सुविचार
📓 हिंदी साहित्य - सिर्फ़ पानी व पसीने में बड़ा अंतर है एक पत्थर व नगीने में बड़ा अंतर है घड़ियों की तरह वक्त बिताने वालों মুন साँस लेने में व जीने में बड़ा अंतर है दाउदयनानु हस सिर्फ़ पानी व पसीने में बड़ा अंतर है एक पत्थर व नगीने में बड़ा अंतर है घड़ियों की तरह वक्त बिताने वालों মুন साँस लेने में व जीने में बड़ा अंतर है दाउदयनानु हस - ShareChat
"हिंदी के विकास में हिंदीतर" जयराम फगरे: हिंदी प्रचार-प्रसार को समर्पित एक 'कर्मयोगी' हिंदी भाषा के प्रचार और प्रसार के लिए अपना संपूर्ण जीवन निस्वार्थ भाव से समर्पित करने वाले श्री जयराम फगरे भारतीय भाषाई सेवा के एक जाज्वल्यमान नक्षत्र हैं। महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, पुणे के निदेशक के रूप में कार्यरत श्री फगरे ने आज (12 जनवरी, 2026) अपने जीवन के 96वें वर्ष में कदम रखा है। उनके इस दीर्घायु और कर्मठ जीवन का उद्देश्य केवल और केवल हिंदी भाषा को जन-जन तक पहुँचाना रहा है। जीवन परिचय और प्रारंभिक संघर्ष जयराम फगरे का जन्म 12 जनवरी, 1931 को रत्नागिरी जिले के मूर्तवंडे गाँव में एक साधारण परिवार में हुआ था। उनकी शिक्षा और कर्मभूमि पुणे रही, जहाँ उनकी नियुक्ति नूतन मराठी विद्यालय (N.M.V.) में हिंदी शिक्षक के रूप में हुई। एक शिक्षक के रूप में उन्होंने न केवल छात्रों को भाषा सिखाई, बल्कि अपने संगठन कौशल के बल पर शिक्षक आंदोलनों का नेतृत्व भी किया। उनके व्यक्तित्व पर स्वामी विवेकानंद, कर्मवीर भाऊराव पाटिल और महात्मा गांधी के विचारों का गहरा प्रभाव है। हिंदी के लिए संगठनात्मक योगदान जयराम फगरे का नाम महाराष्ट्र में हिंदी प्रचार के पर्याय के रूप में जाना जाता है। उनके संगठनात्मक कार्यों की यात्रा मुख्य रूप से निम्नलिखित पड़ावों से गुजरी है: * राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा: वर्ष 1966 में वे वर्धा स्थित इस प्रतिष्ठित समिति की कार्यकारिणी के सदस्य चुने गए। * निदेशक पद: वर्ष 2001 में उन्होंने महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, पुणे के संचालक (निदेशक) के रूप में पदभार संभाला। * परीक्षा और कार्यशालाएँ: उन्होंने महाराष्ट्र के अनेक जिलों के स्कूलों का दौरा कर समिति द्वारा आयोजित की जाने वाली हिंदी परीक्षाओं का प्रचार किया। आज उनके प्रयासों से हजारों विद्यार्थी हिंदी की परीक्षा देते हैं। वे प्रतिवर्ष हिंदी शिक्षकों के लिए कार्यशालाओं का आयोजन भी करते हैं। * हिंदी साहित्य सम्मेलन: वर्ष 2003 में पुणे में उनके नेतृत्व में एक विशाल हिंदी साहित्य सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें उन्होंने एक हजार पूर्व छात्रों को आमंत्रित कर हिंदी के प्रति नई चेतना जागृत की थी। प्रकाशित पुस्तकें और संपादन साहित्यिक और शैक्षिक क्षेत्र में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने निम्नलिखित महत्वपूर्ण पुस्तकों का संपादन किया है: * ऊर्जावान विभूतियाँ (Urjavan Vibhutiyan) * बापू की बातें (Bapu ki Baatein) * मराठी-हिंदी शब्दकोश (एक अत्यंत उपयोगी भाषाई सेतु) इसके अतिरिक्त, वे समिति द्वारा प्रकाशित होने वाली द्वैमासिक पत्रिका 'समिति संवाद' के संपादक के रूप में भी कार्य देख रहे हैं। पुरस्कार और सम्मान हिंदी के प्रति उनकी निष्ठा और सेवाओं को देखते हुए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया है: * पुणे महानगरपालिका द्वारा 'आदर्श शिक्षक पुरस्कार'। * मध्य प्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, भोपाल द्वारा 'हिंदी सेवा' पुरस्कार। * हिंदी साहित्य अकादमी, मुंबई द्वारा विशेष पुरस्कार। * साहित्य सम्मेलन का 'हिंदी गौरव पुरस्कार'। * शिवशाहीर बाबासाहेब पुरंदरे के हाथों 