Brahmakumaris GODLY UNIVERSITY
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25/08/2025 पार्टीयों से - 1. सभी का पुरुषार्थ ठीक चल रहा है? किस नम्बर का लक्ष्य रखा है? (फर्स्ट इग्rst) फर्स्ट नम्बर के लिए मालूम है क्या करना पड़ता है? फर्स्ट नम्बर लेने के लिए विशेष फास्ट रखना पड़ता है। फास्ट के दो अर्थ होते हैं। एक फास्ट व्रत को भी कहा जाता है। तो विशेष कौनसा व्रत रखना है? (पवित्रता का) यह व्रत तो कॉमन है। यह व्रत तो सभी रखते हैं। फर्स्ट आने के लिए विशेष व्रत रखना है कि एक बाप दूसरा न कोई। हर बात में एक की ही स्मृति आये। जब यह फास्ट रखेंगे तो फर्स्ट आ जायेंगे। दूसरा फास्ट - जल्दी चलने को भी कहा जाता है अर्थात् तीव्र पुरुषार्थ। महारथी उसको कहा जाता है जो सदैव माया पर विजय प्राप्त करे। माया को सदा के लिए विदाई दे दें। विघ्नों को हटाने की पूरी नालेज है? सर्वशक्तिमान के बच्चे मास्टर सर्वशक्तिमान हो। तो नालेज के आधार पर विघ्न हटाकर सदैव मगन अवस्था रहे। अगर विघ्न हटते नहीं हैं तो जरूर शक्ति प्राप्त करने में कमी है। नालेज ली है लेकिन उसको समाया नहीं है। नॉलेज को समाना अर्थात् स्वरूप बनना। जब समझ से कर्म होगा तो उसका फल सफलता अवश्य निकलेगी। 2. तीव्र पुरुषार्थी के क्या लक्षण होते हैं? समझाया था ना कि फरमानबरदार किसको कहा जाता है? जिसका संकल्प भी बिगर फरमान के नहीं चलता। ऐसे फरमानबरदार को ही तीव्र पुरुषार्थी कहा जाता है। सर्वशक्तिमान बाप के बच्चे जो शक्तिवान हैं, उन्हों के आगे माया भी दूर से ही सलाम कर विदाई ले लेती है। वल्लभाचारी लोग अपने शिष्यों को छूने भी नहीं देते हैं। अछूत अगर छू लेता है तो स्नान किया जाता है। यहाँ भी ज्ञान स्नान कर ऐसी शक्ति धारण करो जो अछूत नज़दीक न आयें। माया भी क्या है? अछूत। अच्छा। * * * ओम् शान्ति * * * © Copyright 2025, Brahma Kumaris #🙏कर्म क्या है❓ #🙏गुरु महिमा😇 #Brahmakumaris GODLY UNIVERSITY #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
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