🧟 പ്രേതകഥകൾ!
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Sachin Sharma
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छोटा बच्चा अकेला था— एक भयावह रात की सच्चाई रात के 8 बजे थे। पूरा घर बाहर जाने की तैयारियों में लगा हुआ था। राहुल के मामा की शादी थी और सब उसी में जा रहे थे— सिवाय राहुल के। राहुल 9वीं कक्षा में था और अगले हफ्ते उसके exams थे। माँ ने उससे पूछा भी, “बेटा, चलना है क्या? थोड़ी देर रुककर वापस आ जाएँगे।” लेकिन राहुल ने मुस्कुराते हुए कहा, “नहीं माँ, मैं पढ़ लूँगा… सुबह test है।” माँ ने उसके माथे को चूमा और प्यार से बोली, “डर लगे तो वीडियो कॉल कर लेना…” राहुल ने हँसते हुए कहा, “अरे माँ, मैं बच्चा थोड़ी हूँ अब!” यही बात उसे आधी रात तक याद आती रही। --- घर में पहली अजीब आवाज़ करीब रात के 10:30 बजे, राहुल पढ़ाई कर रहा था। घर पूरी तरह शांत था। बाहर की स्ट्रीट लाइट की हल्की रोशनी खिड़की से अंदर आ रही थी। तभी… “कर्क… कर्क…” ड्रॉइंग रूम का दरवाज़ा धीरे-धीरे खुलने की आवाज़ आई। राहुल चौंका। पहले उसने सोचा— “शायद हवा होगी।” वह उठा, जाकर दरवाज़ा बंद किया और वापस पढ़ने लगा। कुछ मिनट बाद… “धड़ाम!” दरवाज़ा फिर से जोर से खुला। इस बार राहुल का दिल धक-धक करने लगा। उसने खुद को समझाया, “हवा है… हाँ हवा ही है…” लेकिन खिड़कियाँ बंद थीं। पूरा घर बंद था। --- लाइट का खेल — ON/OFF खुद-ब-खुद राहुल वापस टेबल पर आया ही था कि कमरे की tube light एकदम से बंद हो गई। अंधेरा… गहरा अंधेरा। 10 सेकंड बाद— ट्यूबलाइट फिर से ON। राहुल का माथा पसीने से भीग गया। उसने घड़ी देखी — 11:15 PM। वह डर के मारे अपना फोन उठाने ही वाला था कि इस बार उसके कमरे के बगल वाले store room की लाइट अपने आप चालू हो गई। राहुल के हाथ ठंडे पड़ गए। घर में कोई नहीं था… फिर लाइट किसने चलाई? --- धीमे-धीमे कदमों की आवाज़ राहुल को store room के अंदर से धीमे, खुरदुरे कदमों की आवाज़ सुनाई देने लगी— टप… टप… टप… उसने डर के मारे अपनी सांस रोक ली। वह चुपचाप कमरे के कोने में जाकर बैठ गया, घुटनों को कसकर पकड़ा और खुद को गोल कर लिया। कदमों की आवाज़ धीरे-धीरे उसकी ओर बढ़ रही थी। फिर… store room का door… थोड़ा-सा खुला। अंदर पूरी तरह अंधेरा था। लेकिन ऐसा लगा जैसे कोई उसे देख रहा हो। राहुल ने मोबाइल का flashlight ON किया और जैसे ही रोशनी दरवाज़े पर पड़ी— दरवाज़ा खुद-ब-खुद बंद हो गया। “बस… बस अब तो मैं मर जाऊँगा…” राहुल रोने लगा। उसका शरीर काँप रहा था। उसे लगने लगा कि घर का हर साया… उसी को घूर रहा है। वह पूरी रात नींद और डर के बीच एक कोने में दुबका रहा। --- सुबह का खौफनाक सच सुबह 6 बजे घरवालों की आवाज़ आई। दरवाज़ा खोला— राहुल ठंड से काँप रहा था, चेहरा पीला, होठ सूखे हुए। माँ चीख पड़ी— “राहुल!!! क्या हुआ? ये हालत कैसे हुई?” राहुल बोल नहीं पा रहा था। उसका बुखार 103° था। डॉक्टर ने कहा— “डर से हुआ है। बच्चा पूरी रात जागा है।” पर असली डर तो अभी बाकी था… --- CCTV फुटेज जिसने सबको हिला दिया पापा ने सोचा कि कहीं कोई घर में घुसा तो नहीं। उन्होंने CCTV खोला। फुटेज देखते ही माँ की चीख निकल गई। राहुल कमरे में पढ़ रहा था… और पीछे ड्रॉइंग रूम का दरवाज़ा धीरे-धीरे अपने आप खुल रहा था। फिर स्टोर रूम की लाइट अपने आप जलती है… और कैमरे में दरवाज़े के पास एक धुंधली-सी परछाईं दिखाई देती है। कोई इंसान नहीं… लेकिन किसी इंसान जैसी आकृति। पापा के हाथ काँप गए, “यह… यह क्या है?” माँ तुरंत राहुल को सीने से लगा लेती है, “मुझे माफ कर देना बेटा… हमें तुम्हें अकेला नहीं छोड़ना चाहिए था…” राहुल बस रो रहा था— “मैं बहुत डर गया था माँ…” --- सीख: 👉 बच्चों को कभी भी रात में घर पर अकेला छोड़कर मत जाएं। 