ਕਬੱਡੀ ਜ਼ਿੰਦਾਬਾਦ
89 Posts • 224K views
श्यामा
613 views
कड़ी मेहनत, फिटनेस और टीमवर्क—इन तीनों का कमाल एक बार फिर दुनिया ने देखा! टीम ने पूरे टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन किया—रेडिंग, डिफेंस और काउंटर-टैक्टिक्स, हर मोर्चे पर बेजोड़ नियंत्रण दिखाया। यह जीत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी और बताएगी कि कड़े संघर्ष से कैसे सपने सच होते हैं। भारत की उन बेटियों को सलाम जिन्होंने मेहनत को मेडल में बदला और देश का परचम एक बार फिर बुलंद किया। यह लगातार दूसरी बार है जब भारतीय महिला टीम ने कबड्डी वर्ल्ड कप जीता है। इससे पहले टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में ईरान को 33–21 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। “मेरी चोट मेरे सपनों को रोक नहीं सकी… वर्ल्ड कप फिर भी घर आया।” मैच के पहले हाफ में भारत ने बढ़त बना ली थी, लेकिन 13वें मिनट में कप्तान रितु नेगी दाहिने हाथ में चोट लगने के कारण स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाई गईं। दर्द साफ दिखाई दे रहा था, पर उनका जज़्बा टीम के हर खिलाड़ी में जिंदा रहा। कप्तान भले मैदान पर नहीं थीं, टीम इंडिया सिर्फ जीत के लिए नहीं, अपनी कप्तान के लिए खेल रही थी। यह जीत सिर्फ एक स्कोर नहीं — यह साहस, एकता और अदम्य आत्मविश्वास की जीत है। भारत ने दुनिया को दिखा दिया कि कबड्डी सिर्फ खेल नहीं, जज़्बे का नाम है। और आज यह वर्ल्ड कप ट्रॉफी रितु नेगी की हिम्मत और टीम इंडिया की शक्ति का सबसे चमकदार सबूत है। #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #🔥 टीम इंडिया 🇮🇳 #भारत #कबड्डी
12 likes
11 shares