#🌹🙏श्री रामचरित मानस🙏🌹
🛑 अपना समय व्यर्थ न करें: श्रीरामचरितमानस की 7 बड़ी सीख 🛑
हम अक्सर उन लोगों को समझाने में अपनी ऊर्जा बर्बाद कर देते हैं जो हमारी बात समझने के पात्र ही नहीं होते। गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में बहुत ही स्पष्ट रूप से बताया है कि किन लोगों से कौन-सी बात करना 'बंजर धरती में बीज बोने' जैसा है।
जब समुद्र ने तीन दिन तक श्रीराम की विनती नहीं सुनी, तब प्रभु ने लक्ष्मण जी को ये नीति समझाई:
🔇 मूर्ख (सठ): मूर्ख व्यक्ति से विनय या प्रार्थना करना व्यर्थ है। वह केवल भय या दंड की भाषा समझता है।
🐍 कुटिल: जो मन का कपटी हो, उससे प्रेम (प्रीति) की बात न करें।
💰 कंजूस: जो जन्मजात कंजूस है, उसे दान या उदारता का ज्ञान देना समय की बर्बादी है।
🏠 ममता में फंसा व्यक्ति: जिसे मोह-माया ने जकड़ रखा हो, उसे ज्ञान की बात समझ नहीं आएगी।
🤑 लोभी: लालची व्यक्ति से वैराग्य (त्याग) की बात करना व्यर्थ है।
😡 क्रोधी: जो गुस्से में हो, उसे शांति या धर्म का उपदेश न दें।
👁️ कामी: काम-वासना में लिप्त व्यक्ति को भगवान की कथा (हरिकथा) नहीं सुहाती।
🌿 चौपाई:
सठ सन बिनय कुटिल सन प्रीती। सहज कृपन सन सुंदर नीती।।
ममता रत सन ग्यान कहानी। अति लोभी सन बिरति बखानी।।
जीवन में शांति चाहिए तो सही व्यक्ति से ही सही बात करें।
जय सियाराम! 🙏🚩