👉 डर सिर्फ कहानी नहीं— कई बार सच्चाई भी हो सकता है। --- पाठकों से निवेदन 🙏 मेरे प्रिय पाठकों, मै एक लेखक हूं, मै हिन्दी कहानियां एवं साहित्य लिखता हूं। मेरा काम सिर्फ कहानियां लिखना नहीं, बल्कि ऐसी कहानियां लिखना है जिससे कि लोगों को अच्छी सीख मिले। आप सब पाठकों से निवेदन है 🙏, कि मुझ जैसे लेखक को सपोर्ट कीजिए। बस मेरी रचनाओं को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। और मुझे Follow कर लीजिए, ऐसी ही अदभुत और शिक्षाप्रद कहानियां पढ़ने के लिए। धन्यवाद ❤️ यह तो बस छोटी सी कहानी है, इससे बड़ी बड़ी और detailed स्टोरी आपको मेरी website पर मिलेंगी। जहां horror • Love • Travel • Family कहानियां कई पार्ट में है। #📚कविता-कहानी संग्रह #📓 हिंदी साहित्य #👀रोमांचक कहानियाँ 🕵️‍♂️ #भूतिया कहानी #डरावनी कहानियां
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Sachin Sharma
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शमशान की चुड़ैल: जिंदा जली दुल्हन की भयानक कहानी राजेश और प्रिया को अपने सपनों का घर मिल गया था। दिल्ली के बाहरी इलाके में बना यह नया अपार्टमेंट उनके बजट में एकदम सही था। तीन कमरे, बड़ा हॉल, और सबसे अच्छी बात - किराया बाकी जगहों से आधा। "यह इतना सस्ता क्यों है?" प्रिया ने पहली बार देखते समय पूछा। मकान मालिक ने मुस्कुराते हुए कहा, "बस थोड़ा दूर है शहर से, और पीछे की तरफ एक पुराना शमशान है। लोगों को पसंद नहीं आता।" राजेश ने हंसकर कहा, "हम पढ़े-लिखे लोग हैं प्रिया। ये सब अंधविश्वास है।" और राजेश और प्रिया वहां रहने चल दिए। पहली रात का डरावना अनुभव शिफ्ट होने के पहले दिन सब ठीक रहा। सामान लगाया, कमरे सजाए, और रात को थके-हारे सो गए। लेकिन रात ठीक बारह बजे प्रिया की नींद टूट गई। एक औरत की चीख। इतनी तेज, इतनी दर्द भरी कि उसके रोंगटे खड़े हो गए। "राजेश! सुना तुमने?" प्रिया ने पति को हिलाया। "क्या हुआ?" राजेश ने नींद में ही पूछा। "कोई चीख रही थी।" राजेश ने खिड़की से बाहर देखा। सन्नाटा था। "शायद कोई जानवर होगा। सो जाओ।" लेकिन प्रिया की आंखों में अब नींद कहां। वो चीख अब भी उसके कानों में गूंज रही थी। रोज रात बारह बजे का रहस्य अगली रात फिर वही हुआ। ठीक बारह बजे वही चीख। इस बार राजेश भी जाग गया। "ये क्या है?" उसने घबराकर पूछा। तीसरी रात, चौथी रात, पांचवीं रात। हर रात ठीक बारह बजे वही दर्द भरी चीख सुनाई देती। और अब तो उन्हें कुछ और भी सुनाई देने लगा था - पायल की झनकार, किसी के रोने की आवाज, और कभी-कभी तो ऐसा लगता जैसे कोई उनके दरवाजे पर खड़ा हो। प्रिया की हालत बिगड़ने लगी। वो ठीक से खा-पी नहीं पा रही थी। राजेश भी परेशान था पर अपने डर को छुपा रहा था। "हमें किसी से बात करनी चाहिए," प्रिया ने एक दिन कहा। पड़ोसी का खुलासा नीचे वाले फ्लैट में रहने वाली बूढ़ी काकी से जब उन्होंने पूछा तो वो चुप हो गईं। काफी देर बाद बोलीं, "तुम लोग ऊपर वाले फ्लैट में रहते हो ना?" "हां।" "वहां कोई टिकता नहीं बेटा। पिछले दो साल में पांच परिवार आए और चले गए।" राजेश का दिल तेजी से धड़कने लगा। "क्यों?" काकी ने आसपास देखा और धीरे से बोलीं, "इस इमारत के नीचे पचास साल पहले एक दुल्हन को जिंदा जला दिया गया था। उसकी आत्मा अब भी भटकती है।" प्रिया के हाथ-पैर ठंडे पड़ गए। "क्या?" --- पाठकों से निवेदन 🙏 दोस्तों कहानी बहुत ही भयावह और डरावनी है। पूरी कहानी का लिंक नीचे दिया गया है, लिंक एकदम साफ और सुरक्षित है, पूरी कहानी जरूर पढ़ें 👇 https://www.kahanighar.in/2025/11/jinda-jali-dulhan-horror-story-shamshan-ki-chudail-bhayanak-kahani.html दोस्तों अगर आपको मेरी लिखी हुई यह कहानी पसंद आए तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें 🙏 मै एक लेखक हूं, कृपया मुझे Follow करके मुझे Support कीजिए 🙏 #📚कविता-कहानी संग्रह #📓 हिंदी साहित्य #👀रोमांचक कहानियाँ 🕵️‍♂️ #डरावनी कहानियां #भूतिया कहानी
