*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक - 13 फरवरी 2026*
*⛅दिन - शुक्रवार*
*⛅विक्रम संवत् - 2082*
*⛅अयन - उत्तरायण*
*⛅ऋतु - शिशिर*
*⛅मास - फाल्गुन*
*⛅पक्ष - कृष्ण*
*⛅तिथि - एकादशी दोपहर 02:25 तक तत्पश्चात् द्वादशी*
*⛅नक्षत्र - मूल शाम 04:12 तक तत्पश्चात् पूर्वाषाढा*
*⛅योग - वज्र रात्रि 03:23 फरवरी 14 तक तत्पश्चात् सिद्धि*
*⛅राहुकाल - सुबह 11:16 से दोपहर 12:41 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅सूर्योदय - 07:01*
*⛅सूर्यास्त - 06:22 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में*
*⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:19 से प्रातः 06:10 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:19 से दोपहर 01:04 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:16 फरवरी 14 से रात्रि 01:06 फरवरी 14 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*🌥️व्रत पर्व विवरण - विजया एकादशी, विष्णुपदी - कुम्भ संक्रान्ति (पुण्यकाल- सूर्योदय से दोपहर 12:41 तक)*
*🌥️विशेष - एकादशी को शिम्बी (सेम) व द्वादशी को पूतिका (पोइ) खाने से पुत्र का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
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*🔹थकान मिटाने हेतु🔹*
#💮आज का पंचांग एवं मुहूर्त💫
*🔸ध्यान-भजन करने बैठे और थकान लगे तो क्या करे ? पलथी मार के बैठो और शरीर को चक्की कि नाई गोल घुमाओ । अनाज पीसने कि हाथवाली चक्की घूमती है न गोल, ऐसे थोड़ी देर घुमाओ, फिर उसकी विपरीत दिशा में भी घुमाओ । फिर अपने-आप घूमेगा थोड़ी देर । इससे थकान मिटेगी, ताजगी आयेगी ।*
*🔹कलह, धन-हानि व रोग-बाधा से परेशान हों तो...🔹*
*🔸घर में कलहपूर्ण वातावरण, धन-हानि एवं रोग-बाधा से परेशानी होती हो तो आप अपने घर में मोरपंख कि झाड़ू या मोरपंख पूजा-स्थल में रखें । नित्य नियम के बाद मन-ही-मन भगवन्नाम या गुरुमंत्र का जप करते हुए इस पंख या झाड़ू को प्रत्येक कमरे में एवं रोग-पीड़ित के चारों तरफ गोल-गोल घुमाये ।*
*कुछ देर ‘ॐकार ‘ का कीर्तन करें-करायें । ऐसा करने से समस्त प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है तथा ऊपरी एवं बुरी शक्तियों का प्रभाव भी दूर हो जाता है ।*
*🔹विद्यार्थी विशेष🔹*
*🔸सर्वांगीण विकास के पाँच दिव्य सोपान🔸*
*🔸एकाग्रता, अनासक्ति, श्रद्धा, सच्चरित्रता और ब्रह्मचर्य पाँच साधन इतने प्रभावशाली हैं कि छोटे-से-छोटे व्यक्ति को भी महान बनाने में देर नहीं करते । ये सद्गुण विकसित करें तो ईश्वरप्रापि हो जाय । और ईश्वरप्राप्ति हो गयी तो क्या बाकी रहा ! जगत की कोई भी चीज उसके लिए अप्राप्त नहीं है, आसान है । फिर तो पढ़ाई में भी छक्का स्वास्थ्य में भी छक्का, आनंद में भी छक्का !*