'जीवन गौरव पुरस्कार' (Life Time Achievement Award)। * प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुणे प्रवास के दौरान उन्हें 'पुणेरी पगड़ी' पहनाकर सम्मानित किया था। निष्कर्ष 96 वर्ष की आयु में भी जयराम फगरे का उत्साह युवाओं जैसा है। वे आज भी नियमित रूप से समिति के पुणे कार्यालय में उपस्थित रहकर अपना कार्य करते हैं। उनका जीवन अनुशासन, संयम, विनम्रता और हिंदी के प्रति अगाध प्रेम का प्रतीक है। महाराष्ट्र में हिंदी और मराठी संस्कृतियों को जोड़ने में उनकी भूमिका एक सेतु के समान है। #हिंदी #मराठी_हिंदी #महाराष्ट्र_राष्ट्रभाषा_सभा #पुणे #hindi Jayram Fagare जन्म दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ,सर 💐🙏 #📚एजुकेशनल ज्ञान📝 #📓 हिंदी साहित्य #📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡
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" मातृभाषा हमारे जीवन का आधार है, हिंदी के विकास में योगदान देनेवाले गैर हिंदी भाषिक विद्वानों ने अपनी मातृभाषा का साहित्य,संगीत,कला का सम्मान किया है। क्या हम आज भाषा का दुराग्रह पालते हुए भाषा के गुंडों की फौज खड़ी कर रहे है?" ~ विजय नगरकर 🌍 अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा उत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ विश्व हिन्दी दिवस (10 जनवरी 2026) के पावन अवसर पर हुआ। दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना और प्रेरक वक्तव्यों के साथ यह उत्सव मातृभाषाओं की सांस्कृतिक एकता और भावनात्मक शक्ति का जीवंत प्रतीक बन गया। 🎤 उपाध्यक्ष अचला भूपेन्द्र जी के स्वागत भाषण से शुरुआत हुई, अध्यक्ष भूपेन्द्र कुमार जी ने मातृभाषा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए प्रतियोगिताओं की घोषणा की। 📚 सचिव समीक्षा तैलंग जी ने परिचर्चा का संचालन करते हुए मातृभाषा को हमारी पहचान का आधार बताया। 🌟 विशिष्ट अतिथियों डॉ. साधना बलवटे जी और वरिष्ठ लेखक- अनुवादक विजय प्रभाकर नगरकर जी ने अपने अनुभवों से प्रतिभागियों को प्रेरित किया। 🎶 इस छह सप्ताह के उत्सव में 22 भारतीय भाषाओं में 150+ प्रतियोगिताएँ होंगी – लोकगीत, लोकनृत्य, भाषण, सुलेख, चित्रकला, कविता पाठ, कहानी लेखन, परिचर्चाएँ और बहुत कुछ! यह मंच हर आयु वर्ग के लिए खुला है – जहाँ हर कोई अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकता है। 🌿 थीम 2026: “मातृभाषा आधार जहाँ, हर भाषा उपहार वहाँ” (Where Mother Language Roots, All Languages Bloom) 🙏 उद्घाटन समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, और यह आयोजन मातृभाषाओं को संरक्षित व प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हुआ। 💫 आइए, इस उत्सव का हिस्सा बनें और अपनी मातृभाषा की धरोहर को नई पीढ़ियों तक पहुँचाएँ! 🔖 सहयोगी संस्थाएँ: Sustainable Future Foundation | Global Shakti Forum | WICCI NRI Council | Navchetna Patrika | राजस्थानी लेखिका संगठन https://www.youtube.com/live/HODUmE7_VA8?si=JBf_HYlnb2J7Id7W #📓 हिंदी साहित्य #📚एजुकेशनल ज्ञान📝 #अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस #मातृभाषा
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#🙏संत तुकाराम महाराज #जगद्गुरु श्री संत तुकाराम महाराज बीज हार्दिक शुभेच्छा #संत तुकाराम महाराज बीज 🚩 देहू
🙏संत तुकाराम महाराज - cprooxi aryonnuಹRu um महदवार cprooxi aryonnuಹRu um महदवार - ShareChat
