sahitya_shabdkosh✍️
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लंम्बी रातें... सिर्फ़ ठंड में ही नहीं होती, चिंताएं भी... रातों को लंबा बना देती हैं। और ये बात सिर्फ़ ज़िम्मेदार व्यक्ति ही समझ सकता हैं। . ® ज़िम्मेदार वही हैं, जो अपनी चिंताओं को सहते हैं। #sahitya_shabdkosh✍️ #Writer_rahul✍️ #✍️ साहित्य एवं शायरी #🙄फैक्ट्स✍ #📗प्रेरक पुस्तकें📘
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🥺मेरे पास - मेरा अपना क्या है? अंधेरे सी ज़िंदगी और सूरज सी ज़िम्मेदारियां हैं... झरने सी चुनौति और नदी सी परेशानियां हैं... क्यों मैं गीत गाऊँ, समंदर की लहरों का... जब मेरे भीतर ही, तूफ़ानों की कई कहानियां है ! ® लेकिन असल ज़िंदगी की कहानी तो… कुछ और ही सार सुनाती है। ** स्वरचित💯...अनसुने लम्हे🤞...By Rahul Saini🙂... #sahitya_shabdkosh✍️ #Writer_rahul✍️ #✍️ साहित्य एवं शायरी #🙄फैक्ट्स✍ #📗प्रेरक पुस्तकें📘
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🌄आज का सुविचार सपने मुफ्त में जरूर देखें जाते हैं, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत रूपी क़ीमत चुकानी पड़ती है। . ® बिना मेहनत सपने पूरे नहीं होते ! 👉ऐसी ही और नई पंक्तियों के लिए पेज़ को Follow ज़रूर करें ! #sahitya_shabdkosh✍️ #Writer_rahul✍️ #✍️ साहित्य एवं शायरी #🙄फैक्ट्स✍ #📗प्रेरक पुस्तकें📘
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