Kiran Gosavi
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#!! ओम चैतन्य मच्छिन्द्रनाथाय नमः !! #ओम श्री नवनाथाय नमः #ओम शिवगोरक्ष #ओम चैतन्य कानिफनाथाय नमः #गोरक्षनाथ वाणी
हिंगलाज माता का रहस्य 🔱✨
और बड़ेबाबा मछिंद्रनाथ का दिव्य साक्षात्कार 🙏🌺
बहुत प्राचीन काल में नाथ परंपरा के महान योगी बड़ेबाबा मछिंद्रनाथ गहन तपस्या में लीन रहते थे।
कहा जाता है कि उनका तेज सामान्य नेत्रों से दिखाई नहीं देता था।
उसी युग में मरुभूमि की कठोर और निर्जन भूमि में हिंगलाज माता का अत्यंत रहस्यमय मंदिर स्थित था।
वह स्थान केवल उन्हें ही स्वीकार करता था जिनकी भक्ति शुद्ध होती थी।
एक श्रद्धालु भक्त माता के दर्शन की गुप्त लालसा लेकर उस मार्ग पर चला।
जैसे जैसे वह आगे बढ़ा मार्ग बदलने लगा।
हवाएँ फुसफुसाने लगीं।
दिशाएँ भ्रमित होने लगीं।
जब उसकी शक्ति समाप्त होने लगी तब उसने अंतर्मन से माता का आह्वान किया।
उसी क्षण समय थम सा गया।
मरुभूमि में दिव्य प्रकाश फैला।
उस प्रकाश से बड़ेबाबा मछिंद्रनाथ प्रकट हुए।
उनके चरण भूमि को स्पर्श नहीं कर रहे थे।
उनकी दृष्टि में गूढ़ रहस्य छिपा था।
उन्होंने भक्त के मस्तक पर हाथ रखा।
स्पर्श मात्र से चेतना जाग उठी।
भक्त को अपने भीतर नाद की ध्वनि सुनाई दी।
बड़ेबाबा के संकेत पर भक्त ने नेत्र बंद किए।
साधना के क्षणों में गुफा का द्वार स्वयं खुल गया।
माता हिंगलाज प्रकाश रूप में प्रकट हुईं।
कहा जाता है कि उस दर्शन के बाद भक्त साधारण मानव नहीं रहा।
आज भी यह रहस्य बना हुआ है कि नाथ की कृपा बिना माँ का मार्ग स्वयं प्रकट नहीं होता।
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