###ये आता जाता मौसम है⛱️🌧️☀️🌡️
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राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र भारत मौसम विज्ञान विभाग, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय जारी करने का समय: 13:30 बजे IST (मध्याह्न) अखिल भारतीय मौसम सारांश और पूर्वानुमान बुलेटिन ​पेज 1: महत्वपूर्ण मौसम की विशेषताएं (Significant Weather Features) ​मौसम प्रणालियां, पूर्वानुमान और चेतावनियां: ​अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 24 और 25 फरवरी को गरज, बिजली और तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे) के साथ काफी व्यापक से व्यापक हल्की/मध्यम बारिश होने की संभावना है। ​24 तारीख को गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा में गरज, बिजली और तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे) के साथ छिटपुट से लेकर हल्की/मध्यम बारिश होने की संभावना है; 24 तारीख को पूर्वी मध्य प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तेलंगाना, लक्षद्वीप में; 24-26 तारीख के दौरान छत्तीसगढ़ में; 24 और 25 फरवरी को विदर्भ, केरल और माहे, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना है। ​27 और 28 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में छिटपुट हल्की बारिश/बर्फबारी की संभावना है। ​घने कोहरे की चेतावनी: ​25 फरवरी को पंजाब और ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। ​अधिकतम तापमान का पूर्वानुमान: ​अगले 2 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान में 2-3°C की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है। इसलिए, सप्ताह के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3-5°C ऊपर रहने की संभावना है। ​अगले 4 दिनों के दौरान मध्य और पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान में 2-3°C की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है और उसके बाद 3 दिनों तक कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा। ​अगले 2 दिनों के दौरान महाराष्ट्र में अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होने की संभावना है और उसके बाद 3 दिनों के दौरान 2-3°C की क्रमिक वृद्धि होगी। ​देश के बाकी हिस्सों में अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है। ​पेज 2: मुख्य मौसम अवलोकन (Main Weather Observations) ​वर्षा का वितरण (कल सुबह 08:30 बजे से आज सुबह 08:30 बजे तक): अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में कई स्थानों पर; झारखंड और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में कुछ स्थानों पर; उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, ओडिशा, पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, मराठवाड़ा, विदर्भ, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल और केरल और माहे में अलग-अलग स्थानों पर बारिश हुई। देश के बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क रहा। ​दर्ज की गई महत्वपूर्ण वर्षा (सेमी में): तेलंगाना के वायरा (जिला खम्मम) में 9 सेमी, चंदामापेटा (जिला भद्राद्री कोठागुडेम) में 6 सेमी और तटीय आंध्र प्रदेश और अन्य स्थानों पर छिटपुट वर्षा दर्ज की गई। ​कोहरा: पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा (दृश्यता <50 मीटर) की स्थिति बनी रही; हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में घना कोहरा (दृश्यता 50-200 मीटर) रहा। ​ओलावृष्टि: पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, ओडिशा, तेलंगाना के अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि दर्ज की गई। ​न्यूनतम तापमान विचलन: सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.0°C भटिंडा (पंजाब) में मैदानी इलाकों में दर्ज किया गया। ​अधिकतम तापमान विचलन: सबसे अधिक अधिकतम तापमान 37.8°C इरोड (तमिलनाडु) में दर्ज किया गया। ​पेज 3: मौसम संबंधी विश्लेषण (Meteorological Analysis) ​दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र आज, 24 फरवरी, 2026 को उसी क्षेत्र में बना रहा। ​उत्तर-पश्चिम असम और आस-पड़ोस के ऊपर ऊपरी वायु चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर बना हुआ है। ​गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी तटीय ओडिशा के ऊपर ऊपरी वायु चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर बना हुआ है। ​पूर्वोत्तर भारत के ऊपर समुद्र तल से 12.0 किमी ऊपर 100 समुद्री मील (knots) की गति के साथ उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम बनी हुई है। ​दक्षिण केरल तट के पास दक्षिण-पूर्व अरब सागर के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर बना हुआ है। ​दक्षिण आंतरिक कर्नाटक से मराठवाड़ा तक एक ट्रफ समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर बनी हुई है। ​25 फरवरी और 27 फरवरी, 2026 से नए कमजोर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) के पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है। ​मध्य असम के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र अब कम स्पष्ट हो गया है। ​अगले 2 दिनों के लिए मौसम का दृष्टिकोण (Weather Outlook for subsequent 2 days): ​पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, केरल और माहे, अरुणाचल प्रदेश और लक्षद्वीप में छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश होने की संभावना है। ##weather #मौसम
