Praveen Kumar Yadav
1K views • 14 hours ago
स्वराज के प्रणेता लोकमान्य बालगंगाधर तिलक जी एवं मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद जी की जयंती पर मैं आप दोनों भारतीय क्रांतिकारियों को कोटिशः नमन तथा विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ.बालगंगाधर तिलक जी ने नारा दिया था,"स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और हम इसे लेकर रहेगें"तो वही माँ भारतीय के वीर सपूत चन्द्रशेखर आजाद जी ने कहा था,"दुश्मनों की गोलियों का सामना हम करेंगे आजाद थे,आजाद है और आजाद रहेगें".बालगंगाधर तिलक का जन्म रत्नागिरी (महाराष्ट्र)में हुआ था तो वही चन्द्रशेखर आजाद का जन्म भाबरा गाँव(मध्यप्रदेश)में हुआ था.आप के सफल नेतृत्व में सिख भगत सिंह जी और बटुकेश्वर दत्त जी ने 8 अप्रैल 1929 ई को दिल्ली के केन्द्रीय असेंबली में बम विस्फोट किया था जिसका मकसद किसी की जान लेना नही बल्कि अग्रेजो को अपने शक्ति का एहसास दिलाना था और अग्रेजो द्वारा लाये गए कानून पब्लिक सेप्टी बिल के खिलाफ था.इस घटना के बाद बटुकेश्वर दत्त और सिख भगत सिंह जी को गिरफ्तार कर लिया गया.चन्द्रशेखर आजाद जी ने हिन्दूस्तान रिपब्लिकन ऐसोसिएशन की स्थापना भी की थी ताकि वह अग्रेजो से लड़ सके इस संगठन के भगत सिंह जी संस्थापक सदस्य थे.जब अपने साथी क्रांतिकारियों की गिरफ्तारी हो गई तो चन्द्रशेखर आजाद जी ने इनकी सजा कम कराने का भरसक प्रयास किया.जब इसी विषय पर वह अपने साथी सुखदेव राज से अल्फ्रेड पार्क में मंत्रणा कर रहे थे उसी वक्त अग्रेज अधिकारी ने अपने सिपाहियों की मदद से पार्क को पूरी तरह से घेर लिया और दोनों तरफ से गोलीबारी होने लगी जिसमें चन्द्रशेखर आजाद जी ने तीन अग्रेज पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतार दिया और अंत में जब एक गोली बची थी तो उन्होंने वह गोली अग्रेजो से लड़ते लड़ते स्वयं को मार ली और देश की आज़ादी के लिए आप वीरगति को प्राप्त हो गये.आप दोनों क्रांतिकारियों का देश की आज़ादी के लिए किया गया संघर्ष शानदार था जिसको हम भारतवासी आजीवन याद रखेंगे.आप दोनों क्रांतिकारियों को शत् शत् नमन करता हूँ.जय हिंद जय भारत भारत माता की जय🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🙏
#students #morning #history ##viral #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
11 likes
2 comments • 9 shares