sahitya_shabdkosh✍️
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आजकल इंसान को अपने झूठ पकड़े जाने पर... अपनी ग़लती का एहसास कम और झूठ पकड़ने वाले पर ग़ुस्सा ज़्यादा आता हैं। ® यह सोच हमारे रिश्तों और समाज दोनों को बदल रही है। . 👉यदि आप भी इस बात से सहमत हैं, तो कमेंट में बताइये।  👉ऐसे ही रोज़ नये विचारों के लिए पेज़ को Follow ज़रूर करें ! #sahitya_shabdkosh✍️ #Writer_rahul✍️ #✍️ साहित्य एवं शायरी #🙄फैक्ट्स✍ #📗प्रेरक पुस्तकें📘
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🥺मेरे पास - मेरा अपना क्या है? अंधेरे सी ज़िंदगी और सूरज सी ज़िम्मेदारियां हैं... झरने सी चुनौति और नदी सी परेशानियां हैं... क्यों मैं गीत गाऊँ, समंदर की लहरों का... जब मेरे भीतर ही, तूफ़ानों की कई कहानियां है ! ® लेकिन असल ज़िंदगी की कहानी तो… कुछ और ही सार सुनाती है। ** स्वरचित💯...अनसुने लम्हे🤞...By Rahul Saini🙂... #sahitya_shabdkosh✍️ #Writer_rahul✍️ #✍️ साहित्य एवं शायरी #🙄फैक्ट्स✍ #📗प्रेरक पुस्तकें📘
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हार मानने वाला नहीं हूँ… जिंदगी...दर्द तेरी देन है, पर मज़बूती मेरी मेहनत। माना तेरी हर चालें कठिन हैं, पर मैंने भी अब हौसलों के साथ खेलना सीख लिया। तू खेलती रह… अब मैं भी आसानी से हारने वाला नहीं। ® जिंदगी की ठोकरें ही हमें... सीखाती और मजबूत बनाती हैं। ** स्वरचित💯...अनसुने लम्हे🤞...By Rahul Saini🙂... #sahitya_shabdkosh✍️ #Writer_rahul✍️ #✍️ साहित्य एवं शायरी #🙄फैक्ट्स✍ #📗प्रेरक पुस्तकें📘
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