Ashok Sharma
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एक साधू नदी के किनारे बैठा था, किसी ने पूछा बाबा क्या कर रहे हो?
साधू ने कहा इंतजार कर रहा हूं की पूरी नदी बह जाएं तो फिर पार करूं,
उस व्यक्ति ने कहा कैसी बात करते हो बाबा पूरा जल बहने के इंतजार में तो तुम कभी नदी पार ही नहीं कर पाओगे.
साधू ने कहा यही तो मै तुम लोगो को समझाना चाहता हूं, कि तुम लोग जो सदा ये कहते रहते हो कि एक बार जीवन की जिम्मेदारियां पूरी हो जाये तो
मौज करूं, घूमूं फिरूं, सबसे मिलूं, सेवा करूं.
जैसे नदी का जल कभी खत्म नहीं होगा,
हमें ही जल से पार जाने का रास्ता बनाना है,
इसी प्रकार जीवन ख़तम हो जायेगा पर जीवन के काम कभी ख़तम नहीं होंगे.
तो 2025 से जिंदगी मज़े में जीना शुरू कर दो क्योंकि जिंदगी का महत्व पिछले सालों ने हमें दिखा ही दिया है. #👍 डर के आगे जीत👌 #❤️जीवन की सीख #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏कर्म क्या है❓