#SubhashChandra #ZeeNews #NCLT #JusticeForAll #EqualityBeforeLaw #LawForAll #IndianJustice #RuleOf

1 Post • 80 views
क़ानून सबके लिए बराबर है क्या? — Subhash Chandra के personal insolvency case और ₹22,006 करोड़ के admitted claims के मुकाबले ₹6.25 करोड़ के personal repayment plan ने न्याय, जवाबदेही और equality before law पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यह गीत किसी व्यक्ति को दोषी घोषित करने के लिए नहीं, बल्कि एक बड़े लोकतांत्रिक सवाल को सामने रखने के लिए है — अगर कानून सबके लिए बराबर है, तो क्या उसकी प्रक्रिया और उसका असर भी आम आदमी और ताकतवर व्यक्ति के लिए समान दिखाई देता है? रिपोर्ट्स के अनुसार NCLT ने Subhash Chandra के personal guarantor के रूप में repayment plan को मंज़ूरी दी है। ₹22,006 करोड़ का आंकड़ा उनके द्वारा व्यक्तिगत रूप से लिया गया ₹22,000 करोड़ का loan नहीं है; यह उनके खिलाफ admitted claims का आंकड़ा है। Approved plan में उनकी personal contribution ₹6.25 करोड़ है, जबकि principal borrowing companies से लगभग ₹1,494 करोड़ की राशि अलग से प्रस्तावित है। HDFC Bank और LIC Housing Finance ने इस फैसले को चुनौती देने की तैयारी की है। इस गीत का सवाल सीधा है: क्या न्याय अमीर-गरीब देखकर बदलना चाहिए? क्या कानून के सामने कोई बड़ा और कोई छोटा हो सकता है? और क्या Justice For All सिर्फ एक नारा है — या सचमुच व्यवस्था का आधार? Every Song Tells A Story. अगर आपको लगता है कि कानून और न्याय पर सवाल पूछना लोकतंत्र का हिस्सा है, तो इस वीडियो को SHARE करें। Algorithm भले हमारी आवाज़ को दबाए, आपकी sharing इसे आगे पहुँचा सकती है।🙏✊🖊️🇮🇳 अपने विचार COMMENT में लिखिए: क्या कानून सच में सबके लिए बराबर है? 📩 अपनी कहानी/विषय को गीत में बदलवाने के लिए: contact@couplecomrade.com CC: couplecomrade@gmail.com ##SubhashChandra #ZeeNews #NCLT #JusticeForAll #EqualityBeforeLaw #LawForAll #IndianJustice #RuleOfLaw ##SubhashChandra #ZeeNews #NCLT #JusticeForAll #EqualityBeforeLaw #LawForAll #IndianJustice #RuleOflaw ##Accountability #IndianDemocracy #PublicAwareness #YouthAwareness #ProtestSong #Janageet # SocialCommentary #PoliticalSatire #HindiSong #HindiMusic #Justice #क़ानूनसबकेलिएबराबर #jay hind 🫡 ✊ 🇮🇳
24 shares
Parmod Jain
6K views 9 days ago
बहन ने भाई की जान बचाने के लिए दिया लिवर... लेकिन इलाज के दौरान भाई की मौत हो गई नागपुर के मैक्स हॉस्पिटल से जुड़े मामले में परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि मरीज की मौत के बाद भी उपचार जारी दिखाकर करीब ** ₹65 लाख का बिल** वसूला गया। क्या वाकई मौत के बाद भी इलाज जारी दिखाया गया? परिजनों के आरोपों ने अस्पताल की ** उपचार प्रक्रिया और बिलिंग व्यवस्था** पर सवाल खड़े कर दिए हैं। #नागपुर
40 shares