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Sachin Sharma
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हनीमून की कहानी - Night Story शादी के बाद सपनों के हनीमून की कहानी रोहन और आरती की शादी को महीना भर हो चुका था। दोनों ने अपने हनीमून के लिए शिमला के पास एक खूबसूरत रिसॉर्ट होटल चुना था। रोहन फोटोग्राफी का बहुत शौकीन था, इसलिए उसने अपना नया कैमरा और फोन दोनों साथ रखे थे। आरती भी हर पल को यादगार बनाना चाहती थी। दोनों ने ऑनलाइन होटल बुक किया था। वेबसाइट पर होटल की तस्वीरें देखकर ही वे मोहित हो गए थे। पहाड़ों के बीच बसा यह होटल बिल्कुल परीलोक जैसा दिखता था। समीक्षाएं भी अच्छी थीं, हालांकि कुछ पुरानी समीक्षाएं अजीब जरूर लगी थीं, पर रोहन ने उन पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। होटल पहुंचने पर पहला अहसास जब वे होटल पहुंचे तो शाम के छह बज चुके थे। रिसेप्शन पर एक बुजुर्ग व्यक्ति बैठा था जिसकी आंखों में एक अजीब सी उदासी थी। उसने उन्हें कमरे की चाबी देते हुए कहा, "कमरा नंबर तीन सौ तेरह। आप लोग खुश रहें।" रोहन को यह वाक्य थोड़ा अजीब लगा। खुश रहने की शुभकामना तो सभी देते हैं, पर उस बुजुर्ग के लहजे में कुछ और ही था। जैसे वह चेतावनी दे रहा हो। कमरा वाकई खूबसूरत था। बड़ी खिड़कियों से पहाड़ों का नजारा दिखता था। रोहन ने तुरंत अपना कैमरा निकाला और आरती की तस्वीरें खींचनी शुरू कर दीं। आरती बालकनी में खड़ी होकर पहाड़ों को निहार रही थी। "रोहन, यहां का मौसम कितना सुहाना है! लगता है हमने सही जगह चुनी," आरती ने मुस्कुराते हुए कहा। रोहन ने उस पल को भी अपने कैमरे में कैद कर लिया। होटल के रेस्तरां में रात का खाना रात को दोनों होटल के रेस्तरां में खाना खाने गए। रेस्तरां में और भी कपल थे, सभी अपनी दुनिया में मस्त। रोहन ने वहां भी कुछ तस्वीरें खींचीं। उसने आरती के साथ सेल्फी ली, खाने की तस्वीरें लीं, और रेस्तरां के खूबसूरत सजावट की भी कुछ तस्वीरें उतारीं। खाना खाते समय आरती को अचानक ऐसा लगा जैसे कोई उन्हें घूर रहा है। उसने इधर-उधर देखा लेकिन सभी अपने-अपने काम में व्यस्त थे। उसने सोचा शायद यह सिर्फ उसका वहम है। "क्या हुआ?" रोहन ने पूछा। "कुछ नहीं, बस ऐसा लग रहा था जैसे कोई देख रहा है," आरती ने हल्के से कहा। "अरे, हनीमून पर आए हो, थोड़ा रिलैक्स करो। सब कुछ बढ़िया है," रोहन ने हंसते हुए कहा। खाना खत्म करके दोनों अपने कमरे में लौट आए। --- दोस्तों कहानी बहुत अच्छी है, आपको पूरी कहानी मेरी website पर मिलेगी। कहानी का लिंक नीचे दिया गया है, लिंक एकदम साफ और सुरक्षित है, पूरी कहानी जरूर पढ़ें 👇 https://www.kahanighar.in/2025/11/honeymoon-horror-story-haunted-hotel-room-313-true-scary-story.html दोस्तों अगर आपको कहानी पसंद आए तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें 🙏। और ऐसी ही मजेदार कहानियां पढ़ने के लिए मुझे follow जरूर करें 🙏 #📚कविता-कहानी संग्रह #📓 हिंदी साहित्य #👀रोमांचक कहानियाँ 🕵️‍♂️ #भूतिया कहानी #डरावनी कहानियां
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