App ki !! Kasham
777 views •
प्रेम को दिखाया नहीं जाता,
यह तो वो एहसास है
जो केवल महसूस किया जाता है।
न इसका कोई पैमाना है,
न कोई सीमा,
यह अनन्त है, अथाह है,
खामोशी में भी पूरा है।
प्रेम कहा नहीं जाता,
बस जिया जाता है,
शब्द जहाँ थम जाएँ
वहीं से प्रेम मुस्कुराता है।
यह निश्छल है, निष्काम है,
वात्सल्य की चादर ओढ़े,
न कुछ पाने की चाह,
न कुछ खोने का भय।
प्रेम में न तेरा है, न मेरा,
न कम, न अधिक का भार,
यह तो बस बहता है
निःस्वार्थ एक धार।
न हार है इसमें, न जीत,
न आरम्भ, न अंत का बोध,
प्रेम तो बस प्रेम है,
शुद्ध, मौन और अविरोध। #राधे राधे जय श्री कृष्ण शुभ प्रभात 🌹🙏🌹
8 likes
43 shares