२.३ लाख व्ह्यू · १.४ लाख प्रतिक्रिया | आज मुलाकात हुई डॉक्टर गोयल जी से… जिन्होंने 1971 में इंग्लिश में पीएचडी पूरी की और एनडीए में शिक्षक रहकर कई युवाओं का भविष्य बनाया। लेकिन आज उनकी आँखें उनका साथ छोड़ चुकी हैं… और उनकी एक बात दिल को छू जाती है—‘अगर 15 साल और पढ़ा लेते, तो आज पेंशन ले रहे होते।’ ये सिर्फ एक अफसोस नहीं, बल्कि जिंदगी का कड़वा सच है। क्योंकि जिंदगी में कब, कहाँ, क्या हो जाए—कोई नहीं जानता। जो इंसान आज अपने अस्तित्व पर घमंड करता है, उसे ये समझ लेना चाहिए कि एक पल में सब बदल सकता है। असली समझ उसी में है जो इस सच्चाई को स्वीकार कर विनम्र बना रहे #life #reality #nda | rozana.news24.7
आज मुलाकात हुई डॉक्टर गोयल जी से… जिन्होंने 1971 में इंग्लिश में पीएचडी पूरी की और एनडीए में शिक्षक रहकर कई युवाओं का भविष्य बनाया। लेकिन आज उनकी आँखें...