jay veer hanuman

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योगिनी एकादशी की कथा 🌺 🙏 प्राचीन समय में कुबेर भगवान शिव के परम भक्त थे। उनके यहाँ हेममाली नाम का एक यक्ष पुष्प लाने का कार्य करता था। एक दिन वह अपनी पत्नी विशालाक्षी के प्रेम में इतना मग्न हो गया कि भगवान शिव की पूजा के लिए समय पर पुष्प नहीं पहुँचा पाया। इससे क्रोधित होकर भगवान शिव ने हेममाली को कुष्ठ रोग का शाप दे दिया और उसे पृथ्वी पर भटकने के लिए भेज दिया। अनेक वर्षों तक कष्ट सहने के बाद हेममाली की भेंट ऋषि मार्कण्डेय से हुई। उसने अपनी भूल स्वीकार की और क्षमा माँगी। ऋषि मार्कण्डेय ने उसे आषाढ़ कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी का व्रत रखने की सलाह दी। हेममाली ने श्रद्धा और नियमपूर्वक योगिनी एकादशी का व्रत किया। व्रत के पुण्य प्रभाव से उसका कुष्ठ रोग दूर हो गया, सभी पाप नष्ट हो गए और उसे पुनः सुख, सम्मान तथा अपनी पत्नी का साथ प्राप्त हुआ। योगिनी एकादशी का संदेश: योगिनी एकादशी का व्रत मनुष्य के पापों का नाश करता है, रोगों से मुक्ति दिलाता है और भगवान श्रीहरि विष्णु की कृपा प्राप्त कराता है। इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत, भगवान विष्णु का पूजन, कथा-श्रवण और दान-पुण्य करना अत्यंत शुभ माना जाता है। 🌼 योगिनी एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएँ। भगवान श्रीहरि विष्णु और पवनपुत्र हनुमान जी की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति, आरोग्य और समृद्धि का वास हो। जय श्रीहरि। जय श्रीराम। 🙏🌺 #🕉️सनातन धर्म🚩 ##jay sri ram #jay veer hanuman #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
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