🙏 त्रिमूर्ति 🙏
6 Posts • 9K views
सोचिए — एक ही आत्मा के तीन रूप: ब्रह्मा, विष्णु और शिव — यही त्रिमूर्ति है जो सृष्टि, पालन और संहार की ब्रहांडीय क्रियाओं को व्यक्त करती है; पुराणों में इसे इसी रूप में समझाया गया है। ओम् (A-U-M) के स्वर को भी परंपरा रचना-पालन-विनाश से जोड़ती है — शब्द में ही यह त्रिकालीन अर्थ छिपा है। वैज्ञानिक और तार्किक दृष्टि से देखें तो यह प्रतीकात्मक व्यवस्था प्रकृति के चक्रों—ऊर्जा का रूपांतरण, संरचना का निर्माण और विघटन—को संक्षेप में बताती है; अतः पुराणों को ऐतिहासिक अन्वेषण के बजाय प्रतीकात्मक-वैज्ञानिक रूपकों के रूप में समझना सूझबूझ है। एक पुराना श्लोक (Vishnu Purana) भी कहता है कि एक परम सत्ता ने स्वयं को तीन रूपों में विभाजित कर दुनिया को रचा, सँभाला और समाहत किया — यही वारे-नाते त्रिमूर्ति का मूल संदेश है। तथ्यगत निरीक्षण: ब्रह्मा की आराधना के लिए समर्पित मंदिर बहुत कम मिलते हैं; Pushkar का ब्रह्मा मंदिर इसकी सबसे प्रमुख जीवित झलक है। साथ ही तर्क यह भी कहता है कि पुराणों की कथाओं में अक्सर साम्प्रदायिक व्याख्याएँ और प्रतीकात्मक विवाद भी दिखते हैं — जिनका आलोचनात्मक अध्ययन Ambedkar जैसे चिंतकों ने उजागर किया है; इसलिए धर्म-कथाओं को सत्य/अभास के मानदंड से परखते समय प्रतीक, इतिहास और तर्क तीनों को अलग-अलग परखना आवश्यक है। 🔱🕉️🔥🌊🌱 #त्रिमूर्ति #ब्रह्मा_विष्णु_शिव #ओम् #धार्मिक_ज्ञान #Mythology #Philosophy @त्रिमूर्ति @त्रिमूर्ति @देवराज त्रिमूर्ति @त्रिमूर्ति एडवरटाईजिंग @सर मुकेश शेकोकर संचालक त्रिमूर्ति डांस एकेडमी #🙏 त्रिमूर्ति 🙏 #त्रिमूर्ति ग्रुप #त्रिमूर्ति #त्रिमूर्ति गुरुदेव #परमपिता परमात्मा त्रिमूर्ति शिव भगवानुवाच
36 likes
38 shares