" हिंदी फिल्म और पल्प साहित्य ने हिंदी की रफ्तार बढ़ाई है" ✨📚 ५००० से अधिक उपन्यास! भारतीय जासूस ‘विक्रांत’ की अद्भुत दुनिया 🤯 क्या आपने कभी सोचा है कि एक ही नायक पर पाँच हज़ार से भी अधिक उपन्यास लिखे जा सकते हैं? जी हाँ! यही है विक्रांतवर्स (Vikrantverse) – भारतीय पल्प फिक्शन का वह ब्रह्मांड, जहाँ रोमांच, रहस्य और सनसनी का तूफ़ान लगातार बहता रहा। 🔥 रोचक तथ्य जो आपको चौंका देंगे: - ओमप्रकाश शर्मा की लोकप्रियता ने जन्म दिया कई नकली लेखकों को, जिन्होंने गढ़ा ‘विक्रांत’ – और देखते ही देखते यह चरित्र असली से भी ज़्यादा लोकप्रिय हो गया। - कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि कुमार कश्यप ने इस नायक को जन्म दिया। - विक्रांत के कारनामे इतने साहसी कि उसने कई उपन्यासों में जेम्स बॉन्ड को धूल चटा दी! - 1960–80 के दशक में मेरठ इन उपन्यासों की फैक्ट्री बन गया था। - कभी सात फुट लंबा, कभी अय्याश और बेपरवाह – विक्रांत का हर रूप पाठकों को चौंकाता रहा। - ये उपन्यास थे जनता का सबसे सस्ता, सबसे तेज़ मनोरंजन – दो-तीन घंटे में रहस्य, रोमांच और जासूसी का पूरा संसार। - कहानियों में रूस भारत का मित्र और अमेरिका दुनिया के लिए ख़तरा बनकर उभरता था। 💥 विक्रांत सिर्फ़ एक जासूस नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक घटना थी – जिसने लाखों पाठकों को बाँधे रखा और आज भी उसकी गूँज सुनाई देती है। तो अगर आप भी रहस्यों की परतें खोलने वाले नायक की तलाश में हैं, तो ज़रूर झाँकिए इस अद्भुत विक्रांतवर्स में! #विक्रांत #पल्पफिक्शन #जासूसीउपन्यास #हिंदीसाहित्य #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📚एजुकेशनल ज्ञान📝 #📚कविता-कहानी संग्रह #📓 हिंदी साहित्य
✍मेरे पसंदीदा लेखक - दख्यारी ओमप्रकाश शम Lapdacs ಹudee ओम प्काशशर्मा সীন रधररहमान 3அச BER deula जनप्रयलसक ueಹr? Umm படசம் रजगार२  37 तफान बेगम परकाश Sedal কীান शेर्मा गुल्कार भीगीसत 0s r 124 1ma ೊ Tare Om0a 831 naaare मरझाये फूल @6d 70 -3'7 क 02ು  फिर खिल -7:_3= ai৮৮ 33015 Gal 4~] na खूनकी शमप्रमाशशणरिद्रीक्षी शमालपपर्म मम्हारीकसम பதகள் 7 নংভ दख्यारी ओमप्रकाश शम Lapdacs ಹudee ओम प्काशशर्मा সীন रधररहमान 3அச BER deula जनप्रयलसक ueಹr? Umm படசம் रजगार२  37 तफान बेगम परकाश Sedal কীান शेर्मा गुल्कार भीगीसत 0s r 124 1ma ೊ Tare Om0a 831 naaare मरझाये फूल @6d 70 -3'7 क 02ು  फिर खिल -7:_3= ai৮৮ 33015 Gal 4~] na खूनकी शमप्रमाशशणरिद्रीक्षी शमालपपर्म मम्हारीकसम பதகள் 7 নংভ - ShareChat
#🙏चारधाम यात्रा🛕 #🌸श्री स्वामी समर्थ🙏 #🛕मंदिर दर्शन🙏
🙏चारधाम यात्रा🛕 - "ओम जय जगदोश हरे। सर्वविदित आरती  के रचयिता हिंदी और पंजाबी भाषा के प्रसिद्ध साहित्यकार पंडित श्रद्ाराम शर्मा उर्फ़ "राम फिल्लौरी" जी "ओम जय जगदोश हरे। सर्वविदित आरती  के रचयिता हिंदी और पंजाबी भाषा के प्रसिद्ध साहित्यकार पंडित श्रद्ाराम शर्मा उर्फ़ "राम फिल्लौरी" जी - ShareChat
#🛕मंदिर दर्शन🙏 #🌸श्री स्वामी समर्थ🙏 #🙏चारधाम यात्रा🛕
🛕मंदिर दर्शन🙏 - ShareChat
#📚कविता-कहानी संग्रह #✍मेरे पसंदीदा लेखक
📚कविता-कहानी संग्रह - 'बच्चे एक दिन यमलोक पर धावा बोलेंगे और छुड़ा ले आयेंगे को वापस पृथ्वी q पुरखों पर, और फिर आँखें फाड़े विस्मय से सुनते মনিমী নব্ধ|' कहानी एक अनन्त 'बच्चे एक दिन यमलोक पर धावा बोलेंगे और छुड़ा ले आयेंगे को वापस पृथ्वी q पुरखों पर, और फिर आँखें फाड़े विस्मय से सुनते মনিমী নব্ধ|' कहानी एक अनन्त - ShareChat
#✨शुभ दीपावली🪔 #✨दिवाळी स्टेटस🪔
✨शुभ दीपावली🪔 - शुभ दीपावली मी अविवेकाची काजळी। फेडोनी विवेक दीप उजळी ।। ते योगिया पाहे दिवाळी।। निरंतर।। संत ज्ञानेश्वर शुभ दीपावली मी अविवेकाची काजळी। फेडोनी विवेक दीप उजळी ।। ते योगिया पाहे दिवाळी।। निरंतर।। संत ज्ञानेश्वर - ShareChat
#✍प्रेमचंद की कहानियां #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📚एजुकेशनल ज्ञान📝
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