भाइयो और बहनो,
आज मैं आपसे कोई कहानी नहीं,
सच बोलने आया हूँ।
जिस समाज के हाथ में शिक्षा नहीं होती,
उस समाज के हाथ में
न ताक़त होती है,
न भविष्य।
बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने कहा था—
“शिक्षा शेरनी का दूध है,
जो पिएगा वही दहाड़ेगा।”
लेकिन सवाल यह है—
SC, ST और OBC समाज ने
इस दूध को पीया या नहीं?
सदियों तक हमें जानबूझकर
पढ़ने से रोका गया,
सोचने से रोका गया,
और सवाल पूछने से भी रोका गया।
क्यों?
क्योंकि
जिस दिन हमारा बच्चा पढ़ जाएगा,
उस दिन कोई उसे
नीचा नहीं दिखा पाएगा।
जिस दिन शिक्षा
हमारे हाथ में होगी,
उस दिन कोई
हमें दबा नहीं पाएगा।
भाइयो,
धर्म ने हमें डराया,
जाति ने हमें बाँटा,
लेकिन संविधान ने हमें बराबरी दी।
आज जो अधिकार हमें मिले हैं,
वो किसी की दया नहीं,
बाबासाहेब का संघर्ष हैं।
अगर आज भी
हम शिक्षा को हल्के में लेंगे,
तो आने वाली पीढ़ियाँ
हमें माफ़ नहीं करेंगी।
याद रखो—
✊ SC-ST-OBC समाज पढ़ेगा,
तभी आगे बढ़ेगा।
✊ शिक्षा ही हमारी असली ताक़त है।
✊ शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो।
यही बाबासाहेब का सपना था,
और यही हमारा रास्ता है।
जय भीम ✊
जय संविधान 🇮🇳
#✍🏻भारतीय संविधान📕 #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #🇮🇳 हम है हिंदुस्तानी