लाईफ कोट्स
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Rajnee Gupta
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जब मन अपनी सबसे सुरक्षित फ्रिक्वेंसी पर होता है, तब बाहर की कोई भी उथल-पुथल भीतर प्रवेश नहीं कर पाती। परमात्मा की स्मृति मन को उसी फ्रिक्वेंसी पर स्थिर कर देती है जहाँ डर, तनाव और अशांति स्वतः शांत हो जाते हैं। दिनभर की भागदौड़, लोगों की बातें और बदलते हालात मन को अस्थिर करने की कोशिश करते हैं, लेकिन परमात्मा की याद एक आंतरिक कवच बन जाती है। उसी स्मृति में निर्णय स्पष्ट होते हैं, भावनाएँ संतुलित रहती हैं और प्रतिक्रियाओं की जगह समझ आ जाती है। परिस्थितियाँ वही रहती हैं, लोग भी वही रहते हैं, पर अनुभव बदल जाता है। क्योंकि जब मन परमात्मा से जुड़ा होता है, तब वह सबसे सुरक्षित, सबसे ऊँची और सबसे शुद्ध फ्रिक्वेंसी पर काम करता है... जहाँ शांति स्वाभाविक होती है और स्थिरता सहज। #📃लाइफ कोट्स ✒️
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