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💮कर्म☯
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sn vyas
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शीर्षक: 🤯 जब एक दानवीर राजा को बनना पड़ा 'गिरगिट'! श्रीकृष्ण ने ऐसे किया उद्धार 🙏 #❤️जीवन की सीख #कर्म #धर्म कर्म क्या आप जानते हैं, अनजाने में किया गया पाप भी कितना भारी पड़ सकता है? श्रीमद्भागवत महापुराण की यह कथा आँखें खोल देने वाली है। एक बार द्वारका में श्रीकृष्ण के पुत्रों को एक कुएँ में एक विशालकाय गिरगिट दिखा। वे उसे निकाल न सके और श्रीकृष्ण को बुलाया। भगवान के स्पर्श मात्र से वह गिरगिट एक दिव्य पुरुष बन गया! वह कोई और नहीं, दानवीर राजा नृग थे। 🤔 आखिर क्यों मिला उन्हें यह श्राप? राजा नृग ने जीवन भर लाखों गायों और अपार धन का दान किया था। लेकिन एक बार, भूलवश, एक ब्राह्मण की गाय उनकी गायों में मिल गई और उन्होंने उसे अनजाने में दूसरे ब्राह्मण को दान कर दिया। इस एक छोटी सी भूल के कारण, दोनों ब्राह्मणों के बीच विवाद हुआ और अंततः राजा नृग को यमराज ने पाप का फल पहले भोगने का विकल्प दिया। 🙏 श्रीकृष्ण का उपदेश: ब्राह्मण-धन है 'महाविष' राजा नृग का उद्धार करने के बाद, श्रीकृष्ण ने अपने परिवार और समाज को एक महत्वपूर्ण शिक्षा दी: 🔥 "ब्राह्मण का धन हलाहल विष से भी खतरनाक है। विष तो सिर्फ खाने वाले को मारता है, लेकिन ब्राह्मण के धन से पैदा हुई आग पूरे कुल का नाश कर देती है।" 🔥 "जो मूर्ख राजा अभिमान में ब्राह्मण का धन हड़पते हैं, वे अपने और अपने वंशजों के लिए नरक का रास्ता साफ करते हैं।" 🔥 "ब्राह्मण अगर अपराध भी करे, गाली दे या मारे, तब भी उसे नमस्कार ही करना चाहिए, द्वेष नहीं।" शिक्षा: हमें अपने कर्मों के प्रति सदैव सजग रहना चाहिए। अनजाने में की गई भूल भी पाप बन सकती है। दान-पुण्य करते समय भी अत्यंत सावधानी बरतें। और सबसे महत्वपूर्ण, ब्राह्मणों और सज्जनों का सदा सम्मान करें। जय श्री कृष्णा! 🙏🕉️
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