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अखिल भारतीय मौसम सारांश और पूर्वानुमान बुलेटिन (जारी करने का समय: 13:10:00 बजे IST - मध्य-दिवस) दिनांक: 21 फरवरी 2026 ​महत्वपूर्ण मौसम विशेषताएं (Significant Weather Features) मौसम प्रणालियाँ, पूर्वानुमान और चेतावनियाँ: ​भारी बारिश: 21 और 22 फरवरी को दक्षिण तमिलनाडु और दक्षिण केरल में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। ​छिटपुट से लेकर कुछ स्थानों पर (Isolated to Scattered) हल्की/मध्यम बारिश: 21 और 22 तारीख को केरल और माहे में; 21 से 25 तारीख के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आंधी, बिजली चमकने और तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे की गति) के साथ बारिश की संभावना है; 21 से 24 तारीख के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में, 21 से 23 तारीख के दौरान दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में, 23 और 24 फरवरी को तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा, तेलंगाना, विदर्भ, छत्तीसगढ़, गंगीय पश्चिम बंगाल में आंधी और बिजली चमकने की संभावना है। ​छिटपुट बारिश/बर्फबारी: 23 फरवरी को हिमाचल प्रदेश में, और 23 व 24 फरवरी को उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर बारिश/बर्फबारी की संभावना है। ​अधिकतम तापमान का पूर्वानुमान: ​अगले 7 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में 2-4°C की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है। ​अगले 2 दिनों के दौरान मध्य भारत में अधिकतम तापमान में 3-5°C की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है और उसके बाद 3 दिनों तक कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा। ​देश के बाकी हिस्सों में अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना नहीं है। ​पेज 2 ​मुख्य मौसम अवलोकन (Main Weather Observations): ​वर्षा का वितरण (कल सुबह 0830 बजे IST से आज सुबह 0830 बजे IST तक): उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, पश्चिम मध्य प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, गुजरात क्षेत्र और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर बारिश हुई; देश के बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क रहा। ​दर्ज की गई महत्वपूर्ण वर्षा (सेमी में): पश्चिम मध्य प्रदेश: खाचरोद (जिला उज्जैन) 2, पेटलावद (जिला झाबुआ), खरगोन (जिला खरगोन), नागदा (जिला उज्जैन), बदनावर (जिला धार), महिदपुर (जिला उज्जैन), तराना (जिला उज्जैन), रतलाम (जिला रतलाम), सैलाना (जिला रतलाम), आगर (जिला आगर-मालवा), जावरा (जिला रतलाम), मेघनगर (जिला झाबुआ), पिपलौदा (जिला रतलाम), थांदला (जिला झाबुआ) में 1-1 सेमी। गुजरात क्षेत्र: दाहोद 1 सेमी। ​घना से बहुत घना कोहरा (दृश्यता <50 मीटर): हरियाणा के अलग-अलग हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा देखा गया और पंजाब के कुछ इलाकों में घना कोहरा (दृश्यता 50-199 मीटर) दर्ज किया गया। ​दर्ज की गई दृश्यता (मीटर में, <200 मीटर): हरियाणा: करनाल 40 मीटर; पंजाब: पटियाला 70 मीटर। ​न्यूनतम तापमान विचलन (Minimum Temperature Departures): पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ और देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर (3.1°C से 5.0°C) रहा। भारत के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.6°C नारनौल (हरियाणा) में दर्ज किया गया। ​अधिकतम तापमान विचलन (Maximum Temperature Departures): अरुणाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, असम और मेघालय, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, सौराष्ट्र और कच्छ, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर (5.1°C या अधिक) रहा। देश के बाकी हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य के करीब रहा। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 37.5°C कोट्टायम (केरल) में दर्ज किया गया। ​पेज 3 ​मौसम संबंधी विश्लेषण (0830 बजे IST के आधार पर) ​भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर का कम दबाव का क्षेत्र (low pressure area) अब आज 21 फरवरी, 2026 को 0830 बजे IST दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे भूमध्यरेखीय हिंद महासागर पर स्थित है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और अगले 24 घंटों के दौरान अधिक स्पष्ट होने की संभावना है। ​भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण उपरोक्त प्रणाली में विलीन हो गया है। ​पूर्वोत्तर असम के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर तक बना हुआ है। ​उत्तर भारत पर समुद्र तल से 12.0 किमी ऊपर 150 नॉट (knots) की गति वाली मुख्य हवाओं के साथ उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम (Subtropical westerly Jet Stream) हावी है। ​पूर्वी बांग्लादेश और उसके आसपास समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण कम स्पष्ट हो गया है। ​भूमध्यरेखीय हिंद महासागर पर चक्रवाती परिसंचरण से लक्षद्वीप क्षेत्र तक की द्रोणिका (trough) कम स्पष्ट हो गई है। ​उत्तर-पश्चिमी बिहार से दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश तक पश्चिमी हवाओं में द्रोणिका कम स्पष्ट हो गई है। ​अगले 2 दिनों के लिए मौसम का आउटलुक (Weather Outlook for subsequent 2 days): ​पूर्वी हिमालयी क्षेत्र, केरल और माहे, अरुणाचल प्रदेश और लक्षद्वीप में छिटपुट से लेकर कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। #मौसम